Chudaasi Family (Tum Agar Sath Do: YumStories)

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Chudaasi Family

Incest-चुदासी फैमिली

फ्रेंड्स काफ़ी दिन आपसे दूर रहा और अब जब कुछ फ्री हो गया हूँ तो आपके लिए एक पारवारिक संभोग की कहानी लेकर आया हूँ . ये कहानी आपको मस्त कर देगी ये मेरा वादा है रात के 10 बज रहे थे और मैं कंप्यूटर पर नंगी लोन्डियो की चूत और गान्ड देख देख कर अपने अकडे हुए लंड को मसल रहा था, फिर मैं वहाँ से उठा और अपने रूम से बाहर निकल कर सीधा किचन मे गया जहा सोनू(सोनम) गुलाबी साड़ी पहने काम में लगी हुई थी, सोनू मुझसे सिर्फ़ 1 साल ही छोटी लगभग 29 की रही होगी बिल्कुल रानी मुखर्जी.. के बराबर हाइट पर उसकी जांघे खूब मोटी और दूध खूब बड़े बड़े थे और सबसे जानलेवा उसके उभरे हुए मोटे मोटे चूतड़ थे जिन पर कसी पैंटी की झलक भी साड़ी के उपर से नज़र आ रही थी और किचन में पहुचते ही मेरी नज़र सोनू की मोटी उभरी गान्ड पर पड़ी और मेरा लंड पूरे ताव में झटके देने लगा और मैं सोनू के पीछे जाकर उसके भारी भरकम चुतड़ों को कस कर अपने हाथो मे भर कर कस कर मसलता हुआ अपने लंड को उसकी मोटी गान्ड की दरार में दबाते हुए कहने लगा...

रोहित- सोनम के गले मे होंठो से चूमते हुए, मेरी रानी कितनी देर लगा रही हो, मैं कब से वेट कर रहा हूँ,

सोनम- मुस्कुरकर मेरे लंड को पाजामे के उपर से मसल कर मुझे दूर धकेलते हुए, अरे दूर हटो ना कहीं मम्मी जी ना आ जाए, तुमसे तो सब्र भी नही होता, और फिर सोनम ने मुस्कुराते हुए कहा, जाओ जाकर सो जाओ तुम्हारे पास तो रोज बस एक ही काम रहता है,

मैने सोनम की बात सुन कर उसके मोटे मोटे कसे हुए दूध को दोनो हाथो में थाम कर कस कर मसल्ते हुए कहा मेरी रानी तुझे बिना चोदे मुझे नींद कहाँ आने वाली है, और तू बड़ी सती सावित्री बनती है जबकि मैं जानता हूँ तेरी चूत से भी पानी बह रहा होगा, इतना कह कर मैने सोनम की साड़ी के उपर से ही उसकी उभरी हुई फूली चूत को अपनी मुट्ठी में भर कर भींच लिया और सोनम कसमसा उठी और फिर अचानक उसने कहा छोड़ो मुझे मम्मी आ गई और उसका इतना कहना था कि मैने झट से उसकी चूत को छोड़ते हुए पीछे देखा जहाँ कोई नही था, मैं सोनम को दुबारा पकड़ता इससे पहले ही वह खिलखिलाती हुई किचन से बाहर भाग कर मेरी मम्मी के रूम में घुस गई,

मैं मुस्कुराता हुआ अपने रूम में चला गया, और अपने बिस्तेर पर लेट कर सोचने लगा, जाने क्या बात थी कि शादी के पहले मैने कभी चूत नही मारी और केवल मूठ मार कर ही काम चलाया लेकिन शादी के बाद से मुझे सिवाय नंगी चूत और गान्ड के अलावा कुछ नज़र ही नही आ रहा था, हालाकी सोनम और मेरी शादी को लगभग 4 साल हो चुके थे, तभी सोनम रूम के अंदर आई और दरवाजे पर ही खड़ी होकर मुस्कुराते हुए पुच्छने लगी... सोनम : सुनो चाइ पियोगे?

रोहित : सोनम की चिकनी कमर और चिकने पेट और उसकी गहरी नाभि को ललचाई नज़रो से देखते हुए और अपनी नज़रो को सोनम के मोटे मोटे दूध पर टिकाते हुए जानेमन चाइ नही मुझे तो दूध पिला दो

सोनम: अपना अंगूठा दिखा कर जीभ निकालकर दिखाते हुए कहने लगी बड़े आए दूध पीने वाले, अभी कम ख़तम करते करते 1 घंटा और लग जाएगा,

रोहित : अरे यार कितना काम करोगी, कसम से राजा महराजाओ की जिंदगी अच्छी थी जितनी चाहे उतनी औरते रख लेते थे एक बिज़ी होती तो दूसरी को चोद लेते दूसरी बिज़ी हो तो तीसरी,

सोनम : मुस्कुराते हुए तुम्हारी मम्मी को भेज दूं, उसकी बात सुन कर मैने मुस्कुराते हुए उसे लपक कर पकड़ना चाहा किंतु वह तेज़ी से पलटकर बाहर भाग चुकी थी मैं उसकी रह देखता रहा करीब 1 घंटे के बाद वह आई और आते से ही मेरे बदन से चिपक गई और सिसियाने लगी, हम दोनो गुत्थम गुत्था हो गये और फिर एक डेढ़ घंटे की मेहनत के बाद पस्त होकर सो गये...........

सुबह के 7 बजे थे सोनू ने मुझे उठाते हुए चाइ टेबल पर रखी और फिर मेरे अंडरवेर में हाथ डाल कर मेरे लंड को पकड़ कर मूह बनाते हुए सोनू : अरे क्या बात है आज लंड देवता सुबह सुबह सो रहे है, जबकि यह तो रोज सुबह तने रहते है

रोहित : उूउउन्न्नह हुउऊन्न्ं सोनू सोने दो ना

सोनू मेरे बगल में बैठ कर कहने लगी अच्छा आप सो जाओ मैं बस आपके लंड को हाथ में थामे रहती हूँ, फिर सोनू मेरे कानो के पास आकर कहने लगी रोहित एक बात कहूँ

रोहित : उहह क्या है

सोनू : आज सुधा दीदी को सुबह जीन्स पहनते हुए मैने देखा तो मैं हैरान रह गई, उनके चूतड़ बाप रे बाप बिना चुदवाये ही कितने बढ़ते जा रहे है, और जब मेरी नज़रे उनके मोटे मोटे पपीतों की तरह ठोस और नुकीले दूध पर गई तो मैं देखती ही रह गई

तुमने तो मेरे दूध दबा दबा कर इतने मोटे कर दिए है पर सुधा के तो बिना दबाए ही इतने बड़े हो गये है, सच रोहित तुम्हारी बहन को केवल ब्रा और पैंटी में जब मैने देखा तब मुझे अंदाज़ा हुआ कि तुम्हारी बहन तो मस्त चोदने लायक माल हो गई है, उसके दूध देख कर तो ऐसा लगता है कि कही किसी से दबवाती तो नही है,

रोहित : क्या बात करती हो सोनू, वह ऐसी लड़की नही है वह भला किससे दबवाएगी,

सोनू : मुस्कुराते हुए मेरे खड़े लंड को कस कर भींचते हुए, कहीं तुम ही तो नही दबाते हो मोका देख देख कर तुम्ही तो नही मसल देते हो अपनी कुँवारी बहन के मोटे मोटे दूधों को

रोहित : ना चाहते हुए भी मुस्कुरा कर क्या बात करती हो सोनू पागल है क्या वह मेरी बहन है

सोनू : मंद मंद मुस्कुराते हुए लोड्‍े को कसते हुए, अच्छा मसलना चाहते हो कि नही अपनी बहन के मोटे मोटे पपितो को

रोहित : मंद मंद मुस्कुराते हुए अरे तुम पागल हो क्या वह मेरी बहन है कोई अपनी बहन के साथ ऐसा करता है क्या

सोनू : लंड के टोपे को सहलाते हुए, तुम्हारी बहन है इसीलिए तो कह रही हूँ हर भाई जब अपनी निगाहे अपनी जवान बहन के सीने पर डालता है तो वह यही सोच कर डालता है कि उसकी बहन के बोबे कितने मोटे हो गये है अब ज़रा सच सच बताओ अपनी बहन को नंगी करके मसलना चाहते हो कि नही

रोहित : मुस्कुराते हुए नही

सोनू : मुस्कुरा कर आँखे दिखाते हुए, झूठ अगर नही मसलना चाहते तो यह मूसल अपनी बहन को नंगी करके मसल्ने के नाम पर इतना झटके क्यो मार रहा है

रोहित : वह तो तुम सहला रही हो इसलिए झटके मार रहा है, मैने मुस्कुराते हुए जबाब दिया.____

Page 1 Episode 1

तभी बाहर से सुधा ने आवाज़ लगाई भाभी दो मिनिट यहाँ आओ ना

सोनू : आँखे दिखाते हुए मंद मंद मुस्कुरा कर तुम रूको मैं अभी आकर तुम्हारी खबर लेती हूँ, जब अपनी बहन को ही मसलना है तो मुझसे क्यो शादी की, वो तुम्हारी चाइ रखी है , मैं आकर तुम्हे बताती हूँ और सोनू बाहर निकल गई, उसकी आँखो में और चहेरे की मुस्कान बता रही थी कि वह शरारत के मूड में थी और इसीलिए मुझे परेशान कर रही थी, लेकिन मुझे बहुत मज़ा आया और यह बात वह भी अच्छी तरह जानती थी.सोनू की सुधा से काफ़ी बनती थी क्यो कि सुधा के मॉडर्न मेकप और स्टाइलिश कपड़ो की तारीफ दिल खोल कर केवल सोनू ही करती थी और सुधा का हर बात में साइड लेती थी यही वजह थी कि सुधा सोनू से बहुत खुश रहती थी और उसकी हर बात मानती थी

सुधा : भाभी देखो ज़रा यह शॉर्ट स्कर्ट मुझ पर कैसी लग रही है और यह टॉप

सोनू : सुधा के गालो को चूमते हुए हाय ननद रानी कितनी मस्त लग रही हो तुम इस छोटी सी स्कर्ट में और तुम्हारे वॅक्स किए हुए यह गोरी गोरी पिंडलियाँ और सुडोल मोटी जांघे तो किसी को भी पागल कर दे

सुधा : सच भाभी क्या इतनी मस्त दिख रही हूँ मैं

सोनू : अरे पगली अपने भैया के सामने ना चली जाना नही तो वह भी तेरी मोटी मोटी गोरी गोरी जाँघो को देख कर फिसल जाएगे

सुधा : मुस्कुराते हुए तुम भी ना भाभी बहुत मज़ाक करती हो

सोनू : चल अब मैं जाउ कि और कुछ

सुधा : भाभी बस एक काम और

सोनू : बोल ना

सुधा : भाभी भैया को बोल दो प्लीज़ मुझे कॉलेज ड्रॉप कर दें

सोनू : मुस्कुराते हुए, एक शर्त पर

सुधा : वो क्या

सोनू : तू बाइक पर अपने भैया के साथ क्रॉस लेग बैठ कर जाएगी

सुधा : तो इसमे शर्त की बात कहाँ से आ गई वो तो मैं वैसे भी बयके पर क्रॉस लेग ही बैठूँगी मुझे एक ही तरफ दोनो पाँव करके बैठने में डर लगता है

सोनू : चल ठीक है मैं तेरे भैया को बोलती हूँ

दोनो को मैं खिड़की से देख रहा था और सचमुच सुधा की मोटी मोटी गोरी जांघे देख कर मेरा लंड उसकी गुदाज जवानी का रस पीने के लिए मचल रहा था और यह बात सोनू बहुत पहले ही ताड़ गई थी जब मैं सुधा के भारी चुतड़ों को तब घूर रहा था जब वह जीन्स पहन कर मटक मटक कर गार्डन में घूम रही थी और मैं और सोनू बेंच पर बैठे थे चलो बता ही देता हूँ .......वह हुआ यह था कि शाम को अक्सर 6 के बाद मैं, सोनू और सुधा घर के सामने वाले पार्क में जाकर घूमते थे,

पहले तो हम तीनो घूमते रहे फिर मैं बेंच पर बैठ गया और सुधा और सोनू राउंड लगाने लगी जब भी वह मेरे सामने से निकलती तो मैं कभी सोनू की और कभी सुधा की मोटी गान्ड को देख देख कर मस्त हो रहा था फिर सोनू भी थक कर मेरे पास बैठ गई और अब जब भी सुधा मेरे सामने से गुजरती मैं पाजामे में उछाल लेते हुए उसके भारी चुतड़ों को खा जाने वाली नज़रो से देख रहा था उसकी पैंटी की लाइन भी झीने से पाजामे में साफ नज़र आ रही थी और उसके मोटे मोटे दूध तो ऐसे लग रहे थे जैसे कलमी आम हो थोड़ा अंधेरा होने लगा था वही सोनू ने मेरी नज़रो को ताड़ लिया और सीधे मेरे लंड को पकड़ लिया जो कि सुधा की गुदाज जवानी को देख देख कर पहले ही ताव में आ चुका था

सोनू : मेरे लंड को पकड़ कर कहने लगी तुम्हे शरम नही आती अपनी बहन की मोटी गान्ड देख देख कर अपने लंड को खड़ा किए हो,

मैं हकलाते हुए कहने लगा नही सोनू वह तो तुम्हारी गान्ड देख कर खड़ा हो गया,

सोनू : मुस्कुराते हुए झूठे कही के मैं तो तुम्हारे सामने नंगी भी हो जाती हूँ तो इतनी जल्दी तुम्हारा लोड्‍ा खड़ा नही होता है,

सोनू लगातार मेरे लोड्‍े को मसल रही थी और उसकी टोन चेंज हो गई फिर जैसे ही सुधा हमारे सामने से निकली वह कहने लगी रोहित तुम्हारी बहन की गान्ड तो वाकई मारने लायक हो गई है तुम्हारी भी क्या ग़लती इतने मोटे मोटे चूतड़ अगर किसी लोंड़िया के होंगे और वह अपनी गुदाज गान्ड ऐसे मटका मटका कर निकलेगी तो फिर वह अपनी बहन ही क्यों ना हो लंड तो उसकी गान्ड में घुसने के लिए खड़ा होगा ही, और वैसे भी आज कल अपनी बहन को ही आदमी सबसे पहले चोदने का सोचता है

सोनू की बातों से मेरा लंड झटके खाने लगा था

सोनू : अच्छा रोहित अगर सुधा तुमसे अपनी यह मोटी गान्ड खोल कर मारने के लिए दे तो तुम मारोगे कि नही

रोहित : अरे पागल हो क्या वह मेरी बहन है भला मैं ऐसा कैसे कर सकता हूँ

सोनू : मुस्कुराते हुए, रहने दो अपनी बहन की गान्ड मारने के लिए तुम्हारा मूसल सर उठाए खड़ा है और तुम नखरा दिखा रहे हो अब आगे......

बेड पर बैठे हुए मैं सोनू की जाँघो को सहला रहा था तभी सुधा आ गई

सुधा : भैया चलो मुझे कॉलेज छोड़ दो

मैं तो उस शॉर्ट स्कर्ट में सुधा की मोटी मोटी गोरी जाँघो को देखता ही रह गया और टीशर्ट में उसके कसे हुए पके आमों को तो देखते ही मसल्ने का मन होने लगा

सोनू : मुस्कुराते हुए, क्यो जी कैसी लग रही है मेरी ननद रानी

रोहित : मुस्कुराते हुए अच्छी लग रही है आख़िर बहन किसकी है

मैने बाइक स्टार्ट की और सुधा क्रॉस लेग करके बैठ गई और हमेशा की तरह मेरी कमर को थाम लिया पर वह नही जानती थी कि उसके भैया का मोटा लंड अपनी बहन की गदराई जाँघो को देख कर टनटना गया है और उपर से सुधा के सुडौल दूध जो कि मेरी पीठ पर किसी भारी बोझ की तरह रखे हुए थे मुझे बहुत मज़ा दे रहे है, तभी सामने एक कुत्ता आ गया और मैने ज़ोर का ब्राक मारा और सुधा के मोटे मोटे दूध पूरी तरह मेरी पीठ मे दब गये और सुधा के मूह से ...ओह भैया जैसे शब्द निकल पड़े,

सुधा : भैया मुझे भी बाइक चलाना सिखा दो ना मुझे स्कूटी चलाना पसंद नही है मैं तो बाइक राइडिंग पसंद करती हूँ

रोहित : इसमे कैन सी बड़ी बात है तू कॉलेज से आ जा फिर हमारे घर के साइड मे जो क्रिकेट ग्राउंड है वहाँ मैं तुझे रोज एक घंटा बाइक चलाना सिखा दूँगा

सुधा : मुझसे कस कर चिपकती हुई, ओके थॅंक्स भैया, वह इतने ज़ोर से चिपकी थी कि उसके गुदाज बदन के एहसास से मेरा लंड पूरी औकात मे आ गया था

TBC____

Page 1 Episode 2

कॉलेज आने के बाद वह मुझे बाइ करके जाने लगी और में बाइक पर खड़ा उसे जाते हुए देखने लगा उसकी गोरी गोरी टाँगे और गुदाज भरी हुई जांघे और उस पर भारी मोटे मोटे मटकते चुतड़ों को देखते हुए में अपने लंड को धीरे धीरे मसल रहा था तभी सुधा ने पीछे मूड कर मुझे अपनी गुदाज मोटी गान्ड को घूरते हुए पाया और एक कातिल सी स्माइल दे कर अंदर चली गई, जब घर पहुचा तो सोनू अंदर आई और आते ही मेरी पॅंट खोलने लगी

रोहित : क्या हुआ रानी पॅंट क्यो उतार रही हो अभी लंड लेने का इरादा है

सोनू : मुस्कुराते हुए, अरे रूको तो चलो चड्डी नीचे करके अपने लंड को बाहर निकालो, इतना कह कर सोनू ने खुद ही लंड चड्डी से बाहर निकल लिया जिसमे अभी भी अकड़न बाकी थी, सोनू ने टोपे को खोल कर लंड को दबाया और उसमे से पानी की दो तीन बूंदे निकल आई

सोनू ने मेरी और मुस्कुरा कर देखा और पानी की बूँदो को अपनी उंगलिओ में लेकर मसल्ते हुए कहने लगी

सोनू : रास्ते भर खड़ा था क्या तुम्हारा लंड

रोहित : मतलब

सोनू : ज़्यादा बनो मत सुधा की गर्मी पाकर ही पिघला है ना यह

रोहित : अरे तुम भी ना बस एक ही चीज़ तुम्हारे दिमाग़ में चलती रहती है

सोनू : मेरे लंड को सहलाते हुए, कहने लगी खूब मोटी और गदराई हुई जांघे है ना तुम्हारी बहन की

रोहित : मंद मंद मुस्कुराते हुए हुउँ,

सोनू : लंड को कस कर दबाते हुए, अरे जब अपनी बहन की मोटी गुदाज जांघे देख कर तुम्हारे इन महराज के यह हाल है तो जब अपनी बहन की मस्त फूली हुई मोटी मोटी फांको वाली चिकनी चूत देखोगे तो फिर क्या हाल होगा रोहित : तुम तो ऐसे कह रही हो जैसे वह आकर मुझे अपनी चूत दिखाने वाली है

सोनू : मुस्कुराते हुए बड़ा मन कर रहा है अपनी बहन की मस्त फूली चूत देखने का, कहो तो दिखवा दूं

सोनू की बात सुन कर मैने उसकी गान्ड को साड़ी के उपर से सहलाते हुए मुस्कुरा कर कहा , केवल चूत देखने भर से क्या होगा सोनू : मुस्कुरा कर अच्छा जी बात यहा तक आ पहुचि है कि अब आप अपनी बहन को चोदना भी चाहते हो, तभी तो कहूँ कि आजकल उसका नाम लेते ही ये लंड महराज ऐसे झटके क्यो मारने लगते है, हम बात ही कर रहे थे कि बाहर से मम्मी की आवाज़ आई जो कि सोनू को बुला रही थी,

सोनू : झल्लाते हुए, ये तुम्हारी माँ की चूत में भी बड़ी खुजली मची रहती है ज़रा भी दम नही लेती है, और फिर सोनू वही बैठी बैठी चिल्लाई......आई...... माँ जी....

नीलम हेवी डील डोल, बड़ा सा पेट काफ़ी उभरा हुआ बीच में साल और फिर गहरी नाभि साड़ी दो इंच नीचे मोटे मोटे खरबूजो से दूध स्लीवलेस चोली में और मोटी मोटी केले के खंबो जैसी तनो जाँघो के उपर बहुत भारी और सुडोल चूतड़ मटकाते हुए, नीलम : अरे बहू ज़रा देख आज कितने दिनो बाद मैने साड़ी पहनी है कैसी लग रही हूँ,

सोनू: मम्मी अच्छी तो लग रही हैं लेकिन आपके बदन पर तो टाइट चिपकी हुई लेग्गी या फिर कसा हुआ जीन्स ही ज़यादा अच्छा लगता है पर वैसे साड़ी जब आप पहनती है तो इसे नाभि से थोड़ा और नीचे रखा कीजिए तब यह आप पर और भी अच्छी लगती है, और फिर नीलम ने अपनी साड़ी को नाभि के और भी नीचे सरकते हुए अपने गदराए पेट को मसल्ते हुए कहा, आज तो पेट भी खराब लग रहा है ज़रा चाइ पिला दे तो शायद कुछ आराम मिले, सोनू : माजी गॅस बन रही होगी और चाइ से तो और भी गॅस बनेगी

नीलम अरे नही रे, चाइ पीकर ज़रा फ्रेश हो आती हूँ शायद राहत मिले, सोनू का खुराफाती दिमाग़ तो था ही वह अपने मन में मुस्कुराती हुई सोचने लगी, माजी कहीं पापा जी से गान्ड तो नही मरवाती हो, तभी तुम्हारी गान्ड में खुजली मची रहती है, पर पापा जी अब इस उमर में तुम्हारी गान्ड क्या मारते होंगे, तुम्हारी इस मोटी घोड़ी जैसी गान्ड में तो कोई बड़ा सा लंड चाहिए जो तुम्हे कस कस कर चोदे,

नीलम : अरे घोड़ी अब खड़ी खड़ी क्या सोचने लगी

सोनू : मुस्कुरा कर कुछ नही माजी आपका इलाज कैसे करूँ यही सोच रही थी, में अभी चाइ लेकर आती हूँ, और फिर सोनू भागते हुए मेरे पास आई और पूछने लगी क्योजी आप चाइ पियोगे क्या, मैने कहा पिला दो, सोनू: अच्छा एक बात पुंच्छू

रोहित : क्या

सोनू : अगर तुम्हे कोई अच्छी मोटी तगड़ी गान्ड मारने को मिले तो मारोगे कि नही

में सोनू की बात सुन कर मुस्कुराते हुए, कहने लगा डार्लिंग तुम्हारी गान्ड मारता तो हूँ और कौन सी गान्ड का जुगाड़ है

सोनू : अगर तुम्हे खूब मोटे मोटे चुतड़ों में अपना मूसल डाल कर कूटना हो तो बोलो

रोहित : बताओ तो सही किसके चुतड़ों की बात कर रही हो

सोनू : अभी नही बताउन्गी, अगर बता दिया तो पानी छोड़ दोगे रोहित : ऐसे किसके चूतड़ है जिनका नाम सुनते ही में पानी छोड़ दूँगा

सोनू: में चाइ बना कर लाती हूँ फिर बाद में बताउन्गी तुम्हे

सोनू इतना कह कर चली गई और मेरा लंड उसकी बातों से ही खड़ा हो गया था, में तो उसकी बाते सुन कर यही समझ रहा था कि वह ज़रूर सुधा की मोटी गान्ड की बात कर रही होगी, इसीलिए मेरे लंड में अपनी बहन की गान्ड को सोच कर ताव आ गया था,

शाम को माँ पार्क में घूमने गई हुई थी और सुधा सोनू के साथ रूम में बैठी थी दोनो कुछ बाते कर रही थी, मैने अपने मोबाइल को साइलेंट मोड पर करके और ऑडियो रेकॉर्डिंग ऑन कर दी और मोबाइल को वही रूम पर रख कर बाहर आ गया, करीब 1 घंटे बाद सोनू बालकनी में आई और कहने लगी चलो पार्क में बैठेंगे, मैने कहा, ठीक है तो वह कहने लगी फिकर मत करो आज तो माजी भी पार्क में घूमने गई है और सुधा भी चल रही है,

मैने कहा ठीक है चलो और में रूम में जाकर अपना मोबाइल लेकर आ गया और फिर सुधा और सोनू घूमने लगी और मैं मोबाइल कान से लगा कर वह ऑडियो रेकॉर्डिंग सुनने लगा, सोनू काली साड़ी में अपने गुदाज चुतड़ों को मटका मटका कर मेरे सामने से निकलती और जानबूझ कर जब मेरे सामने से जाती तो अपनी गान्ड को खुजलाने लगती और मुझे देख देख कर मुस्कुराने लगती, में उसके चुतड़ों को घूरते हुए फिर अपनी बहन सुधा की भारी गान्ड देखने लगता, सुधा जीन्स फसा कर घूम रही थी और उसमे उसकी जांघे खूब दबोचने लायक लग रही थी और गान्ड का भारी उठाव और चौड़ाई देख कर तो मेरा लंड फटा जा रहा था,

अभी दो ही राउंड उन्होने लगाए होंगे कि सोनू सुधा को छोड़ कर मेरे पास आई और मेरे कान में धीरे से कहने लगी, आज तो जीन्स में तुम्हारी बहन की गान्ड खूब मोटी नज़र आ रही है, आज में उसको खूब चक्कर लगवाउंगी तुम आराम से जी भर कर अपनी प्यारी बहन की गुदाज जवानी और मोटी गान्ड का आनंद लो, में मुस्कुराते हुए कहा ठीक है,

तो सोनू ने मेरे गालो को खींचते हुए कहा, में जानती हूँ आज रात को तुम मुझे खूब कस कस कर चोदने वाले हो और मेरी गान्ड और चूत लाल कर दोगे, उसके बाद सोनू फिर से सुधा के साथ घूमने लगी,

सोनू जानती थी कि में अपनी बहन सुधा के भारी चुतड़ों को जब भी जीभर कर देखता हूँ तो रात को सोनू को चोदते हुए यही सोच सोच कर सोनू की गान्ड और चूत मारता हूँ जैसे कि में अपनी जवान रसीली बहन सुधा को चोद रहा हूँ, मैने इधर उधर देखा तो माँ थोड़ी दूर किसी आंटी के साथ पार्क में बैठ कर बाते कर रही थी, मैने ऑडियो सुनना शुरू किया, ऑडियो में सोनू कह रही थी .

सोनू : क्यो ननद रानी आज कल रात को देर तक तुम्हारे कमरे की बत्ती जलती रहती है, कही कोई लंडा तो नही फसा लिया जिससे फोन पर बतियाती रहती हो

सुधा : मुस्कुराते हुए क्या भाभी आप भी ना बस ले देकर एक ही बात पर आडी रहती हो अरे बाबा मेरा किसी लड़के से कोई अफेर नही है

सोनू : अच्छा जी पर तुम्हारी जवानी, ये भारी भारी जांघे चौड़े और उठे हुए चुतड़ों और फिर सुधा के बोबे को मसल्ते हुए, इन मोटे मोटे गुदाज दूध को देख कर तो बच्चो और बुढ्ढो के मन में भी तुंझे नंगी करके देखने और सहलाने का ख्याल आ जाता होगा, फिर जवान लोंडो की तो बात ही अलग है

सुधा : मुस्कुराते हुए, क्यो जवान लोंडो में ऐसा क्या है

सोनू : हे सुधा तुझे क्या पता जवान और मोटा तगड़ा लंड कितना मज़ा देता है

सुधा : चुप करो भाभी कितनी साफ भाषा में बात करती हो कोई सुन लेगा तो

सोनू : अरे नंद रानी तू नही जानती जब मोटा मोटा काला डंडा यहाँ घुसता है तो कितना मज़ा देता है और उपर से तेरे भैया का लंड तो पूरा मूसल है वो जब मुझे नंगी करके चोदते है

सुधा : हूँ

सोनू : क्या बात है कहाँ खो गई

सुधा : आह भाभी अपनी कोहनी हटाओ ना मेरी जाँघो से

सोनू : अहह हहा ननद रानी ऐसे क्यो सीसीया रही हो कही किसी ने सुन लिया तो सोच में पड़ जाएगा कि ननद भाभी में इतनी सीसीयाहट कैसे आ रही है

सुधा : भाभी आप कभी खुराफाती बातों के अलावा भी कुछ सोचती है,

सोनू : हँसते हुए, में तो जब से जानने समझने लायक हुई हूँ तब से सिवाय चूत लंड के मुझे कोई बात अच्छी ही नही लगती है

सुधा : अच्छा तो जब आपकी शादी नही हुई थी तब यह सब बाते किससे करती थी

सोनू : अपनी सहेली सपना से मेरी सबसे खास दोस्त है वो, तू नही जानती उसने तो शादी के पहले भी कई बार मेरा पानी निकाला है

सुधा : अश्चर्य से देखती हुई, क्या बात कर रही हो भाभी

सोनू : सच्ची, आज भी मिलती है तो, बिना मेरी चूत सहलाए मानती ही नही है

सुधा : में तो समझती थी कि यह सब नेट पर और मूवी पर ही ऐसा होता है पर क्या सचमुच दो औरते भी ऐसा करती है

सोनू : अब ज़्यादा बन मत इतनी बड़ी घोड़ी हो गई है कि आज छोड़ो तो कल माँ बन जाए, और नखरा देखो कि इन्हे पता नही है कि आजकल लोग गाय ढोर की भी गान्ड मार लेते है तो फिर क्या लेसबो और क्या होमो

सुधा : भाभी अभी में इतनी बड़ी भी कहाँ हुई हूँ

सोनू : अच्छा जा एक बार अपना मस्त भोसड़ा फैला कर अपने भैया को दिखा दे, अब वह ही तुझे बताएगे कि तू छोटी बच्ची है या माँ बनने लायक है

सुधा : शर्म करो भाभी, भला कोई भाई बहन के बीच ऐसी बात लाता है क्या

सोनू : और अगर में कहूँ कि तेरे भैया को तेरी यह मोटी मस्त गान्ड बहुत पसंद आती है तब

सुधा : गुस्सा होते हुए, भाभी मज़ाक की भी हद होती है,

सोनू : अरे जाती कहाँ है, तेरे और मेरे रिश्ते में मज़ाक की कोई हद नही होती है, तुझे पता है हमारे गाँव में तो नंद भाभी आपस में चुदाई भी कर लेती है

सुधा : क्या बात कर रही हो भाभी

सोनू : अरे यह तो कुछ भी नही मेरी सहेली सपना के बारे में सुनेगी तो दंग रह जाएगी, पर रहने दे तुझे ऐसे बाते पसंद नही आती है ना

सुधा : सोनू के गाल खिचते हुए, ओ मेरी प्यारी भाभी, तुम्हारी यही कमिनि हरकत तो मुझे बहुत अच्छी लगती है, में जानती हूँ तुम मुझे पूरी बात बताओगी पर नखरा तुमसे बेहतर कोई नही कर सकता मुझे तो समझ में नही आता कि तुम इतनी बड़ी छिनाल टाइप बाते कैसे कर लेती हो

सोनू : मुस्कुराते हुए, अच्छा सच सच बता तुझे मेरी बाते अच्छी लगती है ना

सुधा : मुस्कुराते हुए, हुउऊँ

सोनू :अगर तू इंटरेस्ट ले तो में तो तुझसे ऐसी बाते भी कर सकती हूँ कि तू बैठे बैठे अपनी चूत से पानी छोड़ दे

सुधा : अब रहने दो भाभी इतनी भी मत हाँको

सोनू : अच्छा तू इंटरेस्ट लेगी, तो में बताऊ

सुधा : अच्छा ठीक है बताओ, लेकिन बिना मेरे यहाँ वहाँ हाथ लगाए

सोनू ; अच्छा नही लगाती पर थोड़ा मेरे करीब तो बैठ बस धीरे धीरे तेरे इन कसे हुए उभारों को सहला तो लेने दे____

Page 1 Episode 3

सुधा : भाभी प्लीज़ ऐसा मत करो मुझे कुछ होता है

सोनू : मेरी बाते सुन कर या हाथ लगाने पर

सुधा : दोनो से

सोनू : तो तुझे जो होता है वह अच्छा नही लगता क्या

सुधा : अच्छा लगता है पर

सोनू : पर क्या, जब किसी मर्द से इन मोटे मोटे आमों को दबवायेगी और चुस्वाएगी तब देखना कितना मज़ा आएगा तुझे

सुधा : क्यो मर्द के दबाने से ज़्यादा मज़ा आता है क्या

सोनू : क्या तूने सचमुच आज तक किसी से नही दबवाये

सुधा : अब भाभी आप से झूठ बोल कर कहाँ जाउन्गी

सोनू : दबवायेगी

सुधा : चौंकते हुए, किससे

सोनू : पहले तू बता तो, केवल दूध भर दबवाना है या फुल मज़ा लेना है

सुधा : नही भाभी यह सब ग़लत बात है मुझे डर लगता है

सोनू : तुझे अपनी भाभी पर भरोसा नही है, फिर सोनू ने सुधा की फूली हुई चूत को मुट्ठी में भर कर दबोचते हुए कहा सच कह रही हूँ सुधा एक दम मस्त हो जाएगी, सच बात तो यही है कि अब तुझे किसी अच्छे ख़ासे तगड़े और मोटे लंड की ज़रूरत है तू हाँ कहे तो में तुझे मस्त लंड दिलवा सकती हूँ,

सुधा : मुस्कुराते हुए, तुम भी ना भाभी, यह सब बाते बंद करो में जा रही हूँ

सोनू : अच्छा एक बार बस बता दे करवाएगी क्या

सुधा : अच्छा बाबा सोच कर बताउन्गी

सोनू : चल ठीक है

सुधा : अब मुझे बताओ आप क्या बता रही थी अपनी सहेली सपना के बारे में

सोनू : अरे तू नही जानती मेरी सहेली सपना खूब मज़े कर रही है वह भी अपने ही घर में, ना किसी का टेन्षन ना कोई और प्राब्लम बस जब उसका मन करता है मस्त मोटे लंड से खूब कस कस कर चुदती है

सुधा : पर उसे चोदता कौन है, सुधा भी अब धीरे धीरे चुदाई की बाते करने लगी थी

सोनू : अरे पागल उसका खुद का बड़ा भाई छोड़ता है और कौन

सुधा : क्या बात कर रही हो भाभी

सोनू : सच कह रही हूँ, उसने मुझे खुद बताया है, बोलती है मुझे मेरे भैया का लंड सबसे ज़्यादा मज़ा देता है

सुधा : कैसे चुदवा लेती है ना ये सब अपने भाइयो से

सोनू : उसमे क्या बड़ी बात है, आज कल के भाई भी तो अपनी ही माँ बहनो के बदन को नंगा करके देखने के लिए और कई तो चोदने के लिए मरे जा रहे है

सुधा : यह बात तो आप सही कह रही है भाभी, मैने भी एक दिन अपनी एक सहेली के भाई को देखा था जब वह अपनी बहन को बाइक से ड्रॉप करने आया था जब उसकी बहन जाने लगी तब उसने अपनी नज़रे अपनी बहन के चुतड़ों पर टिका दी और बिल्कुल खा जाने वाली नज़रो से अपनी बहन के चुतड़ों को घूर रहा था,

उसके बाद थोड़ी देर तक खामोशी रही शायद मोम आ गई थी फिर ऑडियो ख़त्म हुआ और मेरा लंड झटके पर झटके मार रहा था, में बैठे बैठे लंड को सहलाने लगा और जब वह दोनो राउंड मार कर मेरे सामने आती तब में चुपचाप बैठ जाता करीब 10 मिनिट के बाद सुधा अकेली हो गई और सोनू मेरे पास आकर बैठ गई वह बड़ी बदमाश थी उसने आते ही मेरे लंड को पकड़ कर देखा और मुस्कुराते हुए कहने लगी,

सोनू : आज तो अपनी रंडी बहन के चुतड़ों को अपनी नज़रो से ही ना फाड़ देना कितना बड़ा हो रहा है आपका मूसल, मुझे तो लगता है आपका मन अपनी बहन सुधा को खूब हुमच हुमच कर चोदने का हो रहा है, सच सच बताओ चोदोगे सुधा को

रोहित : मुस्कुराते हुए कैसी बात कर रही हो सोनू वह आख़िर मेरी बहन है उसे में कैसे चोद सकता हूँ

सोनू : लेकिन अगर वह तुम्हे चोदने को मिल जाए तो, अभी तुमने उसे पूरी नंगी नही देखा है, तो तुम्हारे लंड के यह हाल है अगर उसे नंगी देख लोगे तो अपनी बीबी को भी भूल जाओगे, अब चोदना हो तो बोलो नखरे ना दिखाओ

रोहित : अब में तो कुछ नही कर सकता हाँ अगर तुम साथ दो तो में सुधा को ...........

सोनू : लंड दबाते हुए, आगे भी तो बोलो

रोहित : यही कि में सुधा को तभी चोद सकता हू जब तुम मेरा साथ दो

सोनू : तो ठीक है में तुम्हारा साथ देती हूँ अब तुम्हे तुम्हारी बहन की चूत दिलवा कर ही रहूंगी

नीलम-ने रोहित से कहा चल बेटे थोड़ा छत पर टहल लेते है तब तक सोनू तू ज़रा चाइ तो बना ले आज खाने के बाद चाइ पीने का बड़ा मन कर रहा है, सोनू ने कहा जी मम्मी अभी बना कर लाती हूँ और वह बाहर चली गई, रोहित झट से खड़ा हो गया और फिर नीलम उसके आगे आगे चलने लगी और रोहित अपनी मम्मी के पीछे पीछे चलने लगा, रोहित की नज़र जब नीलम के 42 साइज़ के मोटे मोटे चुतड़ों पर पड़ी तो उसका हाथ अपने आप पाजामे में लंड के उपर चला गया और जब नीलम सीढ़िया चढ़ने लगी तो रोहित बस अपनी मम्मी के मोटे मोटे चौड़े चुतड़ों को खा जाने वाली नज़रो से देखता हुआ पीछे पीछे सीढ़िया चढ़ने लगा लेकिन उसने यह नही देखा कि नीलम ने अपने बेटे को धीरे से पलट कर अपने भारी भरकम चुतड़ों को खा जाने वाली नज़रो से घूरते हुए देख लिया था, और ना जाने क्यो नीलम के चेहरे पर एक स्माइल आ गई और वह दोनो छत पर पहुच गये थे,

उधर किचन में सोनू मन ही मन बड़बड़ा रही थी अपनी सास के उपर और कह रही थी रंडी को जब देखो चाइ की तलब लगी रहती है इसकी तो मोटी गान्ड में में ऐसा खुन्टा डलवाउंगी कि इसकी सारी अकड़ ठिकाने आ जाएगी बस मुझे कोई मोका तो हाथ लगे यह सोचती सोचती वह चाइ बना कर उपर लेकर जाती है और नीलम और रोहित को चाइ दे देती है, तब नीलम कहती है बहू अपने पापा से भी पूछ लेना शायद उनको भी पीना हो और सोनू जी माँ जी कह कर नीचे उतर आती है और फिर चाइ लेकर मनोहर के रूम में जाती है, मनोहर के रूम में जाकर वह कहती है पापा चाइ लेंगे, मनोहर कहता है पिला दो बेटी और उसकी बात सुन कर सोनू स्माइल करती हुई जैसे ही चाइ टेबल पर रखने के लिए झुकती है उसकी नज़रे पापा जी को देखती है और वही होता है मनोहर सोनू के ब्लाउज से आधे से ज़यादा बाहर आ रहे पके आमो को खा जाने वाली नज़रो से घूर रहा था, सोनू की नज़र जब मनोहर की लूँगी पर पड़ती है तो उसकी स्माइल गायब हो जाती है क्योकि लूँगी में मनोहर का लंड उसे खड़ा नज़र आ रहा था, सोनू जब मनोहर के सामने बैठी सुधा को देखती है तो सुधा कॉपी में मेद्स का कोई सवाल हाल करने में बिज़ी थी और उसने वाइट कलर की टी-शर्ट पहनी हुई थी जिसमे उसके मोटे मोटे बड़े बड़े कसे हुए दूध बहुत कातिलाना दिख रहे थे शायद सुधा ने ब्रा नही पहनी हुई थी इसलिए उसके दूध और भी मोटे नज़र आ रहे थे,

सोनू : मुस्कुराते हुए सुधा पहले चाइ पी लो ठंडी हो जाएगी इतना कह कर वह बाहर आ जाती है और फिर किचन में जाकर खुद के लिए चाइ लेकर हाल में आकर सोचने लगती है पापा का लंड तो बहुत तगड़े तरीके से खड़ा था कहीं सुधा के मोटे मोटे उरोजो को देख कर तो नही तना हुआ था, कुछ तो बात है

पापा तो बड़े रंगीन नज़र आ रहे है, अगर में पापा को फसा लूँ तो मुझे भी एक और लंड से चुदने का आनंद मिलने लगेगा, है यह क्या हो रहा है सोनू ने अपनी चूत को सहलाते हुए कहा, पापा की गोद में बैठने का सोचने भर से मेरी रसीली चूत पानी पानी हो गई, कैसे लूँगी में पापा का लंड टॅंट बनाए खड़ा था, अब लगता है मुझे पापा को अपनी जवानी का असली जलवा दिखना ही पड़ेगा, पापा को में इतना पागल कर दूँगी कि वह मेरी गान्ड के पीछे पीछे ही घूमेंगे,

उधर सुधा मेद्स के सवाल करने में बिज़ी थी और मनोहर अपने खड़े लंड को लूँगी के उपर से सहलाता हुआ कभी सुधा के मोटे मोटे कसे हुए दूध को देख रहा था और कभी उसकी लेग्गी में कसी हुई गुदाज मोटी मखमली जाँघो को देख रहा था और सोच रहा था, बहू और सुधा दोनो के दूध कितने मस्त लगते है कस मुझे इन्हे कस कस कर मसल्ने और पीने का मज़ा मिल पाता तो मज़ा आ जाता, पर समझ नही आता में कैसे इनकी मदहोश कर देने वाली जवानी को मसलू और इनका रस पी जाउ, नीलम को चोद चोद कर में अब बोर हो गया हूँ अब तू मुझे सोनू या सुधा जैसा कसा हुआ गदराया माल चोदने को मिले तब ही असली मज़ा आएगा,

सुधा और सोनू को अपने लंड पर बैठने का सोच कर ही मनोहर का लंड पूरे औकात में आ गया और उसने सुधा की गदराई जाँघो और मोटे मोटे पतली सी टीशर्ट में कसे रस से भरे दूधो को देखा और फिर उसने सुधा से कहा बेटा ज़रा सामने की आल्मिरा से मेरी सबसे उपर वाली बुक निकाल कर ले आओ, मनोहर का मन सुधा की लेग्गी में कसे हुए गुदाज भारी चुतड़ों की मतवाली थिरकन देखने का हो रहा था, उसकी बात सुनते ही सुधा जो बेड पर बैठी थी उठी और अपनी भारी 40 की मोटी गान्ड को मटकाते हुए सामने की आल्मिरा की ओर जाने लगती है और मनोहर अपने लंड को मसलता हुआ सुधा के मोटे मोटे चुतड़ों को देखने लगता है, सुधा की मोटी गान्ड में उसकी लेग्गी फसि हुई थी और उसकी मोटी मतवाली गान्ड खूब कस कर चोदने लायक लग रही थी,

उसने जैसे ही उपर हाथ बढ़ा कर अपने पैरो के पंजो पर खड़ी हुई और बुक निकाल कर जैसे ही सीधी हुई उस दरमियाँ सुधा के गदराए चुतड़ों के उतार चढ़ाव को देख कर मनोहर का लंड झटके देने लगा था, फिर जब सुधा वापस पलट कर आने लगी तो मनोहर ने सुधा की चूत वाले हिस्से को देखा वहाँ लेग्गी के उपर सुधा की चूत का मस्त फूला हुआ उभार देख कर मनोहर गदगद हो गया और फिर अपनी बेटी की मदमस्त जवानी को उपर से नीचे तक देख कर सुधा के अपने पास आने से पहले ही मनोहर ने अपना लंड मसलना छोड़ दिया, सुधा ने वह किताब दी और बैठते हुए कहने लगी पापा यह सवाल नही आ रहा है ज़रा देखिए ना, मनोहर ने सुधा की मोटी जाँघ पर हाथ रखते हुए कहा अरे बेटी फ़ॉर्मूला तो तुमने सही लगाया नही है और यह कहते हुए मनोहर ने सुधा की मोटी जाँघो के गुदाज माँस को दबा कर देख लिया और उसकी जाँघो को छुने भर से मनोहर को ऐसा लगा उसका लंड फट जाएगा,

मनोहर सोचने लगा सुधा पूरी नंगी क्या कयामत लगती होगी, अगर सुधा को पूरी नंगी करके चोदना है तो मुझे कुछ ना कुछ जुगाड़ करना ही पड़ेगा,

उधर सोनू वापस छत पर चली जाती है और कुछ देर रोहित और नीलम से बाते करती है फिर रोहित कहता है मम्मी मुझे नींद आ रही है में जाता हूँ

और वह सोनू को स्माइल देकर नीचे आ जाता है, नीलम : सोनू से पूछती है अभी सुधा पढ़ रही है सोनू : हाँ मम्मी में दोनो को चाइ अलग पिला आई हूँ अब तो वह और देर तक पढ़ेगी उसकी नींद मेरी चाइ से उड़ गई होगी, आप कहे तो में सुधा को बुला लूँ आपको पापा के पास जाना होगा,

नीलम : मुस्कुरा कर नही रे अब तेरे पापा मेरी और ज़्यादा ध्यान ही कहाँ देते है लगता है में बूढ़ी हो चली हू सोनू : क्या मम्मी आप भी ना अभी तो असली जवानी आप पर चढ़ि नज़र आती है आपका बदन इतना सुडोल और भरा हुआ है की अच्छे अच्छे आपको देख कर पागल हो जाए,

नीलम : अपनी तारीफ सुन कर खुश होती हुई, हाँ रे तू कहती तो सही है पर जब अपना पति ही अपने से बोर हो जाए तो यह भरा बदन भी किस कम का

सोनू : मम्मी एक बात कहूँ आप भी ना पागल है मेरी एक आंटी है वह आपकी उमर की होगी अंकल आंटी पर ज़्यादा ध्यान नही देते थे बस अपने बिज़्नेस में बिज़ी रहते थे तब आंटी ने अपनी फंतासी को अलग तरह से एंजाय करना शुरू कर दिया था

नीलम |: उत्सुकता से पूछने लगी वह भला कैसे

सोनू : मुस्कुराते हुए, अब मम्मी में आपसे कैसे कहूँ मुझे शरम आती है

नीलम : चल बड़ी आई शरमाने वाली मुझसे क्या शर्मा रही है बहुए तो अपनी सास से अपनी और अपने बेटे की चुदाई की बाते तक कर लेती है और तू शरमा रही है जैसे कि में तुझे जानती नही,

सोनू : हँसते हुए मम्मी आप सोचेंगी कि सोनू कैसी बाते कर रही है

नीलम : अब शरमा मत और जल्दी से बता दे क्या करती थी तेरी आंटी

सोनू : अरे मम्मी जब आंटी को मज़ा लेना होता था तब वह कहीं भी मार्केट में निकल जाती थी और बहुत सेक्सी ड्रेस पहन कर लोगो को अपनी जवानी दिखाती थी, जिससे भीड़ वाले इलाक़े में लोग आंटी के दूध दबाते और कई लोग उनकी मोटी गान्ड को भी अपने हाथो से दबोच लेते थे, कभी कभी आंटी बस में भीड़ में खड़ी होती तब कई लोग उसकी गान्ड के पीछे खड़े हो जाते और अपने खड़े हथियार को आंटी की गान्ड में रगड़ते थे जिससे आंटी की चूत पानी पानी हो जाती थी, आंटी इसी तरह से अपनी जवानी का खूब लुफ्त उठाती है और मज़े करती है____

Page 1 Episode 4

नीलम : पर मुझे तो इन सब चीज़ो से डर लगता है कहीं किसी जान पहचान वाले ने देख लिया तो

सोनू : अरे नही मम्मी भीड़ भाड़ मैं कोई नही देखता कि औरत की चूत में या गान्ड मे हाथ लग रहे है, एक बार तो वह मुझे भी अपने साथ ले........ ............. नीलम : क्या तुझे भी ले गई थी फिर क्या हुआ

सोनू : मम्मी आंटी की बातों में बड़ी सच्चाई थी वह मुझे जब अपने साथ एक बस मैं ले गई थी तब एक आदमी मेरे चुतड़ों से सट कर खड़ा हो गया था और फिर क्या बताऊ और सोनू हँसने लगी

नीलम : बता ना फिर क्या हुआ

सोनू : हँसते हुए मम्मी मैने लेग्गी पहनी हुई थी और शॉर्ट कमीज़ और उस आदमी ने अपने हाथ से पहले मेरे चुतड़ों को खूब दबाया फिर उसने मेरी लेग्गी की पीछे से सिलाई उधेड़ दी इतफ़ाक़ से मैने पैंटी भी नही पहनी थी और उसने अपनी उंगली मेरी गान्ड में डाल कर सहलाने लगा, मेरी चूत पानी पानी हो गई और फिर उसने अपनी उंगली जब मेरी चूत के छेद में डाली तो उसकी उंगली सट से पानी पानी हुई चूत में अंदर तक उतर गई मेरे तो मज़े के मारे हाथ पाँव काँपने लगे, करीब 10 मिनिट तक मैं उस बस मे खड़ी रही और उसने मेरी चूत में उंगली पेल पेल कर पानी निकाल दिया था

नीलम : गहरी साँसे लेती हुई, तुझे तो बहुत मज़ा आया होगा,

सोनू : हाँ मम्मी मई तो मस्त हो गई थी यह शादी के पहले की बात थी उसके बाद तो मुझे बिना मूठ मारे रहा नही गया जब मैने आंटी से कहा कि मुझे चुदवाने का बहुत मान कर रहा है तब आंटी ने मुझे अपनी उंगली से मूठ मारना सिखाया और इस तरह आंटी हमेशा ही मज़े करती है

नीलम : पर बहू ऐसी भीड़ भाड़ मे ज़रूरी तो नही कि हर कोई अपने बदन को छुने की कोशिश करेगा

सोनू : अरे मम्मी उसके लिए आपको आंटी जैसे तैयार होकर जाना होगा तभी लोग आपकी ओर आकर्षित होंगे फिर देखिए जब आपका मन करेगा तब आपको मज़ा मिलेगा, आप चाहो तो कल ही सब्जी मंडी की भीड़ मे मेकप करके जाना फिर देखना आपके चुतड़ों पर कितने हाथ पड़ते है वैसे भी आपके बड़े बड़े दूध मोटी कसी हुई जांघे और इन भारी चुतड़ों को देख कर तो किसी का भी लंड खड़ा हो जाए, सोनू ने अपनी सास के चुतड़ों को दबाते हुए कहा,

नीलम : अपने चुतड़ों को दबाए जाने से खड़ी खड़ी ही एक सिसकारी लेते हुए कहने लगी बहू तूने मेरी सोई हुई भावनाओ को जगा दिया है

सोनू : मम्मी जी आपके चूतड़ वाकई बहुत बड़े बड़े है कितना साइज़ है इनका

नीलम: 42 तो होंगे ही

सोनू; तो फिर आप कल सब्जी मंडी ज़रूर चली जाओ सच कह रही हूँ मम्मी आपके इन 42 के मोटे मोटे चुतड़ों को देख देख कर देखना कितने मर्द आपके चुतड़ों को दबोचेंगे आपकी चूत से पानी ना आ जाए तो कहना यह बात सोनू ने मम्मी जी की मोटी गान्ड को तबीयत से सहलाते हुए कहा,

नीलम : तू चलेगी मेरे साथ

सोनू : आश्चर्य से नीलम को देखती हुई कहने लगी मैं क्या करूँगी

नीलम : तू भी तो रोज रोज रोहित से चुद चुद कर बोर हो गई होगी और फिर मुझे बेटा अकेले जाने मे डर भी लग रहा है,

सोनू : कुछ सोच कर अच्छा आप कहती है तो चले चलूंगी

नीलम : खुस होते हुए कहने लगी तुझे कितना ख्याल रहता है मेरा इसीलिए तो मैं तुझे सुधा से भी ज़्यादा प्यार करती हूँ और नीलम ने सोनू के गालो को चूम लिया और कहने लगी चल अब बहुत देर हो गई है रोहित तेरा वेट कर रहा होगा

उधर रोहित अपने कमरे मे अपने लंड को सहलाते हुए सोच रहा था कि आज उसने जब से सीढ़िया चढ़ते हुए अपनी मम्मी के मोटे मोटे भरे हुए चुतड़ों के उतार चढ़ाव देखे है तब से उसका मन अपनी मम्मी की मोटी गान्ड मे मूह डाल कर चाटने का कर रहा है, उसकी मम्मी की गान्ड पूरी नंगी कितनी मालदार लगती होगी एक बार उसकी मम्मी पूरी नंगी होकर अपनी मोटी गान्ड उसके मूह मे रख कर बैठ जाए तो उसका तो बिना चोदे ही पानी छूट जाएगा

रात को मनोहर यह सोच सोच कर नीलम की मोटी मोटी गान्ड सहला रहा था कि सुधा की गान्ड भी नीलम से कम नही है ऐसी मोटी गान्ड को दबोचने मे और ठोकने में कितना मज़ा आएगा,

उधर नीलम यह सोच सोच कर पानी पानी हो रही थी कि सोनू ने सच ही कहा है जब भीड़ में लोग मेरी गान्ड को इसी तरह दबोचेंगे तो कितना मज़ा आएगा मेरी चूत तो यह सोच सोच कर ही पागल हुई जा रही है कि अंजान लोग कैसे मेरी गान्ड दबोचेंगे और कैसे अपने कड़क लंड को मेरी गान्ड मे दबा दबा कर रगडेँगे, तभी मनोहर ने नीलम की चूत मे हाथ लगाया और वह पानी पानी नज़र आई और मनोहर ने कहा क्या बात है रानी आज तो बहुत पानी छोड़ रही हो, मनोहर की बात सुन कर नीलम ने मनोहर के कड़क लंड को थाम लिया जो बड़ी देर से उसकी मोटी गान्ड में चुभ रहा था और कहने लगी आज तो आपका भी मूसल खूब सर उठा रहा है क्या बात है, मुझे देख कर तो इतना डंडे जैसा कड़क नही होता है,

मनोहर : सच कह रही हो नीलम अब तो मन करता है कि कोई जवान लोंड़िया चोदने को मिल जाए तो अपनी जवानी के दिन याद आ जाएगे, और मनोहर नीलम की चूत में उंगली दे देता है और नीलम सीसीया जाती है,

मनोहर : सच सच बताओ नीलम क्या तुम्हारी ऐसी कोई इच्छा नही होती है कि कोई जवान लौन्डा तुम्हे नंगी करके खूब कस कस कर चोदे,____

Page 1 Episode 5

नीलम ने यह बात सुनते ही मनोहर के लंड को कस कर दबोच लिया और कहने लगी अरे मेरी किसी जवान लंड से चुदने की इच्छा होगी भी तो मैं कहाँ से ऐसा जवान लंड ढूंढू, तुम अगर कुछ मदद कर सको तो बताओ,

मनोहर मन में सोचता है कि अगर नीलम को पटा लिया जाए तो शायद सुधा को फसा कर चोदने में कुछ मदद हो जाए या कहे तो नीलम सुधा को मुझसे चुदवाने मे मदद कर सकती है और यही सोच कर मनोहर सोचता है कि यह तभी हो सकता है जब मे नीलम को भी किसी जवान लंड से चुदने का लालच दूं तब तो वह ज़रूर अपनी चूत किसी जवान लोंडे से चुदवाने के चक्कर में सुधा को फसाने का कोई आइडिया दे सकती है,

मनोहर : सच नीलम मेरा तो मन करता है कि कोई 20-25 साल की लोंड़िया मुझे चोदने को मिल जाए तो मज़ा आ जाए,

नीलम : अच्छा जी खुद जवान लड़कियों को चोदने का ख्वाब देख रहे हो फिर मेरा क्या होगा मुझे कौन चोदेगा

मनोहर : मुझे किसी जवान लोंड़िया की जवानी चखा दे मैं भी तेरे लिए कोई तगड़ा जवान लंड का बंदोबस्त कर देता हूँ,

नीलम : शरम करो बच्चे बड़े हो गये है और तुम्हे बुढ़ापे में जवान लोंड़िया चोदने को चाहिए, अब तो बेटी की शादी की फिकर करो

मनोहर : हाँ नीलम तुम सही कह रही हो सुधा भी अब पूरी जवान हो गई है, उसका जिस्म पूरा भर चुका है पूरी तुम पर गई है, नीलम ने मनोहर का लंड सहलाते हुए महसूस किया कि मनोहर का लंड सुधा की बात करते हुए बहुत कड़ा हो गया है, नीलम को अचानक यह सोच कर झटका लगा कि कहीं मनोहर का लंड सुधा की जवानी देख कर तो नही खड़ा हुआ है और उसने बड़े तरीके से मनोहर का लंड सहलाते हुए कहा यह बात तो तुम सही कह रहे हो मनोहर सुधा पूरी तरह जवान दिखाने लगी है ना उसका जिस्म अब पूरी तरह भर गया है, मनोहर का लंड सुधा की बात सुन कर और भी कड़क हो रहा था,

मनोहर : हाँ और उसके दूध और चुतड़ों का साइज़ भी बिल्कुल तुम्हारे जैसा हो गया है आज जब वह लेगी पहन कर दूसरी तरफ मूह करके खड़ी थी और मेरी नज़र जब सुधा के भरे हुए चुतड़ों पर गई तो एक पल के लिए तो ऐसा लगा जैसे तुम हो,

नीलम : मनोहर का लंड सहलाते हुए, कहने लगी क्या सचमुच सुधा के चूतड़ मेरे चुतड़ों के बराबर नज़र आने लगे है,

नीलम की बात सुन कर मनोहर का लंड लग रहा था कि फट जाएगा और वह नीलम की मोटी गान्ड को कस कर दबोचते हुए कहने लगा हाँ नीलम बहुत ही मोटी गान्ड है सुधा की,

नीलम को पक्का यकीन हो चला कि मनोहर के मन मे सुधा को पूरी नंगी करके चोदने का विचार आ चुका है, लेकिन फिर भी वह पूरी तसल्ली कर लेना चाहती थी और उसने बात को पलटते हुए कहा मनोहर यह बात तो तुम सही कह रहे हो सुधा के चुतड़ों ने तो बिना चुदे ही सोनू के चुतड़ों को भी पीछे छोड़ दिया है या यह कह लें कि सुधा के चूतड़ तो बिना चुदे ही सोनू के मोटे मोटे चुतड़ों के बराबर नज़र आने लगे है

नीलम की बात सुन कर मनोहर का लंड एक बार फिर झटके देने लगा, तभी नीलम ने एक हाथ से मनोहर के आंडो को सहलाते हुए उसके लंड के टोपे को चाटते हुए कहा अच्छा मनोहर सुधा और सोनू मे ज़्यादा चोदने लायक चूतड़ किसके लगते है

मनोहर : सुधा की चूत मे दो उंगलियो को पेलता हुआ कहता है मुझे तो दोनो के चूतड़ एक से बढ़ कर एक लगते है बस यह है कि सुधा की चूत फाड़ने में थोड़ी मेहनत लगेगी और सोनू की चूत में लंड बिना मेहनत के साथ से अंदर चला जाएगा

नीलम : टट्टो को दबोचते हुए कहती है लेकिन दोनो की कोरी गान्ड को फाड़ने के लिए तो बराबर मेहनत लगेगी ना

मनोहर : हाँ यह तुम ठीक कह रही हो गान्ड तो दोनो की जबरदस्त है फाड़ने में मज़ा आ जाएगा

नीलम ने यही मोका सही समझा और तपाक से पूछ लिया पहले तुम किसकी गान्ड फाड़ना चाहते हो और मनोहर के मूह से निकल गया सोनू की,

नीलम: और उसके बाद

मनोहर : सुधा की

नीलम : मुस्कुराते हुए, अच्छा तो तुम अपनी बेटी और बहू दोनो को चोदने का सपना मन मे सजाए हो तभी आज तुम्हारा यह लंड बिल्कुल मूसल बना हुआ है

मनोहर : सच नीलम एक बार अगर सोनू और सुधा की गान्ड मारने को मिल जाए तो तू जो कहेगी मैं वह करने को तैयार हूँ

नीलम : मुस्कुराते हुए, सोच लो बाद मे पलटने नही दूँगी

मनोहर : तेरी कसम रानी कभी अपनी बात से नही फिरँगा जो तू कहेगी वह करूँगा

नीलम : कुछ सोच कर सुधा का तो मैं अभी नही कह सकती पर हाँ सोनू की गान्ड ज़रूर दिला सकती हूँ क्योकि वह मुझसे काफ़ी खुल कर बाते करती है, इसलिए उसे मैं पटा सकती हूँ,

मनोहर कहने लगा प्लीज़ नीलम तुम अगर साथ दो तो सब हो जाएगा, तुम सोनू की ही दिलवा दो मैं तो तेरा गुलाम हो जाउन्गा

नीलम : ठीक है मैं कल से ही तुम्हारे लिए जुगाड़ करती हूँ लेकिन अब बहुत हुआ चलो आज मुझे कस कर चोद लो बड़ा पानी छोड़ रही है मेरी चूत, उसका इतना कहना था कि मनोहर ने सुधा और सोनू की मोटी मोटी गदराई गान्ड को याद करते हुए सटक से नीलम की चूत में लंड पेल कर तबाद तोड़ धक्के मारना शुरू कर दिया और नीलम को खूब कस कस कर ठोकते हुए ओह सुधा ओह सोनू जैसे शब्द निकलने लगा और फिर एक घमासान ठुकाई के बाद दोनो पास्ट होकर सो गये.

उधर सुधा अपने बेड पर पहले तो अपनी भाभी के किए हुए मज़ाक को सोच रही थी कि भाभी कितनी गंदी मज़ाक कर लेती है, और बार बार सिर्फ़ चूत और लंड की ही बाते करती है, और उन्हे यह कहते हुए भी शरम नही आती कि तेरे भैया मुझे खूब कस कस कर नंगी करके चोदते है उनका लंड बड़ा मस्त है,

यह सोच कर सुधा को एक दम शर्म के साथ हँसी भी आ जाती है, फिर वह सोचती है कि भाभी कह रही थी कि रोहित भैया मेरे चुतड़ों को देखते है क्या भाभी सच कह रही थी या वह मज़ाक था पता नही लेकिन यह तो मुझे पक्का यकीन हो गया था कि पापा आज जब मैं किताब लेने गई थी तब मेरे चुतड़ों को देख रहे थे, क्योकि जैसे ही मैं पलटने लगी तब पापा अपने लंड को लूँगी के उपर से मसल रहे थे और जैसे ही मैं पलटी उन्होने जल्दी से हाथ तो हटा लिया लेकिन उनकी नज़रे फिर से मेरी फूली हुई चूत और इन मोटे मोटे दूध पर आ टिकी थी, पर यह भी तो हो सकता है कि यह मेरा भरम मात्र हो नही नही पापा ऐसा तो नही कर सकते आख़िर मैं उनकी बेटी जो हूँ, पर मुझे यह सोच कर अच्छा क्यो लग रहा है कि पापा अपने लंड को मसल्ते हुए मेरे चुतड़ों और दूध को घूर रहे थे, आह मेरी चूत से तो पानी जैसा निकल रहा है, सुधा ने अपनी लेग्गी नीचे सर्काई और अपनी चूत को फैला कर देखा और मन ही मन बड़बड़ाने लगी हे रब्बा कितनी फूली हुई है और कितना पानी बह रहा है, सच भाभी ने मुझे बिगाड़ दिया है अब रोज मुझे चूत और लंड की बाते सुनने या सोचने का मन होने लगा है, और मे हूँ कि भाभी को बेकार मे यह सब बाते करने से रोकती हूँ जबकि अच्छा तो मुझे भी बहुत लगता है,

कल से मैं भाभी को नही रोकूंगी चाहे वह मुझे कितनी ही गंदी बाते कहे और चाहे मेरे कितने ही दूध दबाए, वैसे भाभी जब मेरे दूध को दबाती है तो अच्छा कितना लगता है, हाय चूत से फिर पानी आने लगा मैं यह सब क्या सोच रही हूँ, अब मुझे सो जाना चाहिए नही तो रात भर चूत पानी छोड़ती रहेगी. सुधा नींद की आगोश में चली जाती है लेकिन ...............____

Page 1 Episode 6

दूसरी तरफ रोहित और सोनू के रूम में कुछ और ही चल रहा था, सोनू और रोहित पूरे नंगे थे

रोहित पलंग पर लेटा हुआ था और सोनू को कह रहा था कि वह अपनी गान्ड मटका मटका कर उसे चल कर दिखाए और चलते हुए अपने दोनो हाथो से अपने चुतड़ों को फैला कर दिखाए और सोनू उसके कहे अनुसार केट्वॅक कर रही थी, जब रोहित कहता तब सोनू थोड़ा झुक कर अपनी गान्ड को फैला कर दिखाती और रोहित को उसकी गान्ड का छेद और उसकी चूत की मस्त फूली फांके साफ नज़र आने लगती थी, अब रोहित ने सोनू से कहा ऐसे ही गान्ड फैलाए झुके झुके रिवर्स उसके मूह की तरफ आओ और सोनू रिवर्स होती हुई रोहित के मूह के पास आती है और रोहित सोनू के चुतड़ों को थामते हुए मसल्ते हुए उसकी गान्ड के छेद से अपना मूह लगा देता है, और सोनू की चूत और गान्ड के छेद को पीछे से फैला फैला कर चाटने और चूसने लगता है

सोनू : आह उन्न्नह क्या बात है रोहित आज तो बहुत जोश में मेरी गान्ड और चूत चूस रहे हो

रोहित : अरे रानी जब मैं मोटी मोटी गान्ड और चूत की कल्पना करता हूँ तब ऐसे ही मेरी इच्छा बहुत ज़्यादा गान्ड चाटने की होने लगती है

सोनू : अब समझी तुम अपनी बहन सुधा की मोटी गान्ड सोच सोच कर मेरी गान्ड के पीछे पड़े हो

रोहित : तू सच कहती है सोनू सुधा की गान्ड वाकई बहुत मोटी और गद्देदार हो गई है

सोनू : तो फिर बताओ मारोगे सुधा की गान्ड

रोहित : क्यो सपने दिखाती है सोनू वह मेरी बहन है वह भला मुझसे अपनी गान्ड क्यो मरवाएगी

सोनू : तुम अपनी बीबी को जानते नही हो मैं चाहूं तो तुम्हे मम्मी जी की गदराई और मोटी गान्ड भी दिलवा सकती हूँ

रोहित : सोनू की चूत में जीभ अंदर तक पेलने लगता है और

सोनू सीसीया जाती है आह आह सीईइ सीईइ कितना बढ़िया चाट रहे हो जी यह मम्मी जी की गान्ड नही है ज़रा आराम से चाटो,

रोहित ने फिर बेड से नीचे उतर के सोनू को कुतिया बना दिया और उसकी चूत में लंड पेल कर सटा सट धक्के मारने लगा और सोनू उहह उहह अया स सीयी जैसी आवाज़े निकालने लगी, एक मस्त चुदाई के बाद दोनो नींद की गहराई में पहुच गये

सुबह के 6 बज रहे थे और सुधा की नींद किसी मीठे सपने की वजह से जल्दी खुल गई और उसने देखा उसकी पैंटी पूरी गीली हो रही थी जब उसने अपनी चूत को सहलाया तो उसको एक असीम आनंद की अनुभूति हुई और वह पड़े पड़े अपनी चूत सहलाने लगी, यह पहली दफ़ा था जब उसने अपनी कुँवारी चूत को इतने प्यार से कुरेदा था, उसे बार बार अपनी भाभी की रंगीन बाते याद आ रही थी, ना जाने क्यो उसे भाभी की बाते मन में सोचने पर बहुत मज़ा दे रही थी वह कुछ देर तक ऐसे ही लेटी रही फिर सीधे फ्रेश होकर किचन की ओर बढ़ गई वह जानती थी कि भाभी किचन में काम में लगी होगी

सुधा : गुड मॉर्निंग भाभी

सोनू : मुस्कुरा कर अरे ननद रानी आज तो बहुत जल्दी उठ गई क्या बात है रात को नींद नही आई क्या, सोनू ने बर्तन धोते हुए कहा वह गॅस स्टॅंड के पास के नल में बर्तन धो रही थी और गॅस पर चाइ बन रही थी

सुधा : मुस्कुरा कर नही भाभी ऐसी कोई बात नही है मुझे तो बड़ी अच्छी नींद आई थी, सुधा ने नाइट गाउन उतार कर आदत के अनुसार जीन्स और टीशर्ट पहन लिया था, और सोनू के सामने उसकी टीशर्ट के अंदर बिना ब्रा के दूध किसी बड़े से पपीते के समान दिखाई दे रहे थे,

कुछ देर सुधा खड़ी रही और सोनू बर्तन धोती रही, सुधा की बैचैनि बढ़ रही थी और उसने कहा और भाभी कुछ सुनाए चुप क्यो है सुधा के चेहरे पर हल्की स्माइल थी

सोनू : मुस्कुरकर सुधा को देखती हुई कहने लगी क्या सुनना चाहती हो सुबह सुबह

सुधा : कुछ बताइए आपको तो रात को अच्छी नींद आई होगी

सोनू : बिल्कुल जिसकी रात को तबीयत से ठुकाई होगी उसे नींद तो अच्छी ही आएगी ना

सुधा : हँसते हुए क्या भाभी अब से कहने की देर रहती है और आप शुरू हो जाती है

सोनू : अरे रानी ऐसी ठुकाई तेरी होती तो तू अभी तक बिस्तर से उठ भी नही पाती पर तेरे नसीब में ऐसा मज़ा कहाँ तुझे तो मज़ा लेना भी नही आता मैं तो जब कुँवारी थी तब मेरा तो अपने पपितो को मसलवाने का बड़ा मन करता था और एक तू है जो इतने बड़े बड़े कसे हुए आम लटकाए फिरती है पर किस काम के

सुधा : हँसते हुए तो क्या करूँ भाभी किससे दबवाऊ

सोनू : मुस्कुराते हुए अच्छा जी मतलब अब आपका भी मन दबबाने का होने लगा है

सुधा : आपकी बाते सुन कर तो किसी का भी मन होने लगेगा

सोनू : सुधा को गौर से देखती हुई कहने लगी, सच सच बता क्या सचमुच तेरा मन दबबाने का होता है

सुधा : शरमाते हुए थोड़ा थोड़ा

सोनू : खुस होकर शाबाश अब धीरे धीरे तू लाइन पर आराही है, मेरे साथ रहेगी तो पूरी मस्ती में आ जाएगी और खूब मज़ा करेगी

सुधा : लेकिन भाभी मुझे इन सब कामो से बड़ा डर लगता है

सोनू : पगली इसमे डरना कैसा अगर तू सचमुच मज़ा लेना चाहती है तो जैसा मैं कहूँ वैसा करना होगा

सुधा : मूह उठा कर सोनू को देखती हुई क्या करना होगा भाभी

सोनू : पहले तो तू अंदर पैंटी पहनना बंद कर दे और ब्रा तो तू वैसे भी नही पहनती है सोनू ने सुधा के मोटे दूध को दबोचते हुए कहा और सुधा की कराह निकल गई

सुधा : हँसते हुए कहने लगी भाभी बिना छुए बताओ ना

सोनू : क्यो अभी मैने छुआ तो अच्छा नही लगा क्या

सुधा ; अच्छा लगा लेकिन

सोनू : लेकिन क्या बस ऐसे ही तो मज़ा आता है और जीन्स की बजाय चुस्त लेग्गी और शॉर्ट स्कर्ट पहनना शुरू कर दे फिर देखना तेरी कसी हुई मोटी जांघे जब लेग्गी मे से नज़र आएगी तो पापा जी का भी लंड खड़ा हो जाएगा

सुधा : आप भी ना भाभी पापा जी को तो कम से कम छोड़ दो

सोनू : क्यो पापा जी का खड़ा नही होता है क्या, आज कल तो बुढ्ढो को तेरे जैसी जवान लोंड़िया ही ज़्यादा पागल करती है

सुधा : अचानक कुछ सोचते हुए, अरे भाभी अच्छा याद दिलाया मुझे पापा जी से कुछ सवाल पूछने है फिर वह दुकान पर चले जाएगे मैं एक घंटा उनसे पढ़ लेती हूँ

सोनू : मुस्कुराते हुए ठीक है जा मैं तेरी चाइ वही लेकर आती हूँ____

Page 1 Episode 7

सुधा अपने रूम में जाती है और जाते ही सबसे पहले अपनी जीन्स उतार देती है और अपनी फूली चूत को खूब अच्छे से सहलाती है वह तो पहले ही मूड में थी और सोनू ने उसकी चूत को और भी पानी पानी कर दिया था, तभी उसके मन में आया कि वह लेग्गी पहन कर पढ़ने जाएगी और वह लेग्गी पहन कर पापा के पास पहुच जाती है

मनोहर एक चादर ओढ़े बेड पर तकिया लगा कर लेटा था और नीलम बाहर जा चुकी थी,

सुधा : गुड मॉर्निंग डॅड, सुधा ने अपने डॅड के अग्लो को चूमते हुए कहा,

सुधा के गदराए बदन की मादक महक जैसे ही मनोहर के नथुनो मे भरी उसका लंड अंगड़ाई लेने लगा मनोहर की नज़र सुधा के मोटे मोटे रसीले दूध पर गई जो टीशर्ट फाड़ कर बाहर आने जैसे लग रहे थे उसके बाद मनोहर की नज़रे लेग्गी के उपर से फूली हुई चूत के उभार पर गई तो उसने चादर के अंदर ही अंदर अपने लंड की खाल को नीचे करते हुए अपने टोपे को बाहर की तरफ निकाल लिया और सुधा की मस्त मोटी मोटी जाँघो का साइज़ देख कर मनोहर का लंड विदिन आ सेकेंड फनफना गया

सुधा अपनी मोटी गान्ड को बेड पर रखती हुई मनोहर की कमर के पास बैठ गई और मनोहर ने उसकी मोटी गान्ड का साइज़ देखते हुए अपने लंड को मुट्ठी में दबोच लिया

सुधा : डॅड यह सवाल कल अधूरा रह गया था बता दीजिए ना,

उसका इतना कहना था कि इतने में सोनू अंदर आ गई और चाइ रखते हुए कहने लगी गुडमॉर्निंग पापा और जानबूझ कर सोनू ने साड़ी का पल्लू पापा जी के सामने गिरा दिया और उसके ब्लाउज मे कसे हुए गोरे गोरे दूध मनोहर की आँखो के सामने आ गये

उसका ब्लाउज वैसे भे डीप था और उस पर सोनू के ब्लाउज के दो बटन खुले हुए थे मनोहर का लंड अपनी बहू के मोटे मोटे रसीले दूध को देख कर झटके खाने लगा,

मनोहर : गुडमॉर्निंग बेटा

सोनू : पापा सुधा को आप बस पढ़ाते ही है या ग़लत सवाल करने पर पिटाई भी करते है, मेरे पापा जब पढ़ाते थे तो मुझे बहुत पीटते थे

सुधा : सोनू को घूर कर देखते हुए, भाभी मुझसे तो सब आता है फिर पापा मुझे क्यो मारेंगे

सोनू : पापा पिटाई लगाने पर बच्चो को जल्दी याद हो जाता है यह कहते हुए सोनू हँसने लगी

मनोहर : वैसे सोनू ठीक कह रही है, थोड़ी बहुत पिटाई मुझे भी सुधा की करनी ही पड़ेगी और मनोहर ने सुधा की पीठ पर हल्के से हाथ मार दिया और सोनू और सुधा मुस्कुराने लगी और मनोहर भी हँसने लगा, जब सोनू अपनी मोटी गान्ड मटकाते हुए जाने लगी तो मनोहर उसकी मस्त मादक मस्तानी गान्ड के उपर नीचे होते चुतड़ों को देखने लगा और सुधा ने अपने पापा की नज़रो को देख लिया और उसकी धड़कने इस नज़ारे को देख कर बढ़ सी गई थी, अभी मनोहर की नज़रे सोनू की गान्ड पर ही थी कि सोनू ने दरवाजे तक पहुचते हुए पलट कर देखा और मनोहर को अपनी गान्ड को घूरते हुए पकड़ लिया लेकिन मनोहर भी बड़ा कमीना था उसने ज़रा भी नज़रे नही हटाई और सोनू एक कातिल मुस्कान देते हुए बाहर चली गई,

उसकी मुस्कान देख कर मनोहर बहुत खुश हो गया और बैठते हुए सुधा की लेग्गी के उपर से उसकी मखमली मोटी जाँघो को दबाते हुए कहने लगा हाँ बेटा अब बताओ कौन सा सवाल नही आ रहा है तुम्हे, मनोहर की नीयत को समझते हुए सुधा को बड़ा अजीब फील हो रहा था लेकिन ना जाने क्यो उसे मज़ा भी आ रहा था और उसकी चूत फूलने लगी थी, वह पैंटी पहले ही उतार कर आई थी इसलिए उसे और भी मज़ा आ रहा था, मनोहर का हाथ उसकी जाँघो पर रखा हुआ था और उसका चेहरा लाल हो रहा था, मनोहर उसकी बुक में देखते हुए उसे समझने लगा लेकिन सुधा का मन नही लग रहा था,

मनोहर ने पूछा आया समझ मे तब सुधा ने कहा हाँ पापा, तब मनोहर ने टेस्ट लेते हुए पूछा अच्छा तो बताओ यह संख्या कैसे आई, सुधा एक दम से चुप रह गई

मनोहर : सुधा की कमर में हाथ से हल्के से मारते हुए कहने लगा सोनू ठीक कह रही थी लगता है सच मुच तुम्हारी पिटाई करनी पड़ेगी इतना अच्छे से बताने पर भी तुम्हे समझ नही आया

सुधा : हँसते हुए पापा आपकी चाइ ठंडी हो रही है

मनोहर : हँसते हुए एक चुस्की लेता है और कहता है अभी तो काफ़ी गरम है और उसकी नज़र सुधा के मोटे मोटे दूध को देखने लगती है सुधा का मूह बुक की ओर था लेकिन उसे अपने पापा की नज़रे अपने मोटे मोटे दूध पर चुभती हुई साफ महसूस हो रही थी, कुछ देर बाद सुधा सवाल समझ कर बाहर चली जाती है और सामने उसे किचन में सोनू दिखाई देती है और वह सीधे मुस्कुराती हुई सोनू के पास पहुच जाती है,

सुधा: हँसते हुए, भाभी आप बड़ी खराब है पापा से मेरी पिटाई करवाना चाहती है

सोनू : हँसते हुए, अरे मैं तेरी पिटाई नही मैं तो तेरी ठुकाई करवाना चाहती हूँ, और मैं क्या चाहूँगी, मुझे तो लगता है पापा खुद तेरी ठुकाई करना चाहते है,

सुधा : धीमी आवाज़ में चुप करो भाभी कोई सुन लेगा तो क्या सोचेगा

सोनू : क्यो तुझे नही लगता कि पापा तुझे ठोकना चाहते है, इस बार सोनू ने दबी आवाज़ मे कहा

सुधा : मुस्कराते हुए, रहने दो भाभी मुझे तो लगता है पापा आपको ठोकना चाहते है तभी तो..........सुधा यह कहते कहते रुक गई

सोनू : बोल बोल आगे बोल तभी तो क्या

सुधा : तभी तो पापा आपके पीछे देख रहे थे,

सोनू : साफ साफ बोल आगे पीछे क्या लगा रखा है, साफ क्यो नही कहती कि पापा मेरी तंदुरुस्त मटकती गान्ड को घूर रहे थे

सुधा : हाँ वही

सोनू : अच्छा भली तो इतनी बनती है जैसे पापा तेरी गान्ड को ना देखते हो

सुधा : मूह बनाते हुए मेरी क्यो देखेंगे

सोनू : क्यो तेरी गान्ड मोटी नही है क्या, मेरी तो मरा मरा कर मोटी हो गई है पर तेरी तो बिना मराए ही इतनी मोटी हो रही है जब तेरी इस गान्ड की तबीयत से ठुकाई होगी तब ना जाने यह कितनी मोटी हो जाएगी, सोनू ने सुधा के मोटे चुतड़ों को दबोचते हुए कहा,

सुधा : आह भाभी क्या कर रही हो

सोनू : अपनी ननद के चुतड़ों का साइज़ देख रही हूँ और क्या

सुधा : भाभी एक बात कहूँ

सोनू : क्या

भाभी मैं नही जानती थी कि पापा की इतनी गंदी नज़रे है

सोनू : अरे मैने तो तुझे पहले ही कहा था कि बुढ्ढो को जवान लोंड़िया ही चोदने को चाहिए होती है इसी लिए तो तेरी और मेरी गान्ड के पीछे पड़े है, देखा नही तूने कैसे मेरी गान्ड को खा जाने वाली नज़रो से देख रहे थे,

सुधा : हाँ भाभी और मेरे भी ..................

सोनू : क्या तेरे भी..

सुधा : कुछ नही हँसते हुए

सोनू : अरे बता ना ऐसी बातों मे ही तो मज़ा मिलता है मुझसे क्या शरमाती है हम दोनो तो बहन जैसी है मैं जब तुझसे सब बाते बता देती हूँ तो फिर तू मुझसे परदा ना किया कर____

Page 1 Episode 8

सुधा : भाभी पापा कुछ दिनो से मेरे दूध को बहुत देखते है

सोनू : मैं जानती हूँ उनका मन तेरे मोटे मोटे दूध दबाने का बहुत करता होगा, तू नही जानती जब वह तेरे दूध को देखते होंगे तब लूँगी के अंदर उनका लंड ज़रूर खड़ा रहता होगा

सुधा : हँसते हुए मुझे क्या पता

सोनू : तू देखने की कोशिश किया कर अगर तूने लूँगी में उनका खड़ा लंड देख लिया तो तुझे बड़ा मज़ा आएगा

सुधा : नही भाभी मैं भला कैसे देख सकती हूँ वह मेरे पापा है

सोनू : अरे पगली देखने में क्या जाता है आज कल तो सब एक दूसरे के अंगो को देख देख कर मज़ा लेते है तूने देखा ना पापा कैसे मेरी गान्ड और तेरे मोटे दूध को देख कर कैसे मज़ा लेते है, तू मोका देगी तो तेरे दूध दबा भी देंगे

सुधा : हँसते हुए तुम भी ना भाभी बड़ी चालू हो

सोनू : तेरे पापा से तो कम ही चालू हूँ, तभी वहाँ नीलम आ जाती है जिसके हाथ मे छत मे सुखाए हुए कपड़े थे और वह सोनू से कहती है आज तो हमे मार्केट चलना था ना तब सोनू कहती है जी मम्मी मैं तैयार हो जाती हूँ आप भी हो जाओ,

नीलम मुस्कुराते हुए कपड़े लेकर अपने रूम की ओर जाने लगती है तब सुधा और सोनू दोनो नीलम की जीन्स में उठी हुई मोटी गुदाज गान्ड की ओर देखने लगती है और सोनू कहती है देख सुधा तेरे पापा ने मम्मी जी की गान्ड मार मार कर कितनी चौड़ी कर दी है मम्मी जी की गान्ड देख कर ही अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि पापा जी का लंड कितना मोटा और बड़ा होगा,

सुधा : हँसते हुए चुप करो भाभी

सोनू : मुस्कुराते हुए, सच सुधा जब तू गान्ड मरवा लेगी ना तो तेरे भी चूतड़ मम्मी जी की ही तरह मोटे मोटे हो जाएगे,

दोनो की बाते जारी रहती है और उधर नीलम धुले हुए कपड़े लेकर अपने रूम मे जाकर उन्हे घड़ी कर कर के आल्मिरा मे रखने लगती है, तभी मनोहर नीलम के पीछे जाकर अपने खड़े लंड को नीलम की मोटी गान्ड से घिसने लगता है और हाथ आगे लेजा कर नीलम के मोटे मोटे दूध को दबोचने लगता है

नीलम : क्या बात है जी सुबह से ही मस्ती चढ़ि हुई है

मनोहर : क्या करूँ रानी मोटी मोटी गान्ड और बड़े बड़े दूध मेरी कमज़ोरी है इन्हे देखते ही मेरा लंड अपनी औकात मे आ जाता है, तभी मनोहर की नज़र एक गुलाभी कलर की छीनी सी पैंटी पर पड़ती है जिसमे सिर्फ़ चूत की जगह पर कपड़ा होता है बाकी सभी जगह लेस लगी होती है, फिर नीलम एक वाइट कलर की पैंटी रखने लगती है वह भी लेस वाली झीनी सी पैंटी होती है,

मनोहर : अरे वाह नीलम यह लेस वाली सेक्सी सी पैंटी किसकी है

नीलम : मुस्कुराते हुए कहती है यह पिंक वाली सुधा की है और यह वाइट वाली बहू की

यह सुनते ही मनोहर का लंड और भी हार्ड हो जाता है और वह पूछता है कि सुधा और बहू इतनी सेक्सी और लेस वाली पैंटी पहनती है

नीलम : तो क्या मैं अपनी प्यारी बेटी और बहू को हल्के कपड़े पहनाउन्गी, आख़िर तुम कमाते किसके लिए हो

मनोहर : मैं कहाँ मना कर रहा हू डार्लिंग तुम कहो तो मैं अपनी बेटी और बहू के लिए एक से एक इंपॉर्टेंट ब्रा और पैंटी ला कर दे दूं

नीलम : ब्रा की तो ज़रूरत ही नही है सुधा और सोनू ना जाने क्यो ब्रा पहनने मे अनकंफर्ट फील करती है,

मनोहर : अपने लंड को नीलम की गान्ड मे दबाते हुए, कहने लगा उन दोनो के दूध कुछ ज़्यादा ही बड़े बड़े और मोटे है इसलिए उनके दूध आज कल की ब्रा में समाते ही नही होंगे

नीलम : चलो जी तुम्हारी तो आज कल अपनी बेटी और बहू के गदराए बदन पर ही निगाहे लगी रहती है, अब हटो भी मैं और सोनू ज़रा मार्केट हो कर आते है और फिर नीलम ने अपनी जीन्स उतार दी और उसकी मोटी गोरी गान्ड और सुडोल मोटी मोटी जांघे पूरी नंगी हो गई और मनोहर जाँघो को चूमते हुए नीलम के भारी चुतड़ों को दबोचने लगा

नीलम हटिए ना दरवाजा खुला है कोई आ ना जाए मुझे कपड़े पहनने दीजिए, उसका इतना कहना था कि रोहित अंदर आ गया और जैसे ही उसकी नज़र सामने पड़ी उसके तो होश उड़ गये उसके पापा उसकी माँ की चूत में मूह लगाए दोनो हाथों से उसकी मम्मी की मोटी गान्ड को फैला रहे थे और दबोच रहे थे और नीलम अपने हाथ मे लेग्गी लिए खड़ी थी, यह सब इतनी जल्दी हुआ कि मनोहर का ध्यान तो रोहित पर नही गया पर रोहित और नीलम की नज़रे 5 से 10 सेकेंड के लिए एक दूसरे से मिल गई और रोहित ने कुछ देर तक खड़े खड़े अपनी मम्मी की भारी भरकम नंगी जवानी को अपनी आँखो से देखा और फिर बिना कुछ कहे चुपचाप वापस बाहर निकल गया और मनोहर को एहसास भी नही हुआ कि उसका बेटा अंदर आ कर अपनी माँ को पूरी नंगी देख कर जा चुका है, नीलम को कुछ देर तक तो कुछ भी नही सूझा लेकिन फिर ना जाने क्यो उसे बड़ा अच्छा फील हुआ और उसने मनोहर के सर को पकड़ कर अपनी चूत मे कस कर दबा दिया

मनोहर : क्या हुआ अभी तो मना कर रही थी अब मस्ती कैसे चढ़ने लगी,

नीलम : अरे मैं तो इसलिए मना कर रही थी कि दरवाजा खुला है कहीं रोहित अंदर आ गया और उसने अपनी मम्मी को पूरी नंगी देख लिया तो

मनोहर : नीलम की चिकनी चूत को चूमते हुए कहने लगा तो क्या हुआ अगर उसने अपनी मम्मी को नंगी देख लिया तो वह भी आकर अपनी मम्मी की गदराई जवानी का रस पी लेगा और क्या

नीलम : मनोहर की बातों से मस्ती से भर चुकी थी उसकी चूत को मनोहर चूम रहा था लेकिन मनोहर की बाते सुनते हुए उसे ऐसा लगने लगा जैसे उसका बेटा रोहित उसकी मोटी गान्ड को मसल्ते हुए उसकी चिकनी और नंगी चूत को अपने मूह से चूम रहा हो

नीलम : मनोहर की बात को सुन कर, अच्छा जी अपने पापा के सामने आपका बेटा अपनी मम्मी की नंगी गदराई जवानी का रस पिएगा तो आपको बुरा नही लगेगा

मनोहर : अरे तो क्या हुआ उसको भी पता चल जाएगा कि उसकी माँ कितनी गदराया हुआ मस्त चोदने लायक माल है,

नीलम : रहने दो जी मेरा बेटा ऐसा नही है कि अपनी मम्मी पर ही नज़र रखे

मनोहर : अरे तुम नही जानती आज कल के लोंडो को आज कल के लड़के सबसे पहले अपनी मम्मी की मोटी गान्ड को देख देख कर मूठ मारना शुरू करते है, और फिर तेरी गान्ड तो इतनी गदराई है कि रोहित भी____

Page 1 Episode 9

नीलम : आह आह सी स ओह हटो भी नही तो मैं तुम्हारे मुँह मे ही मूत दूँगी और नीलम ने मनोहर के सर को दूर किया तब कही जाकर मनोहर खड़ा हुआ और फिर नीलम ने एक चुस्त लेग्गी पहन ली और उपर एक डीप गले वाला कुर्ता पहन लिया उसका कुर्ता उसकी कमर से थोड़ा ही नीचे था और उसकी मोटी गान्ड बहुत चौड़ी होकर उपर को उभर आई थी दूध उसके कुर्ते से आधे से ज़्यादा बाहर को निकल रहे थे और वह तैयार होकर बाहर आ गई तब उसे सामने सोनू खड़ी नज़र आई उसने साड़ी पहनी हुई थी

नीलम : उसके कपड़े देखते हुए अरे बहू तू भी लेग्गी या जीन्स पहन ले यह साड़ी में अच्छी नही दिख रही है तभी पीछे से मनोहर आ गया और कहने लगा बेटी हमने तुझमे और सुधा में कभी कोई अंतर नही समझा इसलिए तुम बहू बनकर नही हमारी बेटी बनकर खुल कर अपने अंदाज मे रहा करो तुम्हे किसी बात की कोई परवाह करने की ज़रूरत नही है जाओ मस्त जीन्स और टॉप पहन कर आओ जिसमे तुम और भी ज़्यादा खूबसूरत लगो,

सोनू ने मनोहर की कामुक नज़रो को पढ़ लिया था और उसने मोका अच्छा देखा और वह सीधे मनोहर के सीने से कस कर चिपक गई और कहने लगी ओह पापा आप कितने अच्छे है आज मुझे अपने पापा की याद आ गई सच मुच मे कितनी ख़ुसनसीब हूँ कि मुझे ससुर के रूप मे पापा मिल गये जिन्हे मेरा कितना ख्याल रहता है,

सोनू की इस हरकत ने तो मनोहर के लंड को तुरंत तंबू बना दिया और मनोहर ने भी मोका देखते हुए सोनू के भारी भरकम चुतड़ों को दबाते हुए उनकी मोटाई का जायज़ा लिया और जब उसका हाथ अपनी बहू के प्लुम्पेर चुतड़ों पर पड़े तो वह पागल हो गया उसकी बहू की भीनी भीनी खुश्बू और मोटे मोटे दूध का उसकी छाती से कस कर दबे होना और अपने दोनो हाथो मे अपनी बहुत के सुडोल मोटे मोटे चुतड़ों को दबोचने की इस दशा ने उसे पागल कर दिया था आज पहली बार उसने अपनी बहू के मस्त गदराए बदन को दबोच कर आनंद लिया था सोनू को भी पापा के गतीले बदन और उसकी चूत के उपर पापा के खड़े लंड की चुभन ने पानी पानी कर दिया था सोनू के चुतड़ों को जब पापा ने अपने हाथों मे भर कर दबोचा था तब उसकी चूत की फांके अपने आप फैलने लगी थी,

फिर वह दोनो अलग हुए और सोनू ने कहा मम्मी मैं अभी चेंज करके आती हूँ और वह फुदक कर अपने रूम मे चली गई, तभी रोहित बाहर आया और उसकी नज़र जब अपनी माँ की गदराई जाँघो पर पड़ी जो लेग्गी के बादामी कपड़े मे नंगी सी नज़र आ रही थी तो वह देखता ही रह गया और जब उसकी नज़र अपनी मम्मी के मोटे मोटे चुतड़ों पर गई तो उसकी साँसे तेज हो गई लेकिन तभी दूसरी और से सुधा आ गई और उसने रोहित का हाथ पकड़ते हुए कहा भैया आप मुझे बाइक चलाना सिखाने वाले थे प्लीज़ चलो ना आज हमारे पास टाइम ही टाइम है

तब रोहित ने कहा अच्छा ठीक है जा मेरे लिए चाइ बना ला फिर हम चलते है, तभी मनोहर बोला बेटा मेरे लिए भी बना लेना तेरी मम्मी और भाभी तो शॉपिंग करने जा रही है उनके लिए मत बनाना उसके बाद जब सोनू जीन्स और टॉप पहन कर आई तो मनोहर अपने मुँह का थूक गटकता हुआ उसे देखता ही रह गया और सोनू ने मनोहर से अपनी सास के सामने ही पूछा पापा मैं कैसी लग रही हूँ तब मनोहर ने उसकी गदराई जवानी पर एक नज़र मारते हुए कहा एक दम मस्त लग रही हो बेटी बस फिर क्या था नीलम ने सोनू का हाथ थामा और दोनो बाहर की ओर जाने लगे, रोहित भी वही खड़ा था

जब दोनो जाने लगी तब मनोहर सोनू की गदराई मोटी गान्ड को देख देख कर पसीने पसीने हो रहा था और रोहित अपनी मम्मी नीलम की भारी भरकम मोटी गान्ड को देख देख कर पानी पानी हो रहा था, उधर किचन की खिड़की से सुधा अपने पापा और भाई को अपनी मम्मी और भाभी के भारी चुतड़ों को किसी पागल कुत्ते की तरह खा जाने वाली नज़रो से देखते हुए अपनी चूत को उपर से ही सहलाने पर मजबूर हो गई थी.

नीलम : अब बता कहाँ ले जाने वाली है मुझे

सोनू : मम्मी आज आप कमाल लग रही हो आपकी मोटी गान्ड देख देख कर देखिए कैसे लोगो की निगाहे रुकने का नाम ही नही ले रही है

नीलम : मुस्कुरा कर इधर उधर लोगो की नज़रे देखती है फिर कहती है क्या मैं सचमुच बहुत मस्त दिख रही हूँ

सोनू : देखो ना मम्मी कैसे लोग आपके दूध और गान्ड को खा जाने वाली नज़रो से देख रहे है

नीलम : तेरे भी तो चूतड़ कितने बड़े बड़े नज़र आ रहे है जीन्स मे, तू भी ऐसे ही कपड़े पहना कर घर मे कहाँ तू साड़ी ब्लाउज के चक्कर में रहती है

सोनू : अब आप कहती है तो पहना करूँगी

नीलम : अब बता भी कहाँ चलना है

सोनू : मम्मी इस चौराहे से पहले हम सिटी बस पकड़ेंगे देखना सिटी बस मे कितनी भीड़ रहेगी फिर देखना आपको कैसे पीछे से दबोचेंगे लोग

नीलम ने देखा कि बुढ्ढे ने तो सोनू के बस मे चढ़ने के लिए उसकी गान्ड को पूरी तरह हाथो मे भर कर दबाते हुए अंदर धकेल दिया सोनू को उपर चढ़ने के लिए ज़रा भी ज़ोर नही लगाना पड़ा

तभी नीलम ने पीछे देखा दो पीजी स्टूडेंट अपने लंड को नीलम की मोटी गान्ड से सटाये हुए बस मे चढ़ने लगे नीलम ने जैसे ही एक पेर बस मे रखा एक स्टूडेंट ने तो नीलम की जाँघो की जड़ो मे अपना हाथ भर दिया और नीलम की पूरी चूत को अपनी हथेली मे भरते हुए दबोच लिया तभी दूसरे स्टूडेंट ने नीलम के मोटे मोटे चुतड़ों को दोनो हाथों मे भर कर दबाया और नीलम जैसे ही बस मे चढ़ि दोनो स्टूडेंट उसकी गान्ड से चिपक गये,

नीलम का चेहरा लाल हो गया था और उसकी बुर रिसरिसाने लगी थी, उसने जब सोनू की तरफ देखा तो वह बूढ़ा सोनू की मोटी गान्ड के पीछे बिल्कुल सट कर खड़ा हुआ था और एक दूसरा आदमी सोनू के आगे से उसके मोटे मोटे दूध से अपनी बाँहे सटा कर खड़ा था उसने बस के पोल को पकड़ा हुआ था लेकिन उस आदमी के हाथ का सारा दबाव सोनू के मोटे मोटे दूध पर लगा हुआ था, नीलम भी थोड़ा बीच में आ चुकी थी और वह महसूस कर रही थी कि किसी का हाथ उसकी जाँघो की मोटाई को नाप रहा है तभी उसने एक साथ दो हाथो को अपनी मोटी गदराई गान्ड पर महसूस किया बस चलने लगी और जैसे ही कोई ब्रकर आता नीलम की गान्ड पर उन हाथो का दबाव बढ़ जाता था,

नीलम मस्ती में पागल हुई जा रही थी उसका चेहरा पूरा लाल हो गया था और जब उसने बहू को देखा तो बहू का चेहरा भी लाल पड़ा हुआ था वह देख रही थी कि वह बुड्ढ़ा बहू की मोटी गान्ड को अपने पाजामे के अंदर खड़े लंड से दबा रहा था, तभी नीलम के तो जैसे होश उड़ गये उसने सिर्फ़ लेग्गी पहनी थी और कोई हाथ साइड से आया और नीलम की लेग्गी में फूली हुई चिकनी चूत को अपनी हथेली में भर कर कस कर दबोच लिया नीलम के मुँह से आह जैसी सिसकारी निकल गई और उसकी आँखे बंद हो गई जब सोनू ने नीलम को देखा तो वह समझ गई कि मम्मी जी की चूत या गान्ड को किसी ने दबोच लिया है इसी लिए मज़े से उनकी आँखे बंद हो गई तभी नीलम ने अपनी आँखे खोल कर सोनू को देखा तो सोनू ने नीलम की ओर स्माइल दी और नीलम ने भी स्माइल पास की तब सोनू ने अपनी माथे की लकीरे उचकाते हुए नीलम से इशारे से पूछा कैसा फील हो रहा है तो नीलम का चेहरा खिल उठा और लाल पड़ गया तभी सोनू के चेहरे पर मज़े वाले एक्सप्रेशन आ गये और नीलम समझ गई कि जिस तरह उसकी गान्ड और चूत को लोग दबोच रहे है उसी तरह वह बूढ़ा भी सोनू की गान्ड और चूत को खूब दबोच रहा होगा,

तभी एक स्टूडेंट ने यह अंदाज़ा लगा लिया था कि नीलम ने अंदर पैंटी नही पहनी है और उसने अपनी जेब से पेन निकाला और धीरे से नीलम की गान्ड में फसि लेग्गी की सिलाई के एक दो टाँके उधेड़ दिए और फिर नीलम को जो एहसास हुआ उससे उसकी चूत पूरी पानी पानी हो गई, उस स्टूडेंट ने अपनी एक उंगली उस उधड़ी हुई जगह से अंदर की तरफ पेलते हुए सिलाई को और खोल दिया और उसकी उंगली सीधी नीलम की गान्ड के होल याने गुदा से जाकर टकराई तो नीलम के तो होश ही उड़ गये, जब उस लड़के ने अपनी उंगली थोड़ी और दबाई तो उसकी उंगली नीलम के पसीने से भीगी गुदा में घुस गई और नीलम के मुँह से एक गहरी सिसकारी निकल पड़ी, नीलम ने मज़े के मारे अपनी आँखे बंद कर ली और वह लड़का रेस्पॉन्स पाकर पागल हो गया और उसने इस बार अपनी उंगली बाहर निकाल ली और अपनी नाक से सूंघते हुए वह भी पागल हो गया और उसने अपनी उंगली को पूरी अपने मुँह में डाल कर अपने थूक से भिगो ली और फिर उसने उंगली को नीलम की फटी लेग्गी से जब अंदर पेला तो नीलम के मुँह से इस बार जोरदार सिसकारी निकली और उस लड़के की पूरी उंगली नीलम की मोटी गान्ड में समा गई , नीलम उसके इस प्रहार से दोहरी हो गई अब वह लड़का अपनी उंगली को नीलम की गान्ड में कस कर दबा रहा था और नीलम अपनी आँखे बंद किए हुए खड़ी थी, सोनू ने देखा तो वह समझ गई कि सासू जी कुछ ज़्यादा ही आनंद पा रही है तभी आँखे बंद किए हुए मज़ा ले रही है,

अब उस लड़के ने अपनी उंगली बाहर निकाली और उसे सूंघने लगा और वह नीलम की गान्ड की मादक महक सूंघ कर बोखला गया और नीलम खड़ी खड़ी राहत की सांस ले रही थी लेकिन तभी उस लड़के ने इस बार अपनी दो उंगलियो को मुँह में डाल कर पूरा थूक में गीला किया और फिर नीलम की मोटी गान्ड में एक साथ दो उंगलिया जड़ तक भर दी और उसके इस प्रहार से नीलम ने इतनी तेज आवाज़ निकली कि पास खड़े हुए आदमी ने पूछ ही लिया कि क्या हुआ बहन जी उसने जैसे ही पुच्छा उस लड़के ने डर के मारे अपनी उंगली फिर से बाहर निकाल ली तब नीलम ने कहा कुछ नही भाई साहब किसी का पेर मेरे पेर पर पड़ गया था, उस आदमी ने कहा क्या करे बहन जी ये बस वाले भी अनब सनब भर लेते है खड़े होने तक की भी जगह नही होती है, उस लड़के ने जब यह बात सुनी तो उसका होसला और बढ़ गया इस बार उसने अपनी उंगली को नीलम की गान्ड से लगा कर धीरे धीरे अंदर की और दबाना शुरू किया ताकि नीलम को एक दम से दर्द ना हो और वा आवाज़ ना करे,

उसकी उंगली जैसे ही अंदर घुसी नीलम ने अपनी आहे दबाते हुए अपने मुँह पर हाथ रख लिया और चुपचाप खड़ी रही अब वह लड़का धीरे धीरे बड़े प्यार से नीलम की गान्ड में उंगली अंदर बाहर करने लगा नीलम को अब खूब मज़ा आने लगा उसका मन कर रहा था की वह ज़ोर ज़ोर से सिसकारी मारे लेकिन लोगो के डर से वह मुँह दबाए मज़े ले रही थी अब उसकी गान्ड खुद ब खुद पीछे की ओर उठने लगी और उस लड़के ने भी अपनी पूरी ताक़त से उसकी गान्ड में उंगली अंदर बाहर करने लगा जब वह उंगली बाहर खिचता तो ध्यान रखता कि उंगली पूरी नीलम की गान्ड से बाहर ना आए और जब वह अंदर पेलता तो पूरी ताक़त से नीलम की गान्ड की जड़ो तक उंगली घुसाने की कोशिश करता और जब वह गान्ड में उंगली अंदर की तरफ पेलता तो नीलम भी अपनी ,मोटी गान्ड का धक्का गान्ड उभार कर पीछे की ओर मारती,____

Page 2 Episode 1

कुछ ही देर हुई थी कि नीलम की चूत फुदकने लगी उसे उंगली से अपनी गान्ड मरवाने में असीम आनंद की प्राप्ति हो रही थी वह पागल हुई जा रही थी और फिर उसकी चूत जैसे ही मूतने के करीब पहुचि बस के ब्रेक ज़ोर से लगे और उस लड़के के किसी दोस्त ने उसे आवाज़ दी ओये अमन चल स्टॉप आ गया और नीलम के कान में जब यह आवाज़ गई तभी उसकी गान्ड से सट से दोनो उंगलिया बाहर हो गई, नीलम गहरी साँसे लेती हुई खड़ी रह गई और बस फिर चल पड़ी, तब जाकर नीलम ने आँखे खोल कर अपने पीछे देखा जहाँ अब काफ़ी जगह हो चुकी थी और वह उस लड़के की शकल भी नही देख पाई जिसने आज खड़े खड़े बस में ही उसकी गान्ड तबीयत से अपनी उंगलियो से मारी थी, उसके पास सोनू भी आ चुकी थी और सोनू ने धीरे से पास आकर पूछा मम्मी आप ठीक तो है

नीलम ने सोनू की बात का जवाब मुस्कुरा कर दिया और उसके चेहरे की लाली बता रही थी कि उसे बहुत ज़्यादा मज़ा आया था फिर भी सोनू ने छेड़ते हुए पूछा मम्मी क्या खूब मज़ा आया था, तब नीलम ने फिर एक स्माइल दी और एक बार फिर बस के ब्रेक जोरो से लगे और नीलम ने कहा मम्मी यही उतरते है यह सबसे ज़्यादा भीड़ वाला इलाक़ा है यहाँ कपड़े भी बड़े अच्छे मिलते है और सब्जिया भी यहीं से मिल जाएगी,

दोनो उतर कर मार्केट में चलने लगी, नीलम चलते चलते अपने हाथ से अपनी गान्ड के क्रॅक को सहला रही थी तब सोनू की नज़र पड़ी और उसने पूछा क्या हुआ मम्मी कुछ प्राब्लम है क्या

नीलम बताने में शरमा रही थी तब सोनू ने बोला बोलिए ना मम्मी क्या बात है

नीलम : बहू किसी ने मेरी लेग्गी में पीछे से छेद कर दिया है यह सुनते ही सोनू का मुँह खुला का खुला ही रह गया और उसने पीछे देखा तो सचमुच नीलम की गान्ड के क्रॅक वाले हिस्से पर दो उंगलियो के बराबर छेद था, सोनू ने मुस्कुराते हुए कहा कोई बात नही मम्मी छेद ज़्यादा बड़ा नही है बड़े गौर से देखने पर ही नज़र आता है ऐसे नज़र नही आ रहा है पर यह छेद हुआ कैसे, सोनू की आँखो में शरारत थी, नीलम ने भी मुस्कुराते हुए सोनू के गालो को खिचते हुए कहा सब तेरे कारण हुआ है, सोनू ने कहा मेरे कारण क्यो, तब नीलम ने कहा तू ही मुझे मज़े कराने लाई थी ना अब देख किसी ने मेरी लेग्गी फाड़ कर अपनी दो दो उंगलिया मेरी गान्ड में पेल दी और तबीयत से मेरी गान्ड मारी अभी तक उसकी मोटी उंगलियो का एहसास हो रहा है मुझे,

सोनू नीलम की बात सुन कर उसका गाल चूम लेती है और कहती है मैं तो पहले ही समझ गई थी मम्मी की आपको बस में बहुत मज़ा आया है,

नीलम ने हँसते हुए कहा तूने भी तो मज़े किए है कैसे वह बुढ्ढा तेरी मोटी गान्ड में लंड चुबा रहा था, तेरा भी पानी छुट गया होगा ना, तब सोनू ने हँसते हुए कहा इसका मतलब आपका पानी भी छूट गया था और फिर दोनो खिलखिला कर हँस पड़ी और एक गारमेंट्स की दुकान में चली गई,

सोनू : मम्मी आप को कुछ कपड़े लेना है क्या

नीलम : में सोच रही हूँ बढ़िया सी पैंटी तेरे लिए और सुधा के लिए ले लूँ

सोनू : पर मेरे पास तो पैंटी है

नीलम : अरे वो तो ठीक है पर तू नही जानती आज तेरे पापा ने तेरी और सुधा की पैंटी जब में कपड़े आल्मिरा में रख रही थी तब देखी और कहने लगे इस तरह की लेस वाली स्पेशल पैंटी किसकी है

सोनू : अपने मुँह पर हाथ रख कर हे राम फिर

नीलम : सोनू के मुँह के एक्सप्रेशन देख कर खुश होती हुई कहने लगी फिर क्या मैने उन्हे बताया कि यह पिंक वाली सुधा की है और यह वाइट वाली बहू की तब कहने लगे मेरी बहू और बेटी के लिए इतनी सस्ते कपड़े लेकर आती हूँ उन्हे अच्छी इंपॉर्टेंट पैंटी दिलवा दो पैसे मुझसे ले लिया करो, आख़िर में कमाता किसके लिए हूँ

सोनू : मम्मी आप भी ना आपने पापा को क्यो बताया कि वह मेरी पैंटी है मुझे कितनी शरम आएगी उनके सामने

नीलम : अरे इसमे शरमाने की क्या बात है आज कल तो सब माँ बाप जानते है कि उनकी बहू और बेटी किस रंग की और कैसी ब्रा और पैंटी पहनती है, वैसे भी तुझे कौन सा अपने पापा के सामने पैंटी पहन कर जाना है जो तुझे शरम आएगी

सोनू : सकपकाते हुए नही मेरा मतलब वह नही था

नीलम : सोनू के चेहरे को पढ़ते हुए समझ रही थी कि बहू को मज़ा आ रहा है, तब नीलम ने कहा वैसे तेरे पापा को भी तू कम ना समझ बड़े रंगीन मिज़ाज है और उनके सामने जवान लड़कियो की या तेरी उमर की औरतो की बाते करो तो उनका लंड बड़ा जल्दी खड़ा हो जाता है,

सोनू बनावटी शरमाने का नाटक करते हुए कहने लगी मम्मी अब कम से कम मेरे सामने तो पापा के लंड की बात ना करो

नीलम : क्यो क्या रोहित का लंड खूब मोटा और मस्त है जो तू दूसरे के लंड की बात सुनना ही नही चाहती

सोनू : अरे मम्मी उनका लंड तो बड़ा मस्त और खूब मोटा है जब वह मुझे चोदते है तो जन्नत नज़र आने लगती है, सोनू देख रही थी कि मम्मी जी की आँखे अपने बेटे रोहित के लंड की तारीफ सुन कर चमकने लगी थी इसीलिए सोनू ने मन में कहा तू फिकर ना कर कुतिया एक दिन तेरी मोटी गान्ड में तेरे बेटे का मस्त काला और मोटा लंड ना पेलवाया तो मेरा नाम सोनू नही

नीलम : फिर तो तू उससे रोज चुदवाती होगी

सोनू : हाँ चुदवाती तो हूँ पर वह मेरी गान्ड मारते हुए अक्सर कहते है कि उन्हे बड़ी गान्ड वाली औरते ज़्यादा अच्छी लगती है

नीलम : सोनू को आश्चर्य से देखते हुए, लेकिन बहू तेरी गान्ड कितनी तो मोटी है

सोनू : अरे अब बेटा किसका है उन्हे आपकी गान्ड के बराबर गान्ड वाली औरतो को चोदने का ज़्यादा मन करता है

नीलम : दोनो बाप बेटों का फ्लेवर अलग अलग है

सोनू : वह क्यो

नीलम : तेरे पापा जब मुझे चोदते है तो कहते है उन्हे कोई 20-25 साल की लोंड़िया को चोदने का बड़ा मन करता है और रोहित को बड़ी उमर की औरतो को चोदने का मन करता है

सोनू : मम्मी आज कल ऐसा ही होता है बड़ी उमर के आदमी को जवान अपनी बेटी की उमर की लोंड़िया चोदने के लिए चाहिए और जवान लड़को को अपनी माँ की उमर की औरतो को चोदने का ज़्यादा मन करता है, अब आपका और मेरा ही हाल देख लीजिए आपका मन करता है कि आपको अपने बेटे की उमर के मस्त लंड वाले लोंडे से चुदने को मिले और मेरा मन करता है कि ..................

नीलम : मुस्कुराते हुए... रुक क्यो गई बोल तेरा मन क्या करता है यही ना कि तुझे पापा की उमर का कोई आदमी पूरी नंगी करके खूब तबीयत से चोदे,

सोनू : मुस्कुराते हुए पहले आप बताओ आपका मन रोहित की उमर जितने लड़के से चुदने का करता है ना

नीलम : थोड़ा मुस्कुराते हुए हाँ करता है अब तू बता तेरा मन अपने पापा की उमर के आदमी से चुदने का करता है ना,

तब सोनू ने कहा मम्मी आप सब जानती है फिर क्यो पूछ रही है

नीलम : अच्छा सुन तू बता रही थी कि तेरी आंटी ऐसे ही मार्केट में लोगो से अपनी गान्ड और दूध दबबा कर मज़े लेती थी, लेकिन बहू इतना भर करने से तो तन की आग नही बुझती फिर वह कैसे रहती होगी

सोनू : अब क्या बताऊ मम्मी वह बहुत चुड़क्कड़ औरत थी उसका एक बेटा था शेखर वह उससे अपनी गान्ड और चूत मरावाती थी.

नीलम : तू सच कह रही है, उसका बेटा अपनी मम्मी को चोद लेता था

सोनू : अरे मम्मी आंटी की मोटी गान्ड बिल्कुल आपकी गान्ड की तरफ मोटी थी और उसका बेटा शेखर भी अपनी मम्मी की मोटी गान्ड का दीवाना था बस फिर क्या था आंटी ताड़ गई कि उसका बेटा शेखर उसकी गान्ड के लिए पागल है और खूब अपनी मम्मी की मोटी गान्ड देख देख कर लंड मसलता है बस फिर आंटी को तो कन्फर्म हो गया कि उसका बेटा उसको चोदना चाहता है और फिर जब आंटी ने एक दिन अपने बेटे के मस्त मोटे और काले लंड को खड़ा देखा तो फिर उनसे रहा नही गया बस तब से शेखर अपनी मम्मी की खूब तबीयत से गान्ड और चूत रोज मारता है,____

Page 2 Episode 2

सोनू की बात सुन कर नीलम की चूत पानी पानी हो चुकी थी और उसकी लेगी का वह हिस्सा गीला हो गया था, तभी सामने काउंटर पर बंदा आया और उसने पूछा हाँ बहन जी बोलिए क्या दिखाऊ

नीलम : बढ़िया सी लेस वाली और नेट वाली इंपॉर्टेंट पैंटी दिखा दीजिए, फिर क्या था दुकानदार कई सारी पैंटी एक से एक लग्जरी लेकर उनके सामने आ गया और दुकान में और भी ग्राहक थे तो उसने कहा बहन जी आप पसंद कर लो में दूसरे ग्राहक को निपटाकर आया और वह थोड़ा दूसरी तरफ चला गया, नीलम ने 5-6 पैंटी सोनू को दिखाते हुए खरीदी जिसमे एक पैंटी ऐसी भी थी जिसमे चूत वाली जगह पर कटा हुआ था मतलब पैंटी पहने पहने भी लंड डाल सकते थे,

नीलम : देख सोनू यह तेरे पापा को बहुत पसंद आएगी वह अक्सर कहते थे कि ऐसी पैंटी लाना जिसमे लंड घुसने की जगह बीच में से हो

सोनू : ठीक है ना मम्मी तो यह आप अपने लिए ले लो

नीलम : नही यह में तेरे लिए लूँगी तुझ पर बहुत चचेगी रोहित तुझे इसमे देख कर खुश हो जाएगा

सोनू : नही मम्मी जब पापा की इच्छा ऐसी पैंटी की है तो इसे आप ही ले लो

नीलम : अच्छा एक काम करती हूँ इसे तेरे पापा को दिखाउन्गी और फिर उन्ही से पूछ लूँगी कि यह में अपने लिए रख लूँ या बहू को दे दूं,

सोनू : मुस्कुराते हुए ठीक है जैसी आपकी मर्ज़ी उसके बाद दोनो दुकान से बाहर आ गई....

उधर इन दोनो के मार्केट जाने के बाद मनोहर आल्मिरा के पास जाता है और वहाँ से सुधा और सोनू की पैंटी निकाल कर बेड पर आकर बैठ जाता है, सोनू और सुधा की गुलाबी और सफेद पैंटी को फैला कर देखते ही उसका लंड पूरी औकात में आ जाता है और वह दोनो की पैंटी को पागलो की तरह सूंघने लगता है और अपने लंड को बाहर निकाल कर सहलाने लगता है,

दूसरी तरफ सुधा रोहित से कहती है भैया चलिए ना मुझे बाइक चलाना सीखा दीजिए और रोहित उसको कहता है कि ठीक है जा पापा को बोल कर आ जा कि हम लोग पास वाले ग्राउंड में जा रहे है और सुधा पापा के रूम की ओर जाने लगती है,

दरवाजे तक पहुचने से पहले ही खिड़की थी जो थोड़ी ओपन थी अचानक सुधा की नज़रे खिड़की के अंदर चली गई और उसने जब अपने पापा को अपने मोटे तगड़े हथियार को सहलाते देखा तो उसकी आँखे खुली की खुली रह गई उसके मुँह से अनायास ही निकल गया कि बाप रे पापा का लंड कितना मोटा और तगड़ा है जब सुधा ने देखा कि पापा एक गुलाबी रंग की पैंटी को सूंघ रहे है तो वह देख कर मन ही मन खुश हो गई कि पापा कैसे भाभी की पैंटी सूंघ रहे है मतलब मेरा शक सही निकला कि पापा भाभी को पूरी नंगी करके खूब कस कस कर चोदना चाहते है और मन ही मन कहने लगी गजब कर दिया पापा आपने लेकिन तभी उसकी साँसे रुक सी गई जब उसने देखा कि पापा ने अबकी बार वाइट कलर की पैंटी को पहले कस कर सूँघा और फिर उस पैंटी को अपने मोटे लंड में लपेट कर सहलाने लगे,

सुधा को विश्वास नही हो रहा था, वह अंदर ही अंदर मस्त भी हो रही थी और आँखे फाडे फाडे देख रही थी उसे यकीन नही आ रहा था क्यो कि वह सफेद पैंटी खुद सुधा की थी, सुधा ने मन में सोचा हे राम पापा तो मुझे भी चोदना चाहते है कैसे मेरी पैंटी को सूंघ रहे है ज़रूर सोच रहे होंगे कि सुधा की चूत सूंघ रहा हूँ और कैसे अपने लंड से मेरी पैंटी रगड़ रहे है, सुधा यह सोच कर ही गरम हो गई थी कि उसके पापा उसे चोदना चाहते है और उसने अपनी चूत में हाथ डाल कर देखा तो उसकी चूत से पानी आ गया था,

वह जल्दी से वहाँ से अपने रूम में गई और अंदर जाकर उसने सारे कपड़े उतार दिए और नंगी अपने आप को मिरर में देखने लगी फिर उसे रोहित का ख्याल आया और उसने इस बार कुछ सोचते हुए उपर एक झीनी सी टीशर्ट और नीचे सिर्फ़ लेग्गी पहन ली टीशर्ट उसकी कमर तक आ रही थी और उसके दूध लग रहा था कि टीशर्ट को फाड़ देंगे और लेग्गी में उसकी मोटी कसी हुई जांघे और भारी भरकम मोटी गान्ड काफ़ी उभर आई थी लेग्गी उसकी जाँघो और चुतड़ों से एक दम चिपकी हुई थी और जब वह नीचे आई तो रोहित का लोड्‍ा अपनी बहन सुधा की मोटी जांघे और भारी गान्ड देख कर खड़ा हो गया, उस पर सुधा की फूली हुई चूत का शॅप भी लेग्गी के अंदर से उभर कर आ रहा था पूरी चूत का तीकोण रोहित को साफ नज़र आ रहा था,

सुधा ने देखा कि रोहित उसकी गदराई जवानी को देख कर बोखला रहा है तब सुधा ने मुस्कुराते हुए कहा भैया ठीक है ना यह ड्रेस बाइक राइडिंग के लिए तब रोहित ने कहा हाँ अच्छी है अब चलो और तुमने पापा को बोल दिया है, तब सुधा ने झूठे ही कह दिया कि हाँ बोल दिया है और फिर दोनो रूम के बाहर निकल गये, रोहित ने बाइक स्टार्ट की और सुधा उसकी कमर को पकड़ कर क्रॉस लेग करके बैठ गई और रोहित की पीठ पर सुधा के मोटे मोटे गुदाज दूध लगने लगे और रोहित का लोड्‍ा तन कर खड़ा हो गया,

ग्राउंड में पहुच कर रोहित ने सुधा को बाइक पर बैठाया और खुद उसके पीछे बैठ गया और अपने हाथ को आगे बढ़ा कर सुधा के हाथ के उपर से आक्सेलरटोर को पकड़ कर उसे समझाने लगा कि कैसे क्लुच छोड़ना है और धीरे धीरे रेस बढ़ानी है और किस तरह से गीयर बदलने है, एक बार समझाने के बाद रोहित ने सुधा को चलाने दिया लेकिन सुधा क्लुच जल्दी छोड़ देती और गाड़ी आगे बढ़ कर बंद हो जाती तब रोहित ने उसे कहा तुम धीरे धीरे क्लुच छोड़ना में भी पकड़ रखता हूँ और रोहित खुद पाजामे में था तो उसका लंड सुधा की मोटी गान्ड से पूरी तरह सटा हुआ था और सुधा को भी अपने भैया के मोटे लोड्‍े का एहसास हो रहा था रोहित अपनी कोहनियो से सुधा के मोटे मोटे दूध का भरपूर आनंद ले रहा था और उसका लंड खूब कड़क हो रहा था, कुछ समय के बाद अब सुधा धीरे धीरे बाइक चलाने लगी और रोहित ने जब अपनी बहन की गुदाज मोटी मोटी जाँघो को अपने हाथो में थामा तो उसे जन्नत का एहसास होने लगा

सुधा बाइक चला रही थी और रोहित यह दिखाने के लिए कि वह डर रहा है वह सुधा की जाँघो को कस कर दबोचते हुए कह रहा था आराम से सुधा आराम से और कभी कभी जब हॅंडल डगमगाने लगता या रेस एक दम से सुधा बढ़ा देती तो रोहित मोका देख कर सुधा के मोटे मोटे दूध से अपने हाथो को रगड़ते हुए हॅंडल थामने की कोशिश करता और फिर सुधा की मोटी जाँघो को दबोच लेता था, वह अपने होंठो को सुधा की गर्दन से लगाए हुए अपनी बहन की सुडोल जाँघो को खूब तबीयत से सहला रहा था और सुधा भी अपने भैया के हाथ लगाने से खूब गरम हो रही थी, सुधा की चूत पहले से ही पानी पानी हो रही थी, रोहित का एक्साइट्मेंट बढ़ता ही जा रहा था वह सुधा की मोटी जाँघो और उठी हुई गुदाज गान्ड को सहला सहला कर जायज़ा ले रहा था उसका लंड अब कुछ ज़्यादा ही टनटना चुका था और सुधा अपने भैया के मोटे डंडे को अपनी गान्ड में महसूस कर रही थी, कुछ देर तक दोनो मज़े मारते रहे और फिर रोहित ने कहा सुधा अब घर चले तो सुधा कहने लगी नही भैया कितना मज़ा आ रहा है बस आप मुझे ऐसे ही पकड़ कर रखना में कही गिर ना जाउ तब रोहित ने सुधा की जाँघो को वापस पकड़ लिया और फिर सुधा खुश होते हुए कहने लगी वाह भैया आपने मुझे आज आख़िर बाइक चलाना सिखा ही दिया.

दूसरी ओर दोनो सास बहुए शॉपिंग करके वापस बस स्टॉप से सिटी बस पकड़ लेती है लेकिन इस बार उन्हे सीट मिल जाती है और दोनो बैठते हुए एक दूसरे को स्माइल दे देती है

नीलम : अब बता बहू आगे का क्या प्रोग्राम है

सोनू : मतलब

नीलम : मतलब आज के मज़े का तो हो गया अब कब ऐसे मज़े दिलाएगी

सोनू : मम्मी आप रुकिये तो सही में कुछ अच्छा सोच कर बताउन्गी

दोनो बाते करते हुए घर पहुचती है और फिर जैसे ही अंदर जाती है सामने सोफे पर पापा सुधा और रोहित चाइ पीते हुए नज़र आते है

मनोहर : आ गई आप दोनो क्या क्या ले आई है

नीलम : अरे कुछ खास नही चलिए रूम में चलते है और नीलम अपनी मोटी गान्ड हिलाती हुई रूम की ओर जाने लगी और सुधा से कहने लगी बेटा मेरे और भाभी के लिए भी तो चाइ का इंतज़ाम करो____

Page 2 Episode 3

नीलम को जाते हुए रोहित बड़े गौर से देख रहा था और मन में सोच रहा था कि क्या गजब की गुदाज गान्ड है मम्मी की उधर पापा की निगाहे अपने रूम में जाती हुई सोनू के चुतड़ों पर थी और फिर पापा भी उठ कर नीलम के पीछे पीछे अंदर चले गये, रोहित वही बैठा रहा और सुधा किचन में जाकर चाइ बनाने लगी

मनोहर : क्या बात है क्या खरीद लाई हो

नीलम : अरे कुछ नही बस बहू और सुधा के लिए पैंटी खरीद कर लाई हूँ, ये देखिए कैसी है

मनोहर : अपने लंड को मसल्ते हुए, इनमे से बहू की कौन सी है और सुधा की कौन सी है

नीलम : अभी किसी ने सेलेक्ट नही किया है वैसे यह पैंटी देखिए जिसमे चूत की जगह पर कट लगा है इस पैंटी को अगर पहना जाय तो इसे बिना उतारे चूत में बीच से लंड घुस जाएगा, कैसी लगी आपको

मनोहर : यह तो बहुत अच्छी है लेकिन इसे पहनेगा कौन

नीलम : में तो बहू को दे रही हूँ पर बहू कहने लगी इसे मम्मी आप ले लो पापा खुश हो जाएगे

मनोहर : फिर तूने क्या कहा,

नीलम : मैने कहा नही बहू यह तू ही रख ले लेकिन वह नही मानी तब मैने उससे कहा अच्छा तेरे पापा को दिखाउन्गी फिर वह जिसके लिए कहेंगे वह इसे ले लेगी

मनोहर : अरे वाह लेकिन क्या बहू को यह पैंटी पसंद नही आई है

नीलम : नही उसे तो बहुत पसंद आई है लेकिन जब मैने कहा मुझे भी बहुत पसंद है तो वह मुझे देने लगी अब आप ही बताओ कौन पहने इसे

मनोहर : मेरे ख्याल से तो इसे बहू को ही पहनने दो बड़ी प्यारी लगेगी यह बहू पर

नीलम : तो ठीक है में बहू से कह देती हू कि तेरे पापा ने इसे तेरे लिए पसंद किया है

मनोहर : क्या तुम इतनी बाते बहू से कर लेती हो

नीलम : हाँ हम दोनो के बीच यह सब चलता है

मनोहर : तो फिर कुछ बात आगे बढ़ाओ ना

नीलम : पैंटी लेकर बाहर जाते हुए हाँ हाँ बढ़ाती हूँ सब्र तो करो और फिर नीलम रूम के बाहर चली जाती है और फिर वह पैंटी सुधा और सोनू में बाँट देती है फिर सभी अपने अपने कामो में बिज़ी हो जाते है....

रात को 11 बजे बेड पर मनोहर और नीलम पूरे नंगे एक दूसरे की चूत और लंड को सहला रहे थे

मनोहर : क्या हुआ नीलम कुछ बात आगे बढ़ी कि नही मनोहर ने नीलम के चुतड़ों को दबोचते हुए कहा

नीलम : कौन सी बात

मनोहर : अरे वही बहू को पटाने की बात

नीलम : मुस्कुराते हुए तुम क्या वाकई इस बात के लिए सीरीयस हो

मनोहर : और नही तो क्या जब से बहू की गुदाज जवानी और भारी चुतड़ों की मतवाली थिरकन देखी है तब से मेरा लंड पागल हुआ जा रहा है

नीलम : में तो समझी तुम ऐसे ही कह रहे हो

मनोहर : अरे यार अब मज़ाक छोड़ो और सच सच बताओ कुछ बात हुई कि नही

नीलम : तुम मर्द लोग बिल्कुल भी सब्र नही करते ऐसे कामो के लिए थोड़ा मोका देख कर बात आगे बढ़ाई जाती है

मनोहर : कुछ करो यार मुझे बस एक बार बहू की मोटी गान्ड में अपना मुँह डालने का मोका मिल जाए बस फिर तो मज़े ही मज़े हो जाएगे

नीलम : वैसे बहू को भी तुम्हारी उमर के आदमी के मस्त लंड की चाहत है

मनोहर : अच्छा उसने तुझसे कहा है क्या

नीलम : हाँ बस में हम दोनो जब जा रहे थे तो एक बूढ़े ने उसकी मोटी गान्ड से अपने लंड को भीड़ के बहाने से खूब रगड़ा था बाद में सोनू ने मुझे यह सब बताया

मनोहर : नीलम की मोटी गान्ड को दबोचते हुए कहने लगा एक बार सोनू की मोटी गान्ड मेरे लोड्‍े से भी रगडवा दे रानी फिर तू कहेगी तो में तुझे और अपनी प्यारी बहू को एक साथ चोदुन्गा

नीलम : सुधा को देख देख कर भी तो तुम्हारा लंड खूब खड़ा होने लगा है, कहीं हाथ तो नही फेर दिया तुमने अपनी बेटी पर

मनोहर : अभी तक तो नही फेरा पर तूने जल्दी से सोनू की गान्ड नही दिलवाई तो में कहीं सुधा को ही ना चोद दूं

नीलम : लगता है तुम्हारे लिए मुझे सोनू से बात करनी ही पड़ेगी नही तो तुम बेटीचोद ना बन जाओ, चलो अब उपर आओ और मुझे भी थोड़ा अपने लंड से मज़ा दे दो उसके बाद फिर एक चुदाई का दौर शुरू होता है और फिर सुबह सुबह सबकी मुलाकात होती है

सुबह के 6 बजे थे और सुधा आज फिर जल्दी उठ कर सोनू को ढूँढते हुए किचन में पहुच गई थी और सोनू उसे देख कर मुस्कुराते हुए कहने लगी में जानती हूँ आजकल ननद रानी को अपनी भाभी की बातों में खूब मज़ा आ रहा है इसीलिए सुबह से ही मेरे पास आ जाती है लेकिन बिल्लो रानी अगर असली मज़ा लेना है तो थोड़ी हिम्मत दिखानी पड़ेगी तुझे ऐसे बच्पने से अब काम नही चलने वाला है

सुधा : मुस्कुराते हुए, भाभी में तो हिम्मत दिखाने को तैयार हूँ पर आप ही कोई मज़े वाली चीज़े बता ही नही रही है

सोनू : बर्तन धोने के बाद हाथ धोती हुई सुधा की और कामुक निगाहो से देखती हुई कहती है चल हम लोग पार्क में बैठ कर बात करेगे यहाँ कोई सुन लेगा और फिर सोनू सुधा को लेकर पार्क में चली जाती है और एक बेंच में बैठ कर सुधा का हाथ अपने हाथ में लेते हुए सुधा की मोटी जाँघो पर हाथ फेरते हुए कहती है, देख सुधा तुझे मज़ा लेना है तो मेरे सवालो का सच सच जवाब दे फिर देख में तेरे लिए मस्त इंतज़ाम कर देती हूँ

सुधा : कैसे सवाल

सोनू : अच्छा यह बता तेरा चुदवाने का मन करता है कि नही

सुधा : मुस्कुराते हुए, भाभी आप भी कैसे सवाल पुंछ रही है

सोनू : देख पहली बार मज़ा मारना है तो मुझसे तुझे सब कुछ खुल कर कहना होगा अब नखरे मत कर और जो में पूछ रही हूँ बता

सुधा : नीचे गर्दन करके अपना सर हाँ में हिला देती है

उसका जवाब सुन कर सोनू की आँखो में चमक आ जाती है और वह कहती है अच्छा एक बात बता तूने कभी किसी का लंड देखा है, सोनू के इस सवाल के सुनते ही सुधा को पापा को मोटा तगड़ा लंड याद आ जाता हैलेकिन वह झूठ बोल देती है कि नही देखा है

सोनू : उसके चेहरे को ध्यान से देखती हुई उसका हाथ अपने सर पर रखते हुए कहती है तुझे मेरे सर की कसम सच सच बता तूने किसी का लंड देखा है कि नही

सुधा : हाथ खिचते हुए शरमा कर भाभी कसम क्यो दे रही हो

सोनू : तो फिर बता ना

सुधा : हाँ देखा है

सोनू : किसका

सुधा : पापा का

सोनू : मुस्कुरा कर बाप रे तूने कब पापा जी का लंड देख लिया, तब सुधा अपनी और भाभी दोनो की पैंटी को सूंघते हुए अपने लंड को पैंटी से रगड़ने वाली बात सोनू को बता देती है

सोनू : देख सुधा यह तो हम दोनो ही जानते है कि पापा तुझे और मुझे दोनो को नंगी करके खूब चोदना चाहते है लेकिन तुझे में एक बात और बता देती हूँ

सुधा : वह क्या

सोनू : यही कि तेरे भैया भी तेरी इस मोटी गान्ड के लिए पागल है और तुझे खूब रगड़ रगड़ कर चोदना चाहते है

सुधा : आश्चर्य से सोनू की ओर देखती हुई, यह क्या कह रही हो भाभी

सोनू : में सच कह रही हूँ कुछ दिनो से तेरे भैया तेरे इन मोटे मोटे खरबूजो जैसे दूध और इस मोटी गान्ड के लिए पागल हुए जा रहे है और जब भी रात को मुझे चोदते है तो वह तेरी कल्पना करके ही चोदते है____

Page 2 Episode 4

सोनू की बात सुन कर सुधा की बुर में पानी आ जाता है और वह अपना थूक गटकते हुए अपनी नज़रे नीचे कर लेती है, सोनू सुधा के चेहरे के भाव पढ़ लेती है और उसके कसे हुए मोटे दूध को एक दम से मसल देती है और सुधा के मुँह से एक सिसकारी निकल जाती है अयाया भाभी क्या कर रही हो

सोनू: मुस्कुराते हुए कहती है क्या हुआ ननद रानी चूत से पानी आ गया क्या

सुधा : बनावटी गुस्सा दिखाते हुए, क्या भाभी आप भी ना कितना ज़ोर से मसल देती हो

सोनू : सुधा की चेहरे को उपर उठा कर पूछती है सच सच बता तेरी चूत गीली हो गई है ना

सुधा : मुस्कुराते हुए भाभी को हल्के से चपत लगते हुए कहती है भाभी आप बड़ी वो हो

सोनू : वो तो में हूँ लेकिन अब मुझे यह बता तुझे यह जान कर अच्छा लग रहा है ना कि तेरे भैया और तेरे पापा दोनो तुझे पूरी नंगी करके चोदना चाहते है

सुधा : पर भाभी यह तो ग़लत बात है ना

सोनू : अरे पगली में यह नही पूछ रही हूँ कि क्या ग़लत है और क्या सही, मुझे सिर्फ़ यह बता तेरी चूत में मज़ा आ रहा है कि नही

सुधा : इधर उधर नज़रे चुरा कर धीरे से हुउँ कहती है.

सोनू : देख बन्नो रानी आज कल यह सही ग़लत कुछ नही होता बस मज़ा आना चाहिए चाहे जैसे आए समझी सोनू ने यह बात सुधा की गुदाज जाँघो को दबाते हुए कहा तब सुधा ने भी एक स्माइल दे कर अपना सर हिलाया

सोनू : तुझसे बात करते करते मेरी चूत भी गीली हो गई

सुधा : अच्छा भाभी हम दोनो के पास 4-4 पैंटी है फिर आप कल मम्मी के साथ शॉपिंग करने गई थी तो मम्मी ने और कई सारी पैंटी हमारे लिए क्यो खरीदी थी, तब सोनू ने कहा अरे तू नही जानती पापा ने हमारी पैंटी देखी थी जब मम्मी जी उन्हे आल्मिरा में रख रही थी तब पापा के कहने पर ही मम्मी इतनी पैंटी लेकर आई है दरअसल पापा का कहना है कि मेरी बेटी और बहू को सेक्सी सेक्सी इंपॉर्टेंट पैंटी पहनना चाहिए,

सुधा : मुस्कुराते हुए, भाभी लगता है पापा का मम्मी से पेट नही भरता है जो अब वो आपके और मेरे पीछे पड़े है

सोनू : नही रे ऐसी बात नही है बात तो ये है कि पापा मम्मी को एक ही एक स्टाइल में चोद चोद कर बोर हो गये है इसलिए अब वह जवान लड़कियों को चोदने का सोचते है और मेरे ख्याल से उनकी यह इच्छा भी होगी कि वह तुझे और मुझे अपने लंड पर बिठा कर खड़े खड़े चोदे

सुधा : शरमा कर हँसते हुए भाभी आप भी ना

सोनू : स्माइल करते हुए, अच्छा एक बात बता तेरी चूत पापा से चुदने के नाम पर ज़्यादा पानी छोड़ती है या भैया के

सुधा : क्या भाभी आप भी ना सुधा ने चपत मारते हुए कहा

सोनू: अरे बता ना अगर तुझे नंगी होकर दोनो में से किसी एक के मुँह पर बैठना पड़े तो किसके मुँह में अपनी चूत और गान्ड रखेगी

सुधा : हँसते हुए मैं नही बताउन्गी

सोनू : बताती है या कसम दूं

सुधा : अच्छा बताती हूँ कसम मत देना

सोनू : तो फिर जल्दी बता किसके लंड से चुदने का मन करता है तेरा

सुधा; गर्दन झुका कर मुस्कुराते हुए , पापा के

सोनू: मुस्कुराते हुए ओहो मेरी बन्नो रानी अपने पापा का लंड लेने के लिए तड़प रही है

सोनू की बात सुन कर सुधा मुस्कुरा देती है

सोनू : अच्छा अब मेरी बात सुन मेरा भी दिल पापा का मोटा तगड़ा लंड अपनी चूत में लेने का खूब करता है, तो अगर ननद रानी तुम साथ दो तो हम दोनो ही पापा के मोटे लंड का रसीला स्वाद खूब दिल खोल कर ले सकते है

सुधा : वह कैसे

सोनू ; मैं जैसा कहती हूँ वैसा तुझे करना होगा और डरने की ज़रूरत नही है क्यो कि हम दोनो ही जानते है कि पापा हमे पूरी नंगी करके खूब रगड़ रगड़ कर चोदना चाहते है, सोनू की बात सुन कर सुधा की चूत पानी पानी हो रही थी और उसे अपनी भाभी की बातों में असीम आनंद मिल रहा था

सुधा ; कहो ना भाभी क्या करना है मैं तैयार हूँ

सोनू : गुड , अब सुन अभी जाकर पापा से पढ़ने के बहाने उनसे खूब चिपकने की कोशिश करना तब देखना तेरी चूत में भी खूब मज़ा आएगा और सुन सिर्फ़ लेग्गी और टीशर्ट पहन कर जाना और जब पापा तुझे कुछ समझा चुके हो तब उनके सामने बेड पर टिक कर दोनो घुटने मोड़ कर बैठना और ज़रा अपनी जांघे खोल, सुधा ने जब अपनी जांघे खोली तो उसकी फूली हुई चूत का उभार सोनू के सामने आ गया और सोनू ने सुधा से कहा अपनी लेग्गी के अंदर इस पैंटी को उतार कर सिर्फ़ लेगी पहन लेना और सोनू ने अपने बालों से क्लिप निकाल कर सुधा की लेग्गी के उस हिस्से के टाँके उधेड़ दिए ज़रा उसकी उभरी हुई मस्त चूत दिखाई दे रही थी,

सुधा : ये क्या किया भाभी लेग्गी क्यो फाड़ दी

सोनू : अरे पगली जब तू पीछे टिक कर अपने घुटने फोल्ड करके पापा के सामने बैठेगी और जैसे ही अपनी जांघे थोड़ा वाइड करेगी तब पापा को तेरी मस्त फूली चूत और उसकी फांके सामने बैठे बैठे दिखाई देने लगेगी, फिर देखना पापा तेरी मस्त चिकनी और फूली चूत देख कर पागल हो जाएगे और फिर देखना पापा का मस्त लंड लूँगी के अंदर कैसे खड़ा हो जाएगा और पापा तेरे सामने ही नज़र बचा बचा कर अपने मोटे लंड को मसल्ने पर मजबूर हो जाएगे,

सोनू की बात सुन कर सुधा को पसीना आ गया उसके लिए यह सब करना इतना आसान नही था लेकिन जो बात भाभी ने बताई थी उसकी कल्पना ने उसे इतना गरम कर दिया था कि वह भाभी के सामने ही अपनी फूली चूत को दबाने से नही रोक पाई और सोनू मुस्कुराते हुए कहने लगी बन्नो रानी अभी तो यह शुरुआत है इतने में ही सोच तुझे कितना मज़ा आ रहा है जब पापा का मोटा तगड़ा लंड तेरी चूत में घुसेगा तो तू तो पागल हो जाएगी

सुधा ; भाभी मज़ा तो आ रहा है लेकिन डर भी लग रहा है पापा के सामने में अपनी चूत कैसे दिखाउन्गी

सोनू : डरने की बात नही है देखना पापा तुझे कितने प्यार से तेरी मस्त फूली चूत देख देख कर पढ़ाएगे, आज यह कम कर ले उसके बात आज रात तुझे एक और मस्त आनंद दूँगी

सुधा ; वह क्या भाभी

सोनू : अच्छा बता अपने भैया का लंड चुसेगी

सुधा : भाभी की बात सुन कर केवल मुस्कुरा ही पाई तब सोनू ने कहा तू फिकर मत कर तेरे भैया को पता भी नही चलेगा और तू जी भर कर उनका लंड चूसना और जब तेरे भैया के लंड का रस निकलेगा और तू पिएगी तो मस्त हो जाएगी

सुधा : लेकिन भाभी यह कैसे पॉसिबल है कि में भैया का लंड चुसू और उन्हे पता भी ना चले

सोनू : यही तो कमाल है तेरी भाभी का अब ध्यान से सुन रात को में तुझे मिस काल करूँगी तब सीधे मेरे रूम में आ जाना दरवाजा खुला रहेगा उसके बाद की बात तू रूम में आते ही खुद ब खुद समझ जाएगी, अब चल सब चाइ के लिए मरे जा रहे होंगे और दोनो उठ कर घर की ओर चल देती है____

Page 2 Episode 5

घर पहुचते ही सोनू ने सुधा से कहा जैसा मैने कहा है जाकर पैंटी निकाल कर सिर्फ़ लेग्गी पहन कर तू जा बीच में मैं चाय देने आउन्गि, सोनू की बात सुन कर सुधा अपने रूम में चली गई और सोनू किचन में जाकर चाइ बनाने लगी तभी नीलम नाइट गाउन पहने किचन में आ गई और सोनू को चूमते हुए कहने लगी, बहू कल तूने जो मज़े मार्केट में करवाए थे उसकी चुभन अभी भी मेरे दिल में है रात भर मुझे वही वही दिखाई दे रहा था, सच कल जैसा मज़ा लाइफ में कभी नही आया, जब तेरे पापा मेरे पीछे उंगली कर रहे थे तो मुझे ऐसा लग रहा था जैसे में बस में खड़ी हूँ और कोई मेरी गान्ड में पीछे से उंगलिया पेल रहा है,

सोनू ने कहा मम्मी आप भी ना ज़रा से मज़े में पागल हो रही है, में तो आपको इससे भी ज़्यादा मज़े करवाने के बारे में सोच रही हूँ, पर एक बात है मम्मी आपका बेटा भी पूरी तरह आप पर ही गया है उन्हे भी हमेशा मज़े करने का ही मन होता है,

नीलम : मुस्कुराते हुए आख़िर बेटा किसका है, लगता है तुझे रात में खूब परेशान किया है रोहित ने,

सोनू : हाँ मम्मी लेकिन कल आपका ड्रेसिंग सेन्स देख कर रात को बस आपकी ही बात कर रहे थे,

नीलम : क्या कह रहा था

सोनू ; मुस्कुराते हुए कहने लगी रहने दीजिए मम्मी आप पता नही क्या सोचेंगी

नीलम : उत्सुकता से अरे बता ना पहेलिया क्यो बुझा रही है

सोनू : अब मम्मी आपको कैसे बताऊ पता नही आपको अच्छा लगेगा या नही

नीलम : सोनू मैं एक चपत लगा दूँगी तुझे अब जल्दी से बता क्या कह रहा था रोहित मेरे बारे में [Image: image012-724715.jpg] सोनू : उन्होने जब से आपको कल शॉर्ट टीशर्ट और स्किन टच लेग्गी में देखा है तब से पूरी रात मेरे चुतड़ों को खूब दबा दबा कर सहलाते हुए बस यही कह रहे थे कि मम्मी के चूतड़ कितने प्यारे लगते है मम्मी लेग्गी में कितनी सेक्सी लग रही थी, वह आपके मोटे मोटे चुतड़ों की थिरकन देख देख कर पागल हुए जा रहे थे, और तो और मुझसे कहने लगे.............इतना कह कर सोनू ठहाका लगा कर हँसने लगी

नीलम : मुस्कुराते हुए कहने लगी कुतिया हंस क्यो रही है आगे बोल क्या कहा उसने

सोनू : मुस्कुराते हुए, मम्मी मुझे शरम आती है में कैसे कहूँ

नीलम : बता दे बेशरम तुझे कब से शरम आने लगी

सोनू : कहने लगे मम्मी की इतनी गुदाज और मोटी गान्ड जब लेग्गी से देखने पर इतनी मस्त लगती है तो मम्मी की नंगी गान्ड कितनी मस्त लगती होगी

नीलम : स्माइल देते हुए कहने लगी और क्या कहा उसने

सोनू : बस फिर रात भर आपकी मोटी गान्ड की बाते कर कर के मेरी गान्ड नोचते रहे और क्या

नीलम : अरे इसमे कौन सी बड़ी बात है, तेरे पापा तो तेरे और सुधा के चुतड़ों के बारे में इससे भी बड़े बड़े कॉमेंट्स करते है

सोनू : क्या कह रही हो मम्मी मेरे और सुधा के बारे में क्या कहते है पापा

नीलम : अरे इन मर्दो की जात ही ऐसी है मोटी औट गुदाज गान्ड जब देख लेते है तो वह फिर चाहे अपनी बेटी की हो या बहू की इनके मुँह में पानी आ ही जाता है

सोनू : बताओ ना मम्मी क्या कह रहे थे पापा [Image: image002-704330.jpg] नीलम : अरे क्या कहेगे वही सब, कहते है उन्हे बहू और सुधा की मोटी मोटी उभरी हुई गान्ड बहुत अच्छी लगती है, नीलम ने अपनी बात पूरी की ही थी कि अचानक रोहित किचन में आ गया और कहने लगा सोनू अभी तक चाइ नही बनी तुम्हारी, तब नीलम ने कहा बेटे तू सोफे पर बैठ बस चाइ बन गई है और फिर सोनू चाइ छानने लगी और रोहित सोफे पर जाकर बैठ गया तब नीलम ने कहा सोनू वो सब छोड़ अब आगे कुछ बता तू कह रही थी ना कि और भी मज़े करवाएगी

सोनू : मम्मी कल से शहर के उस ओर एक बड़ा सा मेला लगने वाला है, मेरी इच्छा है कि हम सब परिवार के लोग पापा में आप रोहित और सुधा सभी मेले में चलते है, मेले की भीड़ में हम ऐसे मज़े लेंगे कि आप भी कहेगी वाह बहू मज़ा आ गया,

नीलम: मुस्कुराते हुए तेरा आइडिया तो मस्त है पर सुधा , रोहित और तेरे पापा को ले जाने की क्या ज़रूरत है

सोनू: अरे मम्मी मेला बहुत बड़ा लगता है और हम लोग शाम को जाएगे और लोटने में काफ़ी रात हो जाएगी इसलिए रोहित और पापा का होना ज़रूरी है

नीलम :हाँ ये बात तो तू ठीक कह रही है फिर ठीक है में तेरे पापा को भी कल के बारे में बता देती हूँ ताकि वह भी तैयार रहे और तू रोहित को बोल देना

उधर सुधा ने बिना पैंटी के लेग्गी पहन ली और उसकी चूत इतनी चुदासी हो रही थी अपने पापा के मोटे लंड को सोच सोच के कि उसने उसी जोश में लेग्गी को गान्ड के छेद से लेकर चूत के दाने के उपर तक फाड़ ली और फिर अपने भारी चुतड़ों को मटकाती हुए बुक्स उठा कर मनोहर के रूम की ओर चल पड़ी

सुधा : पापा गूडमॉर्निंग आज जल्दी उठ गये क्या आप

मनोहर : बस बेटी अभी 10 मिनिट हुए है पर तुझे देख कर लगता है कि तू काफ़ी देर की उठी हुई है

सुधा : हाँ पापा में तो आज 6 बजे ही उठ गई थी और फिर में और भाभी गार्डेन में थोड़ा एक्सरसाइज़ करने चले गये थे

मनोहर : आ बैठ बेड पर अपने सामने हाथ से बिठाते हुए, बेटी कल से मुझे भी सुबह जगा दिया करो में भी तुम लोगो के साथ थोड़ी वर्जिस कर लिया करूँगा[Image: image001-702756.jpg]

सुधा : क्यो नही पापा कल से आप भी हमारे साथ चलना और फिर सुधा पालती मार कर पापा के सामने बुक खोल कर बैठ गई और मनोहर ने उसके परो के साइड से अपने पेर लंबे कर लिए, मनोहर लूँगी और बनियान पहन कर सुधा के सामने बैठा था और उसकी नज़रे सुधा के ठोस भरे हुए कसीले दूध पर थी, सुधा की टीशर्ट काफ़ी पतली सी थी और अंदर ब्रा के ना होने के कारण सुधा के निप्पल साफ नज़र आ रहे थे, मनोहर ने जब सुधा की मोटी चुचियो और निप्पल को देखा तो लूँगी के उपर से उसने अपने लंड को एक बार सहलाया शायद लंड कड़क हो रहा था और उसने अपने टोपे को बाहर निकालने के लिए लंड को सहलाया होगा, सुधा की गर्दन बुक पर थी लेकिन उसकी नज़रो ने पापा के मोटे लंड के उभार को लूँगी के उपर से महसूस कर लिया था, सुधा की चूत में भी मस्ती भरने लगी थी____

Page 2 Episode 6

सुधा : पापा आज ये वाला फ़ॉर्मूला कैसे लगाते है मुझे बता दीजिए

मनोहर : बेटे इस फ़ॉर्मूले का यहाँ एक एग्ज़ॅंपल दिया हुआ है तुम इसे बैठ कर समझो में थोड़ा न्यू पपाएर पढ़ लूँ तब सुधा पीछे सरक कर तकिया से टिक कर अपने पापा के सामने बैठ गई और उसने अपने घुटने मोड़ लिए,

मनोहर भी उसी अवश्था में लेकिन पालती मारे न्यूज़ पेपर पढ़ने लगा, सुधा ने अब अपनी जाँघो को थोड़ा खोल दिया, मनोहर तो पेपर की आड़ से सुधा के खरबूजो को देख देख कर अपने लंड को सहलना चाह रहा था लेकिन जैसे ही मनोहर की नज़र अपनी बेटी की मोटी मोटी जाँघो की जड़ो में लेग्गी के फटे हुए हिस्से पर पड़ी तो उसकी आँखे खुली की खुली रह गई, सुधा की पूरी गुलाबी फूली हुई चूत और उसकी उभरी हुई कॅटिली फांके साफ नज़र आ रही थी और मनोहर ने अपनी बेटी की रसीली भोस को देखते ही मन में कहा ओमाइगॉड, मनोहर का थूक उसके मुँह में ही रह गया और बड़ी मुश्किल से उसने उसे अंदर उतारा,[Image: 0sPmMAuJ-789746.jpg]

अब मनोहर पेपर की आड़ से किसी पागल कुत्ते की तरह सुधा की चूत को खा जाने वाली नज़रो से देख रहा था और उसका एक हाथ अपने मोटे लंड पर चला गया था, सुधा की नज़र जब लूँगी में खड़े लंड पर गई तो उसकी चूत में भी खुजली मचने लगी, उसके पापा का लंड पूरी तरह लूँगी में सर उठाए खड़ा हुआ था, सुधा को बहुत मज़ा आ रहा था जब वह अपने पापा के चेहरे के एक्सप्रेशन को देख रही थी, सुधा ने अपनी मोटी गान्ड को थोड़ा और आगे सरका कर बैठ गई और मुड़े हुए घुटनो पर बुक रख ली जिससे कि मनोहर को उसकी गान्ड का हॉल भी साफ दिखाई दे और सुधा का चेहरा बुक की आड़ में उसे नज़र ना आए, मनोहर ने जब अपनी बेटी की मोटी गान्ड के लपलपाते छेद को देखा तो उसने अपने हाथ को धीरे से लूँगी के अंदर डाल लिया और अपने मस्त लंड को मसल्ने लगा, सुधा बुक की आड़ से अपने पापा को लंड मसल्ते हुए देख रही थी और उसकी चूत में हल्का हल्का पानी आने लगा था, उधर मनोहर तो जैसे पागल हो गया था वह बीच बीच में अपने काले मोटे लंड को लूँगी की साइड से बाहर भी निकाल लेता और टोपे की खाल को पूरा नीचे करते हुए अपनी बेटी की मस्त फूली हुई चूत को देख रहा था,

सुधा की नज़र जब अपने पापा के लंड के सुपाडे पर पड़ी तो वह सिहर उठी और अचानक गेट खुला और सोनू मुस्कुराते हुए चाइ लेकर अंदर आ गई और उसने गुड मॉर्निंग पापा कहा

मनोहर: गुड मॉर्निंग बेटा कैसी हो[Image: DSC30017-791958.jpg]

सोनू : मुस्कुराते हुए चाइ रख कर कहती है अच्छी हूँ पापा और मनोहर के बिल्कुल करीब बैठ कर कहने लगती है क्या पढ़ रहे है पापा न्यूज़ पेपर में, सोनू का उद्देश्य सुधा की जाँघो की जड़ो में झाँकने का था और उसने जैसे ही देखा कि सुधा की पूरी चूत उसकी फटी लेग्गी से बाहर दिखाई दे रही है तब उसने सुधा के चेहरे को देखा और स्माइल दे दी और सुधा ने भी मुस्कुराते हुए जांघे फोल्ड करके चाइ का कप उठा लिया,

मनोहर : सोनू की पीठ पर हाथ रखते हुए कहने लगा कुछ खास खबर नही छपी है बहू वही रोज की बलात्कार की खबरो के अलावा पेपर में होता ही क्या है

सोनू : ख़बरे छोड़िए और लीजिए चाइ पीजिए अपने बहू के हाथ की और सोनू चाइ का कप उठा कर मनोहर को देती है और उठ कर जाने लगती है

मनोहर : सोनू का हाथ पकड़ कर बिठाते हुए कहने लगा बेटा कभी अपने पापा के साथ भी चाइ पी लिया करो,

सोनू : ओह पापा सॉरी कल की चाइ में आपके साथ ही पियूंगी

सुधा : भाभी कभी कभी पापा से आप भी पढ़ लिया करो सुधा ने मुस्कुराते हुए कहा

सोनू : पापा से में मेडिकल की पढ़ाई ज़रूर पढ़ना चाहती हूँ क्यो कि पापा तो खुद डॉक्टर. है और फिर सोनू ने अचानक कहा पापा डॉक्टर. से अच्छा याद आया आज सुबह से मेरे पेट में हल्का हल्का दर्द सा हो रहा है, सोनू ने अपनी साड़ी को नाभि से नीचे करते हुए अपने गुदाज मसल पेट को पापा की ओर दिखाते हुए कहा

मनोहर : आँखे फाड़ फाड़ कर सोनू के पेट को देखते हुए कहने लगा कहा पर दर्द है बेटी, उन दोनो की वार्तालाप सुन कर सुधा मंद मंद मुस्कुरा रही थी और सोनू ने पापा के हाथ को पकड़ कर अपने गुदाज पेट के बीचो बीच रखते हुए कहा यहा नाभि के उपर हल्का हल्का दर्द हो रहा है पापा,[Image: A7BE-728836.jpg]

मनोहर तो मोके की तलाश में था उसने सोनू के गुदाज पेट को मसल्ते हुए दबा दबा कर देखना शुरू किया फिर मनोहर ने एक हाथ पीछे लेजा कर सोनू के गुदाज मासल बड़े बड़े चुतड़ों का सहारा लेकर हल्के हल्के सोनू के पेट को दबाते हुए कहा दबाने पर दर्द हो रहा है बेटी, सोनू ने कहा हाँ पापा लेकिन दबाने पर दर्द नाभि के नीचे होने लगता है, इधर मनोहर एक हाथ से सोनू की गुदाज मोटी गान्ड को साड़ी के उपर से सहला रहा था और दूसरे हाथ से पेट को सहलाते हुए नाभि के नीचे हाथ लगाते हुए कहा यहाँ दर्द है क्या

सोनू : हाँ पापा यही हो रहा है

मनोहर अपने बॅग से एक टॅबलेट सोनू को देता है और कहता है 2 घंटे में अगर दर्द कम ना हो तो बताना फिर चेकप करूँगा और सोनू वह टॅबलेट लेकर सुधा की ओर स्माइल मारते हुए बाहर चली जाती है और सुधा भी चाइ का कप रखते हुए फिर से पीछे टिक कर जांघे फोल्ड करती है और अपनी जाँघो को फिर से फैला कर बैठ जाती है और मनोहर फिर से जब सुधा की मस्त फूली फटी चूत की फांको को देखता है तो अपनी लूँगी के उपर से अपने मूसल को मसल्ने लगता है और पेपर की आड़ कर लेता है____

Page 2 Episode 7

सुधा : पापा एक बात पुछू

मनोहर : पेपर हटा कर सुधा की ओर देखते हुए हाँ पूछो

सुधा : पापा आप भाभी से ज़्यादा प्यार करते है या मुझसे

मनोहर: बेटी में तो तुम दोनो को ही बहुत प्यार करता हूँ

सुधा : मुँह बनाते हुए, रहने दीजिए पापा अभी आप भाभी की पीठ में हाथ फेर कर कितने प्यार से बाते कर रहे थे और भाभी को ज़रा भी तकलीफ़ होती है तो आपके चेहरे की बैचनि देखते ही बनती है पर मुझे आप कभी इस तरह प्यार से नही कोई बात करते हो [Image: e-749212.jpg] मनोहर : अच्छा तो भाभी को मैने प्यार से बात करते हुए पूचकारा तो मेरी बेटी को जलन हो रही है, अगर ऐसी बात है तो हम अपनी बेटी को भी प्यार से पूचकार लेते है आओ मेरे पास और मनोहर ने सुधा की मस्त चूत को खा जाने वाली नज़रो से देखते हुए अपने हाथ लंबे कर दिए और सुधा उठ कर मनोहर के पास उसके सीने से जा लगी और मनोहर ने धीरे धीरे सुधा की पीठ पर हाथ फेरते हुए उसके गालो को चूमा और उसके जवान गदराए बदन की मादक गंध ने उसे पागल कर दिया और वह सुधा के गालो को चूमते हुए उसका हाथ सुधा के मोटे मोटे चुतड़ों पर चला गया और मनोहर जिन चुतड़ों की मोटाई और गदराई अभी तक आँखो से ही नापता था आज उन चुतड़ों के गुदाज माँस में अपने हाथो की उंगलिया दबा दबा कर सुधा के गालो को चूमते हुए कहने लगा अब तो मेरी बेटी खुश है

सुधा : पापा में आपकी गोद में सर रख कर लेट जाउ

मनोहर हाँ क्यो नही बेटी,

सुधा का इतना सुनना था कि वह जैसे ही मनोहर की गोदी में अपने सर को रख कर लेटी सुधा एक दम से गन्गना उठी क्योकि उसके गालो के नीचे मनोहर का मोटा लंड झटके मार रहा था सुधा की साँसे अपने पापा के मोटे लवडे के कड़क एहसास से तेज होने लगी और मनोहर ने भी सुधा की पीठ को सहलाते हुए साइड से अपने हाथ को उसके मोटे कसे हुए दूध पर लेजा कर उसके गदराए दूध की मोटाई का जायज़ा लिया लेकिन तभी मनोहर को लगा कि उसके लंड से पानी ना निकल जाए क्योकि सुधा ने अपने गालो के नीचे हथेली रख ली और उसके हाथ के नीचे उसके पापा का मोटा लंड आ गया और उसी समय सुधा को भी ऐसा लगा कि उसकी चूत पानी पानी हो चुकी है, मनोहर ने सुधा की पीठ सहलाते हुए अपने हाथ को फिर से सुधा की मोटी गान्ड पर लेजा कर सहलाने लगा और उसका लंड सुधा के हाथ और गालो के नीचे दबा टनटना रहा था.

मनोहर : सुधा अब तू काफ़ी बड़ी और जवान हो गई है लगता है अब तेरी शादीकी बात चलानी पड़ेगी, मनोहर ने सुधा के मोटे मोटे चुतड़ों को सहलाते हुए कहा

सुधा : अपनी आँख बंद किए हुए अपने पापा का मोटा लंड महसूस करते हुए कहा, कहा पापा अभी तो में छोटी हूँ अभी में शादी के लायक कहाँ हुई हूँ, [Image: c-757082.jpg] मनोहर सुधा की गान्ड की गहरी दरार पर हल्के से उंगलिया चलाता हुआ कहने लगा नही बेटी तू नही जानती जब तेरी मम्मी ब्याह कर आई थी तो बिल्कुल तेरी तरह लगती थी यही बिल्कुल सही उमर है तेरी शादी की और तू बिल्कुल अपनी मम्मी पर गई है और अचानक मनोहर की उंगलिया सुधा की गान्ड में उस जगह तक पहुच गई ज़रा तक लेग्गी फटी हुई थी और मनोहर की उंगलिया सीधे लेग्गी के अंदर घुस कर सुधा की गान्ड के छेद से टकरा गई और सुधा की सुध बुध खो गई और उसने अपने पापा के खड़े मोटे लंड को कस कर अपने हाथों में दबोच लिया और एक गहरी सिसकारी मारते हुए कहा ओह पापा क्या कर रहे हो,

मनोहर का लंड जैसे ही सुधा के हाथो की गिरफ़्त में जकड गया मनोहर का कंट्रोल भी खो गया और उसने सुधा की फटी लेगी में पूरा हाथ भरते हुए उसकी गुदाज मोटी गान्ड की गहराई को अपने हाथों से दबोच लिया और सुधा एक बार फिर सीसीया पड़ी और अपने पापा के मोटे लंड को और भी ज़्यादा अपनी मुट्ठी में कस लिया, उसके जवाब में मनोहर ने भी अपनी बेटी की गुदाज गान्ड की गहराई को उंगलियो से दबाते हुए सुधा की मोटी गान्ड के छेद में एक उंगली दबा दी और सुधा आहह सीयी पापा मत करो ना कहने लगी लेकिन अपने पापा के मोटे लंड को उतनी ही तेज़ी से अपने हाथो में दबोच लिया, अगर उसी समय सोनू ना आ जाती तो मनोहर अपनी आधी से ज़्यादा उंगली सुधा की मोटी गान्ड के छेद में पेल चुका होता,[Image: KissOnMyLips+%282%29-783758.jpg]

सोनू अचानक रूम के अंदर प्रवेश करती है और मनोहर उसे देखते ही अपनी उंगली बाहर निकाल कर अपने हाथ को सुधा की पीठ पर फेरता हुआ कहता है उठ बेटी और कितना अपने पापा की गोदी में सर रख कर प्यार करेगी, देखो सोनू आज सुधा कहने लगी कि आप मुझे पहले जैसे प्यार नही करते और मेरी गोद में सर रख कर दुखी हो रही थी तब मैने कहा कि में तुझे बहुत प्यार करता हूँ तू बेकार में दुखी हो रही है, मनोहर की बात सुनते ही सुधा उठ बैठी और पलट कर देखा तो सोनू उसकी और गहरी और कुटिल मुस्कान बिखेर रही थी,

सोनू : अरे सुधा पापा तो सब से ज़्यादा तुझे ही प्यार करते है और पापा क्या पूरे घर भर में सबकी लाडली अगर कोई है तो तू ही है

सुधा : मुस्कुराते हुए सच भाभी

सोनू : और नही तो क्या, अब चल मम्मी बुला रही है में तुझे ही बुलाने आई थी

सुधा : मनोहर की ओर देखते हुए कहने लगी पापा में जाउ [Image: sar08-734246.jpg] मनोहर : सुधा को देख कर मुस्कुराते हुए हाँ बेटा और तू फिकर ना कर आज जैसा प्यार अब में तुझसे रोज करूँगा, मनोहर की बात सुन कर सुधा का चेहरा लाल हो गया और वह खुशी खुशी सोनू के साथ बाहर चली गई, बाहर जाते ही सोनू ने कस कर सुधा के मोटे दूध को दबोचा और सुधा के मुँह से आह निकल गई और उसने कहा क्या करती हो भाभी

सोनू : तू तो बड़ी उस्ताद निकली मैने तो तुझे पापा की उंगली पकड़ने को कहा था और तूने तो पूरा हाथ ही पकड़ लिया

सुधा : शरमाते हुए, क्या भाभी आज तो में मरते मरते बची हूँ, अच्छा हुआ आप वक़्त पर आ गई नही तो क्या से क्या हो जाता

सोनू : ज़रा खुल कर बता ना क्या हुआ, तब सुधा ने कहा भाभी शाम को पार्क में चलेंगे तब बताउन्गी, अभी मम्मी बुला रही है ना

सोनू : अरे नही वह तो मैने ऐसे ही कह दिया अब जल्दी से बता ना क्या हुआ था

सुधा : भाभी पापा ने मेरी गान्ड में उंगली डाल दी थी जहाँ से पीछे से लेग्गी फटी थी वहाँ वह मेरे चुतड़ों को सहला रहे थे और अचानक उनका हाथ मेरी फटी हुई लेग्गी के अंदर चला गया और ना जाने मुझे क्या हुआ मेरे हाथ के नीचे उनका मोटा लंड खड़ा था उनका हाथ जैसे ही मेरी गान्ड के छेद से टकराया ना जाने कैसे मैने पापा के मोटे खड़े लंड को लूँगी के उपर से अपने हाथों में दबोच लिया क्या बताऊ भाभी पापा का लंड तो बहुत मोटा और बहुत बड़ा है मेरी तो साँसे ही थम गई थी उनके मोटे लंड को पकड़ कर अगर तुम टाइम पर नही आती तो पापा की उंगली पूरी मेरी गान्ड में घुस चुकी होती,

सोनू : वाह मेरी रानी पहली ही बाल में छक्का मार दिया तूने अब तो मेरे ख्याल से तेरी लाइन जल्दी ही क्लियर हो जाएगी और जल्दी ही तेरी मस्त चूत और मोटी गान्ड में पापा को मोटा लंड घुस जाएगा, तभी पापा कह रहे थे कि आज जैसा प्यार तुझे रोज करेगे

सोनू की बात सुन कर सुधा का चेहरा फिर से लाल पड़ गया तब सोनू ने कहा अब ढिलाई मत करना और खूब तबीयत से मज़े ले अपने पापा के साथ फिर आज रात को तुझे मेरे रूम में भी आना है तुझे याद हैना

सुधा : हाँ भाभी में तो कब से रात होने का इंतजार कर रही हूँ

सोनू : मुस्कुराते हुए कहती है अब जाकर मेरी ननद रानी पूरी जवान हुई है, चल अब तू जा में ज़रा कपड़े धो कर आती हूँ और फिर सुधा चली जाती है और सोनू मन में सोचती है कि सुधा का कम तो बन गया पर मैं पापा के मोटे लंड का स्वाद कैसे चखू फिर तभी उसके दिमाग़ में एक आइडिया आता है और वह अपना पेट पकड़े हुए पापा के रूम की ओर चल देती है, उसे रोहित और मम्मी का टेन्षन नही था क्योकि वह दोनो बाइक से मार्केट चले गये थे और वह जानती थी कि सुधा अभी आधा घंटा बाथरूम में अपनी पनियाई चूत को सहलाएगी और वह बेफिकर होकर पापा के रूम की ओर बढ़ गई उसने ब्लाउज के दो बटन खोल लिए थे और साड़ी को नाभि के दो इंच नीचे तक सरका ली और पापा के रूम में एंटर होते ही कहा पापा आ अब तो और भी ज़्यादा पेट में दर्द हो रहा है

मनोहर : अरे बेटी गोली से कोई आराम नही मिला

सोनू : नही पापा बड़ी मरोड़ उठ रही है पेट में सोनू ने अपने नंगे मदमस्त पेट को सीधे पापा के मुँह के सामने लाकर रख दिया और मनोहर ने अपनी बहू के मदमस्त गुदाज गोरे पेट पर अपना हाथ जैसे ही रख कर सहलाते हुए मसला उसका लंड फिर से खड़ा हो गया,

मनोहर : बेटी लगता है तुम्हारा पेट उखड़ गया है इसकी तेल से मसाज करना पड़ेगी तब जाकर आराम मिलेगा, ज़रूर तुमने कुछ भारी समान उठाया होगा,

सोनू : हाँ पापा आप ठीक कह रहे है तो फिर मालिश कर दीजिए ना अभी मम्मी होती तो उनसे करवा लेती, सोनू ने जानबूझ कर बताया ताकि पापा बेफिकर होकर उसे तबीयत से दबोचे,

मनोहर : मम्मी कहाँ गई है बेटे

सोनू : मम्मी और रोहित मार्केट तक गये है 1 घंटे में लोटेंगे और सुधा शायद नहाने गई है

मनोहर : ठीक है बेटी में कन्फर्म कर लूँ कि पेट ही उखड़ा है तुम अपनी पीठ को मेरे सीने से टिका कर खड़ी हो जाओ और अपने पेट को फ्री छोड़ दो,____

Page 2 Episode 8

मनोहर ने सोनू के पीछे आकर अपने उल्टे हाथ को आगे लेजा कर सोनू के पेट और दूध के उपर के हिस्से को पकड़ा और दूसरे हाथ से सोनू के नंगे पेट को उपर से नीचे की ओर दबा कर देखने लगा, इस पोज़िशन में मनोहर की लूँगी में खड़ा लंड जैसे ही सोनू की मस्तानी मोटी गान्ड से साड़ी के उपर से चुभा तो सोनू के पूरे बदन में करेंट दौड़ गया, आज पहली बार उसने पापा के खड़े लंड की चुभन अपनी मोटी गान्ड में महसूस की थी, मनोहर के लंड को जैसे ही अपनी बहू की गुदाज मोटी और भरी हुई गान्ड के नरम नरम माँस का एहसास हुआ उसका लंड और भी झटके देने लगा, उसका उल्टा हाथ अनायास ही सोने के ब्लाउज में कसे मुए मोटे मोटे चुचो तक पहुच गया था लेकिन वह शो यह कर रहा था जैसे उसने उल्टे हाथ से सोनू को सहारा देते हुए उसके पेट की मसाज उपर से नीचे तक रगड़ते हुए कर रहा हो उसका हाथ सोनू की साड़ी के अंदर तक भी मसल्ते हुए जा रहा था और सोनू की पैंटी के एलास्टिक से टकरा रहा था,[Image: sar01-723947.jpg]

मनोहर को खूब मज़ा आ रहा था इसलिए वह अपनी कमर का दबाव और भी ज़्यादा दे रहा था जिससे उसका मोटा तगड़ा लंड सोनू की मोटी गान्ड की गहराई में पूरी ताक़त से चुभ रहा था, सोनू को भी अति आनंद की अनुभूति हो रही थी और वह आह स ओह पापा यही मेरी नाभि के जस्ट नीचे दर्द है तब मनोहर के अपने पंजो को उसके पेट के उस उभरे हुए हिस्से पर रख कर दबोचा जो हिस्सा औरत का लंड ले ले कर उपर उठ जाता है और फिर मनोहर ने अपने लंड को सोनू की मोटी गान्ड में दबाते हुए पूछा सोनू बेटे यहाँ दर्द है तब सोनू ने आह सीयी ओह पापा थोड़ा और नीचे और उसकी बात सुनते ही मनोहर ने थोड़ा हाथ और नीचे लेजा कर दो इंच उंगलिया सोनू की पैंटी में डाल कर फिर से अपने लंड का दबाव सोनू की गान्ड में देते हुए उसके उठे हुए पेडू को अपने हाथों से दबोचते हुए कहा सोनू यहाँ दर्द है तब सोनू ने कहा आह ओह पापा हाँ यही दर्द है लेकिन थोड़ा आराम से दबाइए ना बहुत दर्द हो रहा है, सोनू भी अपनी मोटी गान्ड को पापा के खड़े लंड से बराबर रगड़ रही थी और मनोहर का हाथ सोनू के मोटे मोटे दूध पर पहुच गया था और वह एक हाथ से उसकी छातियों को दबाए हुए दूसरे हाथ से उसके उठे हुए गुदाज पेडू को मसल रहा था और अपने खड़े लंड का दबाब बराबर अपनी बहू की गान्ड में दे रहा था. मनोहर ने सोनू की सुरहिदार गोरी गर्दन पर अपने होठ लगा कर चूमते हुए कहा बेटा अब अच्छा लग रहा है या नही,

तब सोनू ने कहा ओह पापा बहुत अच्छा लग रहा है मन करता है कि बस आप ऐसे ही मेरे पेट को दबा दबा कर सहलाते रहिए उसकी बात सुन कर मनोहर ने अपने लंड को खूब कस कर सोनू की गान्ड में दबाया और उसका कंट्रोल खो गया और मनोहर का हाथ साड़ी के अंदर पैंटी के अंदर फूली हुई चिकनी चूत पर पैंटी के उपर से पहुच गया और मनोहर ने अपनी बहू सोनू की फूली चूत को पैंटी के उपर से मुट्ठी में भर कर दबोच लिया और दूसरे हाथ से सोनू के मोटे मोटे बोबो को भी कस कर पकड़ लिया तो सोनू के मुँह से एक गहरी चीख निकल गई[Image: sar02-725485.jpg]

और वह बोल पड़ी ओह पापा जी सीयी आह यह यह क्या कर रहे है पापा, मनोहर कुछ बोलने की स्थिति में नही था बस वह सोनू की फूली बुर को पैंटी के उपर से अपनी मुट्ठी में दबोचे हुए उसकी गान्ड में अपने मोटे लंड को दबा रहा था तब सोनू ने सीसियाते हुए कहा पापा यह क्या कर रहे है और मेरे पीछे यह क्या चुभ रहा है और सोनू ने हाथ पीछे लेजा कर मनोहर के खड़े लंड को जब लूँगी के उपर से अपनी मुठ्ठी में भर कर दबोचा तो मनोहर के मुँह से ओह बेटी जैसी आवाज़ निकल पड़ी और सोनू ने कहा पापा यह क्या चुभा रहे है कितना मोटा और लंबा है यह, तब मनोहर ने सोनू के गले को चूमते हुए उसकी फूली चूत को दबोचते हुए कहा बेटी तेरी यह भी तो कितनी फूली है और मनोहर ने कस कर उसकी चूत को अपनी मुट्ठी में भर कर जैसे ही दबोचा सोनू ने सीस्याते हुए मनोहर के लंड को भी खूब कस कर अपनी हथेली में जकड लिया.

मनोहर सोनू के मोटे मोटे दूध को दबाते हुए कहने लगा सोनू

सोनू : आँखे बंद किए हुए ....आहह जी पापा

मनोहर : बेटे अब दर्द कैसा है

सोनू : आह सीयी पापा बहुत अच्छा लग रहा है, सोनू ने मनोहर के लंड को मसल्ते हुए कहा, तभी मनोहर ने सोनू को अपनी ओर घुमा लिया और उसे कस कर अपने सीने से लगा लिया और पागलो की तरह अपनी बहू के गालो को होंठो को चूमने लगा, अचानक सोनू ने पापा को दूर धकेल दिया और दीवार से सट के खड़ी हो गई उसके दोनो हाथ उसके चेहरे पर थे और मुँह दीवार की ओर तभी मनोहर ने पीछे से जाकर सोनू की मोटी उठी हुई गान्ड में अपने लंड को लगा कर आगे हाथ फोल्ड करके उसे फिर से दबोच लिया, [Image: DSC01069-784252.JPG] सोनू : अपनी मोटी गान्ड में पापा के मोटे लंड की चुभन महसूस करते ही फिर से सिसिया उठी और कहने लगी आह पापा ये आप क्या कर रहे है मुझे छोड़िए कोई आ जाएगा

मनोहर सोनू के मोटे मोटे बोबो को कस कर मसलता हुआ कहने लगा बेटी में तो तुझे प्यार कर रहा हूँ, कितने मोटे मोटे चूतड़ है मेरी बेटी के यह कहते हुए मनोहर ने एक हाथ से सोनू के मोटे तगड़े उठे हुए चुतड़ों को पकड़ कर कस कर मसल्ने लगा

सोनू : आहह पापा प्लीज़ ऐसा मत कीजिए कोई अपनी बहू के साथ ऐसा करता है क्या, तभी मनोहर ने अपने लंड को लूँगी से बाहर निकाला और सोनू का हाथ पकड़ कर अपने खड़े मोटे लंड पर रख दिया और सोनू की मुट्ठी अपने लंड पर कस दिया, और सोनू के गालो को चूमने लगा [Image: image020-737066.jpg] तब सोनू ने अपना हाथ छुड़ाते हुए हँसने लगी और मनोहर से छूट कर हँसते हुए गेट की ओर भागी और भागते हुए कहने लगी पापा आप भी ना और फिर गेट पर जाकर रुकी और मनोहर को पलट कर मुस्कुराते हुए देखा तो दूसरी और से मनोहर ने भी मुस्कुराते हुए कहा बहू सुनो तो, लेकिन सोनू ने मुस्कुराते हुए अपनी जीभ दिखा कर मुँह बनाया और मनोहर को अंगूठा दिखाते हुए भाग कर बाहर चली गई,____

Page 2 Episode 9

सोनू की इस हरकत से मनोहर बहुत खुश लग रहा था बहू के पॉज़िटिव रियेक्शन ने उसे खुशी से पागल कर दिया था और सुबह सुधा की गुदाज जवानी देखने और मसल्ने का मोका भी मिल गया था वह अपनी दोहरी खुशी से पागल हुआ जा रहा था, कुछ देर तक मनोहर अपने रूम में रहा और फिर रूम के अंदर नीलम आ गई और आते ही कहने लगी, क्यो जी बहू क्या कह रही है [Image: tw-HpMbhjPnftX1Ik4--BWofJImnbgEFqKO-mxPh...=w184-h220] मनोहर का इतना सुनना था कि उसका दिल डर से बैठने लगा और वह हकला कर कहने लगा कि क्कक्या क्क्या कह रही है

नीलम : वह कह रही है कि उसका पेट बहुत जोरो सेदुख रहा था और तुमने पता नही उसे कैसी थेरेपी दी कि उसका दर्द मिंटो में गायब हो गया

मनोहर ने जब यह बात सुनी तो उसकी जान में जान आई और वह मुस्कुराते हुए कहने लगा आख़िर डॉक्टर. हूँ उसी का तो कमाल है कि मिंटो में दर्द दूर कर पाया

नीलम : मनोहर के गले लगती हुई, कहने लगी डार्लिंग मुझे भी बहुत तेज दर्द हो रहा है ठीक करो ना

मनोहर : नीलम के मोटे मोटे चुतड़ों को दबाते हुए कहने लगा तुम्हे कहाँ दर्द हो रहा है,

नीलम : मनोहर के हाथो को अपनी मोटी गान्ड की गहराई में दबाते हुए कहने लगी मुझे तो यहाँ दर्द हो रहा है, मोटे से इंजेक्षन से ही ठीक होगा, जैसे ही मनोहर का हाथ नीलम की गान्ड की गहराई में गया वह चौंक गया क्योकि नीलम की लेग्गी उधड़ी हुई थी और उसकी मोटी गान्ड के आस होल से लेकर चूत की फूली फांको के उपर तक लेग्गी फटी थी और उसने अंदर कोई पैंटी भी नही पहनी हुई थी और मनोहर ने उसकी गान्ड के छेद और चूत के छेद को सहलाते हुए पुछा यह लेग्गी कैसे फट गई, और तुम्हारी चूत इतनी गीली क्यो है काफ़ी देर से चुदासी लग रही हो तभी चूत इतना पानी छोड़ रही है, [Image: zDm551qYA0vvXQVZ5iyebzeBFtgtxmqg94U3jWgE...=w358-h220] नीलम : एक दम से सकपकाते हुए, अरे कुछ नही यह लेग्गी कल बैठते हुए फट गई थी और मुझे उसे सीलने का भी ध्यान नही रहा और में मार्केट उसी को पहन कर रोहित की बाइक पर बैठ कर चली गई थी लेकिन लोटने में रोहित की बाइक पांचार हो गई तो मुझे मजबूरन बस में बैठ कर आना पड़ा, अब बस की सीट पर बैठे बैठे अनायास मेरा हाथ चूत पर गया तो मुझे पता चला कि लेग्गी बहुत ज़्यादा फटी है बस फिर क्या था बस मे बैठे बैठे तुम्हारे इस मूसल को याद करने लगी तो पानी आ गया, तभी नीलम के हाथ में मनोहर के लंड का चिपचिपा पानी लगा और उसने चौंकते हुए पूछा लेकिन तुम्हारा लंड इतना पानी पानी क्यो हो रहा है, कहीं तुमने बहू के पेट को ठीक करने के बहाने उसकी चूत तो नही सहला दी

मनोहर : मुस्कुराते हुए तुम भी ना कुछ भी कह देती हो, बिना किसी जुगाड़ के क्या बहू ऐसे ही मुझे चूत छुने देगी

नीलम : तो फिर इतना पानी क्यो छोड़ रहा है आपका लंड

मनोहर : अरे बहू का मासल पेट देख कर लंड खड़ा हो गया था और फिर उसके जाने के बाद मैने तुम्हारी चूत के बारे में सोचते हुए थोड़ा लंड सहला लिया जिससे पानी आ गया

नीलम : मेरी चूत सोचते हुए लंड सहला रहे थे या बहू की , नीलम ने मुस्कुराते हुए कहा

तब मनोहर ने कहा अब अगर बहू की चूत सोच कर भी मूठ मार रहा था तो क्या हुआ तुम तो कुछ जुगाड़ जमा ही नही रही हो,

नीलम : जमा दूँगी जुगाड़ पर तुम तो सुधा की भी गान्ड मारने के चक्कर में हो ना, [Image: 8uY2hdZ8MTQIijlCWWFTok4AkrxhAlY4q7UjVwOg...=w342-h220] मनोहर : क्या करू सुधा और सोनू दोनो के भारी भरकम चुतड़ों ने मेरे लंड को पागल कर रखा है,

नीलम तो लगता है इस मोटे केले का रस चूस चूस कर निकालना ही पड़ेगा

मनोहर : तुमने मेरे मन की बात कह दी चूस लो ना

नीलम : ठीक है चूस लेती हूँ लेकिन मेरी चूत के बारे में भी कुछ सोचा है

मनोहर : चिंता क्यो करती हो आज हम 69 की पोज़िशन में एक दूसरे के रस को चूस चूस कर पिएगे

नीलम : अच्छा ठीक है में बाहर एक बार देख कर आती हूँ और नीलम जाने लगी तो मनोहर ने कहा जल्दी आना मेरा खड़ा है और नीलम मुस्कुराते हुए बाहर चली जाती है, नीलम बाहर जाकर रोहित और सोनू के रूम के बाहर से उनकी आवाज़ सुनने की कोशिश करती है तो उसे पता चला कि दोनो एक दूसरे को बाँहो में लेकर चूमा चाटी में लगे है फिर उसने सुधा के रूम की खिड़की से अंदर देखा तो सुधा अपनी पैंटी में हाथ डाले हुए लेटी लेटी कोई बुक पढ़ रही थी, नीलम वापस आने लगी और फिर खड़ी खड़ी सोचने लगी,

नीलम सोचने लगी, मनोहर झूठ बोल रहे है हो ना हो आज उन्होने सोनू के पेट को मसल्ने के बहाने ज़रूर उसकी चूत या गान्ड को भी मसला होगा तभी तो उनका लंड इतना पानी पानी हो रहा है, और अब मेरी चूत चाटने का बोल रहे है मतलब मेरी चूत चाटते हुए वह यह सोचेंगे कि वह सोनू की चूत चाट रहे है, अब चूत के चक्कर में अपनी बीबी को झूठ बोल रहे है कोई बात नही में भी कम नही हूँ उनसे सच तो उगलवा कर रहूंगी,[Image: 7pMoDsA_EW9QTX-p5lx8qhyoBwZpHoEJZe7iJ1-z...=w330-h220]

उधर मनोहर अपने रूम में लंड सहलाता हुआ सोच रहा था कि कुछ तो बात है जिसे नीलम छुपा रही है और उसकी लेग्गी कितनी फटी हुई है ज़रूर किसी से अपनी चूत और गान्ड में खूब उंगली करवा कर आई है नही तो उसकी चूत इतना पानी कैसे छोड़ रही है, बिना कारण चूत इतना पानी तो नही छोड़ती है, पर किससे उंगली करवा कर आई है वह तो रोहित के साथ मार्केट गई थी तो कहीं अपने बेटे से ही अपनी चूत और गान्ड .............अरे नही नही नीलम क्या इतनी चुदासी हो गई है कि बेटे से ही अपनी चूत और गान्ड में उंगली करवा लेगी, और अगर वह चुदासी हो भी रही है तो क्या रोहित अपनी मम्मी की गान्ड और चूत को अपने हाथो से सहला सकता है,

हो भी सकता है उस दिन जब नीलम मार्केट जा रही थी तब में तो सोनू के मोटे मोटे चुतड़ों को देख रहा था तब रोहित कैसे आँखे फाड़ फाड़ कर अपनी मम्मी की मोटी भारी गान्ड को मटकते हुए देख रहा था, वैसे भी आज कल जवान लोंडो को मोटी गान्ड और भारी भरकम जिस्म वाली औरते ही अच्छी लगती है, पर फिर भी बिना जाने में यह नही कह सकता कि रोहित ने अपनी मम्मी की मोटी गान्ड और चूत में उंगली पेली होगी या सहलाया होगा, फिर उसके दिमाग़ में एक आइडिया आया और उसने रोहित को कॉल किया...... [Image: zoJTjYpVAx0xiIyC8zn-YJ9rKSHKNeFvwM_lGyb-...=w146-h220] रोहित : जी पापा बोलिए

मनोहर : बेटे अब तुम्हारी बाइक कैसी चल रही है कुछ प्राब्लम तो नही करती है, पहले जब भी तुम मम्मी को बैठा कर ले जाते थे तो पन्चर हो जाती थी, वो क्या है ना तुम्हारी मम्मी इतनी मोटी हो गई है कि बेचारी बाइक की जान निकल जाती है, यह बात मनोहर ने हँसते हुए की

रोहित : मुस्कुराते हुए नही पापा जब से मैने टाइयर और ट्यूब दोनो चेंज करवा लिए है तब से पन्चर नही होती है आज भी मम्मी को बिठा कर मार्केट गया और आया लेकिन अब प्राब्लम नही हुई,

मनोहर : अच्छा तुम घर आ गये क्या

रोहित : हाँ पापा में तो मम्मी के साथ गया था और उन्ही के साथ अभी अभी आया हूँ

मनोहर : ओके बेटा लंच पर मिलते है, और मनोहर फोन कट कर देता है और उसे समझ में आ गया कि नीलम की बताई कहानी सरासर झूठ है, इसका मतलब यह हुआ कि दोनो माँ बेटे में कुछ तो गड़बड़ है इसी लिए नीलम मुझे बता नही रही है, पर खेर कोई बात नही में भी नीलम का पति और रोहित का बाप हूँ पता तो मुझे लग ही जाएगा, अभी वह यह सब सोच ही रहा था कि नीलम रूम के अंदर आ गई और उसने दरवाजा लगा दिया और कहने लगी मनोहर लेग्गी तो फटी ही है तो बिना उतारे ही तुम आज मेरी चूत का रस पियो और नीलम बेड पर मनोहर के अपोजिट करवट लेकर लेट गई और उसके मोटे लंड को लूँगी हटा कर अपने मुँह में ले लिया और मनोहर ने नीलम की मोटी मोटी गदराई जाँघो को पकड़ कर चौड़ा करते हुए अपने मुँह को उसकी फटी लेग्गी से झाँकती चूत में लगा दिया और उसकी चूत से लेकर गान्ड के छेद तक उसकी जांघे और मोटी गान्ड को दबा दबा कर चूसने लगा और उसकी आँखो के सामने सोनू पूरी नंगी नज़र आने लगी और वह सोनू की मस्त फूली हुई बिना बालो वाली चिकनी चूत को सोच सोच कर नीलम की चूत और गान्ड को खूब दबोच दबोच कर चाटने लगा, [Image: vYRB2akXpjMaOXFGEAyy0xmVtfaq3qtorVs0t-6K...=w330-h220]

उधर नीलम भी अपनी आँखे बंद किए हुए मनोहर के मोटे काले लंड को अपने मुँह में भर कर चूसने लगी और उसके दिमाग़ में आज शॉपिंग माल की लिफ्ट में रोहित के साथ घटी घटना याद आनेलगि और उस घटना को सोच सोच कर वह मनोहर के लंड को खूब कस कस कर चूसने लगी और वह घटना उसके दिमाग़ में फ्लश बॅक की तरह चलने लगी..............____

Page 2 Episode 10

फ्लश बॅक...................

नीलम और रोहित माल के फर्स्ट फ्लोर से शॉपिंग के बाद 4र्थ पर जाने के लिए लिफ्ट में जाते है लिफ्ट जैसे ही 2 फ्लोर क्रॉस करती है अचानक पवर कट हो जाता है और नीलम : रोहित बेटे अब क्या करे पॉवेर चला गया अब पता नही कब आएगा, तब रोहित ने कहा घबराओ नही मम्मी थोड़ा वेट करते है शायद आ जाएगा, तभी उपर से कवर हटा और गार्ड ने कहा आप लोग यहाँ से बाहर आ जाओ कुछ फॉल्ट हुआ है पॉवेर आने में टाइम लग जाएगा तब गार्ड ने एक स्टूल दिया और कहा इस पर चढ़ कर आप बाहर आ सकते है, रोहित ने पहले नीलम को स्टूल पर चढ़ाया लेकिन नीलम बहुत हेल्ती थी इसलिए रोहित को नीचे से उसे सहारा देना पड़ा और जब उसने नीचे से अपनी मम्मी के भारी भरकम चुतड़ों को हाथों में भर कर उपर की ओर उठाया तो उसका लंड टाइट हो गया क्या गुदाज गान्ड थी वह तो अपनी मम्मी के चुतड़ों को पकड़ कर मस्त हो रहा था[Image: 7uBGh6iJ8lYX9JW6amgkpdISST-HmzVrpvPfyVIY...=w331-h220]पर जैसे ही उसकी नज़र अपनी मम्मी की फटी लेग्गी से झाँकती गुदाज गान्ड के छेद और मस्त फटी हुई फूली चूत पर पड़ी तो वह पागल सा हो गया और उसका हाथ अपनी मम्मी की फूली चूत की खुली हुई फांको में चला गया अब रोहित अपनी मम्मी की मस्त चूत यानी कि दोनो जाँघो की जड़ो में हाथ भर के उपर की ओर दबा रहा था, [Image: FbGfy3ouyxCromIwpUogOYeakkFzCzQqf9nO3grd...=w165-h220] वही नीलम को जब एहसास हुआ कि उसका बेटा रोहित उसकी फटी लेग्गी की जड़ो में अपनी मम्मी की चूत को दबा रहा है तो उसकी चूत पिघलने लगी रोहित से रहा नही गया उसके मुँह के पास उसकी मम्मी की फूली चूत पूरी फांके खोले सामने थी रोहित ने अपने मुँह को मम्मी की फूली चूत की फांको के बीच रख कर जब सूँघा तो उसकी आत्मा तृप्त हो गई और उससे रहा नही गया और उसने अपनी मम्मी की गान्ड और चूत पर अपने होंठो से धीरे से जैसे ही चूमा नीलम सिहर उठी तब लिफ्टमेन ने कहा क्या हुआ मेडम चोट तो नही आई और उसने नीलम का हाथ पकड़ कर उपर की तरफ खींचा तब रोहित ने नीचे से अपनी मम्मी की गान्ड और चूत में हाथ भर कर उपर की ओर दबाया और नीलम लिफ्ट के बाहर हो गई उसके बाद रोहित भी लिफ्ट मॅन की मदद से उपर चढ़ गया था,

नीलम ने जब रोहित के पेंट में लंड का उभार देखा तो उसकी बुर और भी पनिया गई और रोहित को तो आज जैसे जन्नत को सूंघने और चूमने का मोका मिला था, उस समय दोनो माँ बेटे के लंड और चूत पानी पानी हो रहे थे, उसके बाद रोहित मम्मी को लेकर सीढ़ियो से उपर के माले पर जाने लगा नीलम जैसे जैसे सीढ़िया चढ़ने के लिए अपनी गुदाज जाँघो को चौड़ा करती रोहित उसकी मोटी गान्ड और फटी चूत के उभार को देख देख कर अपना लंड मसल्ते हुए पीछे पीछे चढ़ रहा था नीलम भी अपने बेटे को मस्त करने के लिए कुछ ज़्यादा ही अपनी गुदाज गान्ड को मटका मटका कर सीढ़िया चढ़ रही थी और फिर वह लोग फौर्थ पर पहुच गये लेकिन रोहित पीछे पीछे मम्मी की मोटी मतवाली गान्ड की लचक को देखता ही रहा और फिर वह लोग शॉपिंग करके वापस आ गये,

नीलम उस वाकये को सोच सोच कर मनोहर के मोटे लंड को अपने बेटे रोहित का मोटा तगड़ा लंड सोच सोच कर खूब कस कस कर चूस रही थी और उधर मनोहर नीलम की फूली हुई चूत की फांको को खूब फैला फैला कर यह सोच सोच कर चूस रहा था कि वह उसकी बहू सोनू की मस्त चूत चाट रहा है, दोनो ने एक दूसरे की गान्ड को अपने हाथों में भर कर एक दूसरे के लंड और चूत को खूब कस कस कर चूसना शुरू किया और फिर एक दूसरे के मुँह में आज कुछ ज़्यादा ही जोश के साथ खूब पानी छोड़ा, नीलम अपने बेटे के रस को सोच सोच कर मनोहर का सारा रस पी गई और जब नीलम की फूली चूत ने रस छोड़ा तो मनोहर अपनी बहू सोनू की चिकनी चूत का रस सोच सोच कर खूब नीलम की चूत में मुँह दबा दबा कर सारा रस चूस चूस कर पी लिया और फिर दोनो गहरी साँसे लेते हुए हान्फते हुए लेट गये उनके चेहरे पर एक असीम शांति और सुख की अनुभूति हो रही थी,

आज लंच टेबल पर सभी के चेहरे पर एक ताज़गी नज़र आ रही थी और बिना बात चीत किए मंद मंद मुस्कान के साथ सभी ने खाना ख्या और फिर आराम करने अपने अपने रूम में चले गये, रात को खाने के बाद रोहित के रूम में.........

सोनू : रोहित के लंड को सहलाते हुए कहने लगी क्या बात है जनाब आज कल तो यह दिन रात सर उठाए खड़ा रहता है सच सच बताओ किसको सोच सोच कर इतना मुस्टंडा हो रहा है [Image: jQtF10W0D4xg8NTCYD6PyqcuC87_2zVzAmvwcPmL...=w330-h220] रोहित : सोनू की चूत में हाथ लगाते हुए, जानेमन इसका कोई ईमान धरम थोड़े ही होता है यह तो किसी की भी मोटी गान्ड देख कर खड़ा हो जाता है

सोनू : मुस्कुराते हुए वो तो में जानती हूँ इसीलिए तो पुंछ रही हूँ, अपनी बहन सुधा की गदराई जवानी को याद करके इतना मोटा हो रहा है या फिर मम्मी जी की मोटी गान्ड को सोच सोच कर फनफना रह है

रोहित : तुम बस बाते ही करती हो और कुछ जुगाड़ हो तो बताओ

सोनू : देखो रोहित जब तक खुल कर मुझे अपने अंदर की हालत नही बताओगे में क्या जुगाड़ कर सकती हूँ, तुम मुझे बताओ तुम्हे किसकी मोटी गान्ड मारना है सुधा की या मम्मी जी की तो में कुछ जुगाड़ करूँ

रोहित : सोनू के दूध को ब्लाउज के उपर से दबाते हुए कहने लगा, रानी किसी की भी दिलवा दो दोनो की खूब मोटी मोटी है मज़ा आ जाएगा

सोनू : मंद मंद मुस्कुराते हुए अच्छा जी तो बहन के साथ अब मम्मी जी की गान्ड भी आपको परेशान कर रही है, पर यह तो बताओ ज़्यादा परेशान किसकी गान्ड ने किया हुआ है

रोहित : यार सोनू कल मैने मम्मी की फटी लेग्गी से उसनकी गान्ड और चूत दोनो के दर्शन कर लिए तब से मम्मी की मोटी गान्ड और उसका बड़ा सा छेद सोच सोच कर ना जाने कितना पानी लंड से बह रहा है

सोनू : अच्छा जी तो मेरा यह मूसल मम्मी जी की मोटी तगड़ी गान्ड को फाड़ना चाहता है लेकिन पहले किसकी फाड़ना चाहता है मम्मी की या सुधा की

रोहित : में तो दोनो की एक साथ भी फाड़ सकता हूँ

सोनू : फिकर ना करो मुझे लगता है तुम्हारेलिए कुछ ना कुछ करना ही पड़ेगा, अच्छा यह बताओ कल हमारे साथ मेले में चलोगे,

रोहित : यार मुझे मेले जैसी चीज़े पसंद नही है

सोनू ; अरे घर के सभी लोग जा रहे है बड़ा मज़ा आएगा

रोहित: नही यार मुझे भीड़ भाड़ से जी घबराता है

सोनू : अरे तुम भी ना पागल हो भीड़ भाड़ में ही तो मज़ा आता है

रोहित : वो कैसे

सोनू : तुम देखना भीड़ में जब तुम्हारी चुदासी माँ और बहन अपनी मोटी गान्ड उठा कर और मटका मटका कर चलेगी तो मेले में मनचले लोगो के मज़े हो जाएगे कोई उनकी मोटी गान्ड में हाथ मारेगा और कोई उनकी गान्ड में उंगली पेलेगा, तुम्हे मम्मी जी और सुधा की मोटी मोटी गान्ड को सहलाने और दबाने का खूब मन करता है ना तो यह बड़ा अच्छा मोका रहेगा, भीड़ की आड़ में तुम भी अपनी मम्मी और सुधा की गदराई गान्ड को खूब दबोच दबोच कर सहलाना उन्हे कुछ पता भी नही चलेगा वह सोचेंगी कि लोग उनकी गान्ड पर हाथ मार रहे है और तुम्हारे मज़े हो जाएगे,

रोहित : लेकिन मम्मी या सुधा ने पीछे मूड कर देख लिया तो

सोनू : नही देखेगी क्योकि पिछली बार जब में और मम्मी बस में खड़े खड़े आ रही थी तो एक कॉलेज बॉय ने मम्मी की मोटी गान्ड को खूब दबोचा था और तो और उसने तो मम्मी की लेग्गी में पीछे से पेन से सुराख करके अपनी एक उंगली भी मम्मी की गान्ड में घुसा दी थी लेकिन तुम्हारी मम्मी इतनी चुदासी है कि उसने एक बार भी पीछे नही देखा और खूब मज़े लिए,

रोहित : अश्चर्य से सोनू को देखते हुए कहने लगा क्या बात कर रही हो तभी मम्मी की लेग्गी इतनी फटी हुई थी

सोनू : अरे उस लड़के ने तो पेन से छोटा सा उंगली के साइज़ का ही छेद किया था पर मम्मी को अपनी गान्ड में उंगली पेल्वाने में इतना मज़ा आया कि उन्होने अपने हाथो से अपनी लेग्गी और भी ज़्यादा फाड़ ली ताकि लोग आसानी से उनकी मोटी गान्ड में लंड भी पेल सके, [Image: 3gUXY8Y6TSPV1SVSfeTQfHpweDXQIRaZMY0CetjC...=w167-h220] रोहित : और सुधा की गान्ड कैसे दबाने का मोका मिलेगा

सोनू :पहले मम्मी के तो मज़े लो सुधा को बाद में देखते है वैसे भी आज कल वह दिन भर पापा जी के पास ही घुसी रहती है

रोहित : क्या मतलब

सोनू : मैने कल देखा था वह पापा की गोद में बैठी थी और पापा उसे दुलार रहे थे

रोहित : तो क्या हुआ वह तो उनकी बेटी है उसे गोद में भी बैठा सकते है,

सोनू : और गोद में अपनी जवान और गदराई बेटी को बैठा कर उसकी मोटी मोटी जाँघो पर हाथ फेरते हुए उसे चूमे तब

रोहित: तो क्या हुआ वह उनकी बेटी है उसे गोद में बैठा कर चूम भी सकते है

सोनू : मुस्कुराते हुए और अगर कल को वह मुझे अपनी गोद में बैठा कर इसी तरह चूमने लगे तब

रोहित ; तो क्या हुआ डार्लिंग तुम भी तो उनकी बेटी जैसी ही हो तुम्हे भी वह अपनी गोद में बैठा कर दुलार सकते है,

सोनू : पर सुधा कह रही थी कि जब पापा उसे गोद में बैठा कर दुलार रहे थे तब उसकी मोटी गान्ड के नीचे से पापा का मोटा लंड चुभ रहा था

रोहित : अरे जानेमन जब एक मर्द किसी जवान लोंड़िया को अपने गोद में बैठाएगा तू उसके भारी चुतड़ों की वजन से किसी का भी लंड खड़ा हो सकता है

सोनू : अच्छा और अगर पापा ने मुझे अपनी गोद में बैठाया तब उनका लंड खड़ा होगा कि नही

रोहित : क्यो नही होगा तुम्हारी गान्ड भी तो एक दम ठोकने लायक है, [Image: 2akycx6G8unfgCPzUT9lEdrd4GG0VoKtkP_bXQiT...=w319-h220] सोनू : ब्लाउज के बटन खोलते हुए कहने लगी अच्छा जी अब अपनी बीबी की मोटी गान्ड को अपने पापा से ठुकवाओगे क्या, कहते हुए सोनू अपने ब्लाउज और पेटिकोट को उतार कर सिर्फ़ ब्रा और पैंटी में आ चुकी थी और पैंटी भी उसने वह पहनी थी जिसमे चूत की लकीर के यहाँ से पैंटी में चीरा लगा हुआ था और सोनू ने बेड पर बैठ कर जब रोहित की ओर अपनी जांघे फैलाई तो उसकी चूत की फूली फांके खुल कर अलग हो गई

रोहित : अपने लंड को मसल्ते हुए अरे वाह सोनू कितनी अच्छी पैंटी लेकर आई हो तुम____

Page 3 Episode 1

सोनू अपनी चूत की फांको को सहलाती हुई कहने लगी यह पैंटी तो मम्मी जी अपने लिए लाई थी लेकिन मैने जब कहा कि मुझे बहुत पसंद है तो कहने लगी तू ले ले लेकिन मैने कहा मम्मी जी यह तो आप पर बहुत अच्छी लगेगी पापा इसमे आपको देख कर मस्त हो जाएगे, लेकिन मम्मी नही मान रही थी और में भी नही ले रही थी तब मम्मी ने कहा ठीक है तेरे पापा से पूछती हूँ कि इसे में रख लूँ या सोनू को दे दूं तब पापा ने कहा यह तो बहू के उपर ज़्यादा अच्छी लगेगी तब मम्मी जी ने यह कहते हुए मुझे दे दी कि तेरे पापा ने तेरे लिए सेलेक्ट कर दिया है इसलिए इसे अब तू ही पहन [Image: K2r1VfiZHAGtXob1L7z-78dQhh0BixXjAyHDWK3P...=w293-h220] रोहित : अच्छा जी तो पापा की पसंद की पैंटी पहनी है आपने वैसे पापा ठीक कह रहे थे कि यह तुम पर बहुत अच्छी लगेगी

सोनू : अरे नही तुमने मम्मी को पहने नही देखा है अगर देखते तो कहते यह तो मम्मी के मस्त गान्ड और चूत पर ही जमती है

रोहित : सोनू अब ना तडपाओ मेरे लंड को कुछ राहत दो पिछले दो घंटे से खड़ा है

सोनू : फिकर ना करो आज में तुम्हे कुछ नया मज़े दूँगी बस जब में तुम्हारा लंड चुसू तो मन में यह सोचना कि तुम्हारी बहन सुधा तुम्हारे इस मोटे काले लंड को पी रही है, अब सोनू आगे बढ़ी और उसने रोहित की आँखो पर एक पट्टी बाँध दी, रोहित पहले से ही नंगा पड़ा हुआ था,

रोहित : यह क्या कर रही हो सोनू

सोनू : तुम देखते जाओ यह फोरप्ले का नया अंदाज है बस तुम्हे अब कुछ नज़र नही आएगा बस तुम कल्पना करो कि अब जो कुछ भी तुम्हारे साथ हो रहा है वह तुम्हारी अपनी बहन सुधा कर रही है,

रोहित : ओके बाबा तुम इन बातों में काफ़ी एक्सपर्ट हो असली मज़ा कैसे लेना है तुम्हे अच्छी तरह आता है, उसके बाद सोनू ने धीरे से सुधा को मिस कॅल किया, सुधा शॉर्ट स्कर्ट और शॉर्ट टीशर्ट पहने बैठी थी उसकी पैंटी दूसरी ओर बेड पर पड़ी थी और वह अपनी फूली चूत रब कर रही थी, जब उसके पास भाभी का मिस कॉल आया तो वह धीरे से अपने रूम से बाहर गई और भाभी के गेट को धीरे से पुश किया और भाभी को अपने सामनेकेवल पैंटी में देख कर देखती ही रह गई, वह कुछ बोलती उसके पहले ही सोनू ने मुँह पर उंगली रखते हुए उसे चुप रहने का इशारा किया और उसका हाथ पकड़ कर अंदर खींच लिया, अंदर आते ही सुधा को दूसरा झटका लगा और उसका जी धक धक करने लगा रोहित पूरा नंगा आँखो पर पट्टी बँधे हुए बेड पर पड़ा था और उसका काला मोटा लंड पूरी तरह तना हुआ था, [Image: LtrDL0sUsB6rsctvC8L-l7kj5v2xOawVlopG2l8a...=w146-h220] सोनू ने सुधा की मनोदशा को समझते हुए उसे बिल्कुल चुप रहने को कहा और धीरे धीरे उसे बेड की ओर ले गई तभी रोहित ने कहा क्या हुआ डार्लिंग आओ ना कब से मेरा लंड झटके मार रहा है, तब सोनू ने कहा अब तैयार हो जाओ रोहित आज तुम्हारे लंड का पूरा रस निचोड़ कर में पी जाउन्गी उसके बाद सोनू ने सुधा को रोहित के पैरो के पास बैठने का इशारा किया और खुद भी सुधा के पास बैठ गई और रोहित के मोटे लंड को पकड़ कर सुधा के हाथ में पकड़ा दिया सुधा के हाथ कांप रहे थे लेकिन जैसे ही उसके हाथ में अपने भैया कोमल लंड आया उसका बदन सिहर गया और उसने भैया के लंड को कस कर मुट्ठी में भींच लिया

सोनू : कैसा लग रहा है रोहित

रोहित : आह रानी बहुत अच्छा लग रहा है तब सोनू ने सुधा को मुँह से चूसनेका इशारा किया तब सुधा मंद मंद मुस्कुराते हुए अपने भैया के बड़े बड़े टट्टो को सहलाते हुए उसके लंड के टोपे को पूरा खोलती है और अपने मुँह में पूरे टोपे को भर कर चूसने लगती है और रोहित आह आह ओह हो मज़ा आ गया जानेमन कहने लगा, तभी सोनू ने सुधा की स्कर्ट उपर कर दी और उसकी मोटी मोटी मक्खन की तरह चिकनी जाँघो को फैला कर जब सुधा की चिकनी चूत को अपने हाथों से दबोचा तो सुधा की पकड़ अपने भैया के लंड पर और ज़्यादा हो गई और वह पागलो की तरह अपने भैयाके मोटे लंड को चूसने लगी आज पहली बार वह कोई लंड चूस रही थी और पहली बार उसकी फूली चिकनी चूत कोई सहला रहा था उसके मज़े की तो सीमा नही थी वह पागल हो चुकी थी

तभी सोनू ने अपनी लपलपाति जीभ को जैसे ही सुधा की फूली चूत की फांको को फैला कर चूसा तो सुधा मस्ती में काँपने लगी और सोनू ने सुधा की चूत को खूब फैला कर चूसना शुरू कर दिया, तीनो मस्ती में मगन थे तभी रोहित ने कहा ओह सुधा क्या मोटी गान्ड है तुम्हारी, उसका इतना कहना था कि सुधा ने चौंकते हुए रोहित की ओर देखा और जब उसे कुछ समझ ना आया तो उसने अपनी भाभी की तरफ देखा सोनू उसकी मनोदशा समझ गई और अपने मुँह पर उंगली रख कर सुधा को चुप रहने का इशारा किया और कहने लगी क्या बात है लंड में चूस रही हूँ और गान्ड आपको अपनी बहन की याद आ रही है,[Image: d_siVyCuJQ450RFxwEMhCXb2FKAHX_VTpjaA2_Bj...=w194-h220]

रोहित : क्या करू सोनू जब से सुधा के मोटेमोटे फैले हुए चुतड़ों को देखा है तब से उसके चुतड़ों को नंगा करके चाटने का और उसकी मोटी गान्ड को खूब कस कस के अपने लंड से मारने का बड़ा मन करता है, रोहित की बात सुन कर सुधा आश्चर्य से अपनी भाभी को देखने लगी तब सोनू ने उसकी ओर मुस्कुराते हुए कहा तो ठीक है जी अब मेरी चूत और गान्ड के छेद को खूब कस कर चूसो और यह सोचना कि अपनी बहन सुधा की मोटी गान्ड और फूली चूत को चाट रहे हो और फिर सोनू ने सुधा को स्कर्ट उतार कर रोहित के मुँह पर बैठने का इशारा किया तो सुधा ना में गर्दन हिलाने लगी तब सोनू ने आँखे दिखाते हुए उसे जबरन जाने को कहा तब सुधा ने अपनी स्कर्ट उतार दी अंदर तो वह पूरी नंगी ही थी और सोनू ने उसे बताया कि वह अपने भैया के आस पास लेग करके उसके मुँह में अपने चुतड़ों को रखे तब सुधा ने डरते हुए अपनी जाँघो को रोहित भैया के आजू बाजू किया और अपने मोटे मोटे गदराए चुतड़ों को अपने भैया के मुँह पर जैसे ही रखा रोहित ने अपनी नाक पर अपनी बहन सुधा की चूत की मादक गंध सूँघी तो वह मस्त हो गया और उसने अपनी जीभ निकाल कर अपनी बहन की फूली फांको वाली रसीली बुर को चाटना शुरू कर दिया,

फिर रोहित ने अपना मुँह चूत से हटाते हुए कहा सोनू आज तुम्हारी चूत की गंध कुछ ज़्यादा ही नशीली और मादक आ रही है इतनी सौंधी गंध तो कभी नही आई

सुधा रोहित की बात सुन कर सोनू की ओर देखने लगी तब सोनू ने मुस्कुराते हुए कहा रोहित यह मेरी नही तुम्हारी बहन सुधा की चूत की गंध है

रोहित ने कहा सच कह रही हो सोनू सुधा की मस्त फूली चूत की गंध बिल्कुल ऐसी ही होगी और रोहित ने अपनी बहन की मस्त बुर को फिर से चूसना शुरू कर दिया, और उसके चूस्ते ही सुधा के मुँह से एक गहरी सिसकारी निकल गई

रोहित : क्या हुआ सोनू खूब मज़ा आ रहा है क्या मेरे लंड को भी अपने मुँह में भर लो ना और रोहित ने जब सुधा की गुदाज मोटी गान्ड को अपने हाथों में भर कर सुधा की बुर चूसना शुरू किया तो सुधा ने भी अपने भैया के खड़े लंड को कस कर दबाते हुए चूसना शुरू कर दिया उधर सोनू सुधा के पास बैठ कर उसके मोटे मोटे दूध को कस कस कर दबा रही थी , रोहित ने कहा सोनू आज तुम्हारी गान्ड का साइज़ कुछ ज़्यादा ही लग रहा है

सोनू ने कहा कहीं सुधा की मोटी गान्ड के बराबर तो नही लग रहा है

रोहित ने कहा तुम सही कह रही हो आज तुम्हारी गान्ड तो सुधा की गान्ड की तरह ही लग रही है

सोनू : आज आपके दिल और दिमाग़ में लगता है सुधा को चोदने की इच्छा बहुत ज़्यादा प्रबल हो रही है इसीलिए आपको हर तरफ सुधा की गान्ड और चूत ही याद आ रही है वैसे आप कब से सुधा को चोदने का सोचने लग गये थे, [Image: 8uY2hdZ8MTQIijlCWWFTok4AkrxhAlY4q7UjVwOg...=w342-h220] रोहित : मेरा तो लंड ही अपनी प्यारी बहन सुधा की मोटी गान्ड देख देख कर खड़ा होना शुरू हुआ है

सोनू : मतलब आप शादी के पहले से ही सुधा की गान्ड मारना चाहते थे

रोहित : हाँ सोनू बड़ी प्यारी गान्ड है सुधा की

सोनू : पर आज तक आप अपनी बहन की गान्ड को नंगी देख तक नही पाए मारने की तो बात दूर है

रोहित : हाँ सोनू में डरता हूँ कि कही सुधा बुरा ना मान जाए

सोनू : अरे तुम तो बेकार ही डरते हो मुझे तो लगता है कि वह भी अपने प्यारे भैया के मोटे तगड़े लंड की दीवानी है और तुमसे खूब अपनी मोटी गान्ड की ठुकाई करवाना चाहती है

सोनू की बात सुन कर सुधा बनावटी आँखे निकाल कर गुस्सा दिखाने लगी और साथ में मंद मंद मुस्कुराते हुए फिर से अपने भैया का मोटा केला चूसने लगी

रोहित : सोनू आह बड़ा अच्छा चूस रही हो आज आज से पहले तुमने इतने मादक अंदाज में कभी मेरे लंड को क्यो नही चूसा , आज तो तुम ऐसे चूस रही हो जैसे पहली बार तुम्हे लंड को चूसने का मोका मिला हो, रोहित की बात सुन कर सुधा का चेहरा शर्म से लाल हो रहा था और सोनू सुधा के मोटे मोटे दूध को मसल्ते हुए मुस्कुरा रही थी, रोहित कहने लगा सोनू लगता है आज तुम्हारी गान्ड और चूत को पूरा खोल कर खा जाउ तब सोनू ने कहा तो खा जाओ ना किसने मना किया है

[Image: S8uzgZcxDhDku8UnVwaHZMeGOEnCbTDzCmVsgvrq...=w288-h220]____

Page 3 Episode 2

अब चुसाइ का दौर बहुत तेज़ी से शुरू हो गया और सुधा पागलो की तरह अपने भैया के मोटे लंड को दबा दबा कर चूसने लगी और उधर रोहित भी उसकी चूत की फांको को फैला फैला कर खूब दबोच दबोच कर चूसने लगा, कमरे में चूत और लंड से निकलने वाली महक चारो और फैल गई थी और उनकी दबी हुई सिसकारिया पूरे रूम में गूँज रही थी तभी रोहित ने जब अपने हाथो को सुधा की मोटी मोटी गुदाज जाँघो तक ले जाकर उसे कस कर दबोचा तो उसे एक दम से झटका लगा और वह मन में सोचने लगा कि यह जांघे तो सोनू की नही है फिर उसने धीरे से सुधा के पेट में हाथ लगा कर देखा तो उसका शक यकीन में बदल गया और उसके चेहरे पर एक अनोखी मुस्कान फैल गई और उसे समझते देर नही लगी कि उसकी बीबी सोनू ने बड़ी चतुराई से उसके लिए उसकी बहन को पटा कर बुलाया है वह अपनी बीबी सोनू की चालाकी पर मन ही मन बहुत खुस हुआ लेकिन वह सोनू के प्लान को बेकार नही करना चाहता था इसलिए उसने जाहिर नही होने दिया कि वह जान चुका है की वह अपनी बहन सुधा की रसीली चूत चाट रहा है,

रोहित : सोनू सुधा की मोटी गुदाज गान्ड मारने का कोई जुगाड़ करो ना में अपनी बहन को पूरी नंगी करके खूब कस कस कर चोदना चाहता हूँ

सोनू : ठीक है में उससे पूछ लूँगी लेकिन वह तुम्हारे सामने नंगी होकर आने में शरमाई तो [Image: t2-KfDgGr4ImdpT8nWz1_kdnKwiND5zbbVVymFiZ...=w293-h220]

रोहित : तो तुम भी उसके साथ पूरी नंगी होकर मेरी बाँहो में आ जाना में अपनी बीबी और बहन को पूरी नंगी करके एक साथ चोदना चाहता हूँ, और फिर रोहित यह सोच कर ऐक्साइट हो गया कि वह वाकई अपनी बहन की रसीली बुर चूस रहा है और वह पागलो की तरह सुधा की मोटी गोरी गोरी गान्ड और उसकी गुदा को सहलाते और दबोचते हुए खूब कस कस कर अपनी बहना की चूत चूसने लगा और उधर सुधा रोहित और सोनू की बातों से बहुत गरम हो चुकी थी और वह भी अपने भैया का लंड दबोच दबोच कर चूसने लगी पूरे रूम में सिसकारिया गूंजने लगी और सोनू कस कस कर सुधा के मोटे मोटे बोबो को दबोचने लगी तभी सुधा की चूत का रस निकल पड़ा और रोहित खूब कस कस कर अपनी बहन की चूत चाटने लगा तभी रोहित के लंड को सुधा ने अपना पानी छोड़ते हुए इतना कस कर अपने मुँह से दबोचा कि रोहित के लंड से वीर्यकी पिचकारी छूट पड़ी और सुधा किसी पागल कुतिया की तरह उसका सारा वीर्य चाट चाट कर चूसने लगी,

सुधा रोहित के उपर ही लेट गई और हाँफने लगी और रोहित भी मस्त होकर हाँफने लगा और सोनू के चेहरे पर एक मस्त मुस्कान फैल गई जब उसने सुधा के बालो में हाथ फिराया तो सुधा एक दम से उठ बैठी और सोनू की ओर मुस्कुराते हुए देखने लगी उसका चेहरा पूरा लाल पड़ गया था और उसने जल्दी से मुस्कुराते हुए स्कर्ट पहनी और भाभी को चूमते हुए रूम से बाहर निकल गई तब सोनू ने दरवाजा बंद किया और रोहित के पास आकर उसकी आँखो की पट्टी खोल दी तब रोहित ने मुस्कुराते हुए कहा वाह रानी आज मज़ा आ गया अब तुम जब कहोगी में आँखो में पट्टी बाँध कर ही सेक्स करूँगा, सोनू ने कहा क्यो इतना अच्छा लगा आज का खेल, अभी असली खेल तो बाकी है आगे तुम्हे इससे भी ज़्यादा मज़ा दूँगी, इतना कह कर सोनू रोहित से चिपक गई और रोहित ने सोनू को बाँहो में भरते हुए कहा तुम मेरा कितना ख्याल रखती हो, तुम्हारी कोई इच्छा हो तो मुझे बताना में पूरा करूँगा, सोनू जब ज़रूरत पड़ेगी तब बताउन्गी चलो अब सो जाओ वैसे भी तुम चूत चूस चूस कर थक गये हो.[Image: Knbx96n-sOcHLhJN514-NC1_Zdaab8HIfIsl2lB8...=w283-h220]

सुधा रूम में जाते ही गहरी साँसे लेते हुए अपनी जांघे फैलाए अपनी चूत को सहला रही थी और अपने मन में सोच रही थी कि मान गई में भाभी को गजब की चुदासी औरत है क्या दिमाग़ पाया है भैया को पता भी नही चला कि उन्होने अपनी सग़ी बहन की चूत को आज किस कदर चूसा है और उसका रस पिया है पर भैया का लंड भी काफ़ी मस्त है भाभी कैसे अपनी चूत में लेती होंगी, फिर उसे सुबह पापा वाली बात याद आ गई जब पापा ने उसे अपनी बाँहो में दबोचा था, अब वह अपनी चूत में लंड खाने के लिए तड़प रही थी दिल तो कर रहा था कि भैया के रूम में जाकर भाभी से कह दे कि उसे अभी भैया का मोटा लंड अपनी चूत में लेना है लेकिन फिर उसने सोचा भाभी है तो वह कुछ ना कुछ जुगाड़ तो करवा देगी पर उसके भैया भी कितने कमीने है शादी के पहले से ही उनकी नज़र मेरी मोटी गान्ड पर थी और मेरी गान्ड मारने के लिएकैसे तड़प रहे थे, पर मुझे आश्चर्य तो पापा को देख कर होता है इतनी उमर होने के बाद भी उनका लंड कितना तगड़ा और मोटा है कैसा खुन्टे जैसा खड़ा था, और कैसे मुझे अपनी बाँहो में दबोचे हुए थे इस उमर में भी वह अपनी बेटी की गान्ड और चूत फाड़ देने का दम रखते है, अब में सुबह पापा के पास पढ़ने कैसे जाउन्गी और उनसे नज़रे कैसे मिलाउन्गी, तभी सुधा के मोबाइल पर मेसेज आया और उसने देखा तो सोच में पड़ गई और उसने जल्दी से मेसेज ओपन किया क्यो की मेसेज पापा का था, उसमे लिखा था कि बेटी सुबह मुझेभी जल्दी उठा देना में भी सोनू और तुम्हारे साथ पार्क में एक्सर्साइज़ करने चलूँगा गुडनाइट.

मेसेज पढ़ कर सुधा के चेहरे पर मुस्कान आ गई और वह मन में सोचने लगी पापा तो बड़े बेशरम है भाभी और मेरी गदराई गान्ड देखने के चक्कर में बेचारे अब मॉर्निंग वॉक पर भी जाने को रेडी है, लगता है पापा मेरी और भाभी की मोटी गान्ड और रसीली चूत की ठुकाई करे बिना मानेगे नही यह सोच कर सुधा मुस्कुराते हुए सोने लगी,

[Image: fPh-hE8yWR6iGHkPg6by-4CiOdfkUsmABgoLfc2x...=w330-h220]

सुबह सुबह सोनू किचन में थी और सुधा आँखे मल्ति हुई उसके पास आई और गूडमॉर्निंग कहने लगी तब सोनू ने मुस्कुराते हुए कहा क्या हुआ ननद रानी रात को नींद तो अच्छी आई होगी

सुधा : मुस्कुराते हुए मान गई भाभी आपको अब मुझे यकीन हो गया कि आप कुछ भी कर सकती है

सोनू : मुस्कुराते हुए अब तो यकीन हो गया तुझे कि तेरे भैया कितने पागल है तेरी इस गदराई गान्ड को चोदने के लिए, तू कहे तो तेरी गान्ड फडवाने की व्यवस्था तेरे भैया के साथ जमवा दूं , मज़ा आ जाएगा तुझे जब अपने भैया के मोटे लंड से चुदेगि

सुधा : भाभी मेरी और आपकी गान्ड मारने के लिए तो कोई और भी बहुत उतावला है

सोनू; कौन

सुधा : यह देखिए मेसेज, तब सुधा ने पापा का मेसेज दिखाया तब सोनू ने कहा हूँ तो आज पापा को अपनी गुदाज गदराई गान्ड और चढ़ती जवानी दिखानी ही पड़ेगी, वह सब तो हम कर ही लेंगे लेकिन तूने मेरी बात का जवाब नही दिया तेरी व्यवस्था तेरे भैया के साथ कब जमानी है

सुधा : भाभी मेरे मन में कुछ और है

सोनू : तो बता ना शर्मा क्यो रही है

सुधा : भाभी पहले में पापा का मोटा लंड अपनी गान्ड में लेना चाहती हूँ

सोनू : मुस्कुराते हुए क्या बात है बन्नो रानी पापा जी का लंड तुझे इतना पसंद आया है खेर कोई बात नही पहले पापा से ही चुद ले लेकिन फिर अपने भैया को अपनी गान्ड मारने देगी ना बेचारे बहुत तरस रहे है [Image: HglENkK6ez6gwUU-s5xi_K_rYA0cR5hN4jEdImGP...=w293-h220] सुधा : मुस्कुराते हुए क्यो नही भाभी पर पहला हक़ मेरी गान्ड पर पापा का है उसके बाद भैया का

सोनू: मुस्कुराते हुए चल ठीक है जा पापा को जाकर जगा दे और बिल्कुल टाइट लेग्गी विदाउत पैंटी पहन कर आ जा और वही फटी वाली

सुधा: मुस्कुराते हुए ओके बट आज आपको भी कसी हुई लेग्गी पहनना पड़ेगी वह भी बिना पैंटी के और पीछे से फटी हुई

सोनू : लगता है आज तू पार्क में ही पापा का पानी निकलवाएगी यह कहते हुए सोनू अपने रूम की ओर हँसते हुए जाने लगी और सुधा पापा को जगाने चली गई थोड़ी देर बाद दोनो फटी लेग्गी जो कि उनकी मोटी गदराई गान्ड और सुडोल मोटी जाँघो से चिपकी थी पहन कर पापा के साथ पार्क की ओर चल दी

आगे आगे सुधा और सोनू अपनी गुदाज मोटी गान्ड मटकाते हुए चल रही थी और पीछे मनोहर अपनी बेटी और बहू की मोटी मोटी गान्ड की मतवाली थिरकन को देखते हुए अपने लंड को मसल्ते हुए चल रहा था.........[Image: TT6UaxA0DVzA15jfKtPTaoo4KthhQj3ij7QFg69D...=w328-h220]____

Page 3 Episode 3

सुधा और सोनू की मोटी गान्ड की थिरकन देख कर तो अच्छों अच्छों का लंड खड़ा हो जाता उनकी लेग्गी पूरी तरह उनकी जाँघो के मखमली मोटे उभार को दिखा रही थी और उनके मोटे मोटे चुतड़ों के दोनो पाट बिल्कुल अलग अलग थिरक रहे थे, सुधा की गान्ड कुछ ऐसी थी कि उसके गान्ड के पट खुले हुए फैले हुए नज़र आ रहे थे और सोनू की गान्ड थी तो चौड़ी लेकिन उसकी गान्ड के पट बिल्कुल सटे हुए थे जिनमे लंड पेलने के लिए गान्ड को दोनो हाथों से अच्छे से फैलाना पड़ता, मनोहर ने भी शॉर्ट पहना था जिसमे उसके लंड का टोपा साफ नज़र आ रहा था. अब दोनो घोड़िया पार्क में पहुच चुकी थी और उन्होने धीरे धीरे दौड़ना शुरू किया और मनोहर भी उनकी मतवाली गान्ड की थिरकन देखते हुए पीछे पीछे दौड़ने लगा, अभी उन्होने दो राउंड ही लगाए होंगे कि मनोहर हान्फते हुए रुक गया तब सुधा और सोनू ने पलट कर देखा और हँसते हुए सुधा कहने लगी पापा आप तो बहुत जल्दी हाँफने लगे है

तब मनोहर ने कहा हाँ बेटे मेरा स्टॅमिना अब कम हो गया है तब सोनू ने मुस्कुराते हुए कहा पापा हम दोनो के साथ अगर आप को दौड़ना है तो अपना स्टेमिना बढ़ाना होगा, तब मनोहर ने सोनू को मुस्कुराते हुए देख कर कहा बेटी तुम दोनो मुझे थोड़ी प्रॅक्टीस करवा दो स्टेमिना तो मेरा बहुत है बस थोड़ी आदत छूट गई है पर जल्दी ही में तुम दोनो को हरा दूँगा, [Image: aS3M2IpBMquS9lIcpIMl8aWLmszZ9_XFgmzgaCAo...=w146-h220] सोनू : पापा सुधा का तो पता नही पर में आपसे इतनी आसानी से हारने वाली नही हूँ, मुझसे तो रोहित भी हार जाता है यह बात सोनू ने मुस्कुराते हुए की तब मनोहर ने उसकी बात को सुन कर कहा बेटी अभी तुम अपने पापा को अच्छे से जानती नही हो, मेरा स्टेमिना इतना ज़्यादा है कि तुम देखती ही रह जाओगी, बस एक बार तुम दोनो मुझे थोड़ा प्रॅक्टीस करवा कर गरम तो करो, सोनू ने कहा ठीक है पापा अब हम दोनो जैसी एक्सर्साइज़ करेगी वैसे ही आप हमे देख देख कर करना और फिर सुधा और सोनू ने दोनो पैर पास पास किए और बिना घुटने मोड झुक कर अपने पैरो के पंजो को छूने लगी, मनोहर बिल्कुल उनके पिछे कुछ दूरी पर था और उसने जब अपनी बेटी और बहू की गुदाज गान्ड को झुकी हुई देखा तो उसकी साँसे थम सी गई, सुधा और सोनू दोनो की चूत की फूली हुई फांके फटी लेग्गी में से साफ नज़र आ रही थी [Image: Yh-VGicjSlLQcOlsiwM7lkM5ixrAPMoswh3uq1kz...80-h800-no] मनोहर तो देख कर पागल सा हो गया तब सोनू ने मुस्कुराते हुए झुके झुके ही पीछे देखा और कहा पापा देख क्या रहे है करिए ना तभी तो आप स्ट्रॉंग बनेगे, मनोहर ने सोनू को स्माइल देते हुए झुका पर उसकी नज़रे अभी भी सोनू और सुधा की चूत की फूली फांको पर ही टिकी हुई थी, फिर सुधा और सोनू वापस खड़ी हुई और फिर से झुकी और मनोहर खड़ा खड़ा अपने लंड को मसल्ने लगा और उसका लंड शॉर्ट फाड़ कर बाहर आने को बेताब हो गया अब वह सोच रहा था कि अपने लंड को कैसे छुपाऊ और सुधा ने जब पलट कर पापा को देखा और उसकी नज़रे पापा के खड़े लंड पर गई तो वह मुस्कुरा कर सोनू को देखने लगी और सोनू ने भी जब पापा के लंड को देखातो वह भी मुस्कुराने लगी, और पलट कर कहने लगी पापा क्या हुआ करिए ना [Image: HuWvICdlVwo1cfdkqWDI5z2v96Xj4Knmg9_5m9OB...80-h800-no] मनोहर : पीछे रखी बेंच पर बैठते हुए कहने लगा बेटी पहले तुम लोगो को देख कर में सीख लेता हूँ फिर बाद में करूँगा तुम दोनो करती रहो और मनोहर ने अपने लंड को अड्जस्ट किया तभी सोनू ने सुधा की ओर इशारा किया और दोनो ने अपनी टाँगो को थोड़ा फैला लिया और फिर झुक कर पैरो को छुने लगी, यह सीन देख कर मनोहर को लगा कि उसका पानी निकल जाएगा, क्योकि सुधा और सोनू की चूत पूरी खुल कर मनोहर को दिखाई दे रही थी और उन दोनो की चूत के गुलाबी छेद को देख कर मनोहर ने अपने लंड को कस कर मसल लिया, मनोहर से बर्दास्त नही हो रहा था उसका मन कर रहा था कि अभी जाकर सुधा और सोनू की मोटी गान्ड में लंड पेल पेल कर फाड़ दे, तभी सामने की ओर से दो तीन लड़के रन्निंग करते हुए आ रहे थे, जिन्हे देख कर सोनू ने सुधा को इशारा किया और दोनो ने अपनी पोज़िशन चेंज कर ली और अब अपने हाथ उपर नीचे करते हुए पीटी करना शुरू कर दी और मनोहर अब उनके मोटे मोटे दूध के उतार चढ़ाव को देख रहा था [Image: E7s7p9wzHjdWhminVc7UW_PMBTDtJ8nzlz-vX8gJ...80-h800-no] सोनू के दूध सुडोल थे और उसका थोड़ा पेट भी उभरा हुआ था और जब वह हाथ उपर करती तो उसकी गुदाज गहरी नाभि और गोरा चिकना पेट मनोहर को पागल कर देता और सुधा का पेट एक दम कसा हुआ था लेकिन उसके दूध तो बहुत ज़्यादा ही मोटे मोटे और पूरी तरह ठोस और कसे हुए लग रहे थे जिन्हे देख देख कर मनोहर सोच रहा था कि सुधा के दूध को मसल्ने में कितना मज़ा आएगा उसके ठोस दूध का एहसास मनोहर को अपने हाथो में महसूस हो रहा था,

उधर नीलम ने आज नहा धोकर रेड साड़ी पहनी हुई थी और उस पर रेड कलर की स्लीवलेस चोली और साड़ी उसकी गहरी नाभि और गदराए उठे हुए पेट से काफ़ी नीचे थी और वह ड्रेसिंग टेबल के सामने अपनी कॅटिली कमर के कर्व को देख देख कर मुस्कुरा रही थी तभी रोहित अपने रूम से बाहर आया और उसने कहा गुड मॉर्निंग मम्मी क्या बात है आज तो आपने साड़ी पहनी हुई है

नीलम : मुस्कुरा कर रोहित को देखते हुए कहने लगी, क्यो मैं साड़ी में अच्छी नही लग रही हूँ क्या

रोहित : नही मम्मी आप तो आज बहुत खूबसूरत लगती है

नीलम : मंद मंद मुस्कुराते हुए कहने लगी तू सच बोल रहा है या मज़ाक कर रहा है

रोहित : नही मम्मी में सच बोल रहा हूँ और रेड साड़ी ब्लाउज में और भी सुंदर लग रही हो

नीलम : खुस होते हुए, अच्छा यह बता में जीन्स में ज़्यादा अच्छी लगती हूँ या साड़ी में

तभी रोहित के मुँह से निकल गया मम्मी आप तो मुझे सबसे अच्छी टाइट लेग्गी और टीशर्ट में लगती हो [Image: xIFzC_EICY_2lxFopDv_XzpmsSPrHhgOhRdgp-lx...80-h800-no] नीलम : रोहित को मंद मंद मुस्कुराते हुए देखती हुई कहने लगी, लेग्गी में ज़्यादा अच्छी क्यो लगती हूँ, जबकि सुधा और सोनू तो कहती है मैं जीन्स में ज़्यादा अच्छी लगती हूँ

रोहित : नही मम्मी आप जीन्स में भी काफ़ी अच्छी लगती हो पर लेग्गी में.....

नीलम : मुस्कुराते हुए रोहित की आँखो में देखती हुई कहती है पर लेग्गी में क्या बेटे

रोहित : मेरा मतलब है मम्मी लेग्गी में आप एक दम फिट नज़र आती है,

तब नीलम ने कहा और इस लाल साड़ी में

रोहित : इसमे आप पूरी तरह इंडियन नारी नज़र आने लगती है, पर मम्मी आज सुबह सुबह इतनी सज धज के आप कहाँ जाने की तैयारी में है, रोहित ने अपनी मम्मी के गुदाज पेट और गहरी नाभि को ललचाई नज़रो से देखते हुए कहा

नीलम : कुछ नही रे बस बहुत दिनो से साड़ी नही पहनी थी इसलिए पहन कर तैयार हो गई,

रोहित : मम्मी वैसे आप इस लाल साड़ी और स्लीवलेस ब्लाउज में बहुत गोरी लग रही है आप कहे तो अपने स्मार्ट फोन से आपका एक पिक्स ले लूँ

नीलम : क्या में सच में तुझे इतनी अच्छी लग रही हूँ

रोहित : सच्ची मम्मी एक दम मस्त [Image: FmxvqBnBtrDzp-mWWF2ngypIluL28Nq_pBl55sUo...80-h800-no] नीलम : खुश होते हुए तो फिर खींच ना फोटो, रोहित ने अपने मोबाइल से मम्मी का फोटो लिया तो नीलम ने कहा दिखा मुझे और जब उसने देखा तो कहने लगी अरे थोड़ा अच्छी खींच ना, रुक में पोज़ देती हूँ फिर खिचना और नीलम ने एक हाथ को टेबल पर रख कर थोड़ा अपनी कमर से साड़ी हटाते हुए अपने एक हाथ को सर के पीछे रख लिया और मुस्कुराते हुए कहने लगी अब खींच, रोहित का लंड मम्मी की गहरी नाभि और उभरे हुए मासल पेट और उसकी बिना बालो वाली चिकनी बगल को देख कर पूरी तरह तन गया था और उसने मम्मी के अलग अलग पोज़ में ज़ूम करके बड़े ही सेक्सी फोटो निकाले और मन में सोचने लगा आज तो इन पिक्स को देख देख कर मूठ मारूँगा[Image: O5p_PFzStOFVSCfb7Hdg4PSMzbRQxdnkwqceYgHc...80-h800-no]____

Page 3 Episode 4

नीलम ने जब पिक्स देखे तो रोहित के गालो को अपने रसीले लिपस्टिक से सने होंठो से चूम लिया और कहने लगी तू तो बहुत अच्छी फोटोग्राफी करता है, मैं तो तेरी पिक्स में सेक्सी नज़र आने लगी हूँ, तब रोहित ने कहा मम्मी आप तो वैसे ही सुंदर और सेक्सी लगती हो फोटो में क्या [Image: rRg4Kh0GaTBI4sPoF389mQzkmitxhqrHHI9h7J6o...80-h800-no] नीलम : रोहित के पास सट कर खड़ी थी और कहने लगी एक तू है जो मेरी तारीफ करता है जबकि तेरे पापा ने तो कभी मुझे सुंदर और सेक्सी नही कहा

रोहित : मम्मी पापा आपको गौर से देखते नही होंगे इसलिए उन्हे आप सुंदर नही लगी होगी

नीलम : अच्छा तो तू मुझे क्या गौर से देखता है

रोहित : मम्मी सच कहूँ तो आप सुधा और सोनू दोनो से बहुत ज़्यादा सुंदर है [Image: Sv48ft5qqJsYx6KY1PWpeB5IxINb7dzfxTlbyakw...80-h800-no] नीलम : मुस्कुराते हुए बस बस अपनी मम्मी की इतनी तारीफ भी ना कर कि में पागल हो जाउ आ तुझे अपने सीने से लगा लूँ कितने दिनो से मैने अपने बच्चे को प्यार से सीने से भी नही लगाया और नीलम ने रोहित को अपनी बाँहो में भर लिया, रोहित तो जैसे पागल हो जाएगा वह अपनी मम्मी के मोटे मोटे दूध में मुँह दबाए उसकी बाँहो में समा गया और उसके हाथ जब अपनी मम्मी की गुदाज मोटी भारी गान्ड पर गये तो वह मस्त हो गया और नीलम भी रोहित के गालो को चूमते हुए कहने लगी, कभी कभी बेटे अपनी मम्मी की गोद में भी बैठ जाया कर, जब से तेरी शादी की है तू मुझसे बहुत दूर दूर रहने लगा है, रोहित ने कहा सॉरी मम्मी आगे से आपको यह शिकायत नही रहेगी पर मम्मी अब में इतना बड़ा हो गया हूँ कि आपकी गोद में कैसे बैठूँगा.

नीलम : मुस्कुराते हुए अच्छा अगर ज़्यादा ही बड़ा हो गया है तो अपनी मम्मी को ही अपनी गोद में बैठा लिया कर, नीलम ने रोहित के मुँह को अपने मोटे मोटे खरबूजो की तरह पके दूधो से दबाते हुए कहा

तब रोहित ने कहा, मम्मी में तो आपको गोद में बैठा लूँ पर आप बैठेंगी थोड़े ही,

नीलम : पगले में इतनी मोटी हो गई हूँ कि तेरी गोद में समा ही नही पाउन्गी, [Image: g4D9rTkvwT48pUQdIv2deDgfhMUp0vgiGD56xfr8...80-h800-no] रोहित : अरे मम्मी लोग तो आपसे भी मोटी मोटी औरतो को अपनी गोद में बैठा लेते है

नीलम : मुस्कुराते हुए पगले वह अपनी बीबी को अपनी गोद में बैठाते होंगे अपनी मम्मी को थोड़े ही

रोहित : नही मम्मी कई लोग तो अपनी मम्मी को गोद में बैठा भी लेते है और गोद में उठा भी लेते है

नीलम : अच्छा तूने किसको देख लिया अपनी मम्मी को गोद में उठाते हुए

रोहित : मम्मी मेरा दोस्त शेखर है एक दिन में उसके घर गया तो वह अपनी मम्मी को गोद में उठाए था, रोहित अपनी मम्मी के भारी चुतड़ों को दोनो हाथों से सहलाते हुए कह रहा था [Image: VNgZC616_snYfqaAYzWbygcpwwWNnjM3eIxo5Out...80-h800-no] नीलम : और क्या कर रहा था तेरा दोस्त अपनी मम्मी को गोद में उठा कर

रोहित :मुस्कुरा कर कहने लगा मम्मी में अब आपसे कैसे कहूँ मुझे शरम आ रही है

नीलम : रोहित को अपने से हटा कर उसका हाथ पकड़ कर सोफे में जाकर बैठ जाती है और उससे कहती है पगले तू बहुत पागल है आज कल बेटे तो अपनी मम्मी से सब बात कर लेते है और तू लड़कियो की तरह शर्मा रहा है पूरी बात बता ना, तू कुछ छुपा रहा है ना मुझसे

रोहित : अपनी मम्मी के गहरे गले से झाँकते गोरे गोरे दूध देखता हुआ कहने लगा मम्मी आपको अच्छा नही लगेगा, मत पूछिए ना

नीलम : मंद मंद मुस्कुरकर आँखे दिखाते हुए कहने लगी सीधे सीधे बताता है कि नही, पगले अपनी मम्मी से शरमा रहा है मुझे कुछ बुरा नही लगेगा में सब जानती हूँ आज कल के बेटो को, [Image: t35B3thZIelon2xRg48xHmgds7d7zFEuMMEKEW8h...80-h800-no] रोहित : मम्मी में जब शेखर के घर गया तो उसका गेट खुला हुआ था और उसने अपनी मम्मी को गोद में उठा रखा था उसकी मम्मी मुस्कुरा रही थी फिर शेखर अपनी मम्मी की नाभि को अपनी जीभ से चाटने लगा

नीलम : और क्या कर रहा था

रोहित : बस मम्मी मैने उसे अपनी मम्मी की नाभि चाटते हुए देखा था

नीलम : पगले इसमे इतना क्यो सोच रहा था यह तो नॉर्मल सी बात है उसे अच्छी लगती होगी अपनी मम्मी की गहरी नाभि तो उसने चूम लिया होगा

रोहित : हाँ मम्मी लेकिन मुझे अजीब लगा तो में वहाँ से वापस आ गया

नीलम : मुस्कुराते हुए कहने लगी तू बहुत भोला है, खेर तुझे अच्छी नही लगती अपनी मम्मी की गहरी नाभि और नीलम ने अपने पेट से साड़ी हटाते हुए जब अपने गुदाज उठे हुए गदराए पेट और गहरी नाभि को रोहित को दिखाया तो वह देखता ही रह गया और उसके शॉर्ट में उसका मोटा लंड खड़ा हो गया था [Image: K3ciGkTYRCsYZwsTGKkgxm6y5d8SRN9SiXnaHeBD...80-h800-no] नीलम : रोहित को देखते हुए कहने लगी तूने देखी थी उसकी मम्मी की नाभि

रोहित : हाँ मैने तो कई बार देखा है उसकी मम्मी हमेशा नाभि के नीचे ही साड़ी पहनती है

नीलम ; अच्छा तो बता मेरी नाभि ज़्यादा अच्छी लगती है या तेरे दोस्त की मम्मी की

रोहित : अपनी मम्मी के गुदाज उठे हुए पेट पर हाथ फेरता हुआ कहने लगा मम्मी आपकी गहरी नाभि और पेट के आगे तो उसकी मम्मी की नाभि कुछ भी नही है, आपका पेट तो बहुत अच्छा लगता है मुझे, और फिर रोहित ने अपनी मम्मी की गहरी नाभि में उंगली डालते हुए सहलाया

नीलम : अच्छा वह अपनी मम्मी की नाभि कैसे चूम रहा था ज़रा चूम कर दिखा [Image: xzhozZPBXcXpmvMWyELPJFrEizGNGH3pgqbfcLvK...80-h800-no] रोहित : पहले आप मेरे सामने खड़ी तो हो जाओ और मैं सोफे पर बैठ कर चूमता हूँ, रोहित ने नज़र बचा कर अपने खड़े लंड को पाजामे के उपर से मसला पर नीलम बड़ी चालाक थी उसने रोहित को अपना लंड मसल्ते हुए तिरछी निगाहो से देख लिया था,उसके टॅंट बने उभार को देख कर नीलम की बुर भी मचलने लगी थी वह मुस्कुराते हुए खड़ी हो गई और अपने पेडू से साड़ी को और भी नीचे करके जब उसने अपना उभरा पेट अपने बेटे के सामने किया तब रोहित ने अपनी मम्मी की गुदाज मोटी गान्ड पर अपने दोनो हाथो को कसता हुआ अपनी मम्मी के उभरे गोरे गोरे मखमली पेट और गहरी नाभि पर एक गहरा चुंबन दिया तो नीलम के मुँह से आह निकल गई और वह कहने लगी ओह रोहित कितना अच्छा लगा जब तूने चूमा तो, इसीलिए तो तेरे दोस्त की मम्मी अपने बेटे से अपनी नाभि चुस्वा रही थी. [Image: HrODU7OupzMc1bs52GJp2iQr7DlrgEUdE3BsVbbj...80-h800-no] रोहित : सच मम्मी मुझे भी आपकी नाभि को चूमने में बहुत अच्छा लगा इसीलिए शेखर अपनी मम्मी के उभरे हुए पेट को चूम रहा होगा

नीलम : बेटे और चूम ना बड़ी अच्छी गुदगुदी होती है, नीलम का कहना था कि रोहित ने अपनी मम्मी के भारी भरकम चुतड़ों को कस कर पकड़ते हुए पागलो की तरह अपनी मम्मी के उभरे हुए गदराए पेट और गहरी नाभि को चूमने लगा, नीलम बड़े प्यार से अपने बेटे के सर पर हाथ फेर रही थी और कह रही थी ओह रोहित शाबाश बेटे बहुत अच्छा लग रहा है , नीलम के मुँह से यह बात सुनते ही रोहित ने अपनी जीभ से अपनी मम्मी के नाभि के छेद को चाटने लगा और अपने हाथ से अपनी मम्मी की मोटी गदराई गान्ड को हल्के हल्के दबोचने लगा, वह अपनी मम्मी की पूरी गान्ड पर हाथ फेर कर उसकी चौड़ाई और मोटाई का जायज़ा ले रहा था और जब उसे अपनी मम्मी की गुदाज मोटी गान्ड के गदरायेपन का एहसास हुआ तो वह पागलो की तरह अपनी मम्मी की गान्ड को सहलाते हुए उसके उभरे पेट को चूमने और चाटने लगा और उसकी मम्मी उसके बालो में हाथ फेरते हुए आ रोहित वेरी गुड बेटे ऐसे ही चुमो चाटो बहुत अच्छा लग रहा है मुझे शाबाश बेटे . [Image: JPv4bqwB3Q9_vcibKLnieqhSUw2VHdp2c4_CdDbI...80-h800-no]____

Page 3 Episode 5

नीलम की पैंटी भीग गई थी और उसे साफ पता चल रहा था कि रोहित उसके हेवी चुतड़ों को बड़े प्यार से मसल रहा है उसकी चूत यह सोच सोच कर फुदक रही थी कि उसका बेटा कैसे उसके मोटे मोटे चुतड़ों को मसल मसल कर अपनी मम्मी के उभरे पेट को चूस चाट रहा है, वह सोच रही थी कि रोहित कितनी अच्छी जीभ चला रहा है उसकी नाभि में अगर इससे अपनी चूत चटवाऊ तो कितना दबोच दबोच कर अपनी मम्मी की चूत चाट चाट कर रस निकालेगा,

उधर रोहित सोच रहा था कि मम्मी की मोटी गान्ड का एहसास तो आज मुझे दबोचने पर पता चला है मम्मी की इस मोटी गान्ड में लंड पेल पेल कर चोदने में कितना मज़ा मिलेगा, तभी बाहर से हँसने की आवाज़ आई और दोनो समझ गये कि सुधा और सोनू आ चुकी है और नीलम ने रोहित के सर को हटाते हुए कहा बेटे अब बाद में चूसना लगता है तेरी भाभी और दीदी आ गये है यह सुनते ही रोहित ने अपने आप को मम्मी से दूर किया और सोफे पर बैठते हुए टीवी ऑन कर दिया और नीलम अपनी साड़ी ठीक करते हुए रोहित के बगल में बैठ गई और बाहर का गेट खुला और सुधा और सोनू अपनी मोटी मोटी गान्ड मटकाते हुए घर में एंटर हो गई और पीछे पीछे मनोहर भी आ गया,

सोनू : क्या बात है मम्मी आज आप साड़ी में सोनू ने मुस्कुराते हुए कहा

नीलम : बस बेटे मन हुआ तो पहन ली

मनोहर : अरे नीलम तुम साड़ी में अच्छी नही लग रही हो

सुधा : नही पापा अच्छी तो लग रही है मम्मी

मनोहर : हँसते हुए बेटे में तो मज़ाक कर रहा हूँ

नीलम : गुस्सा दिखाते हुए कहने लगी मज़ाक छोड़िए और शाम को जल्दी घर आ जाना हम सब आज मेले में चलने वाले है

मनोहर : भाई वह तो ठीक है पर मेला तो शहर से बाहर लगा है 20-25 किमी होगा हमे स्कॉर्पियो से चलना पड़ेगा

नीलम : तो तुम्हारा क्या मन है हम पैदल चले

मनोहर : अरे भाई मेरा मतलब है कि कितने बजे चलना है और फिर लोटना कब है उस हिसाब से प्लानिंग करके चलेंगे ना

नीलम : बहू से पुछिये इसी ने तो प्लान किया है

सोनू : मुस्कुराते हुए कहने लगी मम्मी शाम को 6 बजे चलते है और रात को लोटने में तो 1 या 2 बज जाएगे सो हम डिनर भी वही कर लेंगे वहाँ बड़ा अच्छा होटल भी रहेगा मज़ा आ जाएगा

नीलम : ठीक है फिर सब टाइम पर रेडी हो जाना, इतना कह कर नीलम अपने रूम की ओर चल दी और मनोहर भी उसके पीछे पीछे चल दिया, रोहित का लंड अब तक थम गया था और पानी की बूंदे उसकी अंडरवेर को गीला कर चुकी थी सो उसने सोचा अगर अभी मैं रूम में गया तो सोनू का कोई भरोशा नही जाते ही लंड पकड़ लेगी और फिर वही सवाल कि लंड से पानी क्यो आ रहा है इसलिए थोड़ा बाहर ही घूम आता हूँ और वह यह कह कर निकल गया कि मैं अभी आता हूँ, उधर सुधा और सोनू किचन में जाकर काम में लग गई.....

उधर किचन में हहहहः...हहाः चुप करो भाभी मेरा पेट दुखने लगा है हँसते हँसते

सोनू : अरे में ना थी कि पापा बिल्कुल पगला जाएगे एक साथ तुझे और मुझे घोड़ियो की तरह झुकी हुई देख कर

सुधा : हहा हाँ घोड़ियो की तरह या कुतियो की तरह

सोनू : सोच ले अगर हम कुतियो की तरह थे तो तेरे पापा कुत्ते की तरह हमारी मोटी गान्ड को देख रहे थे, उनका बस नही चलता नही तो पार्क में ही कुत्ते की तरह हमारी गान्ड से अपने मुँह को लगा देते,

सुधा : चुप करो भाभी कोई सुन लेगा

सोनू : अरे कैसे चुप रहूं उनके लंड की मोटाई देख देख कर मेरा तो मन कर रहा है कि उनके मुँह में बैठ कर मूत दूं और वह सारा रस पी ले अपनी बहू का

सुधा : अच्छा तुम अकेली ही मुतोगी पापा के मुँह में

सोनू : अच्छा ठीक है पहले में मूत लूँगी फिर तू भी अपनी चूत खोल कर मूत लेना अपने पापा के मुँह में

सुधा : भाभी मुझे तो सच में पेशाब लगी है

सोनू : हँसते हुए कहने लगी तो फिर बुलाऊ पापा जी को और बोलू उनसे कि आपकी जवान घोड़ी आपके मुँह में मुतना चाहती है

सुधा : हँसते हुए कहने लगी भाभी एक बात कहूँ आप सच में बड़ी वो हो

सोनू : क्या

सुधा : चुदासी

सोनू : जब पापा का लंड तेरी चूत और गान्ड में घुसेगा तो तू भी एक नंबर की चुदासी हो जाएगी

सुधा : भाभी एक बात कहूँ

सोनू : क्या

सुधा : भाभी मैं पापा को मूठ मारते हुए देखना चाहती हूँ

सोनू : तू फिकर ना कर मोका लगेगा तो हमे वह भी देखने को मिल जाएगा, इधर यह दोनो आपस में मस्ती भरी बाते कर रही थी और उधर रोहित के पास उसकी भाभी संगीता का फोन आता है रोहित अपने दोस्त शेखर के पास बैठा हुआ था,

शेखर ने पूछा किसका फोन है तब रोहित ने फोन के स्पीकर पर हाथ रखते हुए कहा मेरी भाभी का,

रोहित : हेलो भाभी कैसी है

संगीता : क्यो भैया जब से हम लोग देल्ही आए है तुम तो हमे भूल ही गये कभी कभार हमे भी फोन कर लिया करो, ना तो पापा फोन करते है ना मम्मी करती है, सोनू को तो जैसे मुझसे कोई मतलब ही ना हो और सुधा की तो नाक मेरे नाम से चढ़ि ही रहती है, वह तो मुझसे बात करने से रही अब बचे तुम जो एक समय बड़ा दम भरा करते थे कि मेरी भाभी सबसे प्यारी है उन्ही देवर जी को आज देख लो हमारी याद तक नही आती है____

Page 3 Episode 6

अभी संगीता बोल ही रही थी कि शेखर ने कहा अबे मुझे भी सुनना है देवर भाभी में क्या बाते चल रही है, तब रोहित ने उसकी ओर मुस्कुरकर देखा और स्पीकर ऑन कर दिया,

संगीता : भैया तुम तो जानते हो कि तुम्हारे भैया को अपनी नौकरी से ही फ़ुर्सत नही मिलती और मैं कई बार अपने आप को अकेली महसूस करती हूँ और सोचती हूँ काश तुम मेरे करीब होते तो तुम्हारे होते हुए मुझे ज़रा भी बोरियत नही होती, लेकिन अब तुम मुझे क्यो याद करोगे बीबी जो आ गई है तुम्हारी

रोहित : नही भाभी ऐसी कोई बात नही है मैं तो हमेशा आपको बहुत मिस करता हूँ

संगीता : सच कह रहे हो

रोहित : कसम से भाभी आपको में कैसे भूल सकता हूँ, रोहित की आँखो के सामने संगीता भाभी का गदराया बदन नाच रहा था, वह मॉडर्न स्टाइल पसंद करती थी और रोहित को भाभी का वह डॅन्स आज भी याद है जब संगीता ने रूम में फुल साउंड के साथ रोहित को जींस और स्पोर्ट ब्रा पहन कर आल्बम मेरे पिया गये रॅंगून किया है वहाँ से टेलीफून वाले गाने पर डॅन्स करके दिखाया था रोहित का तो पूरा लंड भनभना गया था क्योकि भाभी ने जीन्स में अपनी कमर और मोटी गान्ड को इतनी फुर्ती से हिलाया था कि रोहित का पानी निकलते निकलते बचा था, उस गाने मे संगीता भाभी ने इस कदर अपनी मोटी गान्ड और मोटे मोटे दूध हिला हिला कर रोहित को पागल बना दिया था,

संगीता : रोहित में तो बोर होती हूँ तो घर में बिताए पुराने दिनो को याद कर लेती हूँ पता नही तुम्हे मेरी कोई बात याद आती है या नही

रोहित : भाभी मुझे तो आपका वह डॅन्स बहुत याद आता है जब घर के सब लोग बाहर गये थे और आपने अपने रूम में मुझे डॅन्स करके दिखाया था, भाभी आप जब यहाँ आएगी तो एक बार मुझे आपका वह डॅन्स फिर देखना है आप बहुत अच्छा नाचती है

संगीता : मुस्कुराते हुए, रोहित अब में थोड़ी हेल्थि हो गई हूँ अब उतनी फुर्ती से पता नही डॅन्स कर पाउन्गी या नही सुनो मैं तुम्हे व्हाट्सअप पर अपनी पिक्स भेज रही हूँ फिर अभी मुझे कॉल करके बताना मैं पहले से मोटी हो गई हूँ या नही और अब कैसी लगती हूँ अगर तुम्हे मेरी पिक्स पसंद आई तो फिर मैं तुम्हे उस गाने पर डॅन्स करके ज़रूर दिखाउन्गी, चलो पिक्स भेज रही हूँ और संगीता ने फोन कट कर दिया

रोहित के फोन रखते ही शेखर कहता है क्या बात है बाबू तेरी तो तेरी भाभी से बड़ी बनती है, नाचती भी है तेरे सामने कैसा नाचती है तेरी भाभी यार कभी तूने बताया नही, तभी रोहित के फोन पर संगीतकी पिक्स आ जाती है जिसे रोहित और शेखर दोनो देखते है और देखते ही रह जाते है, तीन पिक्स थी पहली पिक्स रेड साड़ी और लाल कलर की चोली में थी जिसमे संगीतभाभी की गदराई जवानी समा नही रही थी उसके मोटे मोटे दूध स्लीवलेस डीप गले के ब्लाउज को फाड़ कर बाहर आए जा रहे थे और उसके उभरे हुए पेट और गहरी नाभि को देख कर ऐसा लग रहा था जैसे इस औरत ने कितने बार लंड लिए होंगे उसका पेडू बहुत उठा हुआ और मादक लग रहा था और अभी तक बच्चा नही होने की वजह से उसका पेट बहुत मसल और चिकना लग रहा था लाल रंग में गोरी चमड़ी दोनो को पागल कर गई थी तभी रोहित ने नेक्स्ट पिक्स देखा जो टाइट लेग्गी कुरती में था जिसमे संगीता भाभी की गुदाज मोटी जांघे साफ उभर कर आ रही थी शेखर ने तो अपने लंड को एक बार मसल भी लिया जिसे रोहित ने देख लिया था फिर तीसरी पिक्स जींस और टीशर्ट में थी जिसमे संगीता भाभी ने पोज़ देते हुए अपनी मोटी गान्ड को बहुत उठा रखा था और इस पिक्स को देखने के बाद रोहित का हाथ भी एक बार अपने लंड पर चला गया,

अभी वह कुछ बोलता कि संगीता भाभी का फोन फिर आ गया और उसने पूछा अब बताओ रोहित मैं कैसी लगती हूँ

रोहित :भाभी माइ गॉड आप तो पहले से बहुत ज़्यादा खूबसूरत हो गई है आपका फिगर तो और भी ज़्यादा अच्छा लग रहा है अब तो आपको मुझे ज़रूर डॅन्स करके दिखाना पड़ेगा

संगीता : खुश होते हुए तू सच कह रहा है मेरा फिगर काफ़ी बोल्ड हो गया है ना

रोहित : हाँ भाभी आप एक दम ...........

संगीता : हँसते हुए बोल ना क्या बोल रहा था यही ना कि में एक दम माल दिखने लगी हूँ, देवर राजा मैं तुम्हारी सब बाते समझ जाती हूँ, खेर मैं यह कह रही थी कि तेरे भैया और मैने इस बार होली पर आने का प्लान किया है इस बार की होली में अपने प्यारे देवर जी के साथ ही खेलूँगी,

रोहित : गुड भाभी आपका स्वागत है पर डॅन्स भी करके दिखाओगी ना

संगीता : फिकर ना करो इस बार मैं तुम्हे ऐसा डॅन्स करके दिखाउन्गी की मेरा देवर एक दम मस्त हो जाएगा चल अब मैं फोन रख रही हूँ, घर में सबको बता देना हम होली के दो दिन पहले आएगे ओके

रोहित : ओके भाभी____

Page 3 Episode 7

शेखर : यार तूने कभी बताया नही कि तेरी भाभी इतनी खूबसूरत है, तेरे तो मज़े है ये जब तेरे सामने नाचती होगी तो तू तो पागल हो जाता होगा, क्या गजब का माल है तेरी भाभी

रोहित : साले मुँह संभाल कर बोल वह मेरी सग़ी भाभी है,

शेखर : बुरा क्यो मानता है बे, इतनी खूबसूरत है, कोई भी देखेगा तो तारीफ करेगा

रोहित : साले खूबसूरत तो तेरी मम्मी भी है तो क्या में उन्हे माल कहूँ

शेकःर : अच्छा और तेरी मम्मी नीलम क्या खूबसूरत नही है

रोहित : साले मेरी मम्मी खूबसूरत है पर तेरी तरह मैं अपनी मम्मी को अपनी गोद में तो नही उठाता हूँ

शेखर : हँसते हुए कहने लगा साले तूने कब देख लिया

रोहित : एक बार तेरे घर आया था तब देखा था फिर सोचा क्यो डिस्टर्ब करूँ और वही से वापस चला गया था

शेखर : मुस्कुराते हुए यार तू तो मेरा नेचर जानता है मुझे गदराई मोटी गान्ड कितनी पसंद है फिर वह चाहे किसी की भी हो मेरा दिल मसल्ने को करने लगता है,

रोहित : जानता हू इसीलिए अपनी मम्मी की मोटी गान्ड मसल्ने के बहाने उनको अपनी गोद में उठा रहा था,

शेखर : सच यार अब तो यह हालत है कि जब से पूजा दीदी ससुराल गई है मम्मी को छुते ही मेरा लंड खड़ा हो जाता है पर वैसे अब तो मेरे मज़े होने वाले है क्योकि पूजा दीदी ससुराल से वापस आने वाली है

रोहित : अच्छा एक बात तो बता तूने पूजा दीदी को कैसे पटाया था चोदने के लिए

शेखर : मुस्कुराते हुए, लगता है तेरा भी मन अब अपनी बहन सुधा को चोदने का होने लगा है

रोहित : क्यो जब तू अपनी दीदी को चोद सकता है तो क्या मैं अपनी बहन को नही चोद सकता

शेखर : चोद चोद प्यारे इसमे कोई बुराई नही है, तू नही चोदेगा तो कोई और तो सुधा को खूब रगड़ रगड़ कर चोदेगा ही, पर अपनी बहन से भी ज़्यादा मज़ा तो अपनी गदराई मम्मी को चोदने में आता है

रोहित : मुस्कुराते हुए कहता है क्यो तू चोद चुका है क्या अपनी मम्मी को

शेखर : नही अभी चोद तो नही पाया हूँ लेकिन जल्दी ही मम्मी की मोटी गान्ड खूब कस कस कर मारूँगा, अब तो मैं अपने खड़े लंड को बातों ही बातों में उनकी मोटी गान्ड से खूब रगड़ देता हूँ और वह कुछ नही कहती है बस बेटे बेटे कहते हुए मुझे अपनी बाँहो में भर लेती है

रोहित : तेरी मम्मी को पता नही चलता है कि तू उनकी मोटी गान्ड में लंड चुभा रहा है

शेखर : अबे पता क्यो नही चलेगा जब इतना मोटा डंडा उनकी गान्ड में चुभेगा तो पर मैं यह समझ चुका हूँ कि मम्मी बहुत चुदासी है पापा भर के लोड्‍े से उनकी प्यास नही बुझती है इसीलिए तो मेरे लंड की चुभन उन्हे अच्छी लगती होगी तभी तो यह जताने की कोशिश करती है कि जैसे उन्हे कुछ पता ही नही चल रहा हो, पहले तो साड़ी के अंदर पैंटी पहनती थी पर जब से मैं उनकी गान्ड से लंड सटा कर रगड़ने लगा हूँ तब से मैने महसूस किया है कि अब वह पैंटी भी नही पहनती है

रोहित : तुझे डर नही लगता की कही वह नाराज़ ना हो जाए

शेखर : शुरू में लगता था पर अब जब से मुझे लगा कि उनको भी मेरी यह हरकत अच्छी लगती है तब से मुझे डर नही लगता और उनके पास जाते ही मेरा लंड खड़ा हो जाता है, वैसे भी जब अपने ही घर में इतनी मतवाली भारी गान्ड दिन भर नज़र आएगी तो लंड खड़ा ही रहेगा ना, और अब तो मेरे मज़े डबल होने वाली है क्योकि पूजा दीदी दो साल से चुद चुद कर अपनी गान्ड इतनी मोटी कर चुकी है कि अब मम्मी और पूजा दीदी दोनो की मोटी गान्ड का शॅप और साइज़ एक जैसा लगने लगा है, और तुझे एक बात बताऊ तो तू झटका खा जाएगा,

रोहित : मुँह फाड़ते हुए कौन सी बात

शेखर : पिछले राखी पर जब पूजा दीदी आई थी तब जब वह झाड़ू मार रही थी तब मैने अपने पापा को किसी पागल कुत्ते की तरह पूजा दीदी की मोटी भारी गान्ड को देख देख कर लूँगी के उपर से अपने लंड को मसल्ते हुए देखा था

रोहित : तेरा ही बाप है साले तुझसे भी बढ़ कर होगा

शेखर : क्या करूँ यार मेरी पूजा दीदी की गान्ड ही ऐसी है कि मारने में मज़ा आ जाता है में तो कहता हूँ तू सुधा को पता ले जब तू अपनी बहन की नंगी मोटी गान्ड मारेगा तो जन्नत में पहुच जाएगा, फिर तेरे लिए मेरे पास एक ऑफर भी है

रोहित : अपने लंड को मसल्ते हुए कहने लगा कैसा ऑफर

शेखर : तू मुझे सुधा की गान्ड दिलवा दे मैं तुझे अपनी दीदी की मोटी गान्ड मारने का जुगाड़ कर दूँगा

रोहित : अबे साले पहले सुधा की गान्ड मुझे तो मिले फिर तू अपने बारे में सोचना,

शेखर : इसीलिए तो कह रहा हूँ कोशिश कर मज़ा आ जाएगा, चल अब में चलता हूँ, मम्मी मेरा वेट कर रही होगी, उसके बाद रोहित वहाँ से अपने घर की ओर आ जाता है..

शाम को सुधा अपनी भाभी के रूम में बैठी थी और ... सुधा : बोलिए ना भाभी में क्या पहन कर चलूं

सोनू : मैं जैसा बताती हूँ तू वैसे कपड़े पहन ले फिर सोनू ने उसे बताया कि तू शॉर्ट स्कर्ट और टॉप पहन ले लेकिन स्कर्ट के अंदर पैंटी नही पहनना,

सुधा : भाभी को देखते हुए, लेकिन भाभी बिना पैंटी के शॉर्ट स्कर्ट कुछ ज़्यादा नही हो जाएगा, किसी ने मेले में मेरी स्कर्ट उठा दी तो,

सोनू : तू फिकर ना कर इतनी हिम्मत किसी की नही होगी

सुधा ; और आप क्या पहनॉगी

सोनू : में सलवार कुरती पहनूँगी

सुधा : वाह भाभी मुझे इतने छोटे कपड़े वह भी विदाउट पैंटी और आप खुद पूरी कवर हो कर जाओगी दिस ईज़ नोट फेयर

सोनू : अरे तू तो पागल है में शॉर्ट कुरती और सिर्फ़ सलवार पहनूँगी अंदर पैंटी नही होगी और मेरी सलवार चूत से लेकर गान्ड के छेद तक फटी रहेगी और कुरती से गान्ड उतनी जगह तक कवर रहेगी जहाँ सलवार फटी होगी,

सुधा : मुस्कुराते हुए कहने लगी फिर ठीक है मैं अभी तैयार होकर आती हूँ,____

Page 3 Episode 8

उधर नीलम ने एकदम टाइट लेग्गी और उपर कुरती डाल ली थी कुरती और लेग्गी के अंदर उसने भी ब्रा पैंटी नही पहनी और फिर ड्रेसिंग टेबल के सामने अपने बाल बनाने लगी,फिर जब उसकी नज़रे अपनी मोटी मोटी गदराई जाँघो पर गई तो उसका मूड चुदास से भरने लगा और उसने अपनी कुरती उठा कर अपनी मोटी गान्ड को जैसे ही मिरर में देखा अपने चुतड़ों की चौड़ाई और भारी गदराए हुए उठाव को देख कर उसे ख्याल आया कि लेग्गी में उस जगह क्यो ना एक छेद कर लूँ जहाँ सीधे गान्ड का होल होता है इससे किसी का मन मेरी गान्ड में उंगली करने का हुआ तो उसे लेग्गी फाड़ने में दिक्कत नही होगी और उसकी उंगली सीधे मेरी गान्ड में चली जाएगी और उसने एक छेद बना लिया और फिर अपनी उंगली डाल कर चेक किया तो उसकी उंगली सीधे उसकी गुदा में जा लगी और नीलम सनसना उठी,

दूसरी तरफ रोहित बाबू बाथरूम में घुसे हुए थे और व्हाट्सएप पर भेजी गई संगीता भाभी की गदराई जवानी को देख देख कर लंड सहला रहे थे तभी सोनू ने आवाज़ दी तब कुछ देर बाद रोहित बाहर आया और फिर तैयार होने लगा उधर मनोहर भी आ चुका था और नीलम ने उसे भी रेडी होने कोकहा, कुछ देर बाद सभी रेडी हो गये और स्कॉर्पियो में बैठ गये, मनोहर ड्राइव कर रहा था और रोहित उसके पास में बैठा था और तीनो लॅडीस पीछे की सीट पर बैठी हुई थी शाम के 6 बजे यह लोग चले और ट्रफ़िक को चीरते हुए 7:30 तक शहर के बाहर लगे हुए मेले में पहुच गये, मेले में पहुचते ही सुधा ने कहा वाउ मम्मी क्या मस्त झूला आया है मुझे तो इसमे झूलना है,

मनोहर : क्यो नही बेटे में तुझे झुलवाउँगा तू चिंता क्यो करती है

तभी सोनू ने मुस्कुराते हुए कहा पापा आप सुधा को अकेले ही झूलाएगे, मैं भी तो लाइन में हूँ

तब मनोहर ने बात की गहराई को समझते हुए कहा नही बेटे में तुम दोनो को साथ साथ झुलवाउन्गा तब रोहित ने कहा मम्मी आप भी झुलोगि तब नीलम ने कहा नही बेटे मुझे नही झूलना मुझे तो डर लगता है, तब सुधा खिल्कहिलेट हुए हँसने लगी तो नीलम ने उसको घूर कर देखा और कहा तू क्यो हँस रही है तब मनोहर ने चुटकी लेते हुए कहा वह इसलिए हंस रही है कि झूले वाला तुम्हारा साइज़ देख कर झूले पर चढ़ने ही नही देगा वरना उसका झूला ना टूट जाएगा, तब नीलम ने मुँह बनाते हुए कहा रहने दो जी में इतनी भी मोटी नही हूँ क्यो रोहित, तब रोहित ने कहा मम्मी पापा तो मज़ाक कर रहे है.

मनोहर : अच्छा ठीक है भाई चलो पहले इन लोगो को झूला ही झुलवा देते है तब नीलम ने कहा आप लोग जाओ मुझे नही झूलना तू चल रोहित हम कुछ शॉपिंग करते है तुम लोग झूल कर उधर वाले मार्केट की तरफ आ जाना और पूरा खेमा दो हिस्सो में बँट गया

मनोहर सुधा और सोनू को लेकर झूले की ओर चल पड़ा और रोहित अपनी मम्मी के साथ दुकानो की ओर चल पड़ा,

मनोहर सुधा और सोनू की गदराई गान्ड को हल्के से सहलाते हुए कहने लगा बेटे आराम से चलो बहुत भीड़ है, सुधा और सोनू आगे आयेज भीड़ को चीरती हुई चलने लगी और मनोहर दोनो के बीच चलने लगा, आस पास कुछ मनचले लोंडे भी चल रहे थे अब मज़ा शुरू हो गया था कोई लौन्डा सुधा की गान्ड को सहलाता हुआ निकल रहा था और कोई सोनू के मोटे चुतड़ों पर हाथ फेरता हुआ जा रहा था मनोहर ने जब देखा कि उसकी खूबसूरत बेटी और मस्तानी बहू की गान्ड में लोग हाथ फेरते हुए निकल रहे है तो वह भी चलती भीड़ में सुधा की मोटी गान्ड को हल्के से दबा कर देखने लगा जब उसने सुधा की मोटी गान्ड को स्कर्ट के उपर से सहलाया तो उसके लंड की नसों में खून का बहाव तेज हो गया क्योकि मनोहर को एहसास हुआ कि उसकी बेटी तो स्कर्ट के अंदर पूरी नंगी है, सुधा की मोटी गोरी गोरी जांघे भी दूधिया रोशनी में कहर ढा रही थी, तभी किसी ने सुधा की चूत पर हाथ मारते हुए साइड से निकल गया और सुधा गन्गना उठी हाथ मारने वाले के हाथ को सुधा की चूत पर पड़ते हुए सोनू ने देख लिया और वह सुधा की ओर देख कर मुस्कुरा दी सुधा का चेहरा लाल पड़ गया था तभी उसकी मोटी गान्ड की गहराई में एक पल के लिए एक मोटी उंगली घुस कर निकल गई और वह और भी रोमांचित हो गई इस बार यह मोटी उंगली मनोहर की थी, फिर मनोहर ने सोनू की गान्ड को अपने हाथो से हल्के से दबाया तो मनोहर को एहसास हुआ कि उसकी बहू ने भी पतली सी सलवार के नीचे कुछ नही पहना है मनोहर का लोड्‍ा टाइट हो चुका था और वह चलते हुए कभी सुधा के चुतड़ों के गॅप में हाथ भर रहा था और कभी सोनू के चुतड़ों को सहला रहा था,

तभी सोनू के मोटे मोटे चुचो पर किसी की कोहनी लगी और उसके मुँह से आह जैसी कराह निकल गई जो कि बहुत तेज थी तब सुधा ने पूछा क्या हुआ भाभी तब सोनू ने कहा कुछ नही फिर मनोहर ने कहा बेटे सम्भल कर चलना भीड़ ज़्यादा है कहीं चोट ना लग जाए यह बात मनोहर नेसोनू की गुदाज मोटी गान्ड को हल्के से दबाते हुए कहा, और सोनू ने पलट कर पापा को देखा जिनकी आँखो में खून उतर आया था, सोनू ने कहा पापा आप साथ है तो काहे का डर

कुछ देर में तीनो झूले के पास पहुच गये और झूले में तीन लोगो के बैठने वाली सीट थी तब मनोहर ने सुधा को और सोनू को बैठा दिया तब सोनू ने कहा पापा आप भी आइए ना तब मनोहर ने कहा बेटे में क्या करूँगा तुम दोनो झूल लो तब सोनू ने मुस्कुराते हुए कहा पापा हम दोनो को तो आप के साथ ही झूलना है, क्यो सुधा में ठीक कह रही हूँ ना, तब सुधा ने कहा पापा भाभी और में तो कब से आपके साथ झूलने की प्लॅनिंग कर चुके थे आइए ना और सुधा और सोनू ने बीच में जगह बना दी और मनोहर मुस्कुराता हुआ दोनो के बीच में फस गया और झूला चलने लगा, मनोहर ने दोनो की गदराई जाँघो को अपने हाथ के नीचे दबा लिया और उन दोनो की मोटी जाँघो के गुदाज माँस को दबा दबा कर मज़ा लेने लगा, जब झूले की रफ़्तार कुछ ज़्यादा हुई तो सोनू ने एक हाथ पापा के खड़े लंड पर रखते हुए खिलखिला कर हँसते हुए पापा ओह पापा कितना डर लग रहा है, जब सुधा ने देखा कि भाभी पापा के लोड्‍े को दबा रही है तो सुधा ने पापा के हाथ को पकड़ कर अपनी जाँघो पर कस कर दबाते हुए कहा पापा मुझे भी पकड़ लीजिए बड़ा डर लग रहा है, और हँसने लगी, झूले की रफ़्तार से सुधा की स्कर्ट हवा के कारण उपर उठ गई थी और मनोहर ने जब अपनी बेटी की मोटी जाँघो को दबोचा तो उसका लंड और भी टाइट हो गया जिसे सोनू ने कस कर पकड़ लिया,____

Page 3 Episode 9

मनोहर तो दोनो मस्तानी रंडियो की मादक गंध और गर्मी पाकर पागल हुआ जा रहा था उधर सुधा की मोटी जाँघो पर पापा के हाथों के दबाव से सुधा की चूत भी फूल कर कुप्पा हो गई थी और चिकनाहट छोड़ने लगी थी और सोनू की बुर की फांके फड़फड़ाने लगी थी तभी सुधा खिलखिला कर हँसते हुए कहने लगी पापा मुझे तो बहुत डर लग रहा है तब मनोहर ने कहा बेटी आ मेरे पास आ जा और मनोहर ने सुधा के गले में हाथ डाल लिया और उसके पंजो में साइड से सुधा के मोटे मोटे बोबे आ गये और वह उन्हे हल्के हल्के मसल्ने लगा,

दूसरी और नीलम और रोहित भीड़ को चीरते हुए नीचे लगी दुकानो पर पहुच गये और नीलम झुक कर चीज़े देखने लगी भीड़ इतनी ज़्यादा थी कि निकालने वाले लोग जानबूझ कर नीलम की झुकी हुई गुदाज मोटी भारी गान्ड देखते और हाथ फेर कर निकल जाते रोहित पास में खड़ा देख रहा था कि उसकी मम्मी की मोटी गदराई गान्ड को कैसे लोग सहला सहला कर निकल रहे है और मम्मी उस सब पर कोई ध्यान ना देते हुए झुके झुके समान के भाव पूछ रही है तभी दो लोंडे आए और उनमे से एक ने नीलम की गान्ड को पास में खड़े होकर बड़े प्यार से सहलाया तो उसके हाथ में नीलम की चूत वाला फूला हुआ हिस्सा भी महसूस हो गया और उस लोंडे ने अपने लंड को नीलम की गान्ड से सटा दिया और मुँह उठा कर समान के भाव पूछने लगा रोहित ने जब यह देखा कि उसकी मम्मी की मोटी गान्ड से कैसे उस लोंडे ने लंड का दबाव दिया है तब रोहित का लंड भी पॅंट में कुलबुलाने लगा, कुछ देर में उस लोंडे के साथी ने कहा जब अब आगे चलते है तब दूसरे ने कहा क्या गजब का माल है यार उसकी गुदाज गान्ड तो बहुत भारी है और रंडी ने पैंटी भी नही पहनी है, यह बात उसने अपने दोस्त से धीरे से कही लेकिन उन्हे यह नही पता था कि पास में उस औरत का बेटा उनकी बाते सुन रहा है, तब दूसरे लोंडे ने कहा तुझे कैसे पता उसने पैंटी नही पहनी है तब उस लोंडे ने कहा अभी मैने उसकी गान्ड और चूत को सहला कर देखा तो उसकी उभरी हुई पूरी चूत मेरे हाथ में आ गई, लगता है साली खूब बड़ी वाली रंडी है मैने उसकी चूत खूब कस कर दबाई लेकिन उसने पलट कर भी नही देखा तब दूसरे दोस्त ने कहा अब चल यार तू मरवाएगा कोई देख ना ले, और वह उसे खिचता हुआ आगे बढ़ गया,

रोहित खड़ा खड़ा सोचने लगा मम्मी तो वाकई पक्की रंडी है उस लोंडे ने उनकी पूरी चूत मुट्ठी में भर कर मसल दिया लेकिन मम्मी ने पलट कर भी नही देखा और वह कह रहा था कि मम्मी ने पैंटी भी नही पहनी है, रोहित बराबर अपनी मम्मी की उठी हुई गुदाज मोटी गान्ड को देख रहा था और फिर हिम्मत करके वह मम्मी की मोटी गान्ड पर हाथ रख कर हल्के हल्के दबाने लगा और जब उसका हाथ थोडा नीचे अपनी मम्मी की चूत पर गया तो मम्मी की फूली चूत का साइज़ महसूस करके उसका लंड झटके देने लगा तभी वहाँ भीड़ दुकान पर कुछ ज़्यादा ही बढ़ गई हाथ को हाथ नज़र नही आ रहा था रोहित का हाथ बराबर अपनी मम्मी की पूरी चूत को सहला रहा था और एक दम बढ़ती हुई भीड़ देख कर रोहित से रहा नही गया और उसने अपनी मम्मी की पूरी चूत को अपनी मुट्ठी में भर कर कस कर दबोच लिया और फिर एक दम से हाथ हटा लिया लेकिन रोहित को यह देख कर घोर आश्चर्य हुआ कि नीलम ने एक बार भी पलट कर नही देखा और झुकी हुई समान देखती रही, रोहित का होसला बढ़ गया और उसने मन में सोचा कि मुझे तो आज पता चला कि मेरी मम्मी कितनी बड़ी रंडी है बहन्चोद खड़ी खड़ी अपनी मस्त चूत इतनी कस कस कर मसलवा रही है ज़रूर इसे खूब मज़ा आ रहा होगा तभी तो अपनी मोटी गान्ड उठाए मज़ा ले रही है और रोहित ने फिर से अपनी मम्मी की चूत को अपनी मुट्ठी में भर कर दबोच लिया और इस बार उसने हाथ जल्दी नही हटाया बल्कि अपनी मम्मी की चूत को खूब अच्छे से सहलाते और दबाते हुए जब चूत की फांको को उंगली से कुरेदा तो रोहित दंग रह गया उसकी मम्मी की चूत से खूब पानी छूट रहा था और उसकी लेग्गी गीली हो गई थी

रोहित के हाथ हल्के हल्के कांप भी रहे थे लेकिन भीड़ के चलते उसे ज़्यादा डर नही लग रहा था जब उसने हाथ को चूत से वापस गान्ड की गहरी दरार में लेकर आया तो अचानक उसकी बीच वाली उंगली लेग्गी के उस प्लेस पर चली गई जहाँ लेग्गी में छेद था और रोहित की उंगली उस छेद में घुसगई और जब रोहित की उंगली से उसकी मम्मी की गरम गुदा का छेद टच हुआ तो रोहित गन्गना उठा और वही नीलम के पेर काँपने लगे, लेकिन नीलम टस से मस नही हुई और रोहित ने हिम्मत करके उंगली को थोड़ा दबाया और उसकी उंगली का नाख़ून तक का हिस्सा गप्प से उसकी मम्मी की गुदाज मोटी गान्ड में उतर गया और रोहित अपनी मम्मी की मोटी गान्ड की गुदा की टाइटनेस्स्स को महसूस करके पागल हो रहा था, उधर नीलम का चेहरा रेड हो गया था लेकिन वह वही जमी रही लेकिन झुके झुके उसकी टाँगे दुखने लगी थी और वह एक दम से सीधी हो गई और रोहित ने बड़ी फुर्ती से अपनी उंगली निकाल ली तब नीलम नेमुसकुराते हुए रोहित की ओर देखा और कहा बेटे तुझे कुछ लेना हो तो ले ले , तब रोहित ने कहा मम्मी आप ले लो में बाद में दूसरी दुकान से कुछ खरिदुन्गा उसकी बात सुन कर नीलम थोड़ा दूसरे समान की ओर चली और दुकानदार को लिए गये समान का पैसा देने लगी इसी मोके का फ़ायदा उठाते हुए रोहित ने जब अपनी उस उंगली को सूँघा तो उसके लंड ने एक ज़ोर का झटका मार दिया रोहित अपनी मम्मी की मोटी गदराई गान्ड की मादक गंध सूंघ कर मस्त हो गया था,

अभी नीलम उस दुकान से आगे बढ़ कर एक दूसरी दुकान पर पहुच गई जहाँ घरेलू किचन सेट बिक रहा था और वह वहाँ फिर से अपनी मोटी गान्ड जैसे ही झुका कर समान देखने लगी एक बुढ्ढा अपने हाथ से उसके चुतड़ों को थपकी मारते हुए पास से निकल गया और रोहित उसे देखता ही रह गया वहाँ भी भीड़ काफ़ी थी और रोहित ने अपने हाथ से नीलम की गान्ड पर धीरे से हाथ फेरा और फिर से अपनी उंगली को उसी लेग्गी के छेद में डाला और हाल से दबाया तो उसकी नाख़ून तक की उंगली फिर से उसकी मम्मी की गुदाज गान्ड में घुस गई रोहित ने कुछ देर उंगली डाले रखा फिर धीरे से उंगली निकाल कर उसने इधर उधर देखते हुए उंगली को अपने मुँह में डाल कर उसे पूरा थूक से गीला किया और फिर उंगली को हल्के से उसी छेद में जैसे ही डाला इस बार उसकी आधी उंगली उसकी मम्मी की गान्ड की गुदा में समा गई और नीलम के मुँह से एक हल्की सी सिसकारी निकल गई, रोहित तो पागल हुआ जा रहा था क्यो कि जैसे ही उसकी उंगली उसकी मम्मी की गान्ड की गुदा में आधी घुसी नीलम ने अपनी गुदा को कस कर सिकोड लिया और रोहित की उंगली पर जब उसकी मम्मी की मोटी गदराई गान्ड की गुदा का कसाव महसूस हुआ तो वह मस्त हो गया और उंगली को वैसे ही अपनी मम्मी की गान्ड में फसे रहने दिया कुछ देर बाद नीलम ने अपनी गुदा को वापस ढीली छोड़ा तो रोहित ने अपनी उंगली को थोड़ा और आगे सरका दिया और उसकी उंगली आधे से ज़्यादा उसकी मम्मी की गुदाज गान्ड में घुस गई और नीलम ने फिर से अपनी गुदा को खूब ज़ोर से कस लिया, रोहित का लंड तो ऐसा लग रहा था मानो फट जाएगा, और नीलम को इतना मज़ा आ रहा था कि वह चूत से पानी ही पानी छोड़ रही थी,

लेकिन नीलम के मन में यह सवाल भी खड़ा हो रहा था कि उसकी मोटी गान्ड में उंगली कोई और कर रहा है या फिर उसका अपना बेटा रोहित, उसने एक झटके से सीधे होते हुए रोहित की ओर देखा और रोहित की उंगली नीलम की मोटी गान्ड में फसि ही रह गई और रोहित की गान्ड फट गई अब नीलम गान्ड को कस कर सिकोडे हुए रोहित से कहने लगी बेटे यह किचन सेट कैसा है और रोहित घबराते हुए कहने लगा बहुत अच्छा है मम्मी लेकिन रोहित अपनी उंगली निकालने की पोज़िशन में नही था और नीलम ने मुस्कुराते हुए कहा ठीक है फिर ले लूँ यह किचन सेट तब रोहित ने कहा जी मम्मी और नीलम ने जैसे ही दुकान दार की ओर देखा रोहित ने ताक़त लगा कर सट से उंगली जैसे ही बाहर खींची नीलम के मुँह से आह निकल गई, और रोहित की जान में जान आई, नीलम यह जान चुकी थी कि उसका अपना बेटा उसकी मोटी गान्ड में गहराई तक उंगली भर कर मज़े ले रहा है और वह मन ही मन बहुत खुस थी, उधर रोहित भी समझ गया था कि मम्मी जान चुकी है कि उसकी मोटी गान्ड में उसी की उंगली थी लेकिन रंडी नाटक कैसे कर रही है जैसे उसे पता ही ना हो फिर भी रोहित कॉन्फिडेंट नही था कि उसकी मम्मी यह जान चुकी है कि वो ही उसकी गान्ड में उंगली कर रहा था, भीड़ बहुत थी तो रोहित ने सोचा उसकी मम्मी ने उसके हाथ की ओर तो देखा नही इसलिए कह नही सकते हो सकता है उसकी मम्मी दूसरे का हाथ अपनी मोटी गान्ड में सोच रही हो,____

Page 3 Episode 10

अभी नीलम थोड़ा आगे जाकर एक दुकान के सामने फिर से झुक गई और उसकी मोटी गान्ड के उभार को देख कर रोहित ने धीरे अपनी पूरी उंगली को थूक में भिगो लिया और इस बार बिना डरे उसने धीरे से उंगली अपनी मम्मी की मोटी गान्ड में डाल कर जैसे ही उंगली को अंदर दबाया थूक की चिकनाहट से उसकी उंगली पूरी की पूरी उसकी मम्मी की मोटी गान्ड में गुदा में समा गई और नीलम के मुँह से आह सीई जैसी कराह निकल गई, रोहित अपनी मम्मी की गान्ड में उंगली धीरे धीरे चलाने लगा और नीलम झुकी हुई आनद के सागर में गोते खाने लगी, रोहित नीलम की मोटी गान्ड के बिल्कुल पीछे खड़ा हुआ था ताकि किसी की नज़र ना पड़े और अब उसकी उंगली गपगाप उसकी मम्मी की गुदाज गान्ड में अंदर बाहर हो रही थी, तभी दो लोग रोहित के पास से निकले और एक भाई का धक्का रोहित की कोहनी में लगा और उसकी पूरी उंगली सट से नीलम की मोटी गान्ड में जड़ तक समा गई और नीलम के मुँह से ओह्ह की आवाज़ निकली तब दुकानदार ने पूछा क्या चाहिए बहन जी, नीलम ने अपने माथे का पसीना पोछते हुए कहा यह मथानी कैसी दी तब रोहित ने वापस अपनी उंगली को बाहर खिचते हुए फिर से अपनी मम्मी की गुदाज गान्ड में पेल दी और नीलम आनद से दोहरी हो गई रोहित को अपनी मम्मी की कसी हुई गुदा में उंगली पेलने से एक अनोखा मज़ा मिल रहा था और उसका लंड फटा जा रहा था उधर नीलम की चूत पूरी पानी पानी हो गई थी,

दूसरी तरफ सुधा और सोनू की चूत भी काफ़ी गीली हो गई थी और झूला झूलते हुए दोनो ने कई बार डरने का बहाना करते हुए मनोहर को पकड़ने की आक्टिंग करते हुए उसके खड़े और मोटे लंड को दबा दबा कर महसूस किया और मनोहर ने सुधा और सोनू की मोटी जाँघो और बड़े बड़े बोबो को उन्हे पकड़ने के बहाने से खूब सहलाया उसका लंड पूरी औकात में खड़ा था फिर कुछ देर बाद वह झूले से नीचे उतर आए, तभी सोनू की निगाह सामने जूस सेंटर पर गई और वह मनोहर से मुस्कुराते हुए कहने लगी पापा मुझे जूस पीना है, मनोहर ने एक दम से चौुक्ते हुए उसकी ओर देखा तो सोनू ने हँसते हुए जूस सेंटर की ओर इशारा किया तब मनोहर भी मुस्कुरा कर सुधा और सोनू के चुतड़ों को थामे हुए जूस सेंटर की ओर चल दिया, जूस पीते हुए सुधा और सोनू एक दूसरे को देख देख कर मुस्कुरा रही थी उसके बाद मनोहर पैसे देने गया तब सुधा ने कहा भाभी कुछ खास मज़ा नही आ रहा है, कुछ करो ना, सोनू उसकी बात सुनते हुए कहने लगी रुक जा में कुछ सोचती हूँ, फिर सोनू के दिमाग़ में एक आइडिया आया और उसने मुस्कुराते हुए कहा सोच लिया तब सुधा ने कहा बताओ ना भाभी क्या सोचा है, तब सोनू ने कहा तू पापा को आने दे फिर तू खुद ही समझ जाएगी उसके बाद मनोहर वापस आया और कहने लगा हाँ भाई अब कहाँ चलना है,

सोनू ने कहा पापा एक प्राब्लम है तब मनोहर ने कहा क्या हुआ बेटे तब सोनू ने मनोहर के कान के पास आते हुए धीरे से कहा पापा सुधा को बहुत तेज पेशाब लगी है, यह सुनते ही मनोहर ने सुधा की ओर देखा तब सुधा ने भी ऐसा मुँह बना लिया जैसे उससे अभी मूत आ आएगा, तब मनोहर ने कुछ सोचते हुए कहा बेटी यहाँ तो कॉंप्लेक्स नही मिलेगा हमे मेले के आख़िरी छोर पर जाना पड़ेगा तब सोनू ने कहा तो चलिए ना पापा मुझे भी बहुत तेज लगी है, सोनू ने भी मुँह बनाते हुए कहा तब मनोहर ने नज़र बचाते हुए अपने खड़े लंड को सहलाया और कहने लगा ठीक है चलो और फिर तीनो मेले के एंड पॉइंट की ओर जाने लगे,

उधर रोहित ने अपनी मम्मी की मोटी गान्ड अपनी उंगली से मार मार कर उसे बहाल कर दिया था, लेकिन नीलम के पेर झुके होने की वजह से दर्द करने लगे थे और वह धीरे से सीधी हुई तब रोहित ने सट से अपनी उंगली बाहर निकाल ली और नीलम ने उसकी ओर देखा तो उसका चेहरा लाल पड़ा हुआ था और उसने रोहित से कहा बेटे मेरे तो पेर दर्द कर रहे है चल कही बैठ कर कुछ खाते पीते है तब रोहित उसे एक रेस्टोरेंट में ले गया और वहाँ खाने की चीज़ो का ऑर्डर कर दिया और साथ में चाइ भी,

रोहित की नज़रे बार बार नीलम के भारी मोटे मोटे दूध पर जा रही थी जिसे नीलम ने नोटीस किया और जब दोनो की नज़रे मिली तो दोनो एक दूसरे को देखते हुए मुस्कुरा दिए तभी उनकी टेबल पर नाश्ता आ गया और दोनो खाने लगे,

नीलम : रोहित को मुस्कुराते हुए देख कर, बेटे तू कहीं सोनू को मिस तो नही कर रहा क्योकि मेले जैसे महॉल में तो लोग अपनी बीबी के साथ घूमना फिरना पसंद करते है

रोहित : नही मम्मी मुझे तो आपके साथ अच्छा लग रहा है, नीलम ने उसकी बात सुन कर एक स्माइल दी और फिर से खाने लगी

रोहित : मम्मी एक बात कहूँ

नीलम : बोल बेटे

रोहित : मम्मी उस दिन आपके पेट को सहलाते हुए चूमने पर बहुत अच्छा लगा था सच में आपका पेट बहुत अच्छा है

नीलम: रोहित को आँखे फाड़ फाड़ कर देखती हुई स्माइल देकर कहने लगी बेटे अब तो तेरे पास सोनू जैसी अप्सरा है फिर तुझे अपनी मम्मी का पेट क्यो पसंद आया है

रोहित : मम्मी आपके पेट के आगे सोनू की तुलना कहाँ

नीलम ; क्यो सोनू अच्छी नही लगती तुझे

रोहित : नही वो बात नही है मम्मी बस वह थोड़ी स्लिम है और मुझे.........

नीलम : रुक क्यो गया और तुझे क्या स्लिम लड़की पसंद नही है

रोहित : मुस्कुराते हुए मम्मी अब में आपसे कैसे कहूँ

नीलम : आखे दिखाते हुए अरे तू फिर शरमाने लगा, में सब जानती हूँ तू क्या कहना चाहता है

रोहित : मम्मी को मुस्कुराते हुए देख कर कहने लगा अच्छा तो बताइए में क्या कहना चाहता हूँ नीलम ; बाइट मुँह में डालती हुई, यही कि तुझे सोनू जैसी स्लिम लड़की की बजाय मेरे जैसे मोटी तगड़ी औरते पसंद है यही ना

रोहित : मुस्कुराते हुए इधर उधर देख कर अग्री करता है

नीलम : सही कहा ना , आख़िर तेरी माँ हूँ अपने बेटे के दिल का हाल नही समझूंगी क्या

तब रोहित ने मन ही मन में कहा मम्मी काश तुम यह भी समझ जाती कि में तुम्हारी मोटी गुदाज गान्ड को पूरी नंगी करके पहले खूब चूसना चाहता हूँ और फिर तबीयत से अपने मोटे लंड से तुम्हारी मोटी गान्ड मारना चाहता हूँ

नीलम : क्या सोचने लगा में सही कह रही हूँ ना

रोहित : मम्मी आप तो अंतर्यामी है रोहित ने हँसते हुए कहा

नीलम : अच्छा सोनू को पता है कि तुझे गदराए बदन की औरते ज़्यादा अच्छी लगती है

रोहित पानी मम्मी के मुँह से गदराए बदन जैसे शब्द सुन कर पागल हुआजा रहा था और उसका लंड फिर से खड़ा हो गया था____

Page 4 Episode 1

रोहित : नही मम्मी मैने उससे कभी ऐसा कुछ कहा नही

नीलम: क्यो ऐसी बाते तो लोग अपनी बीबी से कर लेते है कहीं तू सोनू से भी लड़कियो की तरह तो नही शरमाता है

रोहित : मुस्कुराते हुए नही मम्मी ऐसी बात नही है

नीलम : अच्छा बता मेरा फिगर तुझे कैसा लगता है

रोहित : मम्मी आपकी तो बात ही अलग है

नीलम : मुस्कुराते हुए अच्छा इसीलिए तेरा मन मेरा पेट चूमने और सहलाने का कर रहा है

रोहित : हँसते हुए नही मम्मी बस मुझे उस दिन बहुत अच्छा लगा था इसलिए आप से कह दिया

नीलम : फिर से सहलाएगा, नीलम ने रोहित की आँखो में कातिल निगाहे डालते हुए पूछा

रोहित : रोहित शरमाते हुए मम्मी आप कहेगी तो सहला दूँगा

नीलम : मुस्कुराते हुए, अच्छा ठीक है घर चल कर जितना मन करे सहला लेना और चूम लेना

रोहित : मुस्कुराते हुए मम्मी यू आर वेरी स्वीट

नीलम : हँसते हुए में स्वीट हूँ या मेरा पेट

रोहित : मम्मी आप तो उपर से लेकर नीचे तक पूरी स्वीट है

नीलम : मुस्कुराते हुए, बस बस अब ज़्यादा तारीफ ना कर और चल पैसे देकर आ और चल कर देखते है तेरे पापा दोनो को कहाँ लेकर घूम रहे है और फिर दोनो रेस्टोरेंट से बाहर वापस भीड़ में आ जाते है, और दूसरी तरफ सोनू और सुधा मनोहर को लेकर मेले के आख़िरी छोर पर पहुच जाते है जहाँ सुनसान था लेकिन मेले की रोशनी वहाँ आ रही थी लेकिन वहाँ कोई आड़ नही थी और पूरा मैदान दिखाई दे रहा था,

सोनू : पापा आप उधर मुँह कर लीजिए हम पेशाब करके आती है और सोनू ने सुधा का हाथ पकड़ा और थोड़ा आगे जाने लगी तब मनोहर ने कहा बेटी ज़्यादा आगे मत जाओ यहाँ कोई नही देख रहा है जल्दी से कर लो, खेत में कोई कीड़ा वग़ैरह ना हो तब सोनू ने मुस्कुराते हुए मनोहर को देखा और सुधा से कहा सुधा यहीं कर ले सुधा तो रंडी तैयार ही थी उसने अपनी स्कर्ट उपर उठा दी और मनोहर ने कनखियों से जब अपनी बेटी सुधा की मोटी भारी गान्ड और उसके खुले हुए पाटो को देखा तो उसका लंड भनभना गया, सोनू बराबर मनोहर को कनखियो से देख रही थी कि मनोहर अपने लंड को कैसे पॅंट के उपर से मसल्ते हुए अपनी बेटी सुधा की गुदाज मोटी गान्ड को देख रहा है सुधा नीचे बैठ गई और उसकी चूत से फव्वारे के साथ पेशाब निकलने लगा और उसकी पेशाब के साथ निकलने वाली सीटी की आवाज़ जब मनोहर के कानो में पड़ी तो वह पागल हो उठा और किसी पागल कुत्ते की भाँति अपनी बेटी की चूत से निकलने वेल पेशाब की मोटी धार को देखने लगा, कुछ देर तक सुधा ने पेशाब की और फिर धीरे से खड़ी हो गई

उसके बाद उसने मुस्कुरा कर पापा की ओर देखा तो मनोहर ने दूसरी ओर मुँह कर लिया तब दोनो ननद भाभी मुस्कुराने लगी तब सुधा ने कहा भाभी आप भी मूत लो, तब सोनू ने बड़े आराम से अपनी सलवार का नाडा खोला और उसे अपने भारी चुतड़ों से नीचे सरका कर अपनी गुदाज गान्ड को अपने ससुर जी को दिखाते हुए मूतने के इए बैठ गई उसकी चूत से भी खूब मोटी पेशाब की धार निकलने लगी और एक सीटी की आवाज़ जब हुई तो मनोहर ने अपनी बहू के चतड़ो को घूरते हुए अपने लंड को खूब मसला सुधा अपने पापा की प्यासी निगाहो को देख कर स्कर्ट के उपर से अपनी रसीली बिना बालो वाली चूत को मसलने लगी कुछ देर बाद सोनू मूत कर उठी और सुधा को मुस्कुराते हुए देखने लगी और अपने स्कर्ट को उपर कर लिया और फिर दोनो मनोहर के पास आई तब सोनू ने मनोहर के पॅंट में बने हुए टॅट को देखते हुए कहा पापा आप को लगी हो तो आप भी कर लीजिए तब मनोहर ने कहा हाँ बेटी में भी कर ही लेता हूँ और मनोहर ने आगे जाकर अपने लंड को चैन खोल कर बाहर निकाला और लंड के टोपे को पीछे सरका कर लंड को मसल्ने लगा,

उसका लंड और भी तन कर खड़ा हो गया और उसे खड़े लंड में पेशाब आ ही नही रही थी कुछ देर तक वह लंड को मसल्ते रहा फिर बड़ी मुश्किल से लंड को चैन के अंदर ठुसने की कोशिश करने लगा सुधा और सोनू मुँह फाडे मनोहर की हरकते देख रही थी और दोनो समझ रही थी कि पापा का मोटा लोला खड़ा है और उन्हे मूत आया ही नही फिर मनोहर ने जैसे तैसे लंड को अंदर लिया और उन दोनो के करीब आने लगा दोनो लोन्डियो की निगाहे मनोहर के लंड पर ही टिकी हुई थी और जब मनोहर पास आ गया तब दोनो मुस्कुरा दी और मनोहर ने कहा चलो अब चलते है रोहित और नीलम भी हमे ढूँढ रहे होंगे और फिर तीनो मेले की ओर जाने लगे____

Page 4 Episode 2

कुछ देर बाद सभी मिल जाते है और सोनू अपनी सास के चुतड़ों की ओर देख कर धीरे से कहती है मम्मी जी लगता है आप बहुत मज़े ले कर आ रही है नीलम कहती है क्यो तब सोनू कहती है आपकी लेग्गी बहुत गीली हो रही है तब नीलम उसकी ओर देख कर मुस्कुरा देती है, मेले में सोनू सुधा और नीलम की मोटी मोटी गान्ड और बोबो को भीड़ में बहुत से लोगो ने सहलाया और दबाया और मोका मिलने पर मनोहर और रोहित ने भी खूब मज़े लिए पूरे मेले में तीनो रंडियो की चूत बराबर पानी छोड़ती रही और दोनो मर्दो के लंड पूरे समय टाइट रहे रात को 12 बजे तक उन्होने मेले के भरपूर आनद लिए फिर वापस स्कॉर्पियो में आकर बैठ गये इस बार मनोहर ने कहा यार मुझे तो थकान हो रही है गाड़ी कौन चलाएगा तब नीलम ने कहा में चला लेती हूँ आप पीछे आराम से बैठ जाओ सोनू और सुधा पीछे बैठी थी मनोहर के आने पर सुधा बाहर आ गई और मनोहर को बैठने दिया और फिर वह भी बैठ गई अब मनोहर बहू और बेटी के बीच फसा हुआ था और दोनो के जिस्म से आती महक उसके लंड को फिर से खड़ा करने लगी थी, सभी लोग थके हुए थे इसलिए कोई भी बात नही कर रहा था नीलम गाड़ी चला रही थी और रोहित उसके पास बैठा हुआ था, नीलम ने पीछे देखा तो सुधा सोनू और मनोहर तीनो आँखे बंद किए हुए बैठे थे नीलम ने एक नज़र रोहित की ओर डाली और फिर उसके हाथ को पकड़ कर अपने गुदाज पेट पर रख दिया रोहित ने मम्मी को मुस्कुरा कर देखा और उसके मखमली पेट और गहरी नाभि को सहलाने लगा उधर मनोहर का एक हाथ सुधा की मोटी जाँघो को सहला रहा था और दूसरा हाथ सोनू की जाँघो को सहला रहा था,

सोनू और सुधा आँखे बंद किए हुए थी लेकिन उनकी चूत काफ़ी गरम हो रही थी, तभी सुधा ने कहा पापा में आपकी गोद में सर रख लूँ तब मनोहर ने कहा क्यो नही बेटे और सुधा ने अपने सर को मनोहर के गोद में रखा तो उसके दिल की धड़कने बढ़ गई उसका सर मनोहर के खड़े लंड पर रखा हुआ था और उसने अपने गालो को लंड के उपर लाकर रख लिया जिससे मनोहर के कड़क लंड पर दबाव पड़ा और उसकी उत्तेजना और भी बढ़ गई अब मनोहर ने सुधा की कमर पर हाथ रख लिया और दूसरे हाथ से सुधा के गोरे गोरे भरे हुए गालो को सहलाने लगा और दूसरे हाथ से सुधा की कमर से हाथ धीरे से उसकी मोटी गान्ड के उपर रख कर हल्के हल्के अपनी बेटी की गदराई गान्ड को सहलाने लगा, सोनू ने उन दोनो की पोज़िशन को देखते हुए कहा मम्मी पीछे की लाइट ऑफ कर दीजिए ना आँखो में पड़ रही है तब नीलम ने पीछे की लाइट ऑफ कर दी अब मनोहर ने सुधा के रसीले होंठो पर उंगलिया फिराते हुए उसकी स्कर्ट जो कि उसकी मोटी गुदाज जाँघो पर चढ़ि हुई थी को हल्के से सरका दिया और सुधा के नंगे मक्खन की तरह चिकने और भारी चुतड़ों को हल्के हल्के दबोचने लगा,

सुधा की चूत तो उसकी इस हरकत से पूरी रसीली हो गई थी और जब मनोहर ने हाथ को और आगे लेजा कर सुधा की मोटी गान्ड की दरार में हाथ फेरा तो उसके लंड के ज़ोर से सुधा का सर उठाने लगा तब सुधा ने एक हाथ को अपने गालो के नीचे रख कर अपने हाथ में पापा के मोटे लंड को दबा लिया पापा के मोटे लंड की मोटाई ने सुधा को पागल कर दिया और वह हल्के हल्के मनोहर के लंड को दबाने लगी तभी मनोहर का हाथ सुधा की गान्ड की गहरी दरार में पहुच गया और उसने जब अपनी उंगलियो से सुधा की गुदा को कुरेदा तो सुधा मस्ती में पागल हो गई, अब मनोहर ने अपने हाथ से सुधा की गान्ड के छेद में उंगली पेली और जब उसकी थोड़ी सी उंगली सुधा की टाइट गान्ड के छेद में घुसी तो सुधा के मुँह से हल्की सी कराह निकल गई,

तब मनोहर ने अपनी उंगली को उसकी मोटी गान्ड से निकाल कर सूँघा और उसके लंड ने सुधा की मोटी गदराई गान्ड की मादक गंध के चलते झटके देना शुरू कर दिया मनोहर ने पूरी उंगली को अपने मुँह में भर कर उसे अपने थूक से पूरी गीली कर लिया और फिर इस बार मनोहर ने अपनी उंगली को धीरे धीरे अपनी बेटी सुधा की गुदाज गान्ड में दबाना शुरू किया उसकी उंगली फिसलती हुई जैसे जैसे सुधा की गान्ड में घुसने लगी सुधा के हाथो की पकड़ अपने पापा के लंड पर और मजबूत होती जा रही थी, सुधा की मोटी गान्ड की टाइटनेस मनोहर को पागल किए जा रही थी और मनोहर ने थोड़ी कोशिश कर के अपनी पूरी उंगली अपनी बेटी सुधा की मोटी गदराई गान्ड के छेद में पेल दी,

सुधा का मन कर रहा था कि वह खूब ज़ोर ज़ोर से सीसीया दे उसको मीठा मीठा दर्द उसे पागल किए जा रहा था फिर मनोहर ने एक हाथ से सुधा के मोटे मोटे दूध को दबोच लिया उसकी बेटी पूरी तरह उसके काबू में थी और उसके लंड को खूब दबा दबा कर मसल रही थी हल्की रोशनी में सोनू उन दोनो की मस्ती भरी हरकत देख देख कर पागल हो रही थी मनोहर ने अपनी उंगली को सुधा की मोटी गान्ड से थोड़ा बाहर खींचा और फिर से उसे उसकी गुदाज गान्ड में ठूंस दिया अब मनोहर लगातार सुधा की मोटी गान्ड में उंगली अंदर बाहर करता जा रहा था उसकी गान्ड का कसाव मनोहर को पागल कर रहा था और अपनी बेटी के पत्थर की तरह कठोर बड़े बड़े बोबो को दबाने में उसे बहुत मज़ा मिल रहा था,

सुधा अपनी मोटी गान्ड में कभी अपने पापा की उंगली पूरी कस लेती और कभी गान्ड की गुदा को एक दम ढीला छोड़ देती थी लेकिन वह उस समय गन्गना उठी जब मनोहर ने अपनी दूसरी उंगली को सुधा की चूत की फांको में रगड़ते हुए उसकी चूत के छेद में उंगली लगा दी अब वह उसकी गान्ड में उंगली पेलते हुए उसकी चूत की फांको को खोल कर उनकी मसाज भी कर रहा था और सुधा अपने पापा के मोटे लंड को दबा दबा कर मसल्ने के लिए मजबूर थी लेकिन मनोहर ने जब सुधा के मोटे मोटे दूध को एक बार कस कर दबा दिया तो सुधा के मुँह से आह की आवाज़ निकल पड़ी, मनोहर की उंगली काफ़ी सुख गई थी और बहुत मुश्किल से सुधा की गान्ड में घुस रही थी उसने एक बार सुधा की गान्ड से सट से उंगली बाहर निकाली और उसे पहले सूंघते हुए सुधा के दूध को कस कर दबाया और फिर उसने उस उंगली को एक बार और अपने मुँह में डाल कर अपनी लार से पूरी गीली कर ली और फिर से उसने सुधा की गुदा में घुसा दी, सुधा का बदन काँपने लगा उसे लग रहा था कि उसका मूत निकल जाएगा, उसने पापा के लंड को कस कर अपनी मुट्ठी में भींच रखा था तभी सुधा को एक दूसरा हाथ उसके हाथ पर पड़ता महसूस हुआ सुधा को समझते देर ना लगी कि उसकी भाभी भी अंधेरे का फ़ायदा उठा कर पापा के मस्त लंड को अपनी मुट्ठी में लेकर मसलना चाहती है उसने अपने हाथ को हटा कर भाभी के हाथ को पकड़ कर पापा के मोटे लंड पर रख दिया सोनू के हाथ में जैसे ही पापा का लंड आया उसने उनके लंड को अपनी मुट्ठी में कस लिया और सलवार के उपर से अपनी चूत को सहलाते हुए पापा के लंड की मोटाई को महसूस करने लगी,____

Page 4 Episode 3

उधर रोहित मम्मी के पेट और गहरी नाभि को सहला रहा था फिर उसने अपना हाथ हटा लिया शायद वह कंफर्ट महसूस नही कर रहा था नीलम ने भो उचका कर मुस्कुराते हुए उससे इशारे में पूछा कि वह उसके मसल पेट को क्यो नही सहला रहा है, तब रोहित ने धीरे से उसके कानो के पास जाकर कहा मम्मी घर पहुच कर करेगे यहाँ मज़ा नही आ रहा है, तब नीलम ने कहा ओके हम सोने से पहले छत पर जाकर घूमेगे ओके, रोहित ने अपनी मम्मी के मुस्कुराते हुए गालो की पप्पी ले ली, उधर मनोहर के लंड को सोनू बुरी तरह सहला और दबा रही थी उसे लग रहा था कि उसका लंड मज़े में फट जाएगा और उसे जितना जोश आता उतने ही जोश से वह सुधा के बोबे मसलता और उसकी मोटी गान्ड में गहराई तक उंगली पेल रहा था, सुधा को अब बहुत मज़ा आ रहा था उसकी चूत बुरी तरह गन्गना उठी थी और फिर एक ब्रेकर आया और नीलम ने ब्रेक मारा और मनोहर ने इस बार कस कर सुधा की गान्ड में अपना पूरा हाथ उंगली सहित दबा दिया और सुधा की चूत से पानी छूट गया और उसकी साँसे बहुत तेज़ी से उपर नीचे होने लगी उसकी छातियाँ फूल कर डबल हो गई थी जिन्हे मनोहर अभी भी खूब कस कस कर मसल रहा था, तभी नीलम ने गाड़ी अपनी कॉलोनी के अंदर मोड़ दी और जैसे ही सामने घर आया मनोहर ने अपनी उंगली बाहर निकाल कर उसे कस कर सूँघा और तब तक सोनू भी अपने हाथ को मनोहर के लंड से हटा चुकी थी और गाड़ी का ब्रेक लग गया और नीलम ने कहा उठो भाई घर आ गया और सुधा और सोनू उबासी लेते हुए उठ गई, सभी लोग नीचे उतर आए और घर के अंदर एंटर हो गये घर में आते ही मनोहर ने कहा सोनू बेटे चाइ की नीड है गरमा गरम चाइ हो जाए उसके बाद सोते है सोनू ने कहा जी पापा और वह सुधा का हाथ पकड़ कर किचन की ओर चल पड़ी और मनोहर नीलम और रोहित सोफे पर धँस गये,

सोनू : सुधा के बोबे दबोचते हुए क्यो ननद रानी तेरी चाल क्यो बदली हुई लग रही है

सुधा : मुस्कुराते हुए भाभी चुप करो ना मुझे बहुत खुजली हो रही है पीछे

सोनू : धीरे से उसे कहने लगी पापा ने पूरी उंगली डाल दी थी क्या तेरी गान्ड में

सुधा : मुस्कुराते हुए हुउऊँ..

सोनू : यार पापा का लंड कितना मोटा और तना हुआ था, मैने तो जब अपनी मुट्ठी में लिया तो समा नही रहा था,

सुधा ; बहुत मोटा है भाभी में तो खुद पागल हुई जा रही थी

सोनू : अब काम बन सकता है हम दोनो का

सुधा : मुस्कुराते हुए, कौन सा काम

सोनू : बन मत पापा का लंड खाना है कि नही

सुधा : मुस्कुराते हुए हाँ खाना हैना

सोनू : लेकिन मम्मी और रोहित के होते कम कैसे बनेगा

सुधा : मोका देखते है उसके बाद ही काम बनेगा

सोनू ; मुस्कुराते हुए हुउऊँ....

उसके बाद सोनू चाइ लेकर हॉल में आ गई और सब बैठ कर चाइ पीने लगे, मनोहर ने चाइ ख़तम करते हुए कहा भाई मुझे तो बड़ी थकान लगी है मैं तो सोने जा रहा हूँ गुड नाइट और मनोहर उठ कर अपने रूम में आ गया तब सुधा ने कहा मुझे भी नींद आ रही है में भी जा रही हूँ और सुधा भी अपने रूम में चली गई, नीलम ने कहा सोनू मज़ा आ गया मेले में तो तब सोनू ने कहा मम्मी मैने तो आप से पहले ही कहा था बहुत अच्छा मेला लगता है, रोहित ने कहा मम्मी चलिए थोड़ा छत पर घूमते है मुझे तो अभी नींद नही आ रही है, तब नीलम ने कहा बेटे सोनू को नींद आ रही होगी, सोनू ने कहा हाँ मम्मी में तो सोने जा रही हूँ और सोनू रोहित की ओर मुस्कुराते हुए अपने रूम की ओर चली गई,

रोहित ; मम्मी चले छत पर

नीलम : मुस्कुराते हुए बेटे सोनू तेरा वेट कर रही होगी

रोहित : अच्छा आप छत पर चलिए में दो मिनिट में आता हूँ और रोहित अपने रूम में चला गया

रोहित : क्या बात है डार्लिंग बहुत थक गई क्या

सोनू: हाँ जी थकान तो लगी है पर तुम कहो तो मेहनत कर सकती हूँ, सोनू ने अपने पाजामे को उतारते हुए कहा

रोहित ; यार आज मन नही कर रहा है, तुम सो जाओ में छत पर घूम कर आता हूँ

सोनू ; अच्छी बात है और फिर रोहित रूम के बाहर आ गया, सोनू मन में सोचने लगी माँ बेटे में ज़रूर कोई खिचड़ी पक रही है और वह चुपके से छत की ओर चल दी....____

Page 4 Episode 4

छत के उपर नीलम बाउंड्री वॉल से अपनी कोहनिया टिका कर खड़ी थी और रोहित पिछे से जाकर उसकी मोटी भारी गान्ड से अपने लंड को टिका कर उसे पीछे से बाँहो में जाकड़ लेता है उसके दोनो हाथ अपनी मम्मी के मोटे मोटे दूध को जाकड़ लेते है, और वह अपनी मम्मी की गर्दन से लेकर उसके गालो को चूमने लगता है

नीलम : आ गया तू

रोहित : हाँ मम्मी, और रोहित ने अपने हंतो को अपनी मम्मी के उभरे हुए पेट पर लेजा कर उसकी कुरती को उपर किया और सहलाने लगा, रोहित का लंड कड़ा होने लगा और वह मम्मी के भारी चुतड़ों के गुदाज नरम नरम माँस की गर्मी पाकर जल्दी ही पूरी तरह तन गया, उसके लंड की चुभन नीलम को अपनी मोटी गुदाज गान्ड पर महसूस होने लगी,

नीलम: क्या बात है आज बड़ा प्यार आ रहा है अपनी मम्मी पर

रोहित : जिसकी इतनी अच्छी मम्मी होगी उसे अपनी मम्मी पर प्यार तो आएगा ही

नीलम : तुझे लगता है मेरा पेट कुछ ज़्यादा ही अच्छा लगता है नही तो कोई मर्द अपनी बीबी को रात को अकेली छोड़ कर थोड़े ही आता है

रोहित : आप भी तो पापा को अकेला छोड़ कर आई हो

नीलम : मुस्कुराते हुए तुझसे बातों में कोई नही जीत सकता और लगता है तुझे तेरे दोस्त शेखर ने बहुत बिगाड़ दिया है

रोहित : अपने लंड का दबाव मम्मी के मोटे चुतड़ों पर देते हुए कहने लगा वह भला क्यों

नीलम : और नही तो क्या जिस तरह वह अपनी मम्मी के पीछे पड़ा रहता है उसी तरह आज कल तू भी मेरे पीछे लगा रहता है

रोहित : मम्मी वह तो अपनी मम्मी को गोद में भी उठा लेता है

नीलम : अपनी मोटी गान्ड को हल्के से लंड पर दबाव देते हुए कहती है तो कहीं तेरा भी मन मुझे अपनी गोद में उठाने का तो नही करता है

रोहित : आप कहो तो में आप को भी गोद में उठा लेता हूँ

नीलम : आप को भी से तेरा क्या मतलब है और किसको तू अपनी गोद में उठाता है

रोहित : किसी को भी नही, रोहित ने लापने लंड को कुछ ज़्यादा ताक़त से अपनी मम्मी के चुतड़ों में दबाते हुए कहा

नीलम : झूठ क्यो बोलता है क्या तू सोनू को अपनी गोद में नही उठाता है

रोहित : हुउँ...

नीलम : अच्छा चल अब चलते है सोनू तेरा वेट कर रही होगी

रोहित : नही मम्मी वह सो गई होगी

नीलम : नही बेटे जिसका पति रात को उसके पास नही होता है उस औरत को कभी नींद नही आती है

रोहित : अच्छा ठीक है पर ज़रा मुझे अपने पेट को चूम तो लेने दीजिए और रोहित ने अपनी मम्मी को अपनी ओर घुमा लिया और नीचे घुटनो के बल बैठ कर अपनी मम्मी के भारी चुतड़ों को अपने हाथों में भर कर उसके गुदाज मखमली पेट को पहले गहरे चुंबन के साथ चूमा तो नीलम के मुँह से एक गहरी सिसकारी निकल गई, फिर रोहित ने अपनी मम्मी के मसल चुतड़ों को दबोचते हुए उसके गुदाज पेट को चूमना और चाटना शुरू कर दिया,

नीलम : आह बेटे तू कितना प्यार से चूमता है सोनू तो तेरी इस हरकत से पागल हो जाती होगी आह, नीलम ने यह कहते हुए उसके सर पर हाथ फेरना शुरू कर दिया, यह सब क्रिया कलाप देख कर सोनू मंद मंद मुस्कुराते हुए अपनी चूत मसल रही थी और उसकी चूत से पानी आ चुका था, कुछ देर चूमने के बाद नीलम ने कहा बेटे अब बाद में चूमना अभी चलते है सोनू वेट कर रही होगी और जैसे ही दोनो वहाँ से चले सोनू फटाफट नीचे आकर अपने रूम में भाग गई. जब रोहित रूम में पहुचा तो सोनू नेउसकी ओर मुस्कुराते हुए कहा आ गये आप तब रोहित ने कहा तुम सोई नही तब सोनू ने मुस्कुराते हुए कहा जिसका पति आधी रात को उसकी बीबी को छोड़ कर गया हो उस औरत को नीद कैसे आ सकती है, सोनू के मुँह से यह बात सुन कर रोहित चकित रह गया और उसने कहा तुम मेरी जासूसी करती हो तुम छत पर आई थी ना

सोनू : पहले यह बताइए कि मुझे चोदेन्गे या नही

रोहित : अपने लंड को बाहर निकालते हुए सोनू को दिखाता है और उसकी ओर मुस्कुरा कर देखता है तब सोनू बेड से उतर कर नीचे आती है और रोहित के लंड को पकड़ लेती है और कहती है तुम्हारा लंड तो बड़ा बदमाश हो गया है अभी तक बहन की गुदाज गान्ड को देख कर सर उठा लेता था अब तो अपनी मम्मी की मोटी गान्ड भी फाड़ने के लिए खड़ा है, तब रोहित ने कहा सोनू मम्मी की मोटी गान्ड मारने का बड़ा मन कर रहा है यार और रोहित ने सोनू के मोटे चुतड़ों को फैला कर चाटना शुरू कर दिया, सोनू आह आह करती हुई कहने लगी, तो चोद दो ना अपनी मम्मी को तब रोहित ने कहा यार चोदना तो चाहता हूँ पर कहने की हिम्मत नही होती, तब सोनू ने कहा में कहूँ मम्मी से,

रोहित-- हाँ लेकिन कुछ इस तरह की मम्मी को बुरा ना लगे और वह मुझसे चुदवाने को राज़ी हो जाए, तब सोनू ने कहा तुम फिकर ना करो बस में जैसा प्लान तुम्हे बताउन्गी तुम बस वैसा ही करना समझे, रोहित ने कहा ओके जानेमन, तब सोनू ने कहा तो फिर आओ मेरे राजा और मुझे चोदो लेकिन हाँ आज मुझे अपनी मम्मी समझ कर खूब रगड़ रगड़ कर चोदना, फिर सोनू ने मन में सोचा में भी आज तुम्हे पापा समझ कर खूब कस कस कर तुम्हारे मोटे लंड पर कुदूँगी, और फिर रोहित ने सोनू को अपनी मम्मी नीलम समझ कर खूब कस कर उसकी ठुकाई की और सोनू ने भी यह कल्पना करते हुए खूब गहराई तक लंड लिया कि जैसे उसे पापा चोद रहे हो,____

Page 4 Episode 5

अगले दिन रोज की दिनचर्या के हिसाब से वो लोग पार्क में एक्सर्साइज़ करने गये वहाँ सोनू और सुधा ने मनोहर को अपनी मोटी मोटी गान्ड दिखा दिखा कर खूब एक्सर्साइज़ की और मनोहर उनकी भरी हुई मोटी जांघे और भारी गदराए चुतड़ों को देख देख कर खूब गरम हुआ उसके बाद सुधा मनोहर के पास पढ़ने चली गई,

रोहित सुबह अपने ऑफीस की ओर निकल गया और नीलम अपनी किसी सहेली के साथ मार्केट चली गई उधर सुधा आज जीन्स और टीशर्ट पहन कर पापा के पास पढ़ रही थी मनोहर को आज कुछ देखने को मिल नही रहा था और वह सुधा से सीधे मुँह कह भी नही सकता था कि तू वही फटी लेग्गी पहनकर मुझे अपनी चूत दिखा, वह सुधा को कोई सवाल समझा रहा था जिसे सुधा ने दो बार ग़लत कर दिया तो मनोहर ने गुस्से में उसके गाल पर एक चपत लगा दी जिससे सुधा का गोरा गाल लाल पड़ गया और वह मुँह फूला कर सवाल करने बैठी थी तभी सोनू चाइ लेकर आई और मनोहर को चाइ दी और सुधा से कहा ले सुधा चाइ पी ले तब सुधा ने कहा मुझे नही पीना चाइ वाई,

सोनू : पापा इसे क्या हुआ

मनोहर : अरे बेटी एक ही सवाल को दो तीन बार समझा चुका हूँ पर इसके दिमाग़ में भूसा भरा है इसे समझ ही नही आ रहा इसलिए मैने एक थप्पड़ दे दिया गाल पर, सोनू सुधा के पास बैठ कर उसके लाल गालो को हाथों से सहलाती हुई कहने लगी पापा आप भी ना कोई जवान बेटी को मारता है क्या और फिर आपका चाँटा मारना ही था तो गाल पर क्यो मारा उसके गाल पर निशान बन गया है आगे से आप गाल की बजाय ऐसी जगह थप्पड़ मारिए जहाँ किसी को दिखाई ना दे यह बात सोनू ने मुस्कुराते हुए की, सोनू का इशारा मनोहर को समझ आ गया और सुधा भी सोनू की बातों को समझ गई जिससे उसका लाल गाल और भी लाल हो गया और सोनू अपने भारी चुतड़ों को मटकाती हुई बाहर जाते जाते यह कह गई कि आज घर में कोई नही है पापा में बाहर अकेली हूँ कुछ काम हो तो आवाज़ दे देना तब मनोहर ने सुधा को मुस्कुरा कर देखा और सुधा का हाथ पकड़ कर अपनी ओर खिचते हुए उसके लाल गालोको चूमते हुए कहा ओके बाबा सॉरी माइ डार्लिंग अपने पापा को माफ़ कर दो, तब सुधा ने कहा मैने तो आपको पहले ही माफ़ कर दिया है पर अब आप मुझे गाल पर थप्पड़ नही मारेंगे,

मनोहर : मुस्कुराते हुए तो फिर कहाँ मारेंगे

सुधा ; नखरा छोड़ते हुए कहने लगी गाल को छोड़ कर जहाँ आपका मन करे मार लेना, तब मनोहर ने सुधा के मोटे मोटे चुतड़ों को दबोचते हुए कहा अबकी बार अगर तुमने सवाल ग़लत किया यो में तुम्हे यहाँ मारूँगा तब सुधा का चेहरा लाल पड़ गया और उसने कहा ठीक है मार लेना और मनोहर ने उसे सवाल दे दिया, सुधा सवाल तो समझ गई थी लेकिन इस बार उसने मुस्कुराते हुए जान बुझ कर सवाल ग़लत कर दिया तब मनोहर ने जब सवाल चेक किया तो सुधा मंद मंद मुस्कुराने लगी तब मनोहर ने कहा चलो अब थप्पड़ खाने के लिए तैयार हो जाओ तब सुधा किसी कुतिया की तरह अपनी मोटी गान्ड उठा कर बैठ पर घूम कर अपने भारी चौड़े चुतड़ों को पापा के मुँह की ओर कर दिया, मनोहर का लंड लूँगी के अंदर सुधा की गान्ड की चौड़ाई देख कर तन गया

और उसने सुधा की मोटी गान्ड को बड़े प्यार से सहलाया और गान्ड की गहराई से उस स्थान तक हाथ फेरा जहाँ सुधा की गुदाज फूली चूत का उभार भी नज़र आ रहा था, मनोहर सहला रहा था और सुधा आँखे बंद किए हुए झुकी थी,

सुधा : अब हाथ क्या फिरा रहे है मारिए ना

मनोहर : ये तो चीटिंग है इस जीन्स के उपर से मारने पर तुम्हे तो लगेगा ही नही, पहले अपनी जीन्स को अपने चुतड़ों से नीचे सरकाओ तब तो सज़ा में पड़ने वाले थप्पड़ो का असर होगा,

सुधा : पापा भाभी आ जाएगी

मनोहर : तो जाओ पहले गेट बंद करके आओ, मनोहर की बात सुना कर सुधा उठी उसका चेहरा पूरा लाल हो रहा था और जब वह अपनी गुदाज मोटी गान्ड मटकाते हुए दरवाजे की तरफ गई तो मनोहर उसकी मोटी गान्ड को देखते हुए लूँगी के उपर से अपने लंड को मसल्ने लगा और मन में सोचने लगा कि उसकी बेटी के चूतड़ और बदन तो पूरा फिल्म आक्ट्रेस आएशा टाकिया की तरह लग रहा है हाई क्या गुदाज गान्ड है आज तो पूरी नंगी करके मारूँगा इसके भारी चुतड़ों पर,

उसके बाद शुदा जब पलट कर आने लगी तो उसने देखा उसके पापा उसके टीशर्ट में खरबूजो की तरह तने दूध और पाव रोटी की तरह फूली उभरी हुई चूत को देख देख कर अपने लंड को लूँगी के उपर से मसल रहे है, उसका चेहरा लाल हो गया और वह मुस्कुराते हुए बेड पर चढ़ कर वापस कुतिया की तरह अपनी गान्ड उभार कर झुक गई, फिर जैसे उसे कुछ याद आया और वह एक पल के लिए घुटनो के बल सीधी हुई और उसने अपनी जीन्स के बटन को खोल कर अपनी ज़िप खोल ली, और फिर से झुक गई,

मनोहर उसके चुतड़ों के करीब आ गया और धीरे से सुधा की जीन्स को उसकी गदराई मोटी गान्ड से नीचे उतारने लगा जैसे ही उसने जीन्स को थोड़ा सा सरकाया उसे सुधा की गोरी गदराई गान्ड पर लाल कलर की पैंटी नज़र आई उसने जीन्स को सुधा के मुड़े हुए घुटनो तक उतार कर छोड़ दिया मनोहर की आँखो में सुधा की गदराई गान्ड और उस पर लाल कलर की पैंटी देख कर खून उतर आया,

सुधा की गोरी मसल गदराई गान्ड पर लाल पैंटी की लेस उसकी गान्ड के छेद से लेकर फूली चूत की फांको में फसि हुई थी, उसकी चूत की उभरी हुई फांके बिना बालो के काफ़ी चिकनी दिखाई दे रही थी, मनोहर ने एक बार सुधा के पूरे चुतड़ों पर हाथ फेरा फिर कस कर एक थप्पड़ सुधा के एक पाट पर जड़ दिया और सुधा आह की आवाज़ निकाल बैठी तभी मनोहर ने दूसरे पाट पर भी एक थप्पड़ मारा और सुधा आह पापा कहने लगी,

उसके दूध से सफेद चुतड़ों का रंग दो थप्पड़ो में ही सिंदूरी हो गया और मनोहर ने अब उसकी मोटी गान्ड पर थप्पड़ रुक रुक कर मारने लगा वह कभी सुधा के चुतड़ों को पूरा अपने पंजो में भर कर मसल देता और कभी उसकी गान्ड के पाटो को दोनो हाथों से फैला कर छोड़ देता, अब मनोहर ने सुधा की फूली हुई चूत के नीचे हाथ डाल कर उसे अपनो हाथों में भर कर दबोचा तो सुधा आह ससिईइ पापा कहने लगी, मनोहर ने सुधा के चुतड़ों को बड़े प्यार से चूमा और फिर उसकी गान्ड में फसि लेस को साइड में करके जब सुधा की कोरी गान्ड कभुरा छेद देखा तो वह अपने आप को रोक नही पाया और अपनी नाक को उसकी गुदा में लगा कर सुघने लगा हाई उसकी गान्ड की मादक गंध ने उसे पागल कर दिया था और उसने अपनी जीभ को जैसे ही सुधा की गान्ड के छेद से लगा कर चाटा सुधा आह पापा कह कर कराहने लगी उसकी बुर पूरी गीली हो चुकी थी और उसे पापा की खुदरी जीभ का एहसास अपनी गान्ड के छेद में पागल किए जा रहा था मनोहर ने दोनो हाथों से सुधा की गान्ड को फैलाया और लंबी जीभ निकाल कर उसकी गान्ड को चाटने लगा और सुधा आह सीयी पापा ओह पापा जैसे शब्द निकाल कर सीसीयाने लगी,____

Page 4 Episode 6

अब मनोहर ने उसकी पैंटी को भी नीचे सरका दिया और जब उसने सुधा की फूली फांको वाली चिकनी चूत देखी तो वह पागल हो गया और दोनो हाथों से सुधा की चूत की फांको को फैला कर अपनी लंबी जीभ निकाल कर सुधा की चूत की गहराई से लेकर गान्ड के भूरे छेद कर कस कस कर चाटने लगा और सुधा किसी जल बिन मछली की तरह तड़पने लगी, मनोहर उसकी गान्ड को दोनो हाथो से मसल मसल कर अपनी लंबी जीभ से अपनी बेटी की गुदाज गान्ड और फूली चिकनी चूत को खूब कस कस कर दबा दबा कर चाट रहा था, और सुधा खूब सिसीकिया ले रही थी, दोनो यह नही जानते थे कि घर की खिड़की के पर्दे की साइड से सोनू उन दोनो बाप बेटी की रस लीला देख रही थी और अपनी बुर को अपने हाथों से खूब दबा रही थी,

सुधा की चूत से रस बह रहा था और मनोहर अपनी प्यारी जवान बेटी की फूली चिकनी चूत की फांको को खूब खोल खोल कर पी रहा था, सुधा कहने लगी आह सीयी ओह पापा कितना अच्छा चाटते हो आप में पागल हो जाउन्गी, आह आह आह्ह्ह सीयी ओ माँ मर गई, अब मनोहर ने अपनी एक उंगली को थूक में भिगो कर सुधा की मस्त गुदा में पेल दिया और उसकी गुदा में उंगली दबाते हुए वह उसकी बुर चाट रहा था, अब मनोहर ने सुधा की जीन्स को पूरा उतार दिया और उसकी मोटी गान्ड को पकड़ कर बेड पर सीधा लेट गया और सुधा को कहा बेटी अपने पापा के मुँह में बैठ जाओ सुधा की मोटी मोटी जांघे मनोहर के दोनो तरफ थी और उसने अपनी मोटी गान्ड को उठा कर मनोहर के मुँह में रख दिया मनोहर किसी पागल कुत्ते की तरह सुधा की गान्ड और चूत को चाटने लगा सुधा की चूत से अब पानी ज़्यादा निकल रहा था और वह सीधे मनोहर के मुँह में जा रहा था और मनोहर खूब कस कस कर अपनी बेटी की चूत पी रहा था,

सुधा की मोटी गान्ड के नीचे मनोहर का मुँह दबा हुआ था सुधा उसके मुँह में गान्ड फैलाए बैठी थी तभी सुधा की नज़र उसके पापा के लूँगी में खड़े मोटे तगड़े लंड पर पड़ी वह थोड़ा आगे झुक गई जिससे उसकी फूली चूत खुल कर मनोहर की आँखो के सामने आ गई और मनोहर ने लंबी जीभ निकाल कर जब सुधा की चूत को गान्ड के छेद से लेकर नीचे तक चाटा तो सुधा से रहा नही गया और उसने झुक कर मनोहर के लंड से लूँगी हटा दी और जब उसकी नज़र अपने पापा के मस्त काले लंड पर पड़ी तो उसकी आँखे चकरा गई अपने पापा के लंड के फूले हुए सुपाडे को देख कर सुधा मस्त हो गई और उसने अपने पापा के केले को पकड़ लिया और जब उसने उसको दबा दबा कर देखा तो उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया और वह हाँफने लगी लेकिन मनोहर ने उसकी चूत को और ज़ोर ज़ोर से चूसना शुरू कर दिया, सुधा से रहा नही गया और उसने पापा के लंड को पकड़ कर सीधे अपने मुँह में भर लिया और चूसने लगी, यह सीन देख कर सोनू के मुँह में पानी आ गया और उसने अपनी बुर में एक उंगली डाल ली,

मनोहर तो जैसे सातवे आसमान पर उड़ने लगा और जब सुधा ने पापा के बड़े बड़े अंडकोषो को अपने हाथों में भर कर सहलाते हुए उनके लंड के टोपे को चूसा तो मनोहर पागलो की तरह अपनी बेटी की गोरी गदराई गान्ड को दबोच दबोच कर उसकी बुर पीने लगा, दोनो ने चूस चूस कर एक दूसरे के लंड और चूत को लाल कर दिया, अब दोनो का रस निकलने की कगार पर पहुच गया इसलिए सुधा अपनी मोटी गान्ड हिला हिला कर अपनी चूत को मनोहर के मुँह में रगड़ने लगी और मनोहर ने अपनी जीभ बाहर निकाले हुए उसकी चूत की रगड़ को महसूस करने लगा, सुधा खूब तेज तेज अपनी चूत अपने पापा की जीभ पर रगड़ रही थी और खूब कस कस कर पापा के आंडो को दबा दबा कर उनके लंड को चूस रही थी तभी सुधा की बुर ने एक फव्वारे के साथ पापा के मुँह में मूत दिया और उधर मनोहर के लंड को अपने मुँह में जैसे ही कसा मनोहर ने भी एक तेज पिचकारी सुधा के मुँह में छोड़ी और सुधा उसके रस को चूस चूस कर पागलो की तरह चाटने लगी और दोनो तब तक एक दूसरे का रस पीते रहे जब तक की एक एक बूँद बाकी ना रह गई हो,

सुधा अभी भी पेट के बल मनोहर के उपर उल्टी लेटी थी उसने सिर्फ़ टीशर्ट पहने हुए थी और नीचे पूरी नंगी थी उसकी साँसे तेज चल रही थी और उसके हाथ में मनोहर का लंड अभी भी था लेकिन उसकी आँखे बंद थी मनोहर सुधा की गान्ड को अभी भी हल्के हल्के सहला रहा था, उधर सोनू का मुँह खुला का खुला ही रह गया था जब उसने देखा कि सुधा ने कैसे अपने पापा का सारा रस निचोड़ निचोड़ कर चाट लिया था, तभी मनोहर ने सुधा को आवाज़ दी और सुधा एक दम से मनोहर के उपर से उतर कर बेड पर बैठ गई और उसकी नज़रे नीचे थी,

मनोहर : बेटी इधर आओ और मनोहर ने उसका हाथ पकड़ कर अपनी तरफ खींच लिया,

मनोहर : तुम्हे मज़ा आया कि नही

सुधा : मनोहर को हल्के से धकेलते हुए मुस्कुरा कर कहने लगी पापा आप बहुत खराब है____

Page 4 Episode 7

मनोहर : सुधा के गालो को चूमते हुए कहने लगा बेटी मुझे नही पता था कि तुम अंदर से अपनी मम्मी से भी ज़्यादा खूबसूरत हो, आओ अपने पापा की गोद में बैठो और मनोहर ने उसकी मोटी जाँघो को पकड़ कर अपनी गोद में चढ़ा लिया सुधा की साँसे फिर से तेज होने लगी थी क्यो कि उसके पापा का लंड फिर से तन गया था और उसकी गान्ड में चुभ रहा था, मनोहर ने सुधा के दोनो मोटे मोटे कसे हुए दूध को अपने हाथो में जकड कर उसके रस भरे लाल लाल होंठो को अपने मुँह में भर लिया, सुधा के ठोस कसे हुए बोबो पर जब उसके पापा के हाथ पड़े तो उसके मुँह से आह जैसी सिसकारी निकल गई और मनोहर ने कहा बेटी मैने आज तक इतने कठोर और मोटे दूध नही दबाए कितने रसीले और मोटे मोटे है तुम्हारे दूध और मनोहर ने एक झटके में सुधा की टीशर्ट उतार कर उसे पूरी नंगी कर दिया सुधा एक दम से मनोहर की छाती से चिपक गई और मनोहर उसे पागलो की तरह चूमने लगा,

सुधा की जाँघो को उसने अपनी कमर से लपेट लिया और उसके मोटे मोटे कसे हुए दूध को पागलो की तरह मसल मसल कर लाल कर दिया और बीच बीच में वह सुधा के रसीले होंठो को भी चूस्ता जा रहा था.

सुधा ; ओह पापा थोड़ा धीरे दबाइए ना आप बहुत कस कर दबाते है

मनोहर: बेटी इन्हे जितना कस कर मस्लो ना लड़कियो को उतना ही मज़ा आता है सच सच बताओ तुम्हे मज़ा आ रहा है कि नही

सुधा : आह सीई ओह पापा बहुत अच्छा लग रहा है,

मनोहर पागलो की तरह सुधा के दूध को मसलता रहा और उसके गुदाज गदराए बदन को तबीयत से मसलता रहा कुछ देर बाद मनोहर ने कहा सुधा जाओ सामने की आल्मिरा से नारियल का तेल लेकर आओ, सुधा उठी और नंगी अपनी गुदाज गदराई गान्ड मटकाते हुए सामने जाने लगी और मनोहर उसकी नंगी गान्ड की थिरकन को देख कर अपना लंड मसल्ने लगा

सोनू की निगाहे कभी सुधा के मटकते चुतड़ों को और कभी मनोहर के लंड को देख रही थी उसने भी आज पहली बार अपनी जवान गदराई ननद को पूरी नंगी देखा था उसकी चूत लंड खाने के लिए बहुत तड़प रही थी लेकिन आने वाले सीन को सोच सोच कर उसके दिल की धड़कने बढ़ गई थी, सुधा अपने हाथो में नारियल के तेल की डब्बी लेकर वापस आ गई और फिर मनोहर ने उसके हाथो को पकड़ कर उसके हाथ में ढेर सारा तेल डाल कर उसे अपने लंड पर लगाने का इशारा किया और सुधा शरमाते हुए अपने पापा के केले में नारियल का तेल लगाने लगी, तेल लगते ही मनोहर का लंड विकराल हो गया और पूरा चमकने लगा

सोनू का दिल कर रहा था कि अंदर जाकर पापा के तेल में डूबे चिकने चमचमाते लंड पर बैठ जाए लेकिन वह सुधा का खेल खराब नही करना चाहती थी, जब मनोहर के लंड पर तेल लग गया तब मनोहर ने एक तकिया लिया और सुधा को तकिये पर गान्ड रखने को कहा और फिर उसे पीठ के बल लिटा दिया और फिर मनोहर सुधा की चूत की फांको को खोल खोल कर उसमे तेल लगाने लगा

सुधा : आह सी ओह पापा यह क्या कर रहे हो मुझे बहुत डर लग रहा है,

मनोहर : देखो बेटी तुम इस समय बहुत जवान हो गई हो और तुम्हारा बदन बहुत ज़्यादा गदरा गया है तुम्हारी उम्र की लोंड़िया तो दिन रात लंड ले ले कर अपनी चुदाई का मज़ा लेती है, अब में तुम्हे चोदुन्गा क्या तुम नही चाहती कि में तुम्हे खूब रगड़ रगड़ कर चोदु, मनोहर ने एक उंगली से तेल लेकर सुधा की चूत में पेल दिया और सुधा सीसीया उठी ओह पापा चोदिये खूब कस कस कर चोदिये, मुझे पूरी नंगी करके चोदिये मेरी चूत खूब कस कस कर अपने इस मोटे लंड से मारिए, आह सीई ओह...पापा में खूब चुदना चाहती हूँ आप से मुझे खूब रगड़ रगड़ कर चोदिये, अपनी बेटी के मुँह से यह बाते सुनते ही अनुभवी मनोहर ने एक बार लंड को सुधा की चूत से घिसा और फिर उसकी चूत के छेद से लंड भिड़ा कर कस कर एक धक्का मारा कि सुधा का पूरा बदन ऐंठ गया और वह खूब ज़ोर से चिल्लई ओह पापा मर गई मैं तो, अगर उस समय सोनू के अलावा कोई भी घर में होता तो दौड़ कर वहाँ आ जाता उसकी जोरदार आवाज़ से मनोहर भी सकते में आ गया लेकिन फिर उसने हिम्मत से काम लेते हुए धीरे से अपना लंड थोड़ा बाहर खींचा और फिर से एक धक्का सुधा की चूत में मार दिया और मनोहर का लंड पूरा सुधा की चूत में समा गया,____

Page 4 Episode 8

मनोहर ने सुधा को इस बार चीखने का मोका नही दिया और उसके होंठो को अपने मुँह में भर लिया अब मनोहर धीरे धीरे सुधा के बोबो को दबाने लगा और उसके होंठो को चूमने लगा लेकिन उसने अपने लंड को सुधा की चूत में गहराई तक ठुसे रखा,

आख़िर कार सुधा से रहा नही गया और उसने पापा के होंठो से अपने होंठो को छुड़ाते हुए कहा पापा लंड थोड़ा बाहर तो कीजिए ना मेरी जान निकली जा रही है तब मनोहर ने धीरे धीरे लंड को आगे पिछे करना शुरू कर दिया अब वह सुधा के बोबो को खूब कस कस कर मसल्ते हुए लंड के धक्के सुधा की चूत में देने लगा, अब सुधा भी सहयोग करने लगी थी आख़िर सुधा पहले से ही परिपक्व तो थी ही उपर से मनोहर इतना अनुभवी था कि उसने सुधा को ज़्यादा तकलीफ़ भी नही होने दी और उसकी चूत का उद्घाटन भी कर दिया था ,

अब मनोहर कुछ तेज तेज धक्के मारने लगा, सुधा आनद से पागल हुई जा रही थी और उसने अपनी जांघे और भी फैला ली थी और मनोहर की ओर अपनी गान्ड उछाल उछाल कर लंड ले रही थी, उधर सोनू इस सीन को देख कर मन ही मन खुस हो रही थी और उसकी चूत से अब तक दो बार पानी छूट चुका था, उधर सुधा की चूत में मनोहर तबड तोड़ धक्के मार रहा था और उसके मोटेमोटे दूध को कस कस कर दबा रहा था सुधा पूरे जोश में आ चुकी थी और खूब गान्ड उछाल उछाल कर लंड लेते हुए कह रही थी ओह पापा और मारिए खूब चोदिये कस कस कर मारिए आहह आहह सी,....................ओह माँ मर गई पापा आहह आहह सीईईईईईईईईईईईईईईईई. अब मनोहर उसके उपर से उठ कर अपने पैरो के पंजो पर बैठ गया और उसकी मोटी जाँघो को दोनो हाथो से थाम लिया और उसकी गान्ड्को और उपर उभार दिया और अब मनोहर पूरी ताक़त से अपनी बेटी की चूत ठोकने लगा और पूरे रूम में थप थप ठप थप की आवाज़े आने लगी मनोहर सटा सॅट लंड पेल रहा था और सुधा की गान्ड के छेद में मनोहर के पाव पाव भर के आंड खूब टकरा रहे थे अब मनोहर थपक थपक की आवाज़ के साथ खूब कस कस कर सुधा को ठोंक रहा था. अब सुधा पिघलने लगी थी और मनोहर को कहने लगी पापा मुझे अपने बदन से चिपका लीजिए आह आह आह ओह, मनोहर उसकी स्थिति भाँप गया और वह सुधा के उपर लेट गया और अपने दोनो हाथो को सुधा के चुतड़ों के नीचे लेजा कर उसके चुतड़ों को अपनी हथेलियो में भर लिया और उसकी चूत को कस कर अपने लंड से चिपका कर अब तबाद तोड़ धक्के मारने लगा

उसके धक्को की रफ़्तार इतनी तेज थी कि उसने 10 सेकेंड में कम से कम 25-30 धक्के मारे और फिर सुधा की पूरी गान्ड को अपनी ओर दबा कर लंड को उसकी चूत में पूरी ताक़त से दबा दिया और सुधा आह आह करते हुए पानी छोड़ने लगी और मनोहर का रस भी उसकी चूत में गहराई तक चला गया, मनोहर का लंड जब तक रस छोड़ता रहा मनोहर उसकी बुर को लंड से दबाए पड़ा रहा,

उनकी यह पोज़िशन देख कर सोनू खूब चुदासी हो गई थी, कुछ देर तक मनोहर सुधा के उपर पड़ा रहा उसके बाद सुधा ने मनोहर को हटने का इशारा किया और मनोहर उठ कर दूसरी ओर बैठ गया, करीब 5 मिनिट तक मनोहर सुधा की गान्ड को सहलाता रहा और फिर मनोहर ने नारियल तेल लिया और सुधा की गान्ड में लगाने लगा तो सुधा एक दम से उठ बैठी और कहने लगी पापा अब हो गया ना,

तब मनोहर ने कहा बेटी अभी तो मैं तेरे इन मोटे मोटे चुतड़ों को भी फाड़ुँगा,

तब सुधा ने कहा पापा आपका बहुत मोटा है मेरी गान्ड फट जाएगी, तब मनोहर ने कहा बेटी एक दो बार तूने मुझसे गान्ड मरवा ली ना तो फिर देखना तू खुद हर दूसरे रोज मुझसे आकर अपनी गान्ड खूब तबीयत से मरवाएगी, तब सुधा ने हँसते हुए कहा पापा मैं तो पहले से ही जानती थी कि आप मेरी गान्ड मारना चाहते है,

मनोहर : वो कैसे

सुधा : आपकी नज़रे जो हमेशा मेरे चुतड़ों पर ही लगी रहती थी,

मनोहर : सच कह रही है बेटी तेरे मतवाले गदराए चुतड़ों को देखते ही लंड खड़ा हो जाता है आज में तेरी गान्ड खूब तबीयत से मारूँगा, बोल मरवाएगी ना अपने पापा से अपनी गदराई मोटी गान्ड____

Page 4 Episode 9

सुधा : मुस्कुराते हुए, आप को कौन रोक सकताहै लेकिन ज़रा अच्छे से पहले अपने लंड पर तेल लगाने दीजिए नही तो मेरी गान्ड फाड़ कर रख देगा आपका यह मूसल

मनोहर : तुम खुद ही लगा दो अपने पापा के लंड पर तेल

सुधा ; आप भी तो लगाइए मेरी गुदा में तेल

सुधा की बात सुन कर मनोहर का लंड फिर से तन कर खड़ा हो गया और वह सुधा की गान्ड के छेद में उंगली डाल डाल कर तेल लगाने लगा और सुधा अपने पापा के मोटे लंड पर तेल लगाने लगी, अभी तेल लगा कर मनोहर ने सुधा को घोड़ी बना दिया और फिर उसकी गुदा से अपने लंड को रगड़ने लगा और फिर मनोहर ने सुधा की गुदा से लंड को भिड़ा कर धक्का मारने के लिए पोज़िशन ली सोनू आँखे फाडे सब देख रही थी कि तभी सोनू के कानो में गेट के बाहर से नीलम की आवाज़ सुनाई दी...बहू दरवाजा खोल, सोनू ने सुना तो उसकी साँसे थम गई वह एक सेकेंड से भी कम समय में सब सोच कर डिसिशन लेते हुए खिड़की से ही चिल्ला पड़ी पापा रुकिये मम्मी आ गई,

मनोहर अपने लंड को सुधा की मोटी गान्ड में पेलते पेलते रह गया और सुधा और मनोहर सोनू की आवाज़ सुन कर सकते में आ गये और खिड़की की तरफ देखने लगे तब सोनू ने फिर से कहा पापा मम्मी गेट पर आ गई है यह कहते हुए सोनू वहाँ से गेट खोलने के लिए भागी तब मनोहर और सुधा को कुछ समझ आया और उन्होने जल्दी जल्दी कपड़े पहने और सब कुछ दुरुस्त करके सुधा पढ़ने बैठ गई और मनोहर बाथरूम में घुस गया तब तक सोनू दरवाजा खोल चुकी थी और नीलम अंदर आ गई.

नीलम ; बड़ी देर लगा दी,

सोनू : हाँ वो अपने रूम में थी ना

नीलम : सुधा और तेरे पापा कहाँ है तभी मनोहर रूम से बाहर आ गया और कहने लगा अरे भाई हम कहाँ जाएगे और मनोहर सोफे पर बैठ गया और सोनू को देख कर मुस्कुराने लगा तब नीलम भी सोफे पर बैठ गई और सोनू को चाइ पिलाने का कहने लगी तब सोनू चाइ बनाने चली गई और मनोहर और नीलम बातों में मगन हो गये कुछ देर बाद सोनू ने मनोहर और नीलम को चाइ दी और फिर पापा के रूम में जाकर सुधा को चाइ देते हुए कहा वाह ननद रानी तुम तो बहुत आगे हो अकेले अकेले ही मज़े मार लिए, सुधा कुछ बोलने की स्थिति में नही थी और मारे शर्म के उसने अपने मुँह को नीचे झुका लिया,

तब सोनू ने कहा ओ मेडम अब नखरा करने की ज़रूरत नही है मम्मी आ गई है चाइ पियो और नॉर्मल हो जाओ, यह कह कर सोनू भी उसे मुस्कुराते हुए देख देख कर चाइ पीने लगी और कुछ देर बाद नीलम भी रूम में आ गई और फिर सुधा और सोनू वहाँ से बाहर आ गई और सुधा को पकड़ कर सोनू अपने रूम में ले गई और वहाँ उससे कहने लगी बाप रे पापा ने क्या ठुकाई की है तेरी और वह तो तेरी गान्ड भी मारने वाले थे, तब सुधा ने कहा भाभी आप ने सब कुछ देख लिया है ना, कब से खड़ी खड़ी देख रही थी आप

सोनू : जब से तुम दोनो का गेम शुरू हुआ तब से लेकर आख़िरी तक देखा है बस तेरी गान्ड फटते भी देख लेती जो मम्मी जी ना आ जाती, उसकी बात सुन कर सुधा मुस्कुराने लगी और फिर कहने लगी भाभी बहुत दर्द हो रहा है चला नही जा रहा है तब सोनू ने कहा जा तू अपने रूम में जाकर आराम कर हम बाद में मिलते है और सुधा अपने रूम में जाकर सो गई.

सोनू बेड पर लेटी लेटी बस सुधा और पापा जी की चुदाई के बारे में सोच सोच कर पागल हो रही थी लेकिन उसे समझ नही आ रहा था कि पापा का मोटा लंड उसकी चूत में कैसे घुसे वह अभी ख्यालो में डूबी हुई थी,

दूसरी तरफ मनोहर सोच रहा था कि बहू ने तो सब कुछ देख लिया है लेकिन उसके हाव भाव से लगता है कि वह भी मुझसे चुदवाना चाहती है पर में बहू को कैसे चोदु उसकी गुदाज जवानी ने भी मुझे परेशान किया हुआ है, दोनो यही सोचते सोचते नींद की आगोश में चले गये, अगले दिन सुबह नीलम ने मनोहर से कहा उसे आज एक शादी में जाना है तो क्या वह उसके साथ चलेगा तब मनोहर ने कहा भाई मेरी तो तबीयत कुछ ठीक नही लग रही है तुम सुधा को साथ ले जाओ फिर नीलम सुधा को लेकर चली गई और अगले दिन आने का बोल गई,

मनोहर ने सोचा यह मोका अच्छा है बहू को चोदने का लेकिन उसके पास सिर्फ़ दिन का ही समय है क्यो किरोहित दिन में ऑफीस चला जाता है फिर मनोहर ने सोचा अगर घर में चोदुन्गा तो किसी के भी आने का डर बना रहेगा तो फिर उसने रोहित के ऑफीस जाने के बाद सोनू को बुलाया और सोनू उसके रूम में गई उसके गाल पापा का सामना करते ही लाल पड़ गये थे, मनोहर मंद मंद मुस्कुराते हुए कहने लगा बेटी आज मेरा लोंग ड्राइव पर जाने का मन हो रहा है तुम चलोगि मेरे साथ, तब सोनू ने कहा जैसा आप कहे पापा,

तब मनोहर ने कहा तो फिर जाओ जल्दी से तैयार हो जाओ हम अभी चलेंगे, सोनू जाकर तैयार हो गई और फिर मनोहर ने अपनी कार निकाली और चल दिए,____

Page 4 Episode 10

मौसम कुछ बदल किए हुए था और बहुत ही सुहानी हवा चल रही थी, कार अपनी रफ़्तार में शहर से बाहर जा चुकी थी, मनोहर ने कार चलाते हुए सोनू को देखा जो कि बहुत ही खूबसूरत लग रही थी उसने वाइट कलर की कुरती और लेग्गी पहना हुआ था,

मनोहर : सोनू बहुत काले बदल घिर आए है लगता है जोरदार बारिश होगी, सोनू ने बदलो की ओर देखते हुए कहा, हाँ पापा मौसम तो बहुत खराब है और ऐसे में आप लोंग ड्राइव पर जा रहे है,

मनोहर : मुस्कुराते हुए ऐसे मौसम में ही तो लोंग ड्राइव का मज़ा है, फिर हाइवे पर एक सिंगल रोड जाता हुआ दिखा तब मनोहर ने कहा सोनू इस रास्ते पर आगे जाकर एक वॉटर फॉल है हम चले उधर

सोनू ; मुस्कुराते हुए चलिए तब मनोहर ने उस ओर कार टर्न की और कहने लगा सोनू तुम बहुत गुम्सुम हो अगर तुम्हे कंफर्ट नही लग रहा हो तो हम वापस चले, सोनू ने मुस्कुराते हुए कहा पापा आपसे किसने कह दिया कि मुझे कंफर्ट नही लग रहा,

मनोहर : तो फिर कुछ बात करो इतनी गुम्सुम सी क्यो हो, वैसे तुम पर यह वाइट कलर की कुरती और लेग्गी बहुत अच्छी लग रही है

सोनू : मुस्कुराते हुए पापा आप ही तो लाए थे यह ड्रेस भूल गये

मनोहर : हुन्न याद है मुझे, पर लगता है तुमने आज पहली बार ही इसे पहना है

सोनू ; हाँ पापा मोका ही नही लगा इसलिए, तभी बिजली की गड़गड़ाहट हुई और सोनू के चेहरे का रंग उड़ गया और उसने रोड के आसपास देखा तो कहा पापा यह रोड तो बहुत सुनसान है और आस पास बहुत झाड़िया है,

मनोहर : हाँ सोनू लेकिन आगे 5किमी बाद एक उँचा हिल आएगा और फिर वहाँ से दूर दूर तक मैदान नज़र आएगा वहाँ कार कुछ उचाई पर होगी फिर वहाँ से नज़ारा देखना बड़ा अच्छा नज़र आएगा, कुछ देर बाद तेज बारिश शुरू हो गई और मनोहर को वाइपर ऑन करना पड़ा, सोनू ने सब ग्लास उपर किए लेकिन तभी एक जोरदार आवाज़ के साथ बिजली कडकी और ऐसा लगा जैसे उनके सामने ही गिरी हो सोनू बहुत घबरा गई तभी बारिश की बूँदो ने विशाल रूप ले लिया और मूसलाधार बारिश शुरू हो गई और मनोहर को अब ड्राइव करने में भी दिक्कत होने लगी तब मनोहर ने कार रोकते हुए कहा सोनू आगे रास्ता भी गड़बड़ है और इतनी तेज बारिश में आगे का रोड भी नज़र नही आरहा है इसलिए गाड़ी कुछ देर यही रोक लेते है बारिश रुकने के बाद चलते है,

सोनू : पापा मैं तो कहती हूँ हम वापस चलते है मौसम बहुत ज़्यादा ही खराब हो गया है

मनोहर : डोंट वरी बेटी अभी बारिश रुक जाएगी और मनोहर ने सोनू के गालो पर हाथ फेरा, बाहर बारिश की धुन्ध के कारण कुछ नज़र नही आ रहा था और मनोहर ने कहा तुम्हारा ध्यान बटाने के लिए लो मैं म्यूज़िक ऑन कर देता हूँ और फिर म्यूज़िक शुरू हो गया, मनोहर सोनू से बाते कर रहा था और उसकी नज़रे बार बार सोनू के मोटे मोटे बोबो और लेग्गी से में कसी उसकी मोटी गुदाज जाँघो पर जा रही थी, उसका लंड पेंट में खड़ा हो गया था सोनू पापा की नज़रो को ताड़ रही थी और उसकी नज़रे भी बार बार पापा के लंड के उभार पर जा रही थी, दोनो के चेहरे पर सेक्स की लाली उभर आई थी और जब दोनो की नज़रे मिलती तो दोनो के चेहरे खिल जाते थे मनोहर बार बार सोनू की गदराई जाँघो पर हाथ रख कर बात कर रहा था और उसका लंड जांघे सहलाने पर झटके लेने लगता था जिसे देख कर सोनू की बुर भी पिघलने लगी थी, बारिश बहुत भयानक हो रही थी लेकिन नसों में रक्त के बहाव ने दोनो के कानो पर जैसे रूई लगा दी थी, और दोनो बाते कुछ और कर रहे थे लेकिन उनके दिमाग़ में कुछ और ही चल रहा था,

मनोहर: सोनू की जाँघो को सहलाते हुए, बेटी जब से तुमने पार्क में एक्सर्साइज़ शुरू की है तुम्हरा फिटनेस कुँवारी लड़कियो की तरह हो गयी है

सोनू : मुस्कुराते हुए कहने लगी पापा आपकी भी बॉडी शॅप में आ गई है आप अपनी उमर से 5 साल कम लगने लगे हो

मनोहर : मतलब अब मैं फिर से जवान लगने लगा हूँ

सोनू मन में कहती है आप का मोटा लंड देख कर तो यही लगता है कि आप कितने जवान है, अपनी बेटी की चूत तो फाड़ कर रख दी है आपने

सोनू : मुस्कुराते हुए पापा मैने तो एग्ज़्क्र्साइज़ ही इसीलिए शुरू की थी ताकि कुछ वजन कम हो कुछ समय से मैं बहुत मोटी होती जा रही थी ना

मनोहर : हाँ लेकिन वैसे औरतो का बदन थोड़ा हेल्ती ही अच्छा लगता है, फिर मनोहर ने सोनू के मोटे मोटे आमो को और गदराई जाँघो और उस पर फैले हुए चुतड़ों को देखते हुए मन में सोचा बेटी तुम कितनी ही कसरत कर लो लेकिन तुम्हारे मोटे बोबो गदराई जांघे और मोटी गान्ड का साइज़ तो और भी बढ़ता ही जा रहा है, पूरी नंगी करने पर तो तुम कयामत नज़र आती होगी

मनोहर : सोनू एक बात कहूँ

सोनू : कहिए पापा

मनोहर : तुम सुबह जब एक्सरसाइज़ करती हो तब तुम्हारा फिगर देख कर कोई भी पागल हो जाए____

Page 5 Episode 1

सोनू : मुस्कुराते हुए कहने लगी रहने दीजिए पापा इतना अच्छा भी नही है मेरा फिगर, मुझसे अच्छा फिगर तो सुधा का है

मनोहर : नही बेटी सुधा से कहीं लाख गुना अच्छा शेप है तुम्हारी बॉडी का, मुझे तुम्हारी जाँघो का और पीछे के उभरे हुए नितंबो का साइज़ बहुत अच्छा लगता है, मनोहर ने सोनू की जाँघो को दबाते हुए कहा

सोनू : मुस्कुराते हुए पापा क्या कर रहे है, लगता है आपका मन अपनी बहू पर भी खराब हो गया है

मनोहर : सच सोनू तुम्हारी मस्तानी चाल देख कर तो में पागल हो जाता हूँ

सोनू : मुस्कुराते हुए अच्छा तो इसी लिए आप मेरे पीछे पीछे पार्क में घूमने जाते है, तभी अचानक बहुत तेज बिजली कदकी और सोनू मनोहर से एक दम से सिमट गई और मनोहर ने सोनू के बोबो को कस कर पकड़ कर दबा दिया और सोनू आह पापा क्या कर रहे है कहने लगी, मनोहर ने कहा बेटी मैं तुम्हारें मोटे मोटे पके आमो और भारी चुतड़ों को देख देख कर पागल हुआ जा रहा हूँ सच कहूँ तो मैं तुम्हे पूरी नंगी करके देखना चाहता हूँ

सोनू : शरमा कर पापा के लंड के उभार को देख कर कहने लगी , पापा कैसी बाते कर रहे है भला कोई अपनी बहू को नंगी करके देखता है क्या

मनोहर सोनू के बोबो को फिर से पकड़ कर मसल्ते हुए कहने लगा बेटी मेरा तो मन तुम्हे ख़ूब रगड़ रगड़ कर चोदने का कर रहा है

सोनू : अया सीयी पापा छोड़ दीजिए प्लीज़ भला कोई अपनी बहू के साथ ऐसा करता है क्या, और वैसे भी मुझे आपसे बहुत डर लगता है

मनोहर : क्यो मुझसे क्यो डर लगता है

सोनू : शरमाते हुए वो आपका बहुत बड़ा और मोटा है

मनोहर : मुस्कुराते हुए अच्छा तो कल तुमने मेरे इसको बहुत अच्छे से खिड़की से देखा था, पर बेटी यह जितना बड़ा और मोटा होता है उतना ही मज़ा आता है तुम तो अच्छी तरह जानती हो, देखो यह कितना मस्त हो रहा है तुम्हे देख देख कर और मनोहर ने अपनी पेंट खोल कर ज़िप नीचे की और अपना मोटा लंड बाहर निकाल लिया उसकी इस हरकत से सोनू की साँसे तेज हो गई और वह शरमाने का नाटक करते हुए कहने लगी बाप रे पापा आपका तो बहुत मोटा है

मनोहर : क्या रोहित से भी मोटा है,ज़रा हाथ लगा कर देखो ना और मनोहर ने सोनू के हाथ को पकड़ कर अपने काले मोटे लंड पर रख दिया, सोनू ने उसके लंड पर से हाथ हटाना चाहा तब मनोहर ने ड्राइविंग सीट छोड़ कर सोनू के पास आ गया और उसको बाँहो में दबोच कर पागलो की तरह उसके गालो को चूमने लगा और उसके बोबो को खूब कस कस कर दबोचने लगा,

सोनू के सब्र का बाँध टूट गया और उसने भी मनोहर के लंड को मुट्ठी में जाकड़ लिया तब मनोहर ने कहा बेटी अपने पापा का लंड पी कर देखो बहुत मज़ा आएगा, सोनू ने कहा पापा इतना मोटा लंड में नही सह पाउन्गी तब मनोहर ने कहा बेटी जब सुधा कुँवारी होकर इसे बड़े आराम से पूरा का पूरा ले चुकी है तो तुम्हारी चूत तो रोहित रोज ही फाड़ता होगा तुम तो इसे आसानी से ले लोगि, तब सोनू ने कहा पापा मुझे डर लग रहा है, तब मनोहर ने कहा डरो नही और इसे चूस कर देखो बहुत टेस्टी है और फिर मनोहर ने उसके मुँह को पकड़ कर अपने खड़े लंड की ओर झुका लिया और सोनू मुँह खोल कर अपने पापा का लंड पीने लगी, मनोहर तो जैसे सातवे आसमान पर पहुच गया

एक हाथ से वह सोनू के बोबो को मसल्ने लगा और दूसरे हाथ से सोनू की उभरी हुई गदराई गान्ड और जाँघो को सहलाने लगा,

मनोहर : सोनू मुझे भी तुम्हारी चूत चाटनी है इतना कह कर मनोहर ने सोनू की लेग्गी को गान्ड की तरफ से नीचे सरका दिया और सोनू के चूतड़ नंगे हो गये और मनोहर ने अब सोनू की गुदा को सहलाते हुए उसकी फूली फांको वाली चूत को अपनी उंगलियो से छेड़ा तो सोनू ने कस कर मनोहर के लंड को चूसना शुरू कर दिया, अब मनोहर ने सोनू को पीछे की सीट पर चलने का इशारा किया और सीट को नीचे कर दिया और खुद लेट गया और सोनू से कहा कि वह उसके मुँह पर अपनी गोरी गोरी मोटी गान्ड रखे और सोनू मुस्कुराते हुए अपनी गान्ड मनोहर के मुँह पर रख कर जैसे ही बैठी मनोहर ने अपनी जीभ निकाल कर सोनू की गान्ड और चूत को खूब तबीयत से चाटना शुरू कर दिया और सोनू के मुँह से आह सी ओह पापा जी चूसो और चूसो मेरी गान्ड और चूत जैसी आवाज़ निकलने लगी और दूसरे हाथ से मनोहर के लंड को दबोच कर उसे अपनेमुंह में लेने लगी, मनोहर किसी पागल कुत्ते की तरह सोनू की चूत और गान्ड को चाट रहा था और सोनू उसके लंड के फूले हुए सुपाडे को खूब कस कस कर चूस रही थी, तभी सोनू ने अपनी गान्ड हिलाते हुए कसकस कर मनोहर केमुंह पर अपनी चूत रगड़ना शुरू कर दिया और मनोहर पागलो की तरह उसकी चूत पीने लगा, कुछ ही देर में दोनो ने अपने मुँह से एक दूसरे के लंड और चूत को बुरी तरह चूसना चाटना शुरू कर दिया

और उधर सोनू की चूत ने मनोहर के मुँह में पानी छोड़ दिया तो इधर मनोहर के लंड से वीर्य की पिचकारी सोनू के मुँह में छूट गई और दोनो एक दूसरे के रस को पागलो की तरह चाटने चूसने लगे, कुछ देर तक दोनो एक दूसरे के लंड और चूत को चाटते रहे और मनोहर का लंड फिर से तन गया और सोनू की बुर फिर से कूदने लगी वह दोनो कई सालो के भूखे लग रहे थे और एक दूसरे की चूत और लंड को छोड़ ही नही रहे थे ,

सोनू को पापा के लंड को चूसने में बहुत मज़ा आ रहा था और मनोहर अपनी बहू की चिकनी फूली चूत को फांके फैला फैला कर चाट रहा था, तभी सोनू एक दम से उठ बैठी और कहने लगी पापा अब प्लीज़ चोदिये ना, तब मनोहर ने सोनू को पूरी नंगी कर दिया उसके पूरे बदन को अपने बदन से सटा कर चूमने लगा, तब सोनू ने कहा पापा प्लीज़ अब मत तडपाइए मुझे चोद दीजिए ना तब मनोहर ने सोनू की जाँघो को फैलाया और अपने लंड को सोनू की चूत के छेद में लगा कर कस कर धक्का दिया

और सोनू के मुँह से हल्की सी सिसकारी निकल गई और मनोहर का पूरा लंड सोनू की चूत में समा गया अब मनोहर गहरे मगर लंबे धक्के अपनी बहू की चूत में मारने लगा , अब मनोहर की स्पीड बढ़ गई और वह तबीयत से सोनू की चूत ठोकने लगा पूरी गाड़ी उसके धक्को से हिल रही थी और गाड़ी के अंदर थपक थपक की आवाज़े घुंज रही थी, मनोहर खूब रगड़ रगड़ कर सोनू की चूत मार रहा था और सोनू खूब कस कस कर अपनी गान्ड उठाते हुए मनोहर के लंड की ओर अपनी चूत मार रही थी, कुछ ही देर में दोनो ने एक दूसरे को कस कर जाकड़ लिया और खूब चूत और लंड की घिसाई के बाद दोनो ने खूब पानी छोड़ा और एक दूसरे से कस कर चिपक गये मनोहर ने सोनू की गान्ड में हाथ भर कर उसकी चूत को खूब कस कर अपने लंड से चिपकाए हुए था

और उसका लंड खूब गहराई में वीर्य की बोछार कर रहा था और सोनू अभी तक अपनी गान्ड को उठा उठा कर मनोहर के लंड की ओर अपनी चूत मार रही थी और कुछ देर बाद दोनो सुस्त पड़ गये और फिर मनोहर ने सोनू को चूमते हुए कहा बहू आज तो तुमने मज़ा ला दिया और सोनू मुस्कुराते हुए अपने कपड़े पहनने लगी और बाहर देखा तो बारिश कुछ कम हो चुकी थी और मनोहर ने कहा बहू एक राउंड और हो जाए फिर चलते है तब सोनू ने कहा पापा अभी नही अगली बार जितना जी चाहे कर लेना, तब मनोहर ने कहा ठीक है लेकिन अगली बार मुझे तुम्हारी गान्ड मारनी है, तब सोनू ने कहा ठीक है लेकिन एक शर्त है,____

Page 5 Episode 2

तब मनोहर ने कहा कैसी शर्त तब सोनू ने कहा में चाहती हूँ आप मेरी और सुधा की गान्ड एक साथ मारे, अपनी बहू और बेटी को जब आप एक साथ पूरी नंगी करके चोदेगे तो देखना आपको मज़ा आ जाएगा, तब मनोहर ने कहा यह तुमने बहुत अच्छी बात कही है अब अगली बार जब भी मोका लगेगा मैं तुम्हे और सुधा को पूरी नंगी करके खूब रगड़ रगड़ कर चोदुन्गा और तुम दोनो की मोटी गान्ड को तेल लगा लगा कर मारूँगा, तब सोनू ने हँसते हुए कहा मार लीजिए पर अब चलिए भी और मनोहर ने गाड़ी अपने घर की ओर घुमा ली

दोनो घर पहुच गये थे घर में आज वैसे भी कोई नही था घर के अंदर जाते ही मनोहर ने सोनू को अपनी गोद में उठा लिया, सोनू ने हँसते हुए कहा पापा आप भी ना बहुत ठर्की है अभी तो मुझे चोदा है आपने और आपका लंड फिर खड़ा हो गया,मनोहर उसे अपने रूम में ले गया और पूरी नंगी कर दिया और सोनू को दीवार के सहारे झुका कर उसकी मोटी गान्ड को फैला कर चाटने लगा और सोनू आह पापा जी कह कर सीसीयाने लगी अब मनोहर ने उसकी फूली चूत की फांको को भी खूब फैला दिया और चूत और गान्ड के छेद को जीभ से दबा दबा कर चूसने लगा और सोनू के पेर काँपने लगे मनोहर ने उसकी जाँघो को खूब दबोचते हुए कभी उसकी गान्ड और कभी चूत से अपनी जीभ रगड़ने लगा,

कुछ देर बाद मनोहर ने पीछे से सोनू की चूत में लंड पेल दिया और फिर उसके मोटे मोटे बोबो को मसल्ते हुए कस कस कर धक्के देने लगा और सोनू उन्ह उनन्ह आ सीईइ जैसी आवाज़े निकालने लगी मनोहर ने सोनू की जाँघो में हाथ भर के उसे अपने लंड पर चढ़ा लिया और ड्रेसिंग टेबल के मिरर के सामने ले गया सोनू ने जब अपने आप को मिरर में देखा तो उसे शरम आ गई मनोहर का मोटा लंड उसकी चूत में घुसा था और मनोहर ने दोनो जाँघो को फैला रखा था जिससे उसकी चूत उभर कर सामने दिखाई दे रही थी और उपर गुदाज पेट उठा हुआ पेडू और मोटे मोटे पके आमो की तरह दूध बहुत मस्त नज़र आ रहे थे,

मनोहर सोनू को अपने लंड पर खड़े खड़े कुदा रहा था और सोनू पूरा का पूरा लंड अपनी चूत में ले रही थी अब मनोहर ने सोनू को उतार दिया और उसकी गान्ड में थप्पड़ मारते हुए उसे कुतिया बना दिया और पीछे से जब उसकी फूली चूत की फांके उभर कर आई तो मनोहर ने अपना मोटा काला लंड एक ही धक्के में सोनू की चूत में पेल दिया और फिर खूब कस कस कर सोनू की गान्ड दबाते हुए लंड पेलने लगा

कुछ देर बाद मनोहर बहू को नंगी लेकर बेड पर लेट गया और सोनू की गान्ड को सहलाते हुए पीछे से लेटे लेटे लंड पेलने लगा और सोनू अब तक ना जाने कितनी बार पानी छोड़ चुकी थी फिर कुछ देर बाद मनोहर ने सतसट लंड पेलना शुरू कर दिया और उसका पानी छूट गया,

अगले दिन नीलम और सुधा शादी से वापस आ गये थे सुधा मनोहर के पास जा रही थी उसने जीन्स और टॉप पहना हुआ था तभी सोनू आ गई और उसने पूछा कहाँ चली तो उसने बताया कि पापा के पास और मुस्कुराने लगी तब सोनू ने कहा यह क्या ड्रेस पहना है स्कर्ट और टीशर्ट पहन कर जा और नीचे पैंटी मत पहनना सुधा ने कहा भाभी मम्मी ने देख लिया तो तब सोनू ने मुस्कुराते हुए कहा मेरी रंडी रानी तुझे अपनी मोटी जांघे खोल कर तो सिर्फ़ पापा को दिखाना है मम्मी को नही चल अब जल्दी से जैसा में कहती हूँ कर ले और फिर सुधा ने एक स्कर्ट पहन ली और टीशर्ट और पैंटी नही पहनी और जाकर पापा के बेड पर तकिया लगा कर बैठ गई और जैसे ही उसने अपनी जाँघो को फैलाया मनोहर सुधा की गुदाज फूली चूत और उसकी फांको को देख कर मस्त हो गया और वह सुधा के करीब सरक आया और उसकी चूत को अपने हाथो से सहलाने लगा

सुधा : आ पापा क्या कर रहे हो सुधा ने नशीली आँखे करते हुए कहा

तब मनोहर ने एक उंगली सुधा की चूत में डाल कर उसके होंठो को चूम लिया और कहा बेटी जब से तेरी चूत मारी है तब से मेरा लंड और भी ज़्यादा खड़ा होने लगा है,

सुधा ने हँसते हुए कहा अब तो आपको मेरी चूत सहला कर ही तसल्ली करना पड़ेगी मम्मी जो घर में है, तब मनोहर ने कहा तेरी बुर सहलाने में ही मज़ा आ रहा है बस तू भी अपने पापा की लूँगी में हाथ डाल कर अपने पापा का केला सहला दे फिर सुधा ने भी हँसते हुए मनोहर की लूँगी में हाथ डाल कर उसका मोटा लंड पकड़ कर दबोचना शुरू कर दिया,

उधर नीलम सोनू के रूम में बैठी थी और शादी के अनुभव बता रही थी,

नीलम : अरे क्या बताऊ बहू कल तो शादी में भी बड़ा मज़ा आया एक 25 साल के लड़के का हाथ ग़लती से मेरे चुतड़ों पर टकरा गया फिर तो वह मेरे पीछे ही पड़ गया और बार बार मेरे चुतड़ों को छुने की कोशिश करने लगा. एक दो बार तो उसने मेरी गुदा को भी साड़ी के उपर से सहला दिया में तो उसकी इस हरकत से पानी पानी हो रही थी, पर सोनू मुझे यह समझ नही आता कि जवान लोंडो को मुझमे ऐसा क्या नज़र आता है जो मेरी गान्ड देखते ही उनका लंड खड़ा हो जाता है

सोनू : नीलम की गोरी पिंदलियों को दबाते हुए कहने लगी मम्मी आपका बदन इतना गदराया हुआ है और आपके चुतड़ों का साइज़ देखो आजकल जवान लड़को को अपनी माँ की उमर की भरे बदन की औरते ज़्यादा पसंद आती है उनकी उठी हुई मोटी गान्ड और उभरा हुआ पेट देख कर उनका लंड बड़ा जल्दी खड़ा होता है,

कई लड़के इसीलिए अपनी मम्मी की मोटी गान्ड और पेट को सहलाने से नही चूकते है,

नीलम : थोड़ा जांघे भी दबा ना और नीलम ने अपनी साड़ी उपर कर ली और फिर कहने लगी अच्छा अगर कोई लड़का अपनी मम्मी के उभरे हुए पेट और नाभि को सहलाए तो इसका मतलब क्या होगा

सोनू : नीलम की मोटी मोटी गदराई जाँघो को दबाते हुए मम्मी इसका मतलब तो सीधा यही हुआ कि वह लड़का अपनी मम्मी को पूरी नंगी करके खूब रगड़ रगड़ कर चोदना चाहता है

नीलम: लेकिन बहू कोई भी लड़का सीधे अपनी मम्मी से यह तो नही कह पाता होगा कि वह उसकी खुद की मम्मी को पूरी नंगी करके चोदना चाहता है, फिर अगर उसको अपनी मम्मी को चोदना है तो क्या करेगा

सोनू : अपने हाथ को आगे लेजा कर नीलम की जाँघो के जड़ तक सहलाते हुए कहने लगी, मम्मी बिना औरत की मर्ज़ी के उसे कोई नही चोद सकता है वह लड़का तभी अपनी मम्मी को चोद पाएगा जब उसकी मम्मी भी अपने बेटे का मोटा लंड लेना चाहती हो, और सोनू ने इस बार नीलम की फूली चूत पर हाथ रख कर हल्के से दबोच लिया और नीलम के मुँह से एक सिसकारी निकल गई आह बहू,____

Page 5 Episode 3

फिर नीलम ने थोड़ी जांघे और चौड़ी कर ली और सोनू अब अपनी सास की फूली चूत को आराम से सहलाने लगी तब नीलम ने कहा, बहू अगर कोई माँ भी अपने बेटे का लंड लेना चाहे तब वह कैसे अपने बेटे से कहेगी किउसे चोद दे

सोनू ; मम्मी अगर औरत को अपने बेटे का मोटा लंड अपनी चूत में घुस्वाना है तो उसे खुद अपने बेटे को बार बार अपनी बाँहो में भर कर अपने गदराए बदन का एहसास दिलाना होगा और बेटे को इशारे से समझाना होगा कि वह उससे चुदना चाहती है, और फिर बेटे का हाथ एक बार अपनी माँ की मोटी गान्ड या चूत तक पहुच गया तो फिर उसका लंड अपनी माँ की चूत में घुसने में देर नही करेगा, तभी नीलम का फोन बजा और सामने संगीता थी और उसने बताया कि 4 दिन बाद होली है इसलिए वह लोग परसो वहाँ पहुच रहे है, फोन रखने के बाद नीलम ने सोनू से कहा ले तेरी जेठानी भी परसो आ रही है, तब सोनू ने कहा यह तो बड़ी अच्छी बात है, तब नीलम ने कहा अरे बड़ी अड्वान्स है वह देखना घर में आधी नंगी ही रहेगी वह तो तेरे पापा के सामने भी हाफ पेंट और टीशर्ट में घूमती है, सोनू ने कहा में जानती हूँ मम्मी सुधा बता रही थी कि भाभी बहुत मॉडर्न है, अच्छा मम्मी जेठ जी का कैसा नेचर है, तब नीलम ने कहा पहले तो मेरा बेटा बहुत सीधा था पर उस रंडी ने उसे भी बिगाड़ कर रख दिया है, वह आएगा तो तू खुद ही मिल लेना, उसके बाद फिर दोनो अपने कामो में लग गये,

आज रोहित छुट्टी पर था और बेड पर लेटा हुआ था शाम के 4 बज रहे थे और सुधा उसके रूम में आई उसने जीन्स और शॉर्ट शर्ट पहनी हुई थी वाइट शर्ट में उसके बोबे ऐसा लग रहा था कि बटन तोड़ कर बाहर आ जाएगे, शर्ट के अंदर उसकी ब्रा साफ नज़र आ रही थी और जीन्स में उसकी मोटी जांघे किसी का भी लंड खड़ा कर सकती थी, चूत के उपर का उभार देख रोहित का लंड करवटें लेने लगा था तभी सुधा की आवाज़ से उसकी निंद्रा भंग हुई और सुधा ने कहा भैया मुझे मार्केट तक ड्रॉप कर देंगे, रोहित ने कहा क्यो नही और रोहित उसे बाइक पर लेकर निकल गया मार्केट में एक ब्यूटी पार्लर पर सुधा ने उसे उतारने को कहा और फिर बोली भैया मुझे टाइम लग जाएगा आप चले जाओ बाद में मैं रिक्शा करके आ जाउन्गा, तब रोहित ने कहा वैसे तुझे कितना टाइम लगेगा क्योकि मैं अपने दोस्त शेखर के यहाँ जा रहा हूँ लॉट्ते वक़्त तुझे पिकप कर लूँगा तब सुधा ने कहा 1 घंटे से ज़्यादा लगेगा तब रोहित ने कहा अच्छा जब तू फ्री हो जाए तो मुझे कॉल कर देना में आ जाउन्गा____

Page 5 Episode 4

सुधा ने मुस्कुराते हुए कहा ओके भैया और पलट कर जाने लगी जब रोहित ने अपनी बहन की मोटी गान्ड जो जीन्स में बहुत मारने लायक लग रही थी को देखा तो वह देखता ही रह गया सुधा की चाल में काफ़ी बदलाव आ गया था जिसे देख रोहित को कुछ अजीब लगा और उसने मन में सोचा सुधा की गान्ड तो और भी मोटी हो गई है कहीं इसने किसी से ठुकाई तो नही करवा ली हो ना हो कुछ तो बात है इसकी चाल तो बिल्कुल चुदि हुई लोंड़ी की तरह हो गई है, यह सोचते हुए रोहित शेखर के घर पहुच गया और बाइक लगा कर अंदर गया और डोरबेल बजा दी, दरवाजा खुला और सामने खड़ी गदराई और गोरे बदन की पूजा को देख कर रोहित के होश उड़ गये क्योकि जब उसने पहले पूजा को देखा था तो इतनी गदराई नही थी शादी के बाद तो चुद चुद कर उसका पेट उभर आया था वह पिंक साड़ी में थी और उसकी पिंक स्लीवलेस डीप गले वाली चोली से उसके दूध उफान मार रहे थे,

उसकी नज़र जब पूजा के दूध और उभरे हुए पेट और गहरी नाभि पर पड़ी तो उसके मुँह से अनायास ही निकल गया बाप रे

पूजा : मुस्कुराते हुए तू रोहित है ना, बहुत बड़ा हो गया है तू तो एक दम गबरू जवान, पर तूने मुझे देखते ही बाप रे क्यो कहा

रोहित : कुछ नही दीदी वो तो बस ऐसे ही निकल गया

पूजा ने रोहित को खा जाने वाली नज़रो से देखते हुए कहा तू मेरा फिगर देख कर कॉमेंट्स कर रहा था ना

रोहित : नही दीदी यह आप क्या कह रही है

पूजा : अच्छा में सब समझती हूँ चल अंदर आ और पूजा जब पलट कर अंदर जाने लगी तो रोहित की नज़र जब उसके भारी चुतड़ों पर पड़ी तो उसकामुंह खुला का खुला ही रह गया और उसने अपने लंड को मसला पूजा ने तुरंत पलट कर उसे अपने चुतड़ों को घूरते हुए अपने लंड को मसलता देख लिया, रोहित ने मारे डर के अपने हाथ को झट से लंड पर से हटाया तभी अंदर से शेखर आ गया और उसने कहा आजा प्यारे आज कैसे याद आ गई, आ बैठ और रोहित सोफे पर बैठ गया और पूजा उसे घुरती हुई शेखर से बोली भैया ज़रा मेरे रूम में आना और शेखर का हाथ पकड़ कर अपने रूम की ओर ले जाने लगी और शेखर कहता रहा क्या हुआ दीदी, अब तो रोहित की गान्ड फटी उसने सोचा कि पूजा दीदी उसकी शिकायत करेगी,

कुछ देर बाद शेखर बाहर आया और उसके पीछे पीछे पूजा भी आ गई और शेखर ने कहा यार कल दीदी का बर्तडे है तो तू भी आ जाना साथ में सेलेब्रेट करेगे

रोहित : मुस्कुराते हुए क्यो नही ज़रूर आ जाउन्गा तभी पूजा ने कहा रोहित अगर नही आया तो तुझे फाइन भरना पड़ेगा, तब रोहित ने शरमाते हुए कहा नही नही दीदी ज़रूर आ जाउन्गा उसके बाद पूजा अपनी मोटी गान्ड हिलाते हुए अंदर चली गई जाते हुए उसने एक बार रोहित को फिर खा जाने वाली नज़रो से देखा

उसके जाने के बाद शेखर ने कहा क्यो प्यारे देखा तूने मेरी दीदी कितना भारी माल है, दो दिन से खूब कस कस कर चोद रहा हूँ उसके बाद भी इतनी गरम है कि उसकी चूत पानी छोड़ती ही रहती है, तब रोहित ने कहा वह तो तेरी दीदी को देख कर ही लग रहा है पर ये बता आंटी कहाँ है नज़र नही आ रही है, तब शेखर ने कहा मम्मी 8 दिनो के लिए मैके गई है

रोहित : तो फिर तूने बताया नही कि क्या प्रोग्रेस है, दीदी को तो तूने फसा ही रखा है मम्मी पर भी तो डोरे डाल रहा था

शेखर : अबे चूतिए में तेरे जैसा भोन्दु थोड़े ही हूँ कि घर में एक से एक माल हो और मलाई कोई और खाए मैने तो मम्मी की फूली चूत की पॅपी भी ले ली है यार क्या बताऊ इतना बड़ा भोसड़ा है मेरी मम्मी का उस पर उसने चूत के बाल भी बना रखे थे सच में मज़ा आ गया था उसकी फूली चूत को चूमने में

रोहित : उसने कुछ कहा नही जब तूने उसकी चूत को चूमा था

शेखर : अबे वह सो रही थी तब मैने धीरे से उसकी साड़ी उपर करके जब उसकी फूली चूत को देखा तो देखता ही रह गया मुझसे रहा नही गया और मैने उसकी चूत की पॅपी ले ली,

तब रोहित ने कहा उसकी नींद नही खुली जब तूने चूत की पॅपी ली,

तब शेखर ने कहा नही यार वह बड़ी पक्की नींद सोती है इसलिए कुछ प्राब्लम नही हुई,

तब रोहित ने मुस्कुराते हुए कहा कहीं ऐसा तो नही कि वह जाग रही हो सोने का नाटक कर रही हो,

तब शेखर ने कहा जो भी हो मुझे तो मज़ा आ गया था लेकिन तू साले मेरा कोई काम नही करवा रहा है

रोहित : कौन सा काम

तब शेखर ने कहा यार एक बार अपनी बहन सुधा की दिलवा दे,

तब रोहित ने कहा यार वह मुझसे ही नही पटी तो तुझे कहाँ से दिलवा दूं तब शेखर ने कहा अच्छा सुधा ना सही एक बार सोनू भाभी की ही दिलवा दे, उसकी बात सुन कर रोहित भड़क गया और कहने लगा तेरी माँ की चूत मादरचोद मुँह संभाल कर बात कर,

तब शेखर ने कहा अच्छा बेटा खुद की बारी आईतो माँ बहन एक करने लगा और अभी जब मेरी दीदी के चुतड़ों को देख देख कर लंड मसल रहा था उसका क्या, मुझे दीदी ने तेरी हरकतों के बारे में सब बता दिया है,____

Page 5 Episode 5

रोहित : गुस्से में कहने लगा में ऐसा कुछ नही कर रहा था तेरी दीदी, को ग़लतफहमी हुई है, आगे से मैं तेरे घर नही आउन्गा

शेखर : उसका हाथ पकड़ कर बैठते हुए अरे यार तू तो बुरा मान गया में तो मज़ाक कर रहा था

रोहित : देख शेखर कोई मेरी सोनू के बारे में मुझसे उल्टी बात करेगा तो में उसकी अम्मा भी चोद सकता हूँ

शेखर : और अपनी दोस्ती का क्या

रोहित : माँ चुदाने गई दोस्ती यारी बहन के लोड्‍े तू चोद अपनी माँ और बहन को पर मुझसे ऐसी गान्ड्मरि बाते आज के बाद की तो समझ लेना फिर और रोहित उठ कर वहाँ से चला गया, शेखर ने उसको बहुत आवाज़ दी पर वह वहाँ रुका नही, उसके जाते ही पूजा बाहर आई और उसने आते ही शेखर के गाल पर एक चाँटा जड़ दिया और कहने लगी कुत्ते क्या ज़रूरत थी तुझे उसकी बीबी के बारे में बोलने की, अगर वह कल बर्त डे पर नही आया तो मैं तुझे कभी अपनी चूत मारने नही दूँगी समझे, शेखर ने कहा दीदी तुम फिकर क्यो करती हो कल रोहित का लंड तुम्हारी चूत में जाएगा चाहे जैसे भी हो,पर क्या करूँ उसकी बीबी उसकी बहन और यहाँ तक की उसकी मम्मी नीलम बहुत ही मस्त माल है मेरा तो लंड खड़ा हो जाता है उन्हे देख कर,

तब पूजा ने कहा देख भैया तुझे मम्मी को चोदना है या उसकी माँ बहनो को, तब शेखर ने कहा मम्मी को तब पूजा ने कहा तो फिर तू मुझे रोहित से चुदवा दे में तुझे मम्मी को चोदने में हेल्प करूँगी और उसकी माँ बहनो को भूल जा, तब शेखर ने कहा ठीक है दीदी आगे से मैं उससे यह सब बाते नही करूँगा, पूजा यह हुई ना कुछ बात अब जा और उसे मना ले कल मुझे उसका मोटा तगड़ा लंड किसी भी सूरत में चाहिए,

शेखर बाइक से रोहित के पीछे पीछे मार्केट से गुजरा तो पार्लर के सामने रोहित खड़ा नज़र आ गया और शेखर बाइक से उतर कर उसके सामने घुटने टेक कर बैठ गया और हाथ जोड़ते हुए कहा यार एक बार अपने दोस्त को माफ़ नही करेगा, उसकी इस तरह से माफी माँगते देख रोहित ने कहा ठीक है माफ़ किया तब शेखर ने कहा दोस्त आगे से मैं कभी सुधा या सोनू भाभी के बारे में कोई ग़लत बात ना करूँगा और ना सोचूँगा,

तब रोहित ने कहा अचानक तू इतना अच्छा कैसे बन गया तब शेखर ने कहा दीदी ने हम दोनो की बात सुन ली थी फिर उन्होने मुझे तमाचा मारा और कहा कि अगर तूने रोहित से माफी नही माँगी तो वह मुझे कभी अपनी चूत चोदने नही देंगी इसलिए दोस्त में तेरे सामने झुक गया क्योकि तू नही जानता में अपनी दीदी को बहुत प्यार करता हूँ और उसे चोदे बिना नही रह सकता हूँ, अब तो तू मुझसे नाराज़ नही हैं ना, रोहित नही यार मैने तुझे माफ़ किया तब शेखर ने कहा तो फिर कल दीदी के बर्त डे पर टाइम से आ जाना इतना कह कर शेखर वहाँ से चला गया और रोहित सुधा के आने के लिए कॉल करने लगा तभी सुधा भी बाहर आ गई और फिर उसकी खूबसूरती देख रोहित उसे देखता ही रह गया

सुधा : भैया कैसी लग रही हूँ में

रोहित : बहुत मस्त लग रही है

सुधा : अच्छा भैया एक बात पुछू सुधा ने बाइक पर टाँगे चौड़ी करके बैठते हुए पूछा

रोहित : पूछो,

सुधा : मुस्कुराते हुए कहने लगी अच्छा बताइए भाभी ज़्यादा सुंदर लगती है या में

रोहित : हँसते हुए यह तूने कैसा सवाल पुछा है

सुधा : बताइए ना भैया सुधा ने रोहित को अपनी बाँहो में जकड़ते हुए पुछा जिससे उसके मोटे मोटे दूध रोहित की पीठ में दब गये

रोहित : तुझे सच सुनना है या झूठ

सुधा : सच

रोहित : ठीक है लेकिन एक शर्त पर बता सकता हूँ

सुधा : कौन सी शर्त

रोहित : यही कि तू अपनी भाभी से नही कहेगी

सुधा : पक्का नही कहूँगी

रोहित : मुझे तू सबसे खूबसूरत लगती है, अगर तू मेरी बहन नही होती तो मैं तुझसे शादी कर लेता, अब तू यह बात अपनी भाभी को मत कह देना

सुधा : भैया मैं आपकी और मेरी कोई भी बात भाभी से नही कहती हूँ

रोहित : पर तेरी भाभी तो मुझे तेरी सब बात बता देती है

सुधा : चौंकते हुए कौन सी बात बताई है भाभी ने आपसे

रोहित : यही कि तू आज कल पैंटी नही पहनती है

सुधा : शरमाते हुए क्या भैया आप भी ना कैसी बाते कर रहे है मुझसे

रोहित : क्यो क्या ग़लत कह दिया मैने क्या यह सच नही है कि तू पैंटी नही पहनती है

सुधा : झेप्ते हुए तुनक कर क्या भैया मैने पैंटी पहनी हुई है

रोहित : अच्छा अभी पता चल जाएगा और रोहित ने बाइक को एक कच्चे रास्ते पर ले लिया जो किसी गाँव को जाता था और उस रास्ते पर सुनसान था कहीं कोई नज़र नही आ रहा था तब रोहित ने बाइक रोकी और सुधा को उतरने को कहा और फिर मुस्कुराते हुए कहने लगा दिखा अपनी जीन्स को नीचे सरका कर कि तूने पैंटी पहनी है या नही

सुधा ; आश्चर्य से रोहित को मुँह फाड़ कर देखते हुए कहने लगी भैया आप पागल हो क्या कैसी बात कर रहे हो,____

Page 5 Episode 6

रोहित ; अच्छा तू नही उतारती है तो में खुद ही देख लेता हूँ और रोहित ने उसकी जीन्स के पीछे जहाँ उसका आस क्रॅक नज़र आ रहा था वहाँ से सीधे अंदर हाथ भर दिया और उंगलियो को जैसे ही मोड़ा उसकी उंगली उसकी बहन सुधा की गुदा से टकरा गई और रोहित ने उंगली मोड़ कर कस कर उसकी गान्ड के छेद में दबा दी यह सब इतनी जल्दी हुआ कि सुधा कुछ कर भी नही पाई और उसकी गान्ड में रोहित की उंगली जाते ही वह ज़ोर से सीस्या पड़ी, आह भैया क्या कर रहे हो, लेकिन रोहित ने अपने हाथ को बाहर नही निकाला और उसके चुतड़ों को दबोचते हुए कहा, अब बता तू पैंटी क्यो नही पहनती है

सुधा का चेहरा लाल हो गया था और वह उसका हाथ निकालने की कोशिश करती हुई कहने लगी ओह भैया प्लीज़ हाथ बाहर निकाल लो अब से में कसम से रोज पैंटी पहनूँगी

रोहित : सुधा की गुदा को कुरेदते हुए कहने लगा पहले मुझे बता तू पैंटी क्यो नही पहनती है

सुधा : ओह भैया क्या बताऊ बस ऐसे ही नही पहनी

रोहित ने अपने हाथ को बाहर निकाला तब सुधा को थोड़ी राहत महसूस हुई पर वह कुछ सोचती इससे पहले ही रोहित ने उसकी कसी हुई मोटी चुचियो को अपने हाथ में भर कर दबोच लिया और सुधा आह भैया सीयी छोड़ो ना यह आप क्या कर रहे हो कोई भाई अपनी बहन के साथ ऐसा करता है क्या

रोहित ने उसके मोटे मोटे चुचो को एक बार और कस कर दबोचते हुए कहा में जानता हूँ तू पैंटी क्यो नही पहनती है और रोहित ने उसके चुचो को छोड़ दिया सुधा की साँसे धुकनी की तरह चलने लगी और वह रोहित से थोड़ा दूर होकर कहने लगी क्या जानते है आप और यह कैसी हरकत कर रहे है, सुधा के चेहरे पर थोड़े कठोर भाव थे

रोहित : अब ज़्यादा बनो मत में सब जानता हूँ आज कल तुम्हे मोटे तगड़े लंड के अलावा कुछ दिखाई नही देता है

सुधा : शर्म से पानी पानी होते हुए अपनी नज़रे ज़मीन पर गढ़ा लेती है और फिर नज़रे उपर उठा कर कहती है भैया आज आपको क्या हो गया है जो इतनी गंदी बाते मुझसे कर रहे है, तब रोहित कहता है सुधा में तुझे चोदना चाहता हूँ, और में जानता हूँ भी मुझसे अपनी चूत मरवाना चाहती है,

सुधा सकपकाते हुए भैया यह आप क्या बोल रहे है, तभी रोहित ने सुधा के पास आकर उसे पकड़ लिया और उससे कहा अब नाटक छोड़ सुधा में जानता हूँ उस दिन जब मैने आँखो में पट्टी बाँधी हुई थी तब तूने मेरा लंड खूब तबीयत से चूसा था और मेरा रस भी पिया था,

रोहित की बात सुन कर सुधा पानी पानी हो गई और उसकी नज़रे ज़मीन में गढ़ी जा रही थी, रोहित ने उसको अपनी बाँहो में भर लिया और उसका लंड खड़ा हो गया, वह सुधा के मोटे मोटे बोबो को मसल्ते हुए उसके रस भरे होंठो को अपने मुँह में लेकर चूसने लगता है और सुधा उसको कस कर पकड़ लेती है सुधा की चूत से भी पानी बहने लगता है, रोहित सुधा की जीभ को अपने मुँह में लेने की कोशिश करता है और सुधा उसे अपनी जीभ निकाल कर देती है और रोहित उसकी पूरी जीभ को अपने मुँह में लेकर चूस्ते हुए उसके बड़े बड़े दूध को खूब कस कस कर मसल्ने लगता है, तभी रोहित की आँखे खुलती है और उसे दूर कोई साइकल से आता हुआ नज़र आता है और वह सुधा को छोड़ कर दूर करते हुए कहता है सुधा कोई आ रहा है, उसकी बात सुन कर सुधा उससे दूर हो जाती है, उसके बाद रोहित उससे कहता है सुधा में तुझे पूरी नंगी करके चोदना चाहता हूँ, सुधा मंद मंद मुस्कुराते हुए नीचे देखती रहती है तब रोहित कहता है कुछ तो बोलो

सुधा : भैया मुझे शर्म आती है,

रोहित-- पगली अब मुझसे क्यो शर्मा रही है,

सुधा : पर यह सब कैसे होगा घर में सब लोग होते है

रोहित : मेरी बात ध्यान से सुन तू सोनू को बोल कि तुझे भैया का लंड फिर से चूसना है, सोनू पक्का मेरी आँखो में पट्टी बाँध कर तुझे यह मोका देगी बस फिर हमारा काम बन जाएगा और सोनू को यह पता भी नही चलेगा कि हमने पहले ही सेट्टिंग की हुई है, मैं तुझे पट्टी बाँधे बाँधे सोनू समझ कर चोदुन्गा और फिर आगे सब हमारे हाथ में होगा

सुधा : मुस्कुराते हुए भैया आप बड़े खराब हो अब चलो भी

रोहित : लेकिन यह बात तू सोनू से शेयर नही करना तब सुधा ने बाइक पर बैठते हुए कहा नही करूँगी अब चलो भी और सुधा पीछे से रोहित से चिपक गई और रोहित घर की ओर चल पड़ा,____

Page 5 Episode 7

रात को 8 बजे सुधा और सोनू मनोहर के रूम में कोई मूवी देख रहे थे रोहित अपने रूम में बैठा था उसके बेड पर कपड़े रखे हुए थे जिसे शायद सोनू छत से सूखने के बाद उठा कर लाई थी, तभी रोहित की नज़र एक पिंक कलर की बड़ी मुलायम और नेट वाली पैंटी पर पड़ी और उसने उसे उठा लिया और पहले उसे फैला कर देखा 38 साइज़ की पैंटी थी उसका लंड पैंटी को देख कर खड़ा हो गया और उसने उसे सूंघने के लिए नाक से लगाया और सूंघते हुए अपनी आँखे बंद की तभी नीलम उसके रूम में एंटेर हो गई और रोहित को पैंटी सूंघते देख लिया रोहित ने भी देखा कि उसकी मम्मी ने उसे पैंटी सूंघते देख लिया है उसने जल्दी से पैंटी अपने नाक से हटाई और अपने हाथ को साइड में कर लिया नीलम के चेहरे पर एक कामुक मुस्कान थी और उसने रोहित से मुस्कुराते हुए कहा यह क्या हो रहा था,

रोहित : झेप्ते हुए मंद मंद मुस्कुरा कर कहने लगा कुछ नही मम्मी

नीलम जीन्स और टीशर्ट में उसके सामने खड़ी खड़ी मुस्कुरा रही थी उसकी गदराई जांघे जीन्स में साफ नज़र आ रही थी और उसका उठा हुआ पेट और बड़े बड़े बोबे टीशर्ट में समा नही रहे थे

नीलम रोहित के पास आकर बैठ गई और उसकी जाँघो पर हाथ फेरते हुए कहने लगी मर्द औरतो की पैंटी के साथ ऐसा ही करते है सो तुझे पैंटी सूंघते देख यह बात तो समझ आई लेकिन तू मेरी पैंटी क्यो सूंघ रहा है यह बात मुझे समझ नही आई और नीलम ने रोहित के हाथ से अपनी पैंटी ले ली,

रोहित : हकलाते हुए वो वो मम्मी मुझे नही पता था यह आपकी पैंटी है

नीलम : मुस्कुराते हुए झूठ मत बोल रोहित तू सोनू की तो सभी पैंटी को पहचानता ही होगा, तो फिर तूने इस पैंटी को देख कर यह तो ज़रूर सोचा होगा कि यह सोनू की नही है तब तूने यह भी सोचा ही होगा कि यह या तो सुधा की या फिर मेरी होगी

रोहित : घबराते हुए, नही मम्मी मैने आपका तो बिल्कुल नही सोचा

नीलम : वो क्यो

रोहित : मम्मी में आपका सोच ही नही सकता था कि यह पैंटी आपकी होगी क्योकि इतनी छोटी पैंटी आपको कैसे आएगी

नीलम: अरे नही रे यह मेरी ही है

रोहित : इंपॉसिबल मम्मी इतनी छोटी पैंटी आपको कैसे आएगी जब कि आपके चुतड़ों ..................

नीलम : मुस्कुराते हुए मादक निगाहो से रोहित को देखती हुई बोली आगे बोल क्या मेरे चुतड़ों.......

रोहित : मम्मी आपकी कमर इतनी मोटी है यह पैंटी आपको कैसे आती होगी

नीलम : रोहित को गाल पर चपत लगाते हुए कहने लगी कमर कमर क्या लगा रखा है साफ साफ क्यो नही कहता कि मेरे चुतड़ों का साइज़ बहुत बड़ा है

रोहित : मुस्कुराते हुए, वही मम्मी, लेकिन मम्मी आप इतनी छोटी पैंटी क्यो पहनती है आप कंफर्ट महसूस कर लेती है इसमे

नीलम : रोहित के गालो को मुस्कुरा कर खिचती हुई कहने लगी हट पगले यह सब बाते कोई माँ अपने बेटे से थोड़े ही करती है

रोहित : नीलम के गले में बाँहे डाल कर कहने लगा बताओ ना मम्मी आप इतनी छोटी पैंटी क्यो पहनती है

नीलम : पगले तेरे पापा को में ऐसी ही छोटी छोटी पैंटी में अच्छी लगती हूँ, पर हम बड़ी उमर की औरतो का पैंटी पहनना और ना पहनना बराबर ही है

रोहित : वह क्यो

नीलम : अरे यह छोटी छोटी पैंटी पहनो या ना पहनो बात बराबर है मैं पहनती हूँ तो आधी से ज़्यादा तो यह आगे और पीछे से अंदर ही घुस जाती है

रोहित : मम्मी एक बार मुझे यह पैंटी पहन कर दिखाओ ना

नीलम : मंद मंद मुस्कुराते हुए, तू पागल है क्या कोई बेटा अपनी मम्मी को पैंटी में देखता है क्या

रोहित : प्लीज़ मम्मी एक बार पहन कर दिखा दो ना

नीलम : पागल कोई आ जाएगा, अगर सोनू ने आकर देख लिया तो वह क्या सोचेगी

रोहित : प्लीज़ मम्मी एक बार बस, में देखना चाहता हूँ आप इस पैंटी में कैसी लगती है, रोहित का लंड यह सोच सोच कर खड़ा हो गया था कि उसकी मम्मी उस छोटी सी गुलाबी पैंटी में कैसी लगती होगी

नीलम : रोहित के पाजामे में खड़े लंड का टॅट देख कर मन ही मन बहुत खुस हो रही थी और कहने लगी, नही बेटे सोनू आ जाएगी

रोहित : अपनी मम्मी के हाथो से पैंटी लेकर मम्मी के सामने ही उसे सूंघते हुए कहने लगा प्लीज़ मम्मी बस एक बार इसे पहन कर दिखा दो____

Page 5 Episode 8

नीलम : मंद मंद मुस्कुराते हुए उसके हाथ से पैंटी छुड़ा कर कहती है पगले कही के अपनी मम्मी की पैंटी सूंघ रहा है, आज नही में फिर कभी तुझे इसे पहन कर दिखा दूँगी,

रोहित ; खुस होते हुए मम्मी कब दिखाओगी

नीलम : रात को छत पर आ जाना में तुझे वही दिखा दूँगी

रोहित : नही मम्मी छत पर तो रात को अंधेरा होता है मुझे कुछ दिखाई नही देगा

नीलम ; अच्छा तो कल मोका देख कर तुझे दिखा दूँगी

रोहित : नही मम्मी में रात भर कैसे कल का इंतजार करूँगा

नीलम : हँसते हुए बेटा तू तो मुझे पैंटी में देखने के लिए पागल हुआ जा रहा है, सोनू को देखता ही होगा ना रोज पैंटी में फिर ऐसे क्यो मरा जा रहा है

रोहित : नही मम्मी मुझे तो आपको पैंटी में देखना है सोनू को देखने में मुझे उतना मज़ा नही आता है

नीलम; क्यो सोनू अच्छी नही लगती तुझे पैंटी में

रोहित : अच्छी लगती है पर आप की बात कुछ और है, मुझे आपके जैसा भरा हुआ बदन अच्छा लगता है

नीलम : हुन्न में सब जानती हूँ तुझे मेरे चुतड़ों का साइज़ कुछ ज़्यादा ही अच्छा लगता है इसीलये मेरे चुतड़ों को दिन भर घूरता रहता है

रोहित : मम्मी आपके चूतड़ है ही इतने मोटे मोटे की में इन्हे देख देख कर पागल हो जाता हूँ

नीलम : जानती हूँ तभी तो तेरा यह इतना डंडे जैसा कड़क हो रहा है, नीलम ने रोहित के लंड को पाजामे के उपर से पकड़ कर दबाते हुए कहा और रोहित के मुँह से सिसकारी निकल पड़ी अया मम्मी क्या कर रही है तभी नीलम ने उसके लंड को अच्छे से मुट्ठी में पकड़ कर दबाते हुए अपनी आँखे फाड़ कर देखते हुए कहा बाप रे तेरा लंड तो बहुत मोटा और बड़ा है,

रोहित : आ स छोड़िए ना मम्मी आप तो ऐसे कह रही है जैसे पापा का मुझसे छोटा हो

नीलम ; पगले यह तो तेरे पापा के बराबर ही मोटा और लंबा है पूरा अपने बाप पर गया है, पता नही सोनू कैसे लेती होगी इसे, उसकी तो जान ही ले लेता होगा तू

रोहित : अरे नही मम्मी वह तो बड़े आराम से ले लेती है, वह कोई कुँवारी थोड़ी है जो उसे दिक्कत होगी

नीलम : अरे इतने मोटे डंडे से तो मेरी जैसी तंदुरुस्त औरत भी पस्त हो जाए, तू सोनू की तो हालत बिगाड़ देता होगा, मुझे तो लगता है यह तेरे पापा से भी मोटा है

रोहित ; मुस्कुराते हुए मम्मी देख लो ना पापा से मोटा है या नही और रोहित अपने पाजामे की एलास्टिक को खींच कर अपने मोटे लंड को जैसे ही बाहर निकालता है उसके मोटे लंड और फूले हुए गुलाबी सुपाडे को देख कर नीलम की आँखे फटी की फटी रह जाती है और वह एक दम से उसके हाथ को हटा कर उसके पाजामे के एलास्टिक को छुड़ा देती है और लंड वापस पाजामे में छुप जाता है और नीलम कहती है पागल है क्या रोहित कोई आ जाएगा

रोहित ; मम्मी एक बार इसे हाथ में लेकर दबा कर तो देखो कितना मोटा है

नीलम का चेहरा पूरा लाल पड़ गया था और उसने कहा नही बेटे बाद में देखूँगी अभी में जा रही हूँ,

रोहित : अच्छा मम्मी रात को छत में आ जाइए वही आप इसे दबा कर देख लेना और में भी मोबाइल की टॉर्च से आपको इस पैंटी में देख लूँगा

नीलम ; मुस्कुराते हुए तू बहुत बिगड़ गया है में जानती हूँ तू मानेगा नही, एक काम करना सोनू को सुला कर आना में भी तेरे पापा के सो जाने के बाद आउन्गि

रोहित : ठीक है मम्मी

नीलम : चल अब नीचे आ जा में भी सोनू और सुधा को बुलाती हूँ खाना लगाने के लिए और फिर नीलम मुस्कुराते हुए वहाँ से चली जाती है

सभी लोग खाने की टेबल पर बैठे थे और खाना खा रहे थे मनोहर नज़रे बचाते हुए सोनू को मुस्कुरा कर देख रहा था और सोनू भी स्माइल कर रही थी उधर नीलम और रोहित की नज़रे इशारो में आपस में बाते कर रही थी, पर साथ ही रोहित सुधा पर भी नज़रे मार रहा था और जब सुधा उसकी ओर देखने लगती तब रोहित उसके मोटे मोटे बोबो को खा जाने वाली नज़रो से देखने लगता था,____

Page 5 Episode 9

सभी ने खाना खाया उसके बाद अपने रूम में चले गये, रोहित कहीं घूमने गया था और सुधा सोनू के रूम में बैठी थी, दोनो ननद भाभी गाउन पहने हुई थीं तभी सोनू ने सुधा की मोटी गदराई गान्ड पर हाथ फेरते हुए कहा ननद रानी कहाँ खोई हुई हो, कही पापा का लंड तो याद नही आ रहा है

सुधा : मुस्कुराते हुए भाभी एक बात कहूँ

सोनू : बोल ना

सुधा : उस दिन बहुत मज़ा आया था जब आप मुझे भैया के पास ले गई थी और भैया ने आँखो में पट्टी बाँधी हुई थी आप ने भी कमाल की प्लॅनिंग की थी भैया तो अब तक यही सोचते होगे कि उन्होने आपकी चूत चाटी थी

सोनू : हँसते हुए कहने लगी लगता है तुझे भैया के लंड को चूसने का मन कर रहा है तू कहे तो आज फिर रोहित की आँखो में पट्टी बाँध देती हूँ

सुधा : नखरा छोड़ते हुए कहने लगी नही भाभी कहीं भैया को पता लग गया तो

सोनू : अरे उन्हे कुछ पता नही चलेगा

सुधा : मुस्कुराते हुए ठीक है तो आप मुझे मिस कॉल कर देना

सोनू : ठीक है, सोनू सोचने लगी आज रोहित का लंड इसकी चूत में पेल्वा ही देती हूँ, रोहित भी अपनी बहन की चूत मारने का मज़ा ले लेगा

उधर नीलम रूम में लेटे लेटे मनोहर के लंड से खेल रही थी लेकिन उसकी आँखो के सामने रोहित का मोटा तगड़ा लंड झूल रहा था और मनोहर नीलम की चूत को सहलाते हुए सोनू और सुधा की मस्त फूली चूत को याद कर रहा था इसी वजह से नीलम की चूत खूब पानी छोड़ रही थी और मनोहर की नसें खूब फूल रही थी, दोनो एक दूसरे से बिना कुछ बोले एक दूसरे के लंड और चूत को सहला रहे थे

उधर रोहित कच्छे में बाद पर बैठा हुआ सोच रहा था कि पता नही सुधा ने सोनू से बात की या नही, सोनू ड्रेसिंग टेबल के सामने मेकप में लगी हुई थी तभी सोनू ने पलट कर कहा सुनो जी में कैसी लग रही हूँ

रोहित : अप्सरा

सोनू : अच्छा उस दिन आपको कैसा लगा था जब मैने आपकी आँखो में पट्टी बाँधी थी और आपने मेरी चूत चूसी थी और मैने आपका लंड चूसा था

रोहित : चौंकते हुए कहने लगा जानेमन बहुत मज़ा आया था, रोहित समझ गया कि सुधा ने ज़रूर सोनू से कहा होगा

सोनू : चलिए आज फिर वैसे ही करे और रोहित ने अपनी आँखो में पट्टी बाँध ली और सोनू ने सुधा के सेल पर मिस कॉल कर दिया और सोनू तो जैसे तैयार ही बैठी थी, वह तुरंत अपने रूम से बाहर निकल कर सोनू के रूम में धीरे से एंटर हुई और सामने अपने भैया की आँखो में बँधी पट्टी देख कर खुश हो गई, सोनू ने धीरे से उसे रोहित के लंड के पास बैठ जाने को कहा और रोहित के लंड को उसकी कच्छि से बाहर निकाल लिया, सुधा ने अपने भैया का कड़क लंड देखा तो उसके मुँह में पानी आ गया और उसने झट से रोहित के लंड को अपने हाथो में दबोच लिया और रोहित के मुँह से आअहह की सिसकारी निकल गई,

रोहित : सोनू तुम भी पूरी नंगी होकर अपनी गान्ड मेरे मुँह में रखो ना

सोनू : ठीक है और सोनू ने सुधा को मॅक्सी उतार कर रोहित के मुँह में अपने चुतड़ों को रखने को कहा और सुधा पूरी नंगी होकर अपने भैया के मुँह पर बैठ गई, अपनी बहन की रसीली चूत की और गान्ड की मादक गंध सूंघते ही रोहित समझ गया कि उसकी बहन उसके मुँह पर अपनी गान्ड रख कर बैठी है और उसने अपनी जीभ निकाल कर सुधा की गान्ड और चूत के छेद को चाटना शुरू कर दिया और सुधा के मुँह से सिसकारी निकलते निकलते बची, तब रोहित ने कहा वाह सोनू क्या मस्त गंध है तुम्हारी चूत और गान्ड की अब मेरे लंड को भी चूसो ना, रोहित की बात सुन कर सुधा ने अपने भैया के लंड को चाटना शुरू कर दिया और सोनू भी रोहित के लंड को चाटने लगी, दोनो ननद भोज़ाई मिल कर रोहित के लंड को चाट रही थी जिससे रोहित को बहुत मज़ा आ रहा था और वह खूब कस कस कर सुधा की चूत और गान्ड के छेद को छूने लगा था

रोहित : ओह सोनू मेरा रस निकल जाएगा अब मेरे लंड पर बैठ जाओ अब मुझसे नही सहा जाता है, उसकी बात सुन कर सोनू ने मुस्कुराते हुए सुधा की ओर इशारे से देख कर पूछा कि वह लंड पर बैठेगी तब सुधा ने स्माइल देते हुए रोहित के मुँह से गान्ड हटा कर उसके खड़े लंड पर बैठने लगी और सोनू सुधा की बुर को सहलाते हुए रोहित के लंड को पकड़ कर सुधा की चूत से सटा दिया और सुधा धीरे धीरे रोहित के लंड पर चूत रख कर बैठने लगी और सोनू लंड को सुधा की चूत की गहराई में घुसते हुए देखने लगी, सुधा की चूत पूरी गुलाबी थी और वह हल्के हल्के सीसियाते हुए अपने भैया के लंड पर अपनी चूत का दबाव डालते हुए बैठ रही थी और थोड़ी देर में ही रोहित का लंड अपनी बहन की चूत में पूरा समा गया और सुधा उपर नीचे होने लगी, रोहित ने मुस्कुराते हुए कहा क्या बात है सोनू आज तेरी चुत तो बिल्कुल कुँवारी लोन्डियो की तरह टाइट लग रही है तब सोनू ने हँसते हुए कहा अरे मेरी चूत तो वैसी ही है तुम्हारा लंड ही कुछ ज़्यादा मोटा हो गया है,

रोहित : पर सोनू तेरी गान्ड सहलाने पर ऐसा लग रहा है जैसे यह तेरी गान्ड ना हो कितनी ज़्यादा मोटी और मासल लग रही है

सोनू : मुस्कुराते हुए, रहने दो जी आपकी तो आदात है चोदते मुझेहो और आपके ख्यालो में दूसरी लड़कियों की गान्ड और चूत रहती है, सोनू ने अपनी बुर सहलाते हुए कहा, तब रोहित ने कहा अच्छा सोनू अब तुम कुतिया बन जाओ में तुम्हे पीछे से चोदुन्गा और सोनू ने कहा ठीक है और फिर सुधा घोड़ी बन गई और रोहित ने अपनी बहन के नंगे चुतड़ों को अपने हाथो में भर कर सहलाया और उसकी मोटी गान्ड पर थप्पड़ मारते हुए अपने लंड को पीछे से सुधा की चूत में पेल दिया और फिर सुधा के चुतड़ों को दबोचते हुए रोहित सटा सट लंड अपनी बहन की चूत में पेलने लगा और सोनू यह देख देख कर गरम हो रही थी कि कैसे एक भाई अपनी बहन को पूरी नंगी करके चोद रहा है, अब रोहित का लंड खूब तेज तेज सुधा को चोदने लगा और सुधा अपने मुँह को दबाए खूब तबीयत से अपने भैया के लंड को ले रही थी और फिर उसका पानी छूट गया और वह पस्त हो गई तब रोहित ने कहा क्या हुआ जानेमन आज तो तुम्हारा पानी जल्दी ही छूट गया अभी तो मुझे मज़ा ही नही आया, तब सोनू नेसूधा को हटाते हुए उससे इशारे में और चुदने के बारे में पुछा तो सुधा ने मना कर दिया वह मस्त हो चुकी थी इसलिए वह चुप चाप रूम से बाहर हो गई और सोनू अपनी मोटी गान्ड रोहित के लंड की ओर करके झुक गई और कहने लगी लो फिर से पेलो जी अभी मेरा पेट नही भरा है और खूब कस कस कर चोदो और रोहित ने सोनू की मोटी गान्ड को सहलाते हुए फिर से लंड पेल दिया,____

Page 5 Episode 10

रात को 1 बजे रोहित चुपके से सोनू के पास से उठा और अपने मम्मी पापा के रूम की ओर गया और धीरे से खिड़की से अंदर देखा तो मनोहर अकेला खर्राटे लेकर सो रहा था,रोहित खुश हो गया और छत की ओर चल दिया जब वह छत पर पहुचा तो नीलम अपनी मोटी गान्ड उठाए रॅलिंग पर हाथ रखे खड़ी थी, रोहित पीछे से जाकर अपनी मम्मी की मोटी गान्ड से अपने लंड को सटाते हुए चिपक गया

नीलम : पलट कर रोहित की ओर देखते हुए हंस कर कहने लगी क्यो रे इतनी रात को छत में क्या करने आया है तुझे नींद नही आई

रोहित ; मम्मी आपने ही तो बुलाया था

नीलम : अरे मैं क्यो तुझे बुलाने लगी, नीलम के चेहरे पर स्माइल थी

रोहित : मम्मी आपने कहा था कि आप मुझे पैंटी पहन कर दिखाएगी

नीलम : वो तो मैने तुझसे ऐसे ही कह दिया था नीलम ने रोहित के पाजामे में खड़े लंड को देखते हुए कहा

रोहित : मम्मी प्लीज़ दिखा दो ना अब क्यो तरसा रही हो

नीलम : अच्छा ठीक है पर बस एक बार दिखाउन्गी उसके बाद तू कुछ नही कहेगा

रोहित : पक्का मम्मी, तब नीलम ने उससे दूर हटने को कहा और अपना गाउन उपर कमर तक उठा दिया, चाँद की रोशनी में जब रोहित ने अपनी मम्मी की मोटी जांघे और उस पर कसी हुई छोटी सी पैंटी देखी तो उसका लंड पाजामा फाड़ने को बेकाबू हो गया और वह अपनी मम्मी की गुदाज कसी जवानी देख कर मस्त हो गया और कहने लगा मम्मी पिछे घूमिएे ना और फिर नीलम मुस्कुराते हुए जैसे ही पीछे घूमी अपनी मम्मी के भारी भरकम गुदाज चुतड़ों को देख कर वह पागल हो गया उसने देखा उसकी मम्मी की पैंटी उसकी गान्ड मे फसि हुई थी और उसके पूरे चूतड़ नंगे नज़र आ रहे थे, वह अपनी मम्मी की मसल जांघे और मोटी नंगी गान्ड देख कर पागल हो गया तभी नीलम ने अपने गाउन को नीचे कर दिया और रोहित अपनी मम्मी के पास आकर गिडगिडाने लगा और कहने लगा मम्मी इतनी जल्दी क्यो नीचे कर दिया मुझे जी भर कर देखने तो दो,

नीलम : बस रोहित और कितना देखेगा नीलम ने मुस्कुराते हुए कहा

रोहित : अच्छा मम्मी एक बार और दिखा दो वैसे भी इतने अंधेरे में मुझे कुछ खास मज़ा नही आ रहा है

नीलम : सोनू सो गई है क्या

रोहित : हाँ वह तो कब की सो गई है, रोहित ने अपनी मम्मी के भारी गुदाज चुतड़ों पर हाथ फेरते हुए कहा,

नीलम : चल अब हम भी चलते है बहुत रात हो गई है

रोहित : मम्मी आप भी ना एक बार भी अच्छे से मुझे नही दिखाया मैं कल दिन में उजाले में आपको इस छोटी सी पैंटी में देखना चाहता हूँ

नीलम रलिंग पर कोहनी टिका कर अपने भारी चुतड़ों को उठाए हुए झुकी थी और रोहित उसकी मोटी गान्ड में अपने लंड को दबा रहा था तभी नीलम ने कहा ठीक है कल में तुझे अच्छे से दिखा दूँगी लेकिन तू अपने डंडे को मेरे चुतड़ों में क्यो दबा रहा है लगता है आज सोनू ने तुझे कुछ करने नही दिया इसीलिए तेरा डंडा पूरी तरह अपनी मम्मी के चुतड़ों को देख देख कर तना हुआ है

रोहित : नही मम्मी सोनू तो पूरी मस्त हो कर सोई है पर यह आपके बड़े बड़े चुतड़ों को देखते ही खड़ा हो जाता है

नीलम : मुस्कुराते हुए कहने लगी इतना मोटा तगड़ा डंडा लेकर तो कोई भी मस्त हो जाएगी

रोहित : अपनी मम्मी के गालो को चूमते हुए अपने लंड का दबाव उसकी मोटी गान्ड में डाल कर कहने लगा मम्मी इस डंडे से आपको मस्त होना है

नीलम : पलट कर मुस्कुराते हुए रोहित के गालो को खिचती है और कहती है हट बदमाश कोई बेटा अपने डंडे से अपनी मम्मी को मस्त करता है क्या

रोहित : हाँ मम्मी ऐसे बहुत सारे लोग है ज़्यादा दूर जाने की ज़रूरत नही मेरा दोस्त शेखर तो दिन रात यही सोचता रहता है और मुझसे अपने मन की सारी बाते बताता है

नीलम : रोहित को आश्चर्य से देखते हुए कहने लगी क्या बताता है शेखर तुझे

रोहित : शरमाते हुए, मंद मंद मुस्कुरा कर कहने लगा मम्मी वह तो बहुत गंदी बाते करता है अब में आपसे कैसे कहूँ

नीलम : उसकी पीठ पर हल्के से चपत लगाते हुए मुस्कुरा कर कहने लगी अरे बता ना यहाँ कौन है सुनने वाला जो तू मुझसे शरमा रहा है

रोहित : मुस्कुरा कर कहने लगा मम्मी मुझे शरम आती है आपके सामने बोलने में____

Page 6 Episode 1

रोहित : मुस्कुरा कर कहने लगा मम्मी मुझे शरम आती है आपके सामने बोलने में नीलम ; रोहित के लंड को पाजामे के उपर से पकड़ कर मसल्ते हुए कहने लगी, अच्छा इस मूसल को मेरी गान्ड में रगड़ने में शरम नही आती तुझे और अपने दोस्त की बाते बताने में शरमा रहा है चल बता सीधी तरह से, और नीलम ने उसके पाजामे में हाथ डाल कर जैसे ही रोहित के लंड को मुट्ठी में पकड़ कर भींचा रोहित के मुँह से सिसकारी निकल पड़ी, आहह मम्मी क्या कर रही हो,

नीलम : मुस्कुराते हुए नही करू अच्छा चल में हाथ बाहर निकाल लेती हूँ तू तो मुझे कुछ बताएगा नही

रोहित : नही नही मम्मी मत निकालो अपना हाथ बहुत अच्छा लग रहा है

नीलम ; उसके अंडको को हाथो में भर कर सहलाते हुए कहने लगी तो फिर बता जल्दी से नही तो में हाथ बाहर निकाल लूँगी

रोहित : आहह .. मम्मी ऐसे ही सहलाती रहो अया सीयी में सब बताता हूँ आपको

नीलम : तो फिर बता

रोहित : मम्मी वो शेखर अपनी मम्मी को पटाना चाहता है

नीलम : उसके लंड को सहलाते हुए कहने लगी वह क्यो

रोहित : वो वो अपनी मम्मी को करना चाहता है

नीलम ; लंड के सुपाडे को सहलाते हुए उसकी खाल उपर नीचे करते हुए कहने लगी क्या करना चाहता है

रोहित : आह सिई वह अपनी मम्मी को चोदना चाहता है यह कह कर रोहित ने अपनी मम्मी की मोटी गान्ड को अपने दोनो हाथो में भर कर दबोच लिया

नीलम ; उसके लंड को खूब कस कर दबोचते हुए कहने लगी और क्या कह रहा था वह

रोहित : मम्मी वह कह रहा था कि वह अपनी मम्मी को पूरी नंगी करके खूब कस कस कर उसकी गान्ड मारना चाहता है उसे उसकी मम्मी की मोटी गुदाज गान्ड बहुत अच्छी लगती है

नीलम : तेरा भी लंड मेरी मोटी गान्ड देख देख कर खूब खड़ा होता है कही तू भी तो मुझे चोदना नही चाहता है

रोहित : नही मम्मी में भला ऐसा कैसे सोच सकता हूँ

नीलम ; क्यो तुझे मेरी गान्ड अच्छी नही लगती है

रोहित : नही मम्मी आपके जैसे भारी भरकम चुतड़ों का तो में दीवाना हूँ मेरा तो मन करता है कि आपके भारी चुतड़ों को पूरा नंगा करके खूब फैला फैला कर आपकी मोटी गान्ड चाटू, और रोहित ने अपनी मम्मी की गान्ड की गहराई में अपने हाथ को भर कर दबाना शुरू कर दिया और नीलम के मुँह से सिसकारी निकल गई

नीलम : आह सी और क्या मन करता है तेरा, अपनी मम्मी को पूरी नंगी करके चोदने का मन नही करता है

रोहित : नही मम्मी मेरा मन तो आपको पूरी नंगी करके खूब रगड़ रगड़ कर चोदने का करता है, कई बार तो मैं जब सोनू को चोदता हूँ तो ऐसा लगता है जैसे मैं आपको चोद रहा हूँ और आपको चोदने का सोच कर जब सोनू को चोदता हूँ तो एक अलग ही मज़ा आता है

नीलम : आहह सीयी नही बाबा नही में तुझसे नही चुदवाउन्गी तेरा लंड बहुत मोटा है मेरी तो चूत ही फाड़ कर रख देगा

रोहित : नही मम्मी एक बार मेरा लंड अपनी चूत में लेकर देखो आपको बहुत मज़ा आएगा

नीलम ; अच्छा पहले मुझे अपने लंड को अच्छे से देखने तो दे कितना मोटा और लंबा है उसके बाद में सोचूँगी और नीलम नीचे बैठ जाती है और रोहित के लंड को अपने गालो से रगड़ती हुई कहती है हाई बेटे तेरा लंड तो बहुत मोटा और तगड़ा है, यह तो मेरी चूत और गान्ड दोनो फाड़ कर रख देगा, इतना कह कर नीलम ने रोहित के लंड को अपने मुँह में भर कर चूसना शुरू कर दिया और रोहित के मुँह से आह सीयी जैसी सिसकारिया निकलने लगी, वह रोहित के लंड को खूब दबा दबा कर चूसने लगी और रोहित मज़े में कराहने लगा, तभी नीचे बाथरूम का दरवाजा खुलने की आवाज़ आई और नीलम झट से खड़ी हो गई और रोहित से कहने लगी बेटे लगता है कोई जाग गया है अब हमे नीचे चलना चाहिए तू रुक पहले में जाती हूँ फिर कुछ देर बाद तू भी आ जाना और नीलम जल्दी से नीचे चली गई और उसे तब राहत मिली जब उसने सुधा के रूम की लाइट ऑन देखी और वह चुपचाप अपने रूम में चली गई,

अगले दिन शाम को 4 बजे रोहित के पास शेखर का कॉल आया और उसने कहा रोहित कब आएगा यहाँ केक काटने की तैयारी हो गई है बस तेरा वेट कर रहे है तब रोहित ने कहा बस 10 मिनिट में पहुचता हूँ, मेरा वेट करना केक मत काट देना और फिर रोहित शेखर के घर पहुच गया और जब घर के अंदर एंटर हुआ तो पूरा घर अंदर से सज़ा हुआ था और एक बड़ी सी टेबल पर केक रखा हुआ था उसके चारो तरफ कॅंडल लगे हुए थे और सामने शेखर एक एक कॅंडल को जला रहा था लेकिन रोहित को यह देख कर आश्चर्य हुआ कि घर में शेखर के अलावा कोई और नज़र नही आ रहा था,

शेखर ; मुस्कुराते हुए आज यार कब से तेरा वेट कर रहा हूँ

रोहित : अबे वाह तो ठीक है पर बाकी मेहमान और तेरी दीदी और मम्मी कहा है

शेखर : बैठ तो बताता हूँ रोहित वही सोफे पर बैठ गया और शेखर ने कहा दरअसल मम्मी तो मामा जी के यहाँ चली गई है कुछ काम था और दीदी और किसी के साथ बर्तडे पार्टी शेयर नही करती है इसलिए बस तुझेही इन्वाइट किया है

रोहित : ओके पर दीदी कहाँ है

शेखर : बर्त डे गर्ल तैयार होकर बस आती ही होगी उसका इतना कहना था कि सीढ़ियों से जब रोहित ने पूजा दीदी को नीचे उतरते देखा तो उसकी आँखे फटी की फटी ही रह गई, पूजा दीदी ने एक पिंक कलर का इतना छोटा फ्रॅंक पहना हुआ था कि उसकी मोटी गदराई गोरी गोरी जाँघो को देखते ही रोहित का लंड खड़ा हो गया पूजा दीदी खुले बालो में कोई अप्सरा लग रही थी, वह जब नीचे आई तो शेखर ने उसे गले लगाते हुए कहा हॅपी बर्त डे दीदी तब पूजा ने उसके गालो को चूमते हुए कहा थॅंक्स भैया, और फिर पूजा रोहित के ठीक सामने आकर खड़ी हो गई, रोहित ने शांत लहजे में विश करते हुए पूजा की ओर हाथ बढ़ाया तब पूजा ने उसे भी थॅंक्स कहा और कहने लगी सॉरी में लेट हो गई चलो केक काटते है और फिर पूजा ने केक काटा और सबसे पहले शेखर को खिलाया और शेखर ने आधा बाइट वापस पूजा को खिलाया फिर पूजा ने एक बाइट रोहित को खिलाया तब रोहित ने आधा बाइट पूजा को खिलाया, उसके बाद तीनो एक टेबल के पास आ गये जहाँ ड्रिंक रखे हुए थे और शेखर ने रोहित से पूछा बोल यार बियर लेगा या व्हिश्की तब रोहित ने कहा यार व्हीश्कि ही पी लेते है और पूजा उसकी और मुस्कुरा कर देखती हुई पेग बनाने लगी

तीनो पीने लगे और बाते करने लगे कुछ देर बाद पूजा उठी और कहने लगी में अभी बाथरूम से आती हूँ और पूजा जाने लगी तब रोहित की नज़र उसके भारी चुतड़ों पर पड़ी जो मिनी फ्रांक में भी हल्के हल्के नज़र आ रहे थे, शेखर रोहित को मुस्कुरा कर देखते हुए कहने लगा प्यारे तू यही सोच रहा है ना कि पूजा दीदी की गान्ड कितनी मोटी और चौड़ी है यार दीदी को गान्ड मरवाने की बड़ी आदत है और मैने उसकी गान्ड मार मार कर इतनी फैला दी है बहुत तबीयत से अपनी गान्ड में लंड लेती है, रोहित शेखर की बात सुन कर ड्रिंक लेते हुए अपने लंड को दबा रहा था,____

Page 6 Episode 2

रोहित : सच कहूँ आज दीदी वाकई बहुत मस्त लग रही है, शादीशुदा औरत जब इतनी छोटी सी फ्रांक पहनती है तो उसका भरा बदन और भी उभर कर उपर आ जाता है, उसकी जांघे और गान्ड की चिकनाहट देख कर अच्छे अच्छे पागल हो जाएँ

शेखर : हाँ यार लेकिन मेरी दीदी की एक इच्छा बहुत समय से है जो अभी तक पूरी नही हुई है

रोहित : वह क्या, रोहित की आँखे नशीली हो चुकी थी

शेखर : यार मेरी दीदी चाहती है कि उसे पूरी नंगी करके दो मर्दो से एक साथ चुदना चाहती है, वह कह रही थी कि शेखर जब दो मर्द पूरे नंगे होकर उसे पूरी नंगी करके अपने बदन से दबाएगे और एक उसकी चूत में लंड पेलेगा और दूसरा उसकी मोटी गान्ड में लंड पेल कर जब एक साथ आगे से और पीछे से ठोकेगा तब जो मज़ा आएगा उसे तो में सोच सोच कर पागल हुई जा रही हूँ, पर यार कोई ऐसा जुगाड़ आज तक मिला ही नही जिसके साथ मिलकर में अपनी दीदी को चोद सकूँ और उसकी यह इच्छा पूरी कर सकूँ, तू तो जानता है आज कल किसी पर भरोसा नही किया जा सकता है बाद में वह ब्लॅक मेंल करके परेशान भी कर सकता है, हाँ अगर तू चाहे तो यह प्राब्लम सोल्व हो सकती है

रोहित : उत्सुकता से पूछने लगा वह कैसे

शेखर : तू चाहे तो आज हम दोनो मिल कर दीदी को खूब रगड़ रगड़ कर चोद सकते है

रोहित : पर तेरी दीदी मुझसे चुदवा लेगी क्या

शेखर : अरे पीने के बाद तो वह बहुत चुदासी हो जाती है वह मज़े से हम दोनो से चुदवा लेगी बस तू एक बार हाँ तो बोल

रोहित ; लेकिन कुछ गड़बड़ हो गई तो

शेखर ; अरे कुछ प्राब्लम नही होगी, चल अब दीदी आ रही है बस तू मेरी हाँ में हाँ मिलाता जा में दीदी को गरम करता हूँ

पूजा की आँखे नशीली हो गई थी और उसने एक मादक अंगड़ाई ली और अंगड़ाई लेने से उसकी फ्रांक उपर हो गई और उसकी गुलाबी पैंटी रोहित की आँखो के सामने आ गई उसकी फूली चूत का शॅप देख कर रोहित मस्ती से झूम उठा

शेखर : दीदी रोहित आपकी ड्रेस की बड़ी तारीफ कर रहा है

पूजा : मुस्कुराते हुए कहने लगी रेआली में हॉट लग रही हूँ ना क्यो रोहित

रोहित : जी दीदी

शेखर ; दीदी आपके लिए एक लार्ग पेग बना दूं

पूजा ; नही भैया पहले ही बहुत हो गई है

तब शेखर ने रोहित की ओर इशारा किया तो रोहित ने कहा दीदी एक पेग और ले लो मेरी तरफ से तब पूजा ने हँसते हुए कहा ठीक है लेकिन मुझे चढ़ गई तो तुम दोनो को मुझे अपनी गोद में उठा कर बिस्तेर तक ले जाना पड़ेगा यह कहते हुए पूजा ने ड्रिंक गटकना शुरू कर दिया और वह अब काफ़ी नशे में हो गई थी उसे देख देख कर शेखर और रोहित की आँखे लाल हो गई थी

पूजा के मोटे मोटे दूध उसकी क्लीवेज से बाहर को निकले जा रहे थे, कुछ देर बाद ही पूजा ने कहा भैया में सोने जा रही हूँ अब मुझसे बैठा नही जा रहा है तब रोहित ने कहा दीदी आपने तो कुछ खाया नही कुछ खा तो लीजिए तब पूजा ने बहुत रिक्वेस्ट करने पर थोड़ा बहुत खाया और फिर खड़ी होने लगी तभी उसके पेर लड़खड़ाने लगे और वह एक दम से रोहित की ओर गिरी और रोहित ने उसे अपनी बाँहो में संभाल लिया उसके मोटे मोटे दूध रोहित के हाथो में आ गये और शेखर ने भी अपनी दीदी को पकड़ने की कोशिश की तब पूजा ने नशीली आवाज़ में कहा मैने कहा था ना कि मुझे चढ़ जाएगी तो तुम दोनो को मुझे उठा कर ले जाना पड़ेगा,

शेखर : दीदी आप फिकर क्यों करती हो हम दोनो आपको अभी गोद में उठा कर ले चलते है, दोनो के लंड पूजा के गुदाज बदन को पकड़ने से खड़े हो गये थे और पूजा ऐसा लग रहा था जैसे जानबूझ कर कुछ ज़्यादा ही नशे में होने का ड्रामा कर रही थी रोहित और शेखर दोनो ने पूजा को बीच में किया और अपनी बाँहो का सहारा देकर सीढ़ियों पर चढ़ने लगे रोहित ने पीछे से पूजा की मोटी गान्ड को अपने हाथो में भर रखा था और उसकी गुदाज मोटी गान्ड का एहसास उसे पागल बना रहा था, जैसे तैसे तीनो बेडरूम में पहुचे और पूजा को पिल्लो के सहारे बैठा दिया पूजा ने जैसे ही अपनी जाँघो को चौड़ा किया उसकी जाँघो की जड़ो में उसकी मस्त फूली चूत गुलाबी पैंटी से साफ नज़र आने लगी थी उसकी चूत की फांके पैंटी से बाहर निकल आई थी और बहुत फूली और बिना बालों के बहुत चिकनी लग रही थी, पूजा ने अपनी आँखे बंद की हुई थी तभी शेखर दीदी के पास बैठ गया और उसकी मखमली चिकनी मोटी मोटी जाँघो को सहलाते हुए कहने लगा दीदी अब कैसा लग रहा है तब पूजा ने कहा भैया बहुत मज़ा आ रहा है पूरा रूम घूम रहा है पर रोहित कहा है उसे भी यहीं बुला ले

शेखर : दीदी वह यही खड़ा है तब पूजा ने आँखे खोल कर उसकी ओर स्माइल दी और कहा तू भी मेरा भाई है ना चल अपनी दीदी के पेर दबा दे और फिर रोहित भी वही बैठ गया और उसकी चिकनी पिंदलियो पर हाथ फेरते हुए उसकी मोटी जाँघो तक हाथ फेरने लगा तभी शेखर ने अपनी जीभ निकाल कर रोहित की ओर इशारा किया और दीदी की जाँघो को फैला कर चूत चाटने के लिए पुछा तो रोहित ने स्माइल पास की और शेखर ने पूजा की पैंटी को जैसे ही साइड में किया उसकी फूली फांको वाली गुलाबी चूत देख कर रोहित के मुँह में पानी आ गया और उसने हिम्मत करके एक बार पूजा की चूत को सहला दिया जिससे पूजा आह सी भैया बहुत अच्छा लग रहा है, और कर ना कहने लगी तब शेखर ने उसकी पैंटी पूरी उतार कर उसे नीचे से पूरी नंगी कर दिया और उसकी मोटी जाँघो को फैला कर उपर की ओर उठा दिया और रोहित को उसकी चूत चाटने को कहा तब रोहित ने दोनो हाथो से पूजा की चूत की फांको को फैला कर अपनी लपलपाति जीभ पूजा की रसीली बुर में रख कर चूसना और चाटना शुरू कर दिया

और पूजा जोरदार सिसकारिया लेने लगी तब तक शेखर ने उसकी फ्रांक उतार कर उसे पूरी नंगी कर दिया और उसके रसीले होंठो को चूस्ते हुए उसके मोटे मोटे बोबो को कस कस कर मसल्ने लगा____

Page 6 Episode 3

पूजा पागल होने लगी और उसके हाथ अपने आप ही दोनो के मस्त लंड को टटोलने लगे तभी शेखर ने कहा रोहित पूरा नंगा हो जा फिर हम दोनो जब दीदी के नंगे बदन से चिपकेगे तो अलग ही मज़ा आएगा दोनो नंगे हो गये और पूजा को बीच में सुला कर दोनो पागल कुत्तो की तरह पूजा को चाटने चूसने लगे और कस कस कर दबाने लगे रोहित उसकी गान्ड के पीछे पड़ा हुआ था और उसकी चूत और गुदा को खूब सहला रहा था जबकि शेखर उसके बोबो को दबोच दबोच कर उसके रसीले होंठ पी रहा था

रोहित पूजा की नंगी गान्ड में लंड चुभा रहा था और शेखर अपनी दीदी की चूत में लंड रगड़ने लगा तभी पूजा किसी कुतिया की तरह बेड पर उल्टी हो गई और अपनी गान्ड जैसे ही उसने उठाई शेखर ने रोहित को अपनी दीदी की मोटी गान्ड की गुदाज गुदा को चाटने को कहा और रोहित किसी कुत्ते की तरह उसकी गान्ड चाटने लगा और पूजा अया आह आह सीईइ सीयी सी ओह भैया जैसे वर्ड बोलने लगी,

तभी पूजा को जैसे जोश आ गया और उसनेपलट कर रोहित के खड़े लंड को अपनेमुंह में भर कर चूसना शुरू कर दिया तभी शेखर ने उसकी गान्ड में नारियल का तेल लगा कर अपने लंड को भी तेल में डुबो दिया और कस कर अपनी दीदी की गान्ड में धक्का मारा और पूजा के मुँह में रोहित का लंड होने की वजह से उसकी चीख घुट गई और शेखर कस कस कर अपनी दीदी की गान्ड मारने लगा

अब शेखर खड़ा हो गया और रोहित भी पूजा को लेकर खड़ा हो गया और फिर रोहित ने पूजा को उठा कर अपने लंड पर चढ़ा लिया और पूजा रोहित से किसी बंदरिया की तरह उसकी कमर में जांघे लपेट कर लिपट गई रोहित उसकी मोटी गान्ड को अपने हाथो से फैलाए कस कस कर धक्के मार रहा था तभी शेखर पीछे से अपनी दीदी की मोटी गान्ड में तेल लगाने लगा और फिर उसने अपने लंड पर तेल लगा लिया और अपनी दीदी की मोटी गान्ड में लंड पेल दिया और अपनी दीदी की पीठ से चिपक गया

उधर पूजा कस कर रोहित की चहहती से चिपकी हुई थी और तबीयत से कराह रही थी उसकी गान्ड में और चूत में एक साथ दो दो मोटे तगड़े लंड घुस रहे थे और दोनो पूजा को गोद में उठाए सतसट लंड पेल रहे थे, और पूजा आह आह सिई सी ओह भैया कह रही थी कुछ देर बाद पूजा वाइल्ड हो गई और कहने लगी चोद भैया और कस के मार ओह आह आह सीयी और थोक फाड़ दे अपनी दीदी की चूत और गान्ड आहा,

कुछ देर बाद पूजा ने कहा बस रोहित अब मुझे नीचे उतार मुझे बहुत जोरो की पेशाब लगी है तब शेखर ने कहा दीदी यही खड़ी होकर मुतो ना तब पूजा ने कहा मुतती हूँ पहले तुम दोनो मुझे उतारो तो फिर रोहित और शेखर ने उसे नीचे उतार दिया, उसके पेर कांप रहे थे और नीचे उतरने के बाद वह खड़ी खड़ी गहरी साँसे ले रही थी तभी शेखर ने उसकी चूत में हाथ मारते हुए कहा मुतो ना दीदी और पूजा की चूत से मोटी धार निकलने लगी रोहित पूजा दीदी को नंगी खड़ी खड़ी मुतते देख उसका मुँह खुला का खुला रह गया और रोहित उसकी चूत को सहलाने लगा तब पूजा ने स्माइल करते हुए रोहित से कहा रोहित तू वहाँ खड़ा खड़ा क्या देख रहा है अपनी दीदी की चूत में अपना लंड नही रगड़ेगा, ला तेरे लंड को अपने मूत से नहला देती हूँ और वह रोहित के पास मुतते हुए बढ़ी और रोहित ने अपने लंड को उसकी चूत से रगड़ना शुरू कर दिया जिससे रोहित का लंड उसके मूत में भीग गया अब पूजा ने दोनो को कहा मेरे भैया अब तुम दोनो नीचे बैठ कर मेरी चूत और गान्ड को एक साथ चाटो और दोनो ने यही किया रोहित उसकी चूत को फैला फैला कर चाटने लगा

और शेखर अपनी दीदी की गुदा को खूब फैला फैला कर चाटने लगा पूजा खूब ज़ोर ज़ोर से सीसियाते हुए दोनो के बालो में हाथ फेरने लगी, कुछ देर तक चाटने के बाद पूजा बेड पर कोहनी के बल झुक गई और रोहित से कहा चल रोहित जिस छेद में तेरा मन करे खूब कस कस कर ठोक तब रोहित ने उसकी मोटी गान्ड में लंड पेल कर उसे चोदना शुरू कर दिया

रोहित ने उसकी गान्ड मार मार कर पूरी लाल कर दी तभी रोहित को उसकी गान्ड मारते मारते अपनी मम्मी नीलम की गुदाज मोटी गान्ड की याद आ गई और वह पागल सा हो गया और खूब तगड़े तगड़े धक्के पूजा की गान्ड में मारने लगा और पूजा आह आह करते हुए झड़ने लगी तभी रोहित हटा और शेखर ने अपनी दीदी की चूत में लंड पेल कर ठोकना शुरू कर दिया और पूजा की चूत से खूब सारा रस निकलने लगा वह मस्त हो गई और पलट कर नीचे बैठ गई और दोनो के मोटे मोटे लंड को पागलो की तरह चाटने चूसने लगी तभी शेखर ने कहा रोहित अपना माल दीदी के मुँह में ही निकालना है उसे मर्दो का वीर्य पीना बहुत अच्छा लगता है और फिर क्या था पूजा दोनो के लंड को खूब कस कस कर चूसने लगी तभी शेखर ने एक जोरदार पिचकारी मारी और पूजा उसके रस को चाटने लगी तभी रोहित ने भी उसके मुँह में अपना वीर्य छोड़ दिया और पूजा दोनो के लंड को दबा दबा कर चूसने लगी और सारा रस पी लिया और बेड पर उल्टी होकर लेट गई और गहरी साँसे लेने लगी____

Page 6 Episode 4

शेखर बाथरूम की ओर जाने लगा और रोहित को भी इशारा किया तब रोहित भी बाथरूम में जाकर फ्रेश हुआ कुछ देर तक रोहित और शेखर चुदाई में मिलने वाले मज़े की बाते करते रहे और फिर शेखर वहण से अपने घर की और चल दिया . रात के 10 बज रहे थे और रोहित एक पन की दुकान पर खड़ा खड़ा सिगरेट पी रहा था और सोच रहा था कि पूजा दीदी कितने वाइल्ड तरीके से चुदवाती है आज तो सचमुच बहुत दिनो बाद चोदने का ऐसा मज़ा आया है, उसके माइंड में अपनी मम्मी की गदराई गान्ड और मोटी मोटी जांघे और फूली हुई चूत उभरा हुआ गहरी नाभि वाला पेट घूम रहा था और बड़े बड़े दूध उसके सामने नंगे नज़र आ रहे थे उसके मन में चल रहा था कि वह अपनी भारी बदन और मोटी गान्ड वाली मम्मी को उसी तरह से खूब रगड़ रगड़ कर चोदने का सोच रहा था जैसे अभी पूजा की गान्ड और चूत मारी थी उसका लंड इन ख्यालो से फिर से खड़ा हो गया था, रोड पर जाने वाली भारी गान्ड की औरतो को देख देख कर उसे उसकी मम्मी की गदराई जवानी याद आ रही थी और वह लंड मसल्ते मसल्ते सिगरेट के कस लगा रहा था

अभी रोहित सोच में डूबा ही था कि उसका मोबाइल घनघना उठा और उसने जब देखा तो संगीता भाभी लिखा हुआ था उसने फोन उठाया तो उधर से भाभी की आवाज़ आई और वह कहने लगी क्या हो रहा है देवेर जी तब रोहित ने कहा बस भाभी सब ठीक है आप लोग कब आ रहे है तब संगीता ने कहा अरे रोहित वही बताने के लिए फोन किया है कि हम लोग नही आ पा रहे है तेरे भैया को कंपनी ने एक नये प्रॉजेक्ट में डाल दिया है सो अब छुट्टी मिलना मुश्किल है, तब रोहित ने कहा क्या भाभी मेरा कितना मन कर रहा था आपको देखने का

संगीता : मुस्कुराते हुए ओह हो क्या बात है बड़ी याद आ रही है मेरी कहीं अपनी भाभी से लव तो नही हो गया तुझे

रोहित : मुस्कुराते हुए कहने लगा ओह भाभी भला कौन देवर अपनी भाभी से प्यार नही करता है

संगीता : अच्छा जी तो यह भी बता दो कौन सा वाला प्यार करते हो तुम मुझसे

रोहित का लंड तो खड़ा ही था अपनी भाभी की बाते सुन कर और भी तन गया और उसने अपने लंड को मसल्ते हुए एक मोटी गान्ड वाली आंटी को जाते हुए देख कर कहा भाभी जैसा प्यार मेरी भाभी अपने देवर से करना चाहेगी वैसा प्यार कर लूँगा

संगीता : सोच लो बाद में मुकर नही जाना

रोहित : भाभी मर्द की जवान है ऐसे कैसे मुकर जाउन्गा

संगीता : अच्छा इतनी मर्दानगी है तो एक बार तू खुद क्यो नही आ जाता मेरे पास फिर में देखती हूँ तू कितना बड़ा मर्द है, तेरे भैया तो मेरे सामने बच्चे साबित हो जाते है तुझे भी आजमा कर देख लेती हूँ कि तू मर्द है या दूध पीता बच्चा

रोहित : भाभी असली दूध तो मर्द ही पीते है बच्चे नही

संगीता : बेटे मम्मी का दूध पीने में और भाभी का दूध पीने में बड़ा अंतर है

रोहित ; भाभी, मम्मी का दूध हो या भाभी का दूध तो दूध ही होता है बस पीने वाली की नीयत के उपर निर्भर करता है

संगीता : ठीक है अगर ऐसा है तो आ जाना कुछ दिनो के लिए इस बार होली अपनी भाभी के साथ खेल लेना

रोहित : ठीक है भाभी सोनू से डिसकस करके बताता हूँ

संगीता : अरे उससे क्या डिस्कस करना है उसे भी साथ ले कर आ जा मेरी तरफ से उसे दिल्ली में शॉपिंग फ्री है

रोहित : ओके भाभी में आता हूँ उसके बाद रोहित ने फोन डिसकन्नेक्ट कर दिया और बाइक घर की ओर दौड़ा दी, घर पहुचने पर सभी लोग खाना खा रहे थे रोहित से उसकी मम्मी नीलम ने खाने के लिए पूछा तो रोहित ने कहा वह दोस्त के यहाँ से खा कर आया है उसके बाद रोहित ने संगीता भाभी वाली बात सबको बताई तब मनोहर ने कहा ठीक है बेटे तुम और सोनू चले जाओ वह भी सोचते होंगे कि कोई हमे याद नही करता है और सोनू का भी दिल बहल जाएगा बेचारी घर के कामो में ही उलझी रह जाती है, उसके बाद सब अपने अपने रूम में चले गये, अगले दिन रोहित और सोनू ने दिल्ली की फ्लाइट पकड़ी और दिल्ली पहुच गये.____

Page 6 Episode 5

रोहित ने डॉरबेल बजाई और सामने से संगीता ने दरवाजा खोला और सोनू और रोहित को देख कर खुस होते हुए रोहित के गाल खींचे और सोनू को अपने गले से लगा लिया और उनकी खातिरदारी करने लगी, सोनू भी किचन में चली गई और भाभी से बाते करने लगी

संगीता : हँसते हुए क्या बात है सोनू तेरा फिगर तो बहुत निखार आया है और काफ़ी बोल्ड नज़र आने लगी है लगता है रोहित तुझे फ्री छोड़ता ही नही है

सोनू : मुस्कुराते हुए अरे भाभी में तो वैसी ही हूँ और फिर आपके मुक़ाबले में कहाँ आपका तो फिगर किसी भी मर्द को पागल कर दे

संगीता : हँसते हुए कहने लगी क्यो ज़्यादा मोटी हो गई हूँ क्या

सोनू: हँसते हुए कहने लगी भाभी इसे मोटा होना नही कहते है औरतो का मोटा होना गदराना कहते है और आप पहले से काफ़ी गदरा गई है

संगीता : मंद मंद मुस्कुराते हुए कहने लगी बड़ी कामुक बाते करने लगी है तू पहले से ही इतनी बिगड़ी हुई थी या रोहित ने तुझे बिगाड़ दिया है

सोनू : कुछ भी समझ लो भाभी मर्द बिगड़ा हो तो औरत बिगड़ जाती है और अगर औरत बिगड़ी हो तो मर्द

संगीता : और अगर दोनो बिगड़े हो तो संगीता ने हँसते हुए कहा

तब सोनू ने कहा भाभी अगर दोनो बिगड़े हो तो फिर मस्ती का मज़ा ही आ जाता है

संगीता और सोनू वापस हॉल में आ गई थोड़ी देर बाद रोहित के भैया भी आ गये और रोहित और सोनू को देख कर खुश हो गये उसके बाद रोहित और उसके भैया आपस में बाते करने लगे और सोनू और संगीता किचन में खाना बनाने में जुट गई किचन कुछ ऐसा था कि हॉल से साफ नज़र आ रहा था और रोहित के भैया बार बार किचन की ओर देख रहे थे,

ना जाने कैसे सोनू को अपनी मोटी गान्ड में किसी की नज़रे चुभती हुई महसूस हुई और उसने किचन से जब हॉल में देखा तो भैया आँखे फाडे फाडे उसके भारी चुतड़ों को खा जाने वाली नज़रो से घूर रहे थे, सोनू ने साड़ी पहनी हुई थी और उसकी गान्ड का पूरा चौड़ा शेप भैया की नज़रो के सामने था, सोनू ने वापस जल्दी से अपनी गरदन घुमा कर कम करने लगी लेकिन उसके होंठो पर एक कुटिल मुस्कान फैल गई

कुछ देर बाद संगीता एक प्लेट में चिप्स और पापड लेकर आई और जब उसने झुकते हुए रोहित के सामने की टेबल पर रखने लगी तब उसकी ढीली ढाली बिना ब्रा की टीशर्ट में से उसके मोटे मोटे पके आमो के जैसे बोबे रोहित की नज़रो के सामने आ गये और रोहित के मुँह में अपनी भाभी के रसीले आमो को देख कर पानी भर आया, सीन कुछ ऐसा था कि दोनो भाइयो के लंड खड़े हो चुके थे,

कुछ देर बाद रोहित को पेशाब लगी और वह बाथरूम में गया जहाँ मुतते हुए उसकी नज़र अपनी भाभी की रेड कलर की पैंटी पर पड़ी और उसने हॅंगर से उस पैंटी को उतार लिया और अपनी भाभी की मोटी गान्ड और चिकनी फूली चूत की कल्पना करके पैंटी को सूंघने लगा और उसका लंड पत्थर की तरह सख़्त हो गया,

कुछ देर तक उसने अपने लंड को सहलाया और फिर बाहर आ गया, खाना लग चुका था और सभी लोग बैठ कर खाना खाने लगे, भैया के आने के बाद सोनू कुछ चुप चुप थी तब भैया ने कहा संगीता यह सोनू बोलती नही है क्या, मैं जब से आया हूँ इसकी आवाज़ तक नही सुना हूँ

रोहित : अच्छा है भैया कम से कम आपके सामने तो चुप है कहीं आप से भी खुल गई तो फिर आपको पता चलेगा कि हमारे घर में सबसे ज़्यादा यही बोलती है रोहित ने मज़े वाले अंदाज में कहा तब सोनू बोल पड़ी रहने दो जी इतना भी बड़बड़ नही करती हूँ में वो तो खाना भाभी ने इतना स्वादिष्ट बनाया है कि मेरा मन बस खाने में लगा हुआ है और इसीलिए आप सब की बाते सुनते हुए में खाना खाने में ध्यान दे रही हूँ, उसकी बात सुनने के बाद एक पल के लिए सब चुप होकर सोनू को देखने लगे और फिर सभी ठहाका लगाकर हँसने लगे,

खाना खाने के बाद संगीता ने एक रूम में रोहित और सोनू के लिए सोने की व्यवस्था जमा दी और फिर वह अपने पति अजय के साथ छत पर आ गई और दोनो रलिंग पर कोहनी टिका कर बाते करने लगे, ठंडी हवा चल रही थी और अजय ने सिगरेट सुलगाते हुए संगीता की ओर देखा और कहा डार्लिंग क्या प्लान है और फिर अजय ने एक गहरा कश लिया और संगीता की स्कर्ट में हाथ डाल कर उसकी गुलाबी फूली चूत को मुट्ठी में भर कर दबा लिया, तब संगीता ने अजय की लूँगी में हाथ डाल कर उसके खड़े लंड को अपनी मुट्ठी में भर कर दबाते हुए कहा, बहुत तड़प रहे हो सोनू को नंगी देखने के लिए

अजय : संगीता की चूत की फांको में उंगली सहलाते हुए कहने लगा क्यो तुम नही तड़प रही हो रोहित के लंड के दर्शन करने के लिए,

तब संगीता ने एक सिसकारी लेते हुए कहा तड़प रही हूँ तभी तो उनकी लाइव चुदाई देखने की पूरी व्यवस्था जमा आई हूँ उनके रूम की बॅक साइड वाली खिड़की खोल कर आई हूँ जिस पर उनकी नज़र भी नही जाएगी और तुम पीछे से मेरी चूत मारते हुए अपने भाई और बहू की चुदाई देख सकते हो,

अजय ; तुम्हे यकीन है वह दोनो चुदाई करेगे

संगीता : 100 पर्सेंट क्यो कि जब भी इंसान नई जगह जाकर रात गुज़ारता है तो उसका मन चुदाई करने का ज़रूर होता है

अजय : तो चलो ना नीचे अब तो 10 बज रहा है, कहीं उन्होने गेम शुरू ना कर दिया हो

संगीता ; अजय के मोटे लंड को मसल्ते हुए कहने लगी रुक जाओ मैं सब जानती हूँ तुम्हारा मूसल क्यो इतने झटके ले रहा है, अपने भाई की बीबी की मोटी गान्ड और चूत देखने के लिए मरे जा रहे हो और उसकी गान्ड और चूत को सोच सोच कर ही यह इतना मोटा और लंबा हो गया है,

अजय : अच्छा जी मेरे बारे में तो कह दिया पर यह नही कहोगी कि तुम्हारी यह चूत इतना फूल क्यो गई है और इतना रस क्यो छोड़ रही है, लगता है अपने देवर के लंड को तुम अपनी चूत में महसूस कर रही हो तभी तो इतनी रसीली हो रही है, अब चलो भी और फिर दोनो नीचे आ गये और रोहित के रूम की पीछे साइड वाली खिड़की के पास जाकर खड़े हो गये उस जगह अंधेरा था इसलिए अंदर से बाहर की झलक तक नही मिल रही थी और फिर संगीता आगे आ गई खिड़की के पास और अजय उसकी मोटी गान्ड के पीछे आ गया और जैसे ही दोनो ने अंदर झाँका दोनो की चूत और लंड पूरे ताव में आ गये और अजय ने आगे हाथ लेजा कर संगीता के मोटे मोटे बोबो को पकड़ कर दबोच लिया, अंदर रोहित पूरा नंगा लेटा हुआ था और उसका विकराल खड़ा लंड पूरी तरह संगीता और अजय की आँखो के सामने था और सोनू पूरी नंगी होकर रोहित के मुँह की ओर अपनी चूत खोल कर रोहित के मुँह के उपर अपनी चूत फैला कर बैठी थी उसकी नंगी गान्ड संगीता और अजय के सामने थी और रोहित सोनू की मोटी गान्ड को अपने हाथो से फैलाए हुए दबोच दबोच कर सोनू की रसीली चूत को चाट रहा था,____

Page 6 Episode 6

इधर दबी आवाज़ में अजय ने संगीता से कहा हे संगीता सोनू की गान्ड कितनी गोरी और मोटी है और रोहित जब अपने दोनो हाथो से उसकी गान्ड को फैलाता है तो उसकी गान्ड का छेद कितना प्यारा नज़र आता है, तब संगीता ने कहा तुम्हारे भाई का लोड्‍ा भी तो कितना मोटा और लंबा है और जब मोटा लंड पूरा काला नज़र आता है तो मेरी बुर तो पागल हो जाती है,

दोनो ने फटाफट एक दूसरे के कपड़े उतार दिए अब संगीता खिड़की के पास पूरी नंगी अपनी गान्ड उठा कर झुकी हुई थी और अंदर का नज़ारा देख रही थी और अजय ने अपने लंड पर थूक लगा कर संगीता की चूत में पीछे से लंड अंदर पेल दिया और संगीता ने धीरे से कहा जोश में आकर तेज़ी से ना पेल देना कहीं मेरी सिसकारी ना सुन ले दोनो तब अजय ने कहा चिंता मत करो में खूब धीरे धीरे लेकिन गहरे धक्के मारूँगा,

तब संगीता ने कहा जानती हूँ पर सोनू की मोटी गान्ड देख कर तुम्हारा लंड आज कुछ ज़्यादा ही मोटा हो रहा है मेरी चूत में बहुत टाइट घुस रहा है तब अजय ने कहा तेरी चूत भी तो रोहित के मोटे काले लंड को दखदेख कर कितना पानी छोड़ रही है और अजय ने गहरे धक्के संगीता की चूत में पेलना शुरू कर दिए,

अंदर रोहित सोनू की चूत को पागल कुत्ते की तरह चाट रहा था तभी सोनू उसके उपर से घूम कर उल्टी हो गई और अब रोहित उसकी गान्ड और चूत एक साथ चाटने लगा और सोनू रोहित के लंड को पूरा मुँह में भर भर कर पीने लगी और यह सीन देख देख कर अजय खूब गहरे धक्के संगीता की चूत में मारने लगा और संगीता के मुँह में रोहित के लंड की चुसाइ देख देख कर पानी आ गया था, कुछ देर बाद सोनू बेड पर खड़ी हो गई और उसे पूरी नंगी देख कर अजय इतना जोश में आ गया कि उसने संगीता के मुँह पर हाथ रख कर खूब तबीयत से धक्का मारा और संगीता की आवाज़ उसके मुँह में ही घुट गई,

और सोनू रोहित के खड़े लंड में अपनी चूत फैला कर बैठ गई और धीरे धीरे उसकी फूली गुलाबी चूत में रोहित का काला मोटा लंड घुसते हुए संगीता और अजय देख देख कर मस्त हो रहे थे अब रोहित ने नीचे से कमर उठा उठा कर सोनू की चूत मारना शुरू कर दी और इधर अजय भी संगीता की चूत में लंड कस कस कर पेलने लगा, कुछ देर तक सोनू खड़े लंड पर कूदती रही उसके बाद रोहित ने सोनू को घोड़ी बना कर उसकी चूत मारना शुरू कर दिया इधर आगे हाथ ले जाकर अजय ने संगीता के बोबो को मसल्ते हुए उसकी चूत में लंड पेलने लगा

कुछ देर तक चुदाई के बाद रोहित अब सोनू के उपर आ गया और सोनू ने अपनी जाँघो को उपर उठा कर रोहित की कमर से बाँध लिया और रोहित कस कस कर उसकी चूत में लंड पेलने लगा खूब तबीयत से लंड पेल पेल कर रोहित और सोनू के अपना अपना रस छोड़ दिया और उधर संगीता और अजय भी छूटने लगे,

चुदाई के बाद दोनो नंगे एक दूसरे की बाँहो में चिपक कर सोने लगे और संगीता और अजय वहाँ से चुपके से अपने कपड़े उठा कर अपने रूम में आ गये और दोनो के चेहरे पर शांति के भाव थे और फिर दोनो एक दूसरे की बाँहो में नंगे ही सो गये,

सुबह सुबह सोनू नहा धोकर भाभी के साथ किचन में बाते कर रही थी तब अजय बाथरूम में गया और वहाँ एक नई पैंटी देख कर उसका लंड यह सोच कर खड़ा हो गया कि यह सोनू की पैंटी है और उसने उसकी पैंटी को फैला फैला कर देखा और फिर उसे सूंघने से उसके लंड ने झटके लेना शुरू कर दिया,____

Page 6 Episode 7

उधर संगीता ने गरम पानी की बकेट की ओर इशारा करते हुए कहा सोनू इसे बाथरूम में रख आ और सोनू उसे लेकर बाथरूम में गई और उसने जैसे ही दरवाजा बाहर की ओर खींचा उसके सामने अजय उसकी गुलाबी पैंटी को सूंघते हुए पकड़ा गया, दोनो की नज़रे मिली और सोनू के होंठो पर एक मुश्कान आ गई उसकी मुस्कान देख कर अजय का कॉन्फिडेन्स बढ़ गया और सोनू चुपचाप वहाँ से वापस किचन में आ गई,

ब्रेकफास्ट टेबल पर सोनू और अजय के नैन मटक्के हो रहे थे जिसे वह दोनो ही समझ पा रहे थे जबकि रोहित बीच बीच में अपनी भाभी की गदराई जवानी को अपनी नज़रो से पी रहा था, उधर संगीता जब भी रोहित को देखती उसकी आँखो के सामने रोहित का काला काला मोटा लंड झूलने लगता और उसकी चूत सुबह से ही पनिया रही थी, कुछ देर बाद रोहित ने टीवी पर एक मूवी लगा ली और देखने लगा, तब संगीता ने कहा सुनो जी मैने सोनू को शॉपिंग करवानी है आज ऑफीस से छुट्टी मार लो तब अजय ने कहा ठीक है में फोन कर देता हूँ पर चलना कब है तब संगीता ने कहा, भाई रोहित से पूछो तो रोहित ने कहा भाभी मैने कहीं नही जाना में तो आज यह मूवी देखूँगा और वैसे भी मेरा मन नही कर रहा है आप लोग ही शॉपिंग कर आओ वैसे भी शॉपिंग करना बड़ा बोरियत भरा लगता है मुझे,

संगीता तो ठीक है हम तीनो ही चलते है क्यो सोनू तब सोनू ने कहा ठीक है भाभी और फिर तीनो तैयार होकर माल की और चल दिए, ड्राइविंग संगीता कर रही थी और अजय और सोनू पीछे बैठे हुए थे, सोनू ने लेगी और कमीज़ पहना हुआ था और सामने देख रही थी लेकिन वह समझ रही थी कि भैया उसकी गुदाज जवानी को अपनी आँखो से पी रहे है लेकिन आगे जो हुआ उसका उसे ज़रा भी एहसास नही था, अजय ने अचानक अपने हाथ को सोनू की मोटी जाँघो की जड़ो में भर दिया और उसकी फूली चूत को उपर से अपनी हथेली में दबोच लिया, सोनू एक दम से घबरा गई लेकिन वह कुछ बोल नही पाई क्योकि वह आवाज़ करती तो भाभी पीछे मूड कर देख लेती, उसने अजय के हाथ को अपनी चूत से हटाने की कोशिश की लेकिन अजय ने उसकी फूली चूत को नही छोड़ा, सोनू असमन्जस में पड़ गई कि क्या करे लेकिन जब अजय टस से मस नही हुआ तो उसका विरोध भी ढीला पड़ गया और उसकी साँसे तेज चलने लगी अब अजय बड़े आराम से उसकी चूत को उसकी लेगी के उपर से दबा दबा कर और मसल मसल कर देख रहा था और सोनू अंजान बने सामने रोड की ओर देख रही थी,

माल पहुचते पहुचते अजय ने सोनू की चूत को इतना सहलाया कि उसकी चूत से पानी आ गया था, जब माल के सामने गाड़ी रुकी तो अजय ने अपने हाथ को सोनू की चूत से हटा लिया और दरवाजा खोल कर बाहर निकल गया और सोनू भी नीचे उतर आई और सब लोग माल के अंदर चले गये , शॉपिंग करने के बाद जब वह लोग बाहर आए तो सोनू ने कहा भाभी लाइए में ड्राइव करती हूँ आप भैया के पास बैठिए और फिर सोनू ने अजय की ओर एक शरारत भरी स्माइल की तो अजय ने भी स्माइल के साथ रिप्लाइ किया, ,

शाम को भाभी ने रोहित से कहा चल रोहित सब्जी मार्केट तक मुझे ले चल और रोहित भाभी को लेकर सब्जी मार्केट की और चल दिया, उनके बाहर जाते ही अजय ने सोनू को अपनी बाँहो में भर लिया और सोनू कसमसाते हुए कहने लगी भैया यह क्या कर रहे है छोड़िए मुझे,

तब अजय ने कहा मेरी जान में तो आज तुम्हे चोदे बिना नही छोड़ूँगा तुम्हारे इन मोटे मोटे चुतड़ों ने मुझे पागल कर दिया है, तब सोनू ने कहा भैया में आपके भाई की बीबी हूँ आप मेरे साथ ऐसा कैसे कर सकते है तब अजय ने कहा ऐसे मोटे मोटे चूतड़ तो मेरी मम्मी के होते तो में तो उन्हे भी चोद देता रानी फिर तुम तो मेरे भाई की बीबी हो, और अजय पागलो की तरह सोनू के बोबो को और उसकी मोटी गान्ड को मसल्ने लगा अब सोनू का विरोध भी कम हो गया और उसने कसमसाते हुए सिसकी लेकर कहा जेठ जी कही सच में आपने मम्मी जी को चोद तो नही दिया था,

अजय : अरे चोदना तो चाहता था पर कभी मोका ही नही लगा और अजय ने सोनू को गोद में उठा लिया और अपने बेडरूम में लेजा कर उसे बिस्तर पर पटक दिया और पागलो की तरह उसके बदन को चूमने चाटने लगा, उसे पता था कि संगीता जल्दी ही सब्जी लेकर आ जाएगी इसलिए उसने सोनू की साड़ी उपर उठाई और उसकी पैंटी एक झटके में ही नीचे खींच कर उसकी मादक चूत की मादक खुश्बू को सूंघने लगा और उसकी चूत को अच्छे से फैला कर चाटने लगा

सोनू जेठ जी की इस अदा से पागल हो उठी और अपनी चूत अपनी जाँघो को फैला फैला कर चटवाने लगी, कुछ देर तक चूत चाटने के बाद अजय ने अपने लंड को सोनू के मुँह में दे दिया और सोनू उसे चूसने लगी फिर जब अजय का लंड उसके थूक में पूरा गीला हो गया तो उसने सोनू की चूत में एक झटके में पूरा का पूरा लंड पेल कर उसकी चूत मारने लगा, वह पागलो की तरह सोनू की गान्ड दबोच दबोच कर लंड पेल रहा था और सोनू खूब उचक उचक कर अपनी चूत मरवा रही थी, अब अजय ने सोनू को उल्टा पेट के बल लिटा दिया और उसकी गान्ड के छेद को फैला फैला कर चाटने लगा और फिर उसने सोनू को घोड़ी बनाया और उसकी गान्ड और चूत को खूब दबोच दबोच कर फैला फैला कर चाटा और फिर पीछे से उसकी चूत में लंड पेल कर चोदने लगा और फिर खूब तगड़े धक्के मार मार कर अजय ने अपना सारा वीर्य सोनू की चूत में उडेल दिया और सोनू की चूत का पानी भी छूट गया और वह गहरी साँसे लेते हुए हाँफने लगी, कुछ देर बाद दोनो फटा फट वापस रेडी होकर उसी पोज़िशन में आ गये और टीवी देखने लगे कुछ देर बाद संगीता और रोहित भी आ गये और फिर दोनो औरते खाना बनाने के लिए किचन में चली गई,____

Page 6 Episode 8

अगले दिन अजय ऑफीस निकल गया, सोनू रोहित और संगीता भाभी तीनो गप्पे मार रहे थे

संगीता ; हँसते हुए भाई मुझे तो रोहित तेरे भैया का वही पुराना स्टाइल पसंद नही आता है इसीलिए में मॉडर्न चीज़ो को ज़्यादा पसंद करती हूँ

सोनू: भाभी कल जो आपने जीन्स खरीदा था वह ज़रा पहन कर दिखाइए ना

संगीता : ठीक है लेकिन तुझे मैने जो केप्री और टॉप दिलवाया है वह तुम भी तो रोहित को पहन कर दिखाओ

रोहित : मुस्कुराते हुए, तो भाभी आज फिर वही वाला डॅन्स हो जाए

संगीता : रोहित को खा जाने वाली नज़रो से देखती हुई कहने लगी, रहने दे रोहित तेरी बीबी को पसंद नही आया तो

रोहित : अरे नही भाभी आप पहले करके तो दिखाओ फिर सोनू भी एक डॅन्स आप को करके दिखाएगी

संगीता : कौन से गाने पर सोनू डॅन्स करती है

रोहित ; भाभी यह तो काँटा लगा पर बड़ा अच्छा नाचती है

सोनू : मुँह बनाते हुए, नही भाभी में आपसे अच्छा थोड़ी कर पाउन्गी

संगीता ; अच्छा यह फ़ैसला रोहित पर छोड़ देते है कि किसका डॅन्स अच्छा है चल अब हम पहले डॅन्स के लायक कपड़े तो पहन ले उसके बाद दोनो अपने अपने रूम में चली गई उनके जाते ही रोहित को ना जाने क्या सूझा और वह भाभी के रूम में चला गया और जैसे ही अंदर गया संगीता भाभी को सिर्फ़ एक ब्लू कलर की पैंटी में देख कर सन्न रह गया तभी संगीता पलटी और उसने रोहित को अपने बदन को घूरते हुए देख लिया लेकिन वह ज़रा भी नही शरमाई बल्कि रोहित पलट कर जाने लगा तभी संगीता ने कहा रोहित रूको ज़रा और रोहित कुछ घबरा गया तब संगीता ने कहा तुम्हे नोक करके आना चाहिए था तब रोहित ने उसकी पैंटी में उभरी हुई चूत की ओर एक नज़र मारते हुए कहा सॉरी भाभी मैने सोचा नही था कि आप

संगीता : मंद मंद मुस्कुराते हुए कहने लगी अब सॉरी कहने से क्या फ़ायदा तुमने तो अपनी भाभी को पूरी नंगी देख लिया

रोहित : सॉरी भाभी ग़लती हो गई

संगीता : चल कोई बात नही अब तूने मुझे नंगी देख ही लिया है तो ज़रा यह भी बता दे कि मेरा फिगर कैसा है क्या में ज़्यादा मोटी लग रही हूँ

रोहित : संगीता के मोटे मोटे दूध उभरा हुआ गहरी नाभि वाला नंगा पेट और मोटी मोटी सुडोल चिकनी और गोरी जाँघो को एक नज़र देखने के बाद कहने लगा नही भाभी आप तो बहुत अच्छी लग रही है

संगीता : मुस्कुराते हुए कहने लगी पहले यह बता नंगी होने पर सोनू ज़्यादा मस्त लगती है या में

रोहित : शरमाते हुए कहने लगा क्या भाभी आप कैसे सवाल पूछ रही है

संगीता ; बता ना कोई तू बच्चा तो है नही कि यह ना बता सके कि किस औरत की जवानी ज़्यादा गदराई हुई है और कौन सा माल ज़्यादा मस्ती भरा है

रोहित ; मंद मंद मुस्कुराते हुए एक बार फिर संगीता की गुदाज जवानी को देखने लगा तभी संगीता ने पीछे घूम कर अपनी भारी मोटी गान्ड को रोहित की ओर कर दिया और कहने लगी ले पीछे से भी अच्छी तरह देख ले और बता सोनू नंगी होने पर ज़्यादा मस्त लगती है या में

रोहित संगीता के भारी भरकम चौड़े चौड़े चुतड़ों को देख कर मस्त हो गया संगीता की पैंटी उसके चुतड़ों के दोनो पाटो के बीच धसि हुई थी और रोहित उसके चुतड़ों को देखते हुए अपने पाजामे में खड़े लंड को मसल्ते हुए कहने लगा भाभी आपका तो कोई मुक़ाबले ही नही है

संगीता ने उसकी बात सुन कर मुस्कुराते हुए वास उसकी ओर मुँह किया कि अचानक उसकी नज़र रोहित के पाजामे में खड़े लंड के उभार पर चली गई और वह मुस्कुराते हुए रोहित के पास आई और रोहित कुछ घबराने लगा तभी संगीता ने उसके पाजामे में उभरे लंड को अपने हाथो में पकड़ लिया और कहने लगी, क्यो रे मुझे नंगी देख कर तेरा लंड तो खड़ा हो गया

रोहित ; सकपकाते हुए कहने लगा नही भाभी वह तो ऐसे ही

संगीता : चेहरे पर बनावटी गुस्सा लाते हुए कहने लगी में सब समझ गई तू अपनी भाभी को चोदने की नज़र से देखता है तेरे भैया को पता चला कि तूने अपनी भाभी को नंगी देखा है और तू अपनी भाभी को चोदना चाहता है तो सोच वह क्या सोचेगे

रोहित ; घबराते हुए आइ आम रीयली सॉरी भाभी प्लीज़ यह सब भैया से ना कहना

संगीता ; नही कहूँगी पर पहले सच सच बता तेरा लंड मुझे नंगी देख कर ही खड़ा हुआ है ना

रोहित उसकी बात सुन कर कुछ नही बोल सका और सर नीचे झुका लिया

संगीता ; बताता है कि नही

रोहित : थूक गटकते हुए कहने लगा क्या

संगीता : वही जो मैने पूछा,

रोहित : जी

संगीता ; बनावटी गुस्सा करते हुए तुझसे तो में बाद में बात करूँगी, पहले तो तू यहाँ से जा कहीं सोनू ना आ जाए में अभी कपड़े पहन कर आती हूँ और हा डॅन्स के बाद तू यही कहेगा कि सोनू का डॅन्स ज़्यादा बेस्ट था क्यो कि में जानती हूँ तुझे मेरा ही डॅन्स पसंद आएगा संगीता ने मुस्कुराते हुए कहा और कहने लगी अपना मुँह ठीक कर और सोनू के डॅन्स की तारीफ करना नही तो उसका दिल टूट जाएगा, और हाँ अभी तूने जो मुझे नंगी देखा और तेरा यह मोटा लंड खड़ा हो गया है इसके बारे में में तुझसे डॅन्स के बाद बात करूँगी,____

Page 6 Episode 9

रोहित बाहर आ गया लेकिन उसके दिमाग़ में टेन्षन हो गया था तभी उधर से उसने सोनू को आते हुए देखा जो उस टॉप और केप्री में बला की खूबसूरत और बहुत तगड़ा माल लग रही थी उसकी मोटी जांघे और भारी चूतड़ चुस्त केप्री में समा नही रहे थे और लग रहा था कि उसे जो भी देखता उसका लंड लोहे की तरह हो जाता, तभी दूसरी तरफ से संगीता स्किन टच जीन्स और शॉर्ट टीशर्ट पहन कर बाहर आई और उसकी गदराई जवानी देख कर रोहित और भी पागल हो गया,

उसके सामने दो दो शादीशुदा चुदि चुदाई रंडिया इतने चुस्त कपड़ो में सामने आ गई कि उसके होश उड़ गये थे वह समझ नही पा रहा था कि लंड के उभार को कैसे दबाए तभी वह सोफे पर बैठ गया और उसकी और मुस्कुराते हुए देख कर संगीता भी उससे सॅट कर बैठ गई और वही पास में रखे म्यूज़िक प्लेयर में डीवीडी डाल कर सोनू की ओर इशारा किया और शेफाली वाला काँटा लगा गाना शुरू हो गया, सोनू पूरे जोश में अपने भारी चुतड़ों को हिला हिला कर नाच रही थी और उसके पेट का उभार देख कर कोई भी कह सकता था कि उसने कितने तगड़े लंड खाए होंगे, उसकी मादक अदाओ और गुदाज जवानी की थिरकन देख कर तो संगीता की चूत में भी पानी आ गया था, रोहित को तो लग ही नही रहा था कि यह उसकी बीबी ही है सोनू जब अपनी मोटी गान्ड मटकाती तब रोहित का मन करता कि उसकी गान्ड में लंड जाकर पेल दे,

उसके बाद जैसे ही गाना फिनिश हुआ संगीता ने जोरदार ताली बजाई और रोहित ने भी उसका साथ दिया फिर सोनू हान्फते हुए सोफे पर बैठ गई और कहने लगी लो भाभी अब आपका नंबर है

संगीता : रोहित कौन से गाने पर डॅन्स करूँ

रोहित : भाभी आपको जिस गाने पर ठीक लगे

संगीता : ठीक है तू जिस गाने पर मुझे डॅन्स करना देखना चाहता था उसी पर कर देती हूँ और फिर संगीता ने खुद प्लेयर पर मेरे पिया गये रंगून वाला आल्बम का गाना लगा दिया और फिर संगीता मादक आदाओ के साथ थिरकने लगी, उसने जब अपनी गान्ड उठा हुआ पेट और पेडू को जम कर थिरकाना शुरू किया तो सोनू उसकी उत्तेजक अदाओं को देखती ही रह गयी और मन में सोचने लगी, यह तो बहुत बड़ी वाली रंडी है इसकी तो गान्ड में खूब लंड पेलने लायक है, रोहित का लंड ज़रूर इसे देख कर खड़ा हो गया होगा, मेरा बस नही चलता नही तो में अभी रोहित से कह देती कि जाओ अपनी भाभी को अभी पूरी नंगी करके इसकी मोटी गान्ड ही गान्ड में लंड पेल पेल कर इसकी सारी मस्ती उतार दो, रोहित तो खुद संगीता की मस्ती भरी जवानी की थिरकन देख देख कर उसे हर आसन में चोदने की कल्पना कर रहा था,

आख़िर कर संगीता का डॅन्स ख़तम हुआ और इसबार सोनू ने तालियाँ बजाते हुए उसके डॅन्स की जम कर तारीफ करनी शुरू कर दी,

सोनू : अमेज़िंग भाभी इतना मस्त डॅन्स मैने आज तक नही देखा

संगीता : अरे इतना भी अच्छा नही था और फिर तूने तो बहुत ही जोरदार डॅन्स किया है

सोनू ; नही भाभी बेस्ट डॅन्स तो आपका ही था

संगीता ; अच्छा हम आपस में बहस क्यो करे यह फ़ैसला तो जड्ज साहब ही करेगे फिर संगीता ने रोहित की ओर मादक स्माइल देते हुए कहा क्यों रोहित बताओ किसका डॅन्स बेस्ट था

रोहित ; मुस्कुराते हुए भाभी फ़ैसला करना मुश्किल है दोनो का डॅन्स बेस्ट लगा

संगीता ; फिर भी एक को तो विजेता घोषित करना ही होगा

रोहित : नही भाभी में यह फ़ैसला नही कर सकता

सोनू ; अरे बोलिए ना भाभी का डॅन्स बेस्ट था

संगीता ; रोहित ईमानदारी से फ़ैसला करके बताओ

रोहित ; अच्छा बाबा बताता हूँ, भाभी आपका डॅन्स ज़्यादा बेस्ट था, रोहित ने मुस्कुराते हुए कहा और उसकी बात सुन कर संगीता ने उसकी और मुस्कुराते हुए खा जाने वाली निगाहो से देखा पर बोली कुछ नही तभी सोनू ने खुस होते हुए रोहित से कहा वेरी गुड आपने एक दम सही डिसिशन लिया है, उसके बाद कुछ देर तक सभी बाते करते रहे और फिर रोहित सोनू के साथ अपने रूम में आ गया और संगीता नहाने का कह कर बाथरूम में चली गई

सोनू : रोहित के सीने के बालो को सहलाते हुए कहने लगी रोहित में कैसी लग रही हूँ इस ड्रेस में

रोहित : सोनू को चूमते हुए कहने लगा एक दम मस्त माल लग रही हो

सोनू : लेकिन तुम्हारा मूड अपसेट क्यो लग रहा है क्या बात है

रोहित ; कुछ खास नही

सोनू ; तुम्हे मेरी कसम जल्दी बताओ

रोहित ; ऑफ हो अब कसम देने की क्या ज़रूरत थी में देर सबेर तुम्हे ऐसे ही बता देता फिर रोहित ने अपनी और भाभी वाली बात सोनू को बता दी

सोनू; अरे इसमे मूड खराब करने की कोई ज़रूरत नही है, में समझ गई तुम्हारी भाभी को

रोहित : क्या समझ गई

सोनू : उसकी मोटी गान्ड को तुम्हारा लंड चाहिए और कुछ नही, वह तुमसे अपनी चूत मरवाने के लिए मरी जा रही है इसीलिए वह ऐसी बाते कर रही थी

रोहित ; यह तुम कैसे कह सकती हो हो सकता है वह ऐसा कुछ ना सोच रही हो जो तुम कह रही हो

सोनू ; अरे में पक्का कह रही हूँ उसकी चूत तुम्हारे लंड के लिए बहुत खुज़ला रही है अगर यकीन ना हो तो अभी जाकर उसे अपनी बाँहो में जकड लो देखना बड़े आराम से तुमसे अपने बदन को मसलवाएगी और कुछ ना कहेगी और फिर तुम रंडी की तबीयत से गान्ड मारना

रोहित ; और कहीं बात बिगड़ गई तो

सोनू : अच्छा एक काम करते है तुम अभी भाभी के पास जाओ और उनसे यह कहो कि सोनू होल में मूवी देखने का कह रही है लेकिन तुम्हारा मूड नही है तो आप सोनू को मूवी दिखा लाइए, फिर तुम देखना अगर तुम नही जाओगे तो भाभी खुद भी नही जाएगी और हो सकता है वह यह कह दे कि तेरे भैया को बोल देती हूँ वह दिखा लाएगे,

रोहित ; आइडिया तो अच्छा है लेकिन यह बात तुम खुद ही भाभी से जाकर कहो कि मेरा मूड मूवी देखने का है लेकिन रोहित का सर दर्द कर रहा है और वह जाना नही चाहता इसलिए चलिए हम दोनो चलते है, तब सोनू ने ऐसा ही किया तब संगीता ने रोहित को देखते हुए कहा मेरा भी बदन गरम लग रहा है भाई में भी नही जा पाउन्गी और वैसे भी शाम को शो तो अब शुरू होने को है, एक कम करते है में अजय को बोल देती हूँ वह रात वाला शो तुझे दिखा लाएगा,

सोनू ; रहने दीजिए भाभी अब भैया को क्यो परेशान करती है

संगीता : अच्छा तू रुक में एक बार उनसे फोन करके पूछ तो लूँ और फिर संगीता ने अजय को फोन किया और उसे सारी बात बताई तो वह सोनू के साथ अकेले 9-12 का शो देखने के नाम पर झट से रेडी हो गया और सोनू के चेहरे पर एक मुस्कान फैल गई और उधर संगीता के बदन में भी रोहित के लंड की कल्पना से सिहरन दौड़ गई और रोहित का लंड फिर से अपनी रसीली नागिन की तरह बल खाती भाभी की गुदाज जवानी को देख कर खड़ा हो गया था, उसके बाद सोनू ने कहा में तब तक तैयार हो जाती हूँ भैया किसी भी वक्त आ सकते है____

Page 6 Episode 10

सोनू अपने रूम में आ गई और रोहित से कहने लगी देखा मैने कहा था ना कि तुम नही चलोगे तो तुम्हारी भाभी भी नही जाएगी, अब मोका अच्छा है 9 बजे से उसकी मोटी गान्ड मारना शुरू करना तो आज रंडी को तबीयत से रगड़ रगड़ कर चोदना और जितनी मस्ती चढ़ि है सारी निकाल देना

रोहित ; सोनू के गालो को प्यार से सहलाते हुए मुस्कुरा कर कहने लगा तुम्हे बुरा तो नही लग रहा है ना

सोनू ; मुस्कुराते हुए कहने लगी आपको मज़े का मोका मिले तो मुझे और ज़्यादा खुशी होती है, लेकिन यह ध्यान रहे कि अपनी भाभी पर ज़रा भी रहम मत करना और आज उसकी चूत और मोटी गान्ड को इतना तबीयत से अपने लोड्‍े से चोदना कि वह जिंदगी भर याद करे. तब रोहित ने कहा आज के बाद भाभी अपने देवर का लंड कभी नही भूल पाएगी, कुछ देर बाद अजय आ गया और सोनू उसके साथ कार में बैठ कर निकल गई और रोहित और संगीता सोफे पर बैठ गये और रोहित ने टीवी ऑन कर लिया,

संगीता : क्यो रे मैने सोनू के डॅन्स को बेस्ट कहने को कहा था फिर तूने मेरी तारीफ क्यो की

रोहित : क्या करूँ मुझसे झूठ नही बोला गया ,मुझे तो आपका ही डॅन्स ज़्यादा मस्त लगा

संगीता ; मुस्कुराते हुए कहने लगी मेरा डॅन्स मस्त था या मेरा थिरकता फिगर

रोहित : दोनो

संगीता : और देखेगा मेरा डॅन्स

रोहित : दिखा दो

संगीता ; कौन सी ड्रेस में देखेगा

रोहित ; जिसमे भी आप दिखा दे

संगीता : मुस्कुराते हुए, ब्रा पैंटी में अपनी भाभी को डॅन्स करते हुए देखेगा

रोहित संगीता की बात सुन कर शॉक्ड होकर उसकी ओर देखने लगा

संगीता ; क्या हुआ किस सोच में पड़ गया, बोल देखेगा अपनी भाभी को ब्रा पैंटी में थिरकते हुए,

रोहित : मुस्कुराते हुए कहने लगा भाभी क्यो मज़ाक कर रही हो

संगीता अपनी जगह से खड़ी हुई और रोहित के पास आकर उसकी गोद में बैठ गई और कहने लगी में मज़ाक नही कर रही हूँ ले खोल अपनी भाभी की पॅंट

रोहित के लंड पर अपनी भाभी के भारी चुतड़ों के दबाव ने उसे पागल कर दिया और उसने संगीता के नंगे पेट को सहलाते हुए कहा भाभी यह आप क्या कह रही है ऐसा मज़ाक ना करो नही तो में सचमुच आपकी पॅंट खोल दूँगा

संगीता ; खोल ना में तो तेरे सामने नंगी होकर नाचने के लिए तड़प रही हूँ क्या तू नही देखना चाहता अपनी भाभी को पूरी नंगी

रोहित बिना कुछ बोले संगीता के चुतड़ों को सहलाते हुए उसके पॅंट की हुक्क को खोल कर उसकी ज़िप नीचे कर देता है और उसके सामने उसकी गुलाबी पैंटी सामने आ गई वह पागल हो गया और उसने पैंटी के उपर से ही भाभी की फूली चूत को अपनी मुट्ठी में भर कर उसके रसीले होंठो को अपने मुँह में भर कर चूसना शुरू कर दिया, तभी भाभी उसके उपर से उठ कर दूर हटते हुए हंस कर कहने लगी बाप रे तू तो बहुत भूखा है, में तो पहले ही तेरी नज़रो को समझ गई थी जब तू मुझे भूखे शेर की तरह सिर्फ़ पैंटी में देखा था,

अब सच सच बता भी दे तू मुझे चोदना चाहता है ना

रोहित : भाभी आपकी गदराई जवानी को देख कर कोई भी पागल हो जाएगा और फिर में तो आज से नही जब पहली बार आपकी गुदाज जवानी को उस डॅन्स में थिरकते देखा था जो आपने घर में किया था,

संगीता ; मुस्कुराते हुए कहने लगी अच्छा क्या अच्छा लगता है तुझे मेरे डॅन्स में

रोहित : एक बार करके दिखाओ तब बताउन्गा

संगीता : अच्छा तो फिर चल आज तुझे ऐसा जलवा दिखाउन्गी कि तू पाजामे में ही पानी छोड़ देगा और फिर संगीता ने जीन्स उतार दी अपनी भाभी को सिर्फ़ पैंटी में देख रोहित अपने लंड को सहलाने लगा और संगीता ने उसे अपनी मोटी गान्ड पलटा कर दिखाई और फिर मेरे पिया गये रंगून वाले गाने पर उसने इतनी मादक तरीके से अपनी गान्ड और चूत को उठा उठा कर दिखाया कि रोहित पागल हो गया और उससे रहा नही गया और उसने अपनी भाभी को अपनी गोद में उठा लिया और वही सोफे पर उल्टी करके उसकी पैंटी उसकी गान्ड से नीचे सरका कर खूब जोश में अपनी भाभी की गान्ड से लेकर चूत तक चाटना शुरू कर दिया और संगीता अया श्ह्ह्ह शाबाश मेरे शेर और चाट खूब दबोच दबोच कर चाट अपनी भाभी की गान्ड और चूत

रोहित अपनी भाभी की चूत की फांको को जो झुकी होने की वजह से और भी उभर कर खुल गई थी उन्हे खूब फैला फैला कर चाटने लगा और संगीता उसे और उकसाने लगी, अब रोहित से रहा नही गया और उसने अपने पाजामे को ढीला किया और अपना लंड निकाल कर भाभी की चूत में पेल दिया और उसकी मखखन की तरह चिकनी गान्ड को सहलाते हुए उसकी चूत मारने लगा, उधर अजय ने कार एक होटेल में पार्क कर दी और नीचे उतरने लगा तो सोनू ने पूछा भैया यहाँ कहाँ ले आए हम तो मूवी चल रहे है ना

अजय : सोनू तुम नीचे तो आओ और सोनू नीचे उतर आई अजय ने काउंटर से एक की ले ली और होटेल के एक रूम में एंटर हो गया और सोनू भी अंदर आ गई, सोनू मंद मंद मुस्कुरा रही थी क्यो कि वह भी अजय के मंसूबो को भली भाती जानती थी अंदर आते ही अजय ने गेट लॉक किया और सोनू को अपनी गोद में उठा लिया, सोनू ने इस बार कोई विरोध नही किया और बस मुस्कुराते हुए कहने लगी भैया यह क्या कर रहे है भला कोई अपने भाई की बीबी को इस तरह गोद में उठाता है क्या

अजय : मैने तुम्हे उठाया भर नही है में तो अभी तुम्हे जी भर कर चोदुन्गा भी

सोनू : मुस्कुराते हुए कहने लगी आगर आपके भाई को पता चला तो

अजय : उसे तुम नही बताने वाली हो तो पता कैसे चलेगा

सोनू ; यह तो ग़लत बात है भैया मान लो रोहित इसी तरह आपकी बीबी के साथ ऐसा करे तो

अजय : सोनू को उतार कर उसके चुतड़ों को मसल्ते हुए कहने लगा मेरी रानी तेरे जैसे नशीली नागिन के लिए तो में अपनी बीबी क्या अपनी अम्मा को भी दूसरे से चुदवा दूं, तो फिर रोहित तो मेरा भाई है अगर वह संगीता की गान्ड मार भी लेगा तो मुझे कोई बुरा नही लगेगा, तभी अजय ने सोनू के मोटे मोटे बोबो को कस कर मसल दिया तो सोनू एक दम से सीसियाते हुए कहने लगी आह सिई भैया धीरे करो ना इतनी जल्दी क्यो मचा रहे हो हमारे पास पूरे तीन घंटे है, आप धीरे धीरे एक एक अंग का रस भी चुसोगे तब भी तीन घंटे बहुत है

अजय : तो ठीक है रानी सबसे पहले में तेरी रसीली चूत का रस ही पियुंगा और अजय ने सोनू की रसभरी चूत की फांको को फैला कर चाटना शुरू कर दिया और सोनू ओह भैया आह सीई जैसे वर्ड बोलने लगी,____

Page 7 Episode 1

उधर रोहित संगीता की चूत सतसट मारते हुए कह रहा था ओहमेरी रंडी भाभी तेरी चूत कितनी फूल गई है तेरी गान्ड का छेद भी कितना प्यारा है और रोहित ने उसे चोदते हुए उसकी गान्ड में थूक से अपनी उंगली गीली करके पेल दिया

संगीता : आह कमिने रोहित गान्ड में पेलना है तो ज़रा तेल तो लगा ले बिना तेल लगाए तो मेरी गान्ड फट जाएगी आहाः ससिईईईईईईईईईई तभी रोहित ने पास में रखे तेल की शीशी उठा ली और अपने हाथो से संगीता भाभी की मोटी गान्ड में तेल लगा लगा कर उंगली पेलते हुए उसकी चूत में सतसट लंड देने लगा, उसके बाद रोहित ने जब भाभी की मोटी गान्ड में तेल लगा लगा कर उसे कुछ नरम कर लिया तब रोहित ने अपने लंड को एक पल के लिए बाहर निकाला जो संगीता भाभी की सफेद मलाई से पूरा भीगा हुआ था उस पर खूब सारा तेल लगा कर अपने लंड को भाभी की गुदा में लगा कर एक हाथ से कमर पकड़ कर कस कर दबाया और रोहित का टोपा संगीता भाभी की गुदा को चीरता हुआ अंदर धँस गया और संगीता भाभी कस कर चिल्लाई ओह रोहित कुत्ते तब रोहित ने कहा मेरी कुतिया और ज़ोर से चिल्ला तो में और जोश में आकर तेरी गान्ड मारूँगा और रोहित ने एक करार धक्का देकर संगीता भाभी की मोटी गान्ड में अपने लंड को पेल दिया और संगीता भाभी चिल्लाई ओह रोहित मादरचोद कुत्ते आह माँ मर गई रे तब रोहित ने अपने लंड को थोड़ा बाहर खींचा और भाभी के सर के बाल खिचते हुए कहा क्या बोल रही थी मेरी कुतिया तब संगीता ने कहा कुत्ते मादरचोद उसके मुँह से रोहित ने माँ की गाली सुनी और कस कर लंड दोबारा भाभी की गान्ड में पेल दिया और संगीता आह मर गई माँ कह कर सोफे में बिल्कुल धँस गई अब रोहित सतसट लंड भाभी की मोटी गान्ड में पेलने लगा उधर से संगीता उसे बार बार मादरचोद कुत्ते कहती और रोहित मादरचोद सुनते ही कस कर अपनी भाभी की गान्ड में लंड पेल देता अब संगीता को मज़ा आने लगा और वह बार बार रोहित को कहने लगी चोद मादरचोद और चोद खूब कस कस कर मार अपनी भाभी की गान्ड आह्ह्ह्ह्ह्ह आह्ह्ह्ह्ह सीईस ईई

उधर बिस्तर पर 69की पोज़िशन में अजय और सोनू एक दूसरे के लंड और चूत को पागलो की तरह चूस रहे थे और खूब एक दूसरे के रस को अपनी जीभ से खींच खींच कर पी रहे थे, कुछ देर बाद सोनू उठ कर अजय के सामने पूरी नंगी खड़ी हो गई और मुस्कुराते हुए कहने लगी भैया कैसा लगा अपनी भाई की बीबीकी चूत का रस तब अजय ने कहा मेरी जान तेरी चूत का रस पी कर तो में मस्त हो गया अब ज़रा मेरे लंड पर बैठ बैठ कर कूदना शुरू कर दे तब सोनू उसके लंड पर उसके मुँह की ओर अपनी गान्ड करके बैठ गई और अजय उसके चुतड़ों को फैला फैला कर देखते हुए उछल उछल के लंड पेलने लगा और संगीता उसके लंड पर खूब ज़ोर ज़ोर से अपनी छूट दबा दबा कर लंड लेने लगी, अजय सोनू को कस कस कर धक्के मार रहा था फिर उसने सोनू को बगल में लेटा कर पीछे से चोदना शुरू किया और फिर कुछ देर बाद अजय खड़ा हो गया और सोनू को अपने लंड पर बैठा कर खूब कस कस कर चोदने लगा और सोनू किसी बंदरिया की तरह अजय के लंड पर चढ़ि उसके बदन से चिपके हुए गहराई तक लंड लेने लगी,

उधर रोहित ने अपनी भाभी की गान्ड मार मार कर उसे अधमरी कर दिया था और संगीता उसके काले मोटे लंड के हर तगड़े धक्के के बाद गुउुन्ण गुउन्न्ं की आवाज़े निकाल रही थी तब रोहित ने उसके मोटे मोटे चुतड़ों पर थप्पड़ मारते हुए कहा रंडी अब क्यो नही चिल्ला रही है चल खड़ी हो और रोहित ने अपने लंड को उसकी गान्ड में पेले पेले ही उसकी कमर पकड़ कर उसे खड़ी किया और उसके गालो को काटते हुए अब फिर से लंड उसकी गान्ड में पेलने लगा और संगीता आह आह करती हुई फिर से सोफे पर लुढ़क गई उसकी गान्ड का छेद लाल हो गया था और उसके चुतड़ों पर भी रोहित ने थप्पड़ मार मार कर उसे लाल कर दिया था अब रोहित ने अपने लंड को बाहर निकाल कर संगीता भाभी के मुँह में लंड दे दिया और संगीता उसके लंड को चूस्ते हुए उसके आंड्को को सहलाने लगी और रोहित ने अपनी भाभी के मुँह में ही अपना माल छोड़ दिया और संगीता बड़े चाव से उसके रस को चाटने लगी और तब तक चाटती रही जब तक उसके लंड से एक एक बूँद ना पी गई हो और पस्त होकर सोफे पर लुढ़क गई,

उधर अजय के लंड पर चढ़े चढ़े सोनू ने कहा भैया बस करो मुझे 4 -4 बार मज़ा आ गया है अब मुझे बहुत जोरो की पेशाब लगी है तब अजय ने कहा मेरी रंडी रानी मेरे मुँह में ही मूत दो और अजय ने उसको नीचे उतार कर खड़ा कर दिया और उसकी चूत से अपने मुँह को लगा दिया तब सोनू ने मुस्कुराते हुए कहा भैया मुँह हटा लो नही तो में सचमुच तुम्हारे मुँह में ही मूत दूँगी, तब अजय उसकी चूत के दाने को चूस्ते हुए कहने लगा मूत मेरी रानी और सोनू से रहा नही गया और उसने मुतना शुरू कर दिया अजय उसकी चूत को उसके मूतने के साथ ही चाटने लगा और सोनू को इतना मज़ा आया कि उसका मूत ही रुक गया फिर अजय ने कहा मूत ना तब सोनू ने ज़ोर लगाया और फिर से थोड़ा मुता लेकिन अजय के चाटते ही उसका मूत रुक जाता था बस यही सिलसिला कुछ देर चला और फिर अजय ने सोनू को बेड पर गिरा कर एक ट्रिप और मारी और उसकी चूत में वीर्य भर दिया, कुछ देर अजय हान्फता हुआ पड़ा रहा फिर उसने घड़ी देखी तो 11:30 हो रहे थे उसने सोनू को बताया और फिर दोनो बाथरूम में फ्रेश होकर वापस घर की ओर निकल पड़े

उधर सोफे पर लेती संगीता भाभी की मोटी गान्ड को सहलाते हुए रोहित उसके रसीले होंठो को और कभी गालो को चूमते हुए कहने लगा भाभी संगीता : हुउऊँ

रोहित ; भाभी एक बात कहूँ

संगीता : क्या

रोहित ; भाभी मेरा मन करता है कि में भैया के सामने आपको पूरी नंगी करके चोदु और भैया के सामने आपकी खूब कस कस कर गान्ड मारू

रोहित की बात सुन कर संगीता मुस्कुराने लगी और कहने लगी, कोई भी मर्द ऐसे ही थोड़े अपनी बीबी को किसी से भी चुदवा देता है जब तक कि उसका कोई बड़ा फ़ायदा ना हो

रोहित : भाभी कुछ जुगाड़ करो ना ताकि में आपको भैया के सामने पूरी नंगी करके चोद सकूँ

संगीता : मुस्कुराते हुए कहने लगी एक आइडिया है अगर तू अग्री करे तो

रोहित : कौन सा आइडिया

संगीता : अगर तू सोनू को अपने भैया से चुदवा दे तो शायद वह तुझे मुझे चुदाने के लिए राज़ी हो जाए

रोहित : पर भाभी यह में कैसे कहूँ आप ही सोनू को पता लो ना

संगीता : अच्छा ला फोन दे मुझे और संगीता ने एक साइड जाकर अजय को फोन किया और कहने लगी कहाँ है आप

अजय : अरे मूवी देख कर लॉट रहे है

संगीता : मुँह बनाते हुए बड़े आए मूवी देखने वाले मुझसे झूठ बोलनेकी कोशिश ना करो और सीधे सीधे बताओ जिस काम के लिए गये थे वह हुआ या नही

अजय : कार चलाते हुए मुस्कुरा कर कहने लगा, साली तू इतनी बड़ी छिनाल है कि हर बात समझ जाती है, में तो सक्सेस हो गया और तेरे क्या हाल है अब तक तो तू भी अच्छे से हल्की हो गई होगी,

संगीता : हँसते हुए कहने लगी जब तुम नही चुके तो में कैसे चूकती, तुम्हारे भाई में बड़ा दम है खूब रगड़ रगड़ कर चोदा है तुम्हारी बीबी को

अजय : सोनू को मुस्कुरा कर देखते हुए कहने लगा तेरी देवरानी भी कम नही है खूब तबीयत से लेती है, अजय की बात सुन कर सोनू शॉक्ड हो रही थी

संगीता : अच्छा एक सर्प्राइज़ है

अजय : वह क्या

संगीता ; तुम्हारा भाई ग्रूप सेक्स करना चाहता है

अजय : मतलब

संगीता : अरे बुद्धू वह चाहता है कि तुम और वह सोनू और मुझे पूरी नंगी करके एक ही बेड पर आज सारी रात खूब कस कस कर चोदो____

Page 7 Episode 2

अजय ने सोनू को अपनी बाँहो में भर कर उसके दूध दबाते हुए कहा यह तो बहुत मजेदार बात है ला रोहित से मेरी बात करा तभी संगीता की गान्ड्के पीछे से रोहित ने उसे बाँहो में भर कर चूम लिया तब संगीता ने कहा लो भैया लाइन पर है और फिर फोन रोहित ने लिया तो अजय ने सोनू को चूमते हुए रोहित से कहा छोटे दारू पिएगा, तब रोहित ने संगीता के बोबो को चूसने के बाद उसके गालो को चूम कर कहा क्यो नही भैया, तब अजय ने कहा आज हम ड्रिंक करके सारी रात मस्ती करते है बोल कैसा रहेगा

तब रोहित ने कहा ठीक है भैया जल्दी आ जाओ में और भाभी आपका वेट कर रहे है और फिर अजय नेफ़ोने रख कर सोनू को सारी बात बताई उसकी बात सुन कर सोनू की चूत में पानी आ गया फिर अजय ने बताया कि रोहित तेरी भाभी को भी चोद चुका है तब सोनू ने कहा तुम दोनो भाई बहुत चुड़क्कड़ हो तब अजय ने कहा हम दोनो चुड़क्कड़ भाइयो को बीबी भी तो बड़ी चुड़क्कड़ मिली हैउसकी बात सुन कर सोनू मुस्कुरा दी और फिर एक वाइन शॉप से अजय ने दारू की बोतल ले ली और कुछ खाने का पॅक करवाया और घर आ गये,

जब तक वह घर आए रोहित कुर्ता पाजामे में आ चुका था और संगीता नेट वाले पिंक गाउन में आ गई थी घर पहुच कर सोनू और अजय ने भी चेंज किया अजय लूँगी बनियान में आ गया और सोनू ने वाइट कलर का गाउन पहन लिया था, दोनो रंडिया बड़ी कातिल लग रही थी और दोनो भाइयो के लंड पूरी औकात में खड़े हुए थे और संगीता और सोनू ने पेग बनाना शुरू किया और फिर जाम स्टार्ट हो गये,

अजय जाम पीते हुए सोनू के उठे हुए बड़े बड़े दूध को पी जाने की नज़र से देख रहा था और सोच रहा था कि इन्हे मसल्ने में कितना मज़ा आया था, उधर रोहित की नज़रे बार बार भाभी की गदराई जवानी को पी रही थी,

अजय : अच्छा एक बात बता रोहित सोनू को तूने ही पसंद किया था या तुझे भाग्य से इतनी खूबसूरत बीबी मिल गई

संगीता : अच्छा जी तुम तो ऐसे पूछ रहे हो जैसे कुछ जानते ही नही, सबको अच्छे से पता है कि सोनू और में इस घर में तुम्हारे पापा की पसंद से आई है

अजय : हाँ में तो भूल ही गया था कि तुम दोनो खूबसूरत औरतो को पापा ने ही पसंद किया था

सोनू ; मुस्कुराते हुए कहने लगी भैया दोनो नही तीनो तब उसकी बात समझ कर संगीता ने कहा हाँ भाई सोनू ठीक ही कह रही है तुम्हारी मम्मी भी तो पापा की पसंद से ही इस घर में आई है और चारो लोग हँसने लगे, अब नशा उन सभी की आँखो में दिखने लगा था और सोनू ने कहा कि भाभी यही वजह है कि पापा को अपनी दोनो बहुए बहुत पसंद है तब संगीता ने कहा तो दोनो भाई कौन से कम है इन्हे भी तो अपनी मम्मी बहुत पसंद है, इनका बस नही चले नही तो रात को हमारे साथ यह अपनी मम्मी को भी पूरी नंगी करके सुला ले,

अजय : संगीता जल क्यो रही है हमारी मम्मी है ही इतनी मस्त और सेक्सी की आज भी तुम दोनो को पिछे छोड़ दे क्यो रोहित में ठीक कह रहा हूँ ना

रोहित ; एक दम सही कह रहे हो भैया

संगीता : नशे में अजय से कहती है अच्छा अजय अगर सोनू और में बहने होती और तुम लड़की पसंद करने आए होते तो किसे पसंद करते मुझे या सोनू को

अजय : नशीली आवाज़ में कहने लगा भाई संगीता तुम बुरा ना मानना पर में तो सोनू को पसंद करता, उसकी खूबसूरती तो किसी को भी पागल कर दे पर किस्मत देखो इतनी प्यारी लड़की मेरे प्यारे भाई के नसीब में थी

संगीता : में क्यो बुरा मानने लगी तुम्हारी बहू रानी है तुम्हे खूबसूरत तो लगेगी ही पर रोहित अगर यही सिचुयेशन तेरे साथ होती तो

रोहित ; भाभी में तो आपको ही पसंद करता अगर भैया इजाज़त देते तो

अजय : अरे पगले तेरा तो वैसे भी अपनी भाभी पर पूरा हक है, देवेर भाभी तो वैसे भी पति पत्नी से कम नही होते है,

संगीता ; चुप रहो जी कहीं तुम्हारा भाई मुझे अपनी बीबी समझ कर तुम्हारे सामने ही अपनी गोद में ना बैठा ले

अजय : तो क्या हुआ डार्लिंग आख़िर तुम्हारा प्यारा देवर है अपनी भाभी के साथ गुस्ताख़ी नही करेगा तो फिर किसके साथ करेगा और हाँ कल तो होली है तो फिर भाई कौन किसके साथ होली खेलेगा

रोहित ; भैया में तो अपनी भाभी को ही सबसे ज़्यादा रंग लगाउन्गा

अजय : हाँ हाँ क्यो नही और सोनू को भी इस बार अपने जेठ जी के साथ होली खेलने का मोका लगेगा, क्यो सोनू मुझसे अपने बदन पर रंग लगवाओगी ना

सोनू : क्यो नही भैया में आपके साथ होली खेलने ही तो यहाँ आई हूँ

अजय : ओके फिर तय हो गया कि होली पर कौन किसका पार्ट्नर रहेगा

रोहित : अजय के कान के पास आकर धीरे से कहने लगा भैया रंग में लेकर आया हूँ तो क्यो ना अभी से ही होली मचा दी जाय, अप सोनू को पकड़ कर अभी उसके पूरे बदन पर रंग लगा दो में भाभी को पूरी रंग में लाल कर देता हूँ

अजय : वाउ क्या आइडिया है तूने साबित कर दिया कि तू मेरा भाई है

संगीता ; क्या खुसुर पुसुर हो रही है दोनो भाइयो में

अजय : हमने तय किया है कि अभी तुम दोनो के साथ होली खेली जाय और वैसे भी कल होली है तो हम लोग रात से ही होली मचा देते है

संगीता ; नही अजय दारू खूब चढ़ गई है हमसे होली नही खेली जाएगी

अजय : अरे तुम्हे हम भगा भगा कर थोड़े ही रँगेगे बस देखती जाओ तुम्हे कितना मज़ा आएगा जा रोहित रंग लेकर आ और फिर क्या था रोहित रंग की पूडिया ले आया और अजय को भी रंग दे दिया____

Page 7 Episode 3

अजय ; देखो भाई प्यार से लगवाओगी तो ज़ोर जबरजस्ती नही होगी वरना हम दोनो को तो कपड़े फाड़ होली खेलने की आदत है, चलो अब तुम रोहित की गोद में जाकर बैठो और उसे रंग लगाने दो और सोनू तुम मेरी पार्ट्नर हो तो मेरी गोद में आकर बैठो

संगीता : नही अजय प्लीज़ अभी नही

अजय : उठती हो या रोहित को बोलू तुम्हारा गाउन फाड़ने के लिए, अजय की बात सुन कर संगीता लड़खड़ाते हुए उठी और अपने भारी भरकम चुतड़ों के साथ रोहित के लंड पर बैठ गई और रोहित का लंड खड़ा हो गया, उधर रोहित ने सोनू को कहा तुम भी भैया की गोद में बैठो और फिर सोनू भी उठी और अपनी मोटी गान्ड अजय के लंड पर रख कर बैठ गई अब रोहित ने अपने दोनो हाथो में रंग लगा कर संगीता के गुलाबी गालो पर रंग लगाया और उधर अजय ने सोनू के गालो पर रंग लगाते हुए उसके गाउन के अंदर हाथ डाल कर उसके मोटे मोटे बोबो को कस कस कर दबाते हुए रंग लगाया, सोनू सिसिया पड़ी आह भैया धीरे तभी रोहित ने भाभी के गाउन के अंदर हाथ डाल कर उसके मोटे मोटे सुडोल दूध को अपने हाथो में भर कर कस कस कर दबाते हुए रंग लगाना शुरू कर दिया और संगीता भी सीसीयाने लगी

अजय : रोहित धीरे धीरे रंग लगाना जल्दी मत मचाना आज पूरी रात हमे होली खेलनी है

रोहित : वो तो ठीक है भैया पर यह दोनो हमारे जाम क्यो नही बना रही है इनसे कहिए यह जाम बना कर हमे अपने हाथो से पिलाए

अजय : यह तूने ठीक कहा यह हमे जाम पिलाएगी और हम इनके बदन पर रंग लगाएगे

संगीता और सोनू पूरी तरह नशीली हो चुकी थी और रंग की वजह से उनके चेहरे लाल हो गये थे उन्होने चार ग्लास तैयार किए और फिर सभी एक साथ पी गये और फिर संगीता तो पगलाने लगी और कहने लगी रुक जा रोहित मुझे गाउन उतार लेने दे तब ही तो तू पूरे बदन पर रंग लगा पाएगा और संगीता ने अपने गाउन को जैसे ही उतारा उसका मादक गदराया बदन पिंक ब्रा पैंटी में अजय और रोहित दोनो को पागल कर गया तभी अजय ने सोनू के गाउन के बटन खुद ही खोल दिए और जब उसने गाउन उतारा तो अजय तो एक दम पागल हो गया क्योकि सोनू गाउन के अंदर पूरी नंगी थी,

अब दोनो भाई पागल हो चुके थे और रंग लेकर दोनो रंडियो के पूरे बदन को लाल करने लगे सोनू की जाँघो पर अजय के हाथ चलते हुए उसकी फूली चूत और पेट पर पहुच गये और रोहित ने अपनी भाभी की पैंटी के अंदर हाथ डाल कर उसकी रसीली चूत को दबोच लिया तभी संगीता खड़ी हो गई और कहने लगी तुम दोनो बहुत चतुर हो क्या तुम लोग ही रंग लगाओगे हम नही लगाएगी चलो अपने कपड़े उतारो हम भी तुम्हारे बदन के हर हिस्से में रंग लगाएगी

संगीता की बात सुन कर दोनो भाइयो ने फटाफट सारे कपड़े निकल दिए उनके कपड़े उतरते ही उनके तंदुरुस्त मोटे लंड पूरी तरह खड़े हो गये और संगीता ने थोड़ा रंग सोनू को दिया और दोनो खड़ी खड़ी दोनो भाइयो के चेहरे पर रंग लगाते हुए उनके सीने पर हाथ मलने लगी और फिर दोनो ने खूब सारा रंग लेकर दोनो भाइयो के लंड को अपनी मुट्ठी में भर भर कर रंग लगाना शुरू कर दिया दोनो भाइयो ने भी उनके भारी चुतड़ों पर खूब रंग लगा लगा कर लाल कर दिया

अब अजय ने कहा भाई अब बैठे नही रहा जा रहा है तो चलो हम लोग किंग साइज़ डबल बेड पर आराम से होली खेलेंगे, तब रोहित ने कहा ठीक है और संगीता का हाथ पकड़ कर आगे बढ़ने लगा तब अजय ने कहा अरे पगले ऐसे नही और फिर अजय ने नंगी खड़ी सोनू को अपनी गोद में उठा लिया और कहने लगा अपने अपने पार्ट्नर को गोद में उठा कर ले जाएगे, तब रोहित ने अपनी भाभी की ब्रा और पैंटी उतार कर उसे पूरी नंगी कर दिया और फिर रंडी को अपनी गोद में उठा कर बेड की ओर चल दिए

दोनो भाइयो ने दोनो रंडियो को बेड पर लेटा दिया और फिर पागल कुत्ते की तरह एक दूसरे की बिबियो पर टूट पड़े और जिसका मन जहाँ चाह रहा था वहाँ संगीता और सोनू के बदन को दबा रहे थे मसल रहे थे,

दोनो रंडियो ने भी दोनो के खड़े लंड को कस कर मुट्ठी में भर रखा था और खूब उनके बदन से चिपकी हुई थी, कुछ देर तक एक दूसरे के बदन से गुत्थम गुथा होने के बाद संगीता ने कहा रोहित मुझे तेरा लंड चूसना है और मैने पहले ही कहा था कि अभी होली ना खेलो अब हम कैसे चूसे, तब अजय ने कहा चलो बाथरूम में चलते है और फिर सभी ने बाथरूम में एक दूसरे के अंगो को पहले अच्छी तरह धोया फिर चाटना शुरू कर दिया और फिर बदन पोछने के बाद बेड पर आ गये और दोनो भाइयो ने एक दूसरे की बीबी को बीच में सुला लिया और उनकी गान्ड के पीछे से लंड डाल कर चुदाई शुरू कर दी पूरे कमरे में दोनो रंडियो की मादक सिसकारिया गूंजने लगी

और आह आह सीई सीयी जैसे शब्द निकलने लगे अब दोनो भाइयो ने दोनो रंडियो को घोड़ी बना कर थप थप की आवाज़ के साथ चूत कूटना शुरू कर दी उनके आंड पूरी ज़ोर के साथ हिल रहे थे और उनकी जांघे जब दोनो घोड़ियो के मस्त मोटे चुतड़ों से टकराती तो थपक थपक की आवाज़ पूरे रूम में गुज़्ने लगती ऐसा लग रहा था कि दोनो के बीच कंप्टिशन चल रहा हो एक पूरी ताक़त से गान्ड में धक्का मारता तो दूसरा और भी तेज आवाज़ के से धक्का मारता जिससे दोनो रंडिया रह रह कर सीसीया रही थी.

चोदने का यह भयानक सिलसिला रुकने का नाम ही नही ले रहा था और दोनो ने उन्हे चोद चोद कर लाल कर दिया था फिर पता नही कब दोनो का वीर्य एक दूसरे की बीबी की चूत में छूट गया और पता नही कब सारे नींद के आगोश में चले गये

नेक्स्ट डे तो गजब ही हो गया सुबह उठते ही सभी लोग फ्रेश हुए और फिर नंगे ही दोनो भाई सोफे पर बैठ गये और रोहित ने अपनी नंगी भाभी को अपने लंड पर बैठा लिया और अजय ने सोनू को अपनी गोद में बैठा लिया और फिर से चुदाई का सिलसिला शुरू हो गया

दोपहर तक चुदाई के बाद सभी ने मिल कर खाना बनाया और फिर थक कर सो गये रात को भी चुदाई का सिलसिला बराबर चला और फिर अगले दिन रोहित और सोनू ने भैया भाभी से विदा ली और अपने शहर की ओर चल दिए, घर पहुच कर सभी को भैया के यहाँ का हाल चल बताया और फिर रुटिन लाइफ शुरू हो गई

सुधा : क्या बात है भाभी जब से दिल्ली से आई हो बड़ी खुश नज़र आ रही हो

सोनू : बात ही कुछ ऐसी है

सुधा ; मुझे भी बताओ ना

सोनू : तेरे भैया ने संगीता भाभी को खूब जम कर चोदा है और तेरे अजय भैया ने मुझे

सुधा ; क्या बात है तुम्हारे तो मज़े हो गये पर में तो सुखी पड़ी हूँ जब से आप गई हो मोका ही नही मिला कुछ मज़े करने का

सोनू ; क्यो पापा के पास पढ़ने नही जाती है

सुधा : जाती हूँ पर मम्मी इधर उधर होती ही नही है

सोनू ; यार दिल्ली में एक नया अनुभव हुआ है उसे में यहाँ यूज़ करना चाहती हूँ

सुधा : कैसा अनुभव

सोनू ; ग्रूप सेक्स का वह हम चारो ने एक साथ चुदाई की थी

सुधा ; अपने मुँह पर हाथ रख कर देखती हुई कहने लगी बाप रे आप लोगो को शर्म नही आई

सोनू : अरे शर्म की बजे खूब चुत उठ रही थी और ट्री दोनो भाइयो के लंड इस कदर खड़े थे जैसे नशे फट जाएगी

सुधा : लेकिन यहाँ कैसे पोज़िबल है

सोनू : में चाहती हूँ कि हम दोनो को पापा एक साथ एक ही बेड पर पूरी नंगी करके चोदे

सुधा ; मुस्कुराते हुए नही नही भाभी मुझे बड़ी शरम आएगी

सोनू : अरे शरम छोड़ देखना जब हम दोनो एक साथ पापा का लंड चुसेगी तो पापा एक दम मस्त हो जाएँगे और जब हम दोनो उनके सामने एक साथ कुतिया बन कर अपनी मोटी गान्ड नंगी करके दिखाएगे तो पापा का लंड एक साथ दो दो मोटी और नंगी गान्ड और फूली चूत देख कर पागल हो जाएगा____

Page 7 Episode 4

सुधा : पर भाभी यह सब होगा कैसे मम्मी का क्या करोगी

सोनू कुछ सोचते हुए कहने लगी मम्मी का इलाज है रोहित, मम्मी को रोहित के साथ कहीं भेजा जाए तभी काम बन पाएगा उसके लिए पूरा दिन या फिर पूरी रात चाहिए,

सुधा : पर इतनी देर के लिए भैया मम्मी को लेकर कहाँ जाएगे, सुधा की बात अभी पूरी ख़तम होती कि तभी सोनू का फोन बज उठा और उसने कॉल अटेंड किया तो सामने उसकी फ्रेंड थी और सोनू उससे बात करने लगी कुछ देर बाद सोनू खुस होती हुई कहने लगी, मेरी रानी काम हो गया तब सुधा ने पुछा वह कैसे तब सोनू ने कहा, मेरी सहेली का भाई है उसके लिए लड़की ढूँढ रहे है और वह अपनी कास्ट का ही है तो तू कहे तो तेरी बात चलाए

सुधा ; नही नही भाभी अभी नही, इतनी जल्दी में शादी नही करूँगी

सोनू : अरे तू बहुत पागल है अगर तू दो चार साल वेट करेगी तो तेरी चूत तो अभी से लंड माँग रही है सोच दो चार साल में पापा और रोहित तेरी चूत और गान्ड मार मार कर भोसड़ा बना देंगे, तब हो सकता है तुझे प्राब्लम हो, अगर तू शादी कर लेती है तो तेरी चूत और गान्ड को लाइसेंस मिल जाएगा और फिर तू जब चाहे किसी के लंड से भी चुदेगि तो तुझे कोई प्राब्लम नही होगी और फिर लड़का देखने में बहुत सुंदर है अगर तेरे भैया और मम्मी को जम गया तो बुराई क्या है

सुधा ; देख लो भाभी अब तुम्हारे हाथ में है मेरी लाइफ

सोनू : तू फिकर ना कर में सोच समझ कर फ़ैसला लेने दूँगी अभी तो तुझसे कोई पूछे तो यही कहना जैसी आप लोगो की मर्ज़ी

सुधा ; ठीक है भाभी

उसके बाद सोनू पापा और मम्मी के पास गई और सारी बात बताई और यह भी कहा कि वह लोग चाहते है कि आप एक बार लड़के को देख आए, सुधा को मेरी फ्रेंड जानती है इसलिए सुधा की तरफ से तो वह लोग अग्री है

मनोहर : सोनू अगर ऐसी बात है तो एक बार सुधा से पूछ लेते है अगर वह अग्री करती है तो हम देख आते है, क्यो नीलम

नीलम : सुधा की ओर मुस्कुराते हुए देख कर कहती है, सुधा तेरी क्या मर्ज़ी है तब सुधा ने नीचे सर झुकाए कहा मम्मी जैसा आप लोगो को ठीक लगे

मनोहर : वेरी गुड बेटी हमे तुमसे ऐसी ही उम्मीद थी,

नीलम ; तो ठीक है हम लोग कल ही निकल चलते है में रोहित को भी बता देती हूँ और मोबाइल लेकर नीलम बाहर निकल गई, सुधा भी वहाँ से चली गई तब सोनू ने कातिल निगाहो से मनोहर की ओर देखा और उसके पास बेड पर बैठते हुए कहने लगी पापा सुधा इस घर से चली जाएगी तब में तो अकेली पड़ जाउन्गी

मनोहर ने सोनू के डीप कट येल्लो ब्लौज से झाँकते मोटे मोटे दूध को एक नज़र देखा और दूसरी नज़र गेट की ओर डाल कर सोनू की पीठ पर हाथ रख कर उसके गालो को चूमते हुए कहा बेटी तेरे पापा है ना तेरा ख्याल रखने के लिए,

सोनू ; नखरा करते हुए कहने लगी रहने दीजिए पापा आपको मेरा ख्याल ही कहाँ रहता है, में तो हमेशा आपका प्यार पाने के लिए तरसती रहती हूँ

मनोहर : गेट की ओर देख कर सोनू के मोटे मोटे बोबो को कस कर दबोचते हुए कहने लगा, उस दिन जब हम लोंग ड्राइव पर गये थे उस दिन हमने तुम्हे कितना प्यार किया था, क्या तुम्हे मज़ा नही आया था

सोनू : मुँह बनाते हुए कहने लगी रहने दीजिए पापा कोई प्यार का भूखा हो और उसे एक बार प्यार कर भी लो तो क्या उसका पेट भर जाएगा

मनोहर : मुस्कुराते हुए कहने लगा हम तो हर दम तुम्हे प्यार कर सकते है पर मोका भी तो मिलना चाहिए बेटी

सोनू : ठीक है तो कल मम्मी और रोहित को लड़का देखने जाने दीजिए और आप नही जाएगे और में कल पूरा दिन आपके पास ही रहना चाहती हूँ

मनोहर : अपनी जीभ पर होंठ फेरता हुआ कहने लगा वो तो ठीक है बेटी लेकिन सुधा

सोनू : पापा आप भी ना, क्या वो आपकी बेटी नही है जो उसे प्यार नही कर सकते, में तो सोच रही थी कि आप अपनी दोनो बेटियो को एक साथ एक सा प्यार करे, सुधा भी आपका प्यार पाने के लिए तड़प रही है

सोनू की बात सुन कर मनोहर का लंड लूँगी में पूरी तरह तन चुका था और उसने अपने लंड को मसल्ते हुए कहा क्या सुधा ने तुमसे कहा है कि वह मेरे प्यार के लिए तड़प रही है,

सोनू ; हाँ पापा उसने खुद ही कहा है और वह क्या हम दोनो आपसे एक साथ प्यार पाना चाहते है और इसीलिए तो में कह रही हूँ कि कल सिर्फ़ मम्मी और रोहित को भेज दीजिए और हम तीनो घर पर ही रहेगे

मनोहर : ठीक है बेटी में नीलम से बात करता हूँ लेकिन तुम्हारे बारे में क्या कहूँगा वह तुम्हे ले जाए बिना मानेगी नही

सोनू : मेरी तो कल तबीयत खराब हो जाएगी सोनू ने मुस्कुराते हुए कहा और अपनी मोटी गान्ड मटकाते हुए रूम के बाहर जाने लगी और मनोहर उसकी मोटी गुदाज गान्ड की थिरकन अपने लंड को मसल्ते हुए देखने लगा.

नीलम: लो जी रोहित को बोल दिया है वह कल छुट्टी ले लेगा

मनोहर ; यार नीलम में तो नही जा पाउन्गा मुझे कुछ ज़रूरी काम निकल आया है

नीलम : ठीक है तो हम लोग ही देख आते है, पर रिश्ता तुम्हारी पसंद के बाद ही तय करेगे

मनोहर ; ठीक है में बाद में चला जाउन्गा

अगले दिन सोनू 8 बजे तक बेड पर लेटी रही और रोहित उसे उठाते हुए कहने लगा डार्लिंग उठो ना चलना नही है क्या तब सोनू ने कहा मुझे बहुत वीकनेस लग रही है रात में बुखार भी आया था मुझसे उठा नही जा रहा है, रोहित तो फिर डॉक्टर. को बुलाऊ तब सोनू ने कहा नही में पापा से कुछ ट्रीटमेंट ले लूँगी तभी नीलम चमचमाती ब्लू साड़ी में एंटर हुई और फिर रोहित ने सोनू की तबीयत के बारे में बताया तब नीलम ने कहा ओह शिट तेरे पापा को भी आज ही काम पड़ना था और इधर सोनू की तबीयत खराब हो गई तो फिर क्या करे जाना पोज़्पॉंड किया जाय तब सोनू ने कहा नही मम्मी आप और रोहित चले जाइए उन लोगो ने हमारे आने के लिए तैयारी की हुई है उनका नुकसान होगा, तब नीलम ने कहा सुधा से पूछ ले रोहित वह चल रही है क्या तब रोहित सुधा के रूम में गया और उससे पूछा तो उसने कहा भैया मुझे तो आप पर भरोसा है और वैसे भी मुझे इन सब बताऊ में शर्म आती है, में नही जाउन्गी,____

Page 7 Episode 5

रोहित ; मम्मी सुधा नही जा रही है चलिए हम दोनो ही चलते है और फिर रोहित ने कार स्टार्ट की और नीलम उसके बगल में बैठ गई और वह लोग चल दिए, उनके जाते ही सुधा दौड़ कर सोनू भाभी के रूम में आई और लेटी हुई सोनू के उपर धम्म से कूद गई और सोनू ने खिलखिलाते हुए सुधा को अपनी बाँहो में भर लिया और उसके मोटे मोटे दूध को कस कस कर दबाने लगी और उसके रसीले होंठो को अपने मुँह में भर लिया सुधा ने भी कोई कसर नही छोड़ी और सीधे सोनू की चूत में हाथ भर कर उसकी फूली चूत को अपनी मुट्ठी में भर लिया, और दोनो खिलखिला कर हँसते हुए एक दूसरे से गुत्थम गुत्था हो गई, तब सोनू ने कहा अब छोड़ भी चल देखते है पापा के लंड का क्या हाल है और सुधा शरमाते हुए कहने लगी पहले आप जाओ में बाद में आउन्गि और सोनू उठ कर पापा के रूम में पहुच गई..

सोनू : पापा आप अभी तक बेड पर ही पड़े है कुछ छाई वग़ैरह पिलाऊ क्या, मनोहर ने सोनू का हाथ पकड़ कर अपनी गोद में बैठा लिया और कहने लगा आज में चाइ नही खूब कस कस कर दूध पीना चाहता हूँ, सोनू लूँगी में खड़े पापा के लंड को अपने हाथ में भर कर दबोचते हुए कहने लगी

हाय पापा कितना मोटा लंड है आपका लगता है यह आज अपनी बहू के दोनो छेद फाड़ कर रख देगा, तब मनोहर ने कहा वो तो ठीक है लेकिन सुधा कहाँ है क्या तुम अकेली ही पापा का प्यार लोगि, तब सोनू ने कहा आपकी बेटी है है आप ही उसे लेकर आइए वह तो शरमा रही है, मनोहर अच्छा तुम यह साड़ी तो उतारो में उसे लेकर आता हूँ और फिर मनोहर बाहर निकल गया और सुधा के रूम में गया सुधा विंडो के पास खड़ी थी उसने शॉर्ट स्कर्ट पहना हुआ था जिसमे उसकी गुदाज मोटी जांघे बिल्कुल चिकनी और गोरी नज़र आ रही थी और उसकी भारी गान्ड का साइज़ देखते ही मनोहर का लंड झटके लेने लगा और मनोहर पीछे से जाकर सुधा की गान्ड से चिपक गया पापा के मोटे लंड की चुभन से सुधा सिहर गई और पलट कर पापा के सीने से लग गई____

Page 7 Episode 6

मनोहर ने उसके गालो को चूमते हुए कहा क्या बात है हमारी बेटी हमसे नाराज़ है क्या तब सुधा ने कहा पापा आपका बहुत मोटा है उस दिन का दर्द ही बाकी है अभी तक,

तब मनोहर ने कहा अच्छा अपने हाथ में पकड़ कर देखो क्या खूब मोटा है,

तब सुधा ने अपने हाथ में पूरा लंड पकड़ कर देखते हुए कहा बाप रे यह तो उस दिन से भी ज़्यादा मोटा है,

मनोहर ने कहा जानती हो यह इतना मोटा क्यो हो गया है

तब सुधा ने पूछा क्यो तब मनोहर ने उसके मोटे मोटे चुतड़ों को अपने हाथो में भर कर कहा तुम्हारे इतने मोटे मोटे चुतड़ों को देख देख कर यह इतना मोटा हुआ है तुम्हारे चूतड़ तो इस समय इतना गद्रा रहे है की तुम्हारी मम्मी की मोटी गान्ड भी इनके आयेज कम नज़र आती है, तब सुधा ने पापा के लंड को सहलाते हुए कहा पहले तो यह छ्होटे थे जब से आपने पीछे से अपने इस डंडे को डाला है तब से ही यह इतने मोटे हो गये है, तब मनोहर ने कहा अच्छा सच सच बताओ जब यह मोटा डंडा तुम्हारी गान्ड में घुसा था तब तुम्हे मज़ा आया था कि नही तब सुधा ने मुस्कुराते हुए कहा यह मोटा ज़रूर है लेकिन अंदर जाकर बहुत मज़ा देता है,

तब मनोहर ने कहा तुम्हारी चुचियाँ भी बहुत भर गई है लगता है इनमे बहुत दूध भरा हुआ है और मनोहर ने सुधा के बोबो को कस कस कर दबाना शुरू कर दिया तब सुधा ने कहा आह सीई पापा ऐसे मत दबाइए जब आपका डंडा अंदर घुसता है तब इन्हे कस कस कर दबवाने का मन होता है,

मनोहर; तो फिर आज हम तुम्हारे इन मोटे मोटे खरबूजो का रस अपने मोटे गन्ने को तुम्हारी गान्ड में डाल डाल कर चुसेगे और मनोहर ने सुधा को गोद में उठा लिया और अपने रूम की ओर बढ़ गया जैसे ही मनोहर रूम के अंदर हुआ सामने सोनू केवल ब्रा और पैंटी में ड्रेसिंग टेबल के साने खड़ी थी उसकी गुलाबी पैंटी उसकी गान्ड में फसि हुई थी और उसकी गान्ड बहुत मस्त नज़र आ रही थी.

मनोहर के अंदर पहुचते ही सोनू पलटी और कहने लगी लगता है सुधा बहुत नाराज़ है आपसे आ नही रही थी क्या तब मनोहर ने कहा

सोनू ज़रा सरसो का तेल ले आओ सुधा के पूरे बदन में दर्द है इसकी मालिश करना पड़ेगी, मनोहर की बात सुन कर सुधा और सोनू एक दूसरे को देख कर मुस्कुरा दी तब सोनू तेल की बोतल ले कर आई और कहने लगी पापा दर्द तो मेरे बदन में भी है तब मनोहर ने कहा ठीक है तुम दोनो की अच्छे से मालिश कर देता हू चलो सारे कपड़े उतार कर बेड पर पेट के बाल लेट जाओ और मनोहर ने अपनी लूँगी खोल दी और लूँगी खोलते ही उसका लोहे जैसा काला और मोटा लंड बाहर आ गया और उसके फूले सुपाडे और उभरी नसों को देख कर दोनो रंडिया अपने अपने मुँह का थूक गटकने लगी तभी सोनू ने अपनी ब्रा और पैंटी उतार दी और सुधा के पास जाकर उसकी टीशर्ट को उपर से निकाल दिया

जिससे सुधा के मोटे मोटे आम पूरे नंगे हो गये और फिर सोनू ने उसकी स्कर्ट नीचे खींच दी और अब दोनो रंडिया पूरी मदरजात नंगी हो गई और सोनू और सुधा एक दूसरे से चिपक गई तब मनोहर नंगा ही उनके पास गया और दोनो रंडिया पापा के नंगे बदन से चिपक गई अब मनोहर दोनो की मोटी गान्ड की गहराई में एक एक हाथ लेजा कर उनकी गान्ड की गुदा को सहलाने लगा और सोनू ने पापा के आंड को सहलाना शुरू कर दिया और सुधा पापा के लंड को सहलाने लगी, मनोहर तो पागल हुआ जा रहा था दो दो जवान मस्तानी रंडिया उसके बदन से पूरी नंगी होकर चिपकी हुई थी और वह कभी उनके मोटे मोटे बड़े बड़े दूध को मसल रहा था और कभी उनकी मोटी गदराई गान्ड को दबोच रहा था,

सुधा : आह ससीई पापा आराम से दबाइए ना

मनोहर : बेटी तू तो बिल्कुल ऐसे सिसिया रही है जैसे पहले कभी जवानी में तेरी माँ सीसियाती थी

सोनू : तो क्या पापा अब मम्मी जी नही सिसियाती है, आपको तो खूब मज़ा आता होगा उनके साथ

मनोहर : हाँ लेकिन तुम जैसे कसी हुई लोंदियो को चोदने का अलग ही मज़ा है, तुम्हारी गान्ड और चूत में लंड बहुत कसा हुआ घुसता है

सुधा : पापा आपका मोटा भी तो इतना है यह कहते हुए सुधा ने उनके लंड को कस कर मुट्ठी में भर लिया, तभी मनोहर ने सुधा को अपनी गोद में उठा कर उसके रसीले होंठो को चूस्ते हुए उसकी चूत में एक उंगली पेल दी और सुधा कस कर मनोहर से चिपक गई, अब मनोहर ने अपने लंड के उपर सुधा को चढ़ा लिया और सुधा किसी बंदरिया की तरह अपने पापा की कमर के इर्द गिर्द पैर लपेट कर चढ़ कर____

Page 7 Episode 7

तब मनोहर ने सुधा की चूत में लंड पेलने की कोशिश की लेकिन लंड अंदर जाने की बजाय सुधा की चूत के दाने से रगड़ खा गया और सुधा आह पापा कह कर उससे चिपक गई तब सोनू ने कहा रुकिये पापा जी और सोनू नीचे बैठ गई और मनोहर के लंड को मुँह में लेकर पूरा गीला कर दिया उसके बाद अपने हाथो से सुधा की गान्ड की गुदा को सहलाते हुए पापा के लंड को सुधा की चूत में लगा दिया और मनोहर ने खड़े खड़े ही कमर उचकाई और उसके लंड का सुपाडा खच्छ से सुधा की चूत में घुस गया, अब सोनू सुधा की गान्ड को सहलाते हुए मनोहर के आंडो को चाटने लगी और मनोहर खड़े खड़े अपनी बेटी को अपने लंड पर बैठाए धक्के उसकी फूली चूत में मारने लगा

कुछ देर की चुदाई में ही सुधा की चूत की सफेद मलाई मनोहर के लंड पर लग चुकी थी तभी मनोहर ने सुधा को घोड़ी बना कर बेड पर झुका दिया और सोनू को भी घोड़ी बनने का इशारा किया अब सोनू भी अपनी गान्ड उठा कर घोड़ी बन गई तब मनोहर ने दोनो के गोरे गोरे भारी चुतड़ों पर एक दो थप्पड़ मारे फिर दोनो की गान्ड को फैला फैला कर उनकी गुदा का छेद देखने लगा उसके बाद मनोहर एक की गुदा और चूत सहलाता और दूसरी की गुदा और चूत को चाटने लगता,

बारी बारी से वह सुधा और सोनू की गान्ड और चूत चाट चाट कर मस्त हो गया और दोनो रंडियो की चूत भी पानी पानी हो गई, अब मनोहर बेड पर लेट गया और सुधा अपनी मोटी गान्ड मनोहर के मुँह पर रख कर बैठ गई और सोनू मनोहर के लंड पर सुधा की ओर मुँह करके बैठ गई और मनोहर के खड़े लंड पर कूदने लगी सोनू मस्ती में पागल होने लगी और सुधा के मोटे मोटे बोबो को दबाने लगी और जब मनोहर की खुरदूरी जीभ सुधा की चूत और गान्ड के छेद में लगी तो सुधा भी अपनी भाभी के मोटे मोटे बोबो को कस कस कर मसल्ने लगी, कुछ देर बाद दोनो रंडिया एक दूसरे की जगह पर आ गई मतलब मनोहर सोनू की चूत और गान्ड के छेद को चाटने लगा और सुधा अपने पापा के मोटे लंड पर चढ़ कर बैठ गई और कूदने लगी, कुछ देर इस तरह से चोदने के बाद सुधा और सोनू ने एक साथ मनोहर के लंड को अपनी जीभ से चाटना शुरू कर दिया ऐसा लग रहा था जैसे दोनो के बीच लंड चूसो प्रतियोगिता चल रही हो,

अबमानोहर पहले सोनू के उपर आया और उसकी चूत में आनन फानन में खूब लंड पेला उसके बाद सुधा भी अपनी जांघे उठा कर लेट गई और मनोहर ने सुधा की चूत को भी खूब रगड़ रगड़ कर छोड़ा, कुछ देर बाद मनोहर ने पूछा तुम दोनो की चूत ने कितनी बार पानी छोड़ा है तब दोनो ने कहा पापा दो दो बार हम दोनो झड चुकी है तब मनोहर ने कहा अब मेरा भी निकला आ रहा है तब सोनू ने कहा पापा हम दोनो के मुँह में निकालिए ना और फिर सोनू और सुधा एक साथ मनोहर का लंड चूसने लगी और मनोहर ने जैसे ही वीर्य छोड़ा दोनो उसके रस को चाटने लगी और चाट चाट कर बिल्कुल पागल हुई जा रही थी, कुछ देर बाद तीनो बेड पर बैठ गये और मनोहर उनके दूध को पकड़ पकड़ कर मसल रहा था और सोनू और सुधा पापा के आंडो और लंड को सहला रही थी, लेकिन मनोहर का लंड वीर्य छोड़ने की वजह से मुरझा गया था

सोनू : हँसते हुए पापा आपका लंड तो लगता है थक गया है तब मनोहर ने कहा नही बेटी यह तो आराम कर रहा है अब ज़रा इस पर तेल मालिश कर दो तो फिर जाग जाएगा तब सोनू ने तेल की बोतल सुधा को दी और दोनो ने अपने अपने हाथ में तेल डाल कर मनोहर के लंड पर लगाना शुरू किया और कुछ ही देर में उसका काला लंड फिर से तेल में खड़ा होकर चमकने लगा, दोनो रंडिया जांघे फैलाए बैठी थी और उनकी चूत की फांको को मनोहर दोनो हाथो से सहला रहा था,

जब मनोहर का लंड पूरा तेल में भीग गया तब मनोहर ने दोनो रंडियो को कुतिया बना दिया और फिर तेल की बोतल से तेल ले ले कर दोनो की गान्ड के छेद में गहराई तक भरने लगा उसने दोनो की गान्ड के छेद को तेल लगा लगा कर खूब मुलायम बना दिया और फिर पहले मनोहर ने सोनू से कहा ले सोनू ज़रा अपनी ननद की गान्ड में उसके पापा का लंड अपने हाथो से पेल तब सोनू ने मनोहर के लंड को पकड़ सुधा की गान्ड से रगड़ते हुए कहा लो ननद रानी अपने पापा का लंड अपनी गान्ड में घुसाने के लिए तैयार हो जाओ और फिर सोनू ने उसकी गान्ड में मनोहर के लंड को लगा दिया और मनोहर ने धीरे से उसकी गान्ड में लंड दबाया और सट से सुधा की गान्ड में आधा लंड अंदर घुस गया और सुधा का बदन ऐंठने लगा तभी सोनू ने उसके आगे जाकर उसके दूध को मसल्ते हुए सुधा के रसीले होंठो को अपने मुँह में भर कर चूसना शुरू किया तभी मनोहर ने कस कर लंड का धक्का अंदर मारा और सुधा की गान्ड फट गई और वह चिल्लाना चाहती थी लेकिन उसकी आवाज़ गुन गन के साथ अंदर ही दब गई,

अब मनोहर उसके गोरे गोरे चुतड़ों को फैला फैला कर सटा सट लंड अपनी बेटी की गान्ड में पेलने लगा और एक बार वीर्य निकल जाने से मनोहर का लंड कुछ ज़्यादा ही मोटा और सख़्त नज़र आ रहा था सुधा को बड़ा दर्द लग रहा था लेकिन जब मनोहर ने 30-40 धक्के सुधा की गान्ड में मारे और उसके चुतड़ों पर थप्पड़ मारे तब सुधा आह आह करते हुए मज़े से दोहरी होने लगी और कहने लगी ओह पापा और कस के मारिए फाड़ दीजिए अपनी कुँवारी बेटी की मोटी गान्ड आह आह आह सी सिई ओह मम्मी चोदिये ऑर चोदिये पापा आह आह सिई सूई, ओह माँ,

मनोहर सुधा की गान्ड मार मार कर लाल कर चुका था और सुधा की चूत से पानी छूटने लगा तब सोनू ने सुधा की चूत को सहलाते हुए उसका सारा रस निकाल दिया अब मनोहर ने सोनू की ओर देखा तब सोनू ने कहा पापा आप लेट जाइए में अपनी गान्ड खुद मरवाउन्गी और मनोहर लेट गया और उसका लोहे की तरह खड़ा क़ाला लंड सोनू ने अपने हाथो से पकड़ कर अपनी गान्ड के छेद में लगा कर हल्के से दबाया और मनोहर का सुपाडा उसकी बहू की गान्ड को फैलाता हुआ अंदर घुस गया सोनू ने आँखे बंद करते हुए आह पापा बहुत मोटा है और लंड को एक बार फिर से बाहर निकाला और फिर से अपनी गान्ड के छेद में लगा कर इस बार थोड़ा ज़ोर लगा कर बैठी और मनोहर का लंड सोनू की गान्ड के छल्ले को फैलाता हुआ आधा अंदर हो गया तभी मनोहर ने कमर उपर उचका दी और उसका लंड सटाक के साथ सोनू की गान्ड के जड़ तक घुस गया और सोनू उई माँ मर गई कह कर चिल्लाई तब पास में पड़ी हुई सुधा जो की गहरी साँसे ले रही थी उस नज़ारे को देख कर खुश हो गई और उठ कर सोनू की चूत को और दूसरे हाथ से बोबो को सहलाती हुई कहने लगी बस बस भाभी अब देखना कितना मज़ा आएगा आप खुद लंड पर अपनी गान्ड मार मार कर कुदोगि और सोनू ने हल्के से मुस्कुराते हुए मनोहर की आँखो में देखा और बनावटी गुस्सा करते हुए कहा पापा आप बड़े खराब है अपनी बहू की गान्ड पूरी फाड़ दी देखिए कैसे घुसा है आपका लंड मेरी गान्ड में और सोनू अब धीरे धीरे उपर नीचे होने लगी और मनोहर भी अब धीरे धीरे उसकी गान्ड में लंड पेलने लगा. कुछ ही देर में सोनू आह आह करती हुई कहने लगी हाय पापा चोदिये खूब कस कर लंड मारिए अपनी बहू की गान्ड में आह आह सीयी सीयी ओह पापा क्या लंड है आपका आइ लव यू पापा और चोदिये खूब कस कस कर चोदिये पापा फाड़ दीजिए____

Page 7 Episode 8

मेरी गान्ड आह आह सिई सिई उई माँ कितना मस्त लंड है पापा आपका और कस कस कर चोदिये पापा, सोनू लगातार चिल्ला रही थी और सुधा उसकी बर अपने हाथो से सहला रही थी और फिर मनोहर ने एक कस कर धक्का मारा और सोनू की चूत से पानी की फुहार बह निकली और मनोहर के लंड से मलाई सोनू की पूरी गान्ड में भर गई और सोनू धम्म से मनोहर के उपर गिर गई और सुधा सोनू और मनोहर से चिपक कर गहरी गहरी साँसे लेने लगी और फिर कुछ समय बाद उनकी साँसे नॉर्मल हुई.

लेकिन दूसरी ओर कार चली जा रही थी और रोहित अपनी मम्मी नीलम से पूछता है मम्मी एक बात कहूँ तब नीलम ने कहा क्या तब रोहित ने कहा आप इस रेड साड़ी में बहुत खूबसूरत सुर सेक्सी लग रही हो ऐसा लग रहा है जैसे आप कोई नई नवेली दुल्हन हो

नीलम : मुस्कुराते हुए अच्छा बड़ी तारीफ कर रहा है कहीं तू मुझ पर डोरे तो नही डाल रहा है,

रोहित :मम्मी में तो कब से आप पर डोरे डाल रहा हूँ लेकिन आप है की फँसती ही नही

नीलम : मुस्कुराते हुए कहने लगी बेटे फँसती तो सभी है बस फसाना आना चाहिए

रोहित : मम्मी आप मुझसे फस जाओ ना

नीलम : मुस्कुराते हुए कहने लगी मुझे फसा कर क्या करेगा

रोहित : वही जो एक मस्त औरत के साथ किया जाता है

नीलम : क्या मतलब है तेरा नीलम ने आँखे दिखाते हुए कहा लेकिन अपनी मंद मंद मुस्कान को नही रोक सकी

रोहित : मम्मी आप जान बुझ कर भोली मत बनिये में सब जानता हूँ आपका भी खूब मन करता है बस आप नखरे दिखाती है नीलम : क्या मन करता है मेरा

रोहित : यही कि में आपको चोदु

नीलम : आँखे दिखाती हुई कहने लगी तुझे शर्म नही आती अपनी मम्मी से ऐसी बाते करते हुए

रोहित : मम्मी प्लीज़ मान जाओ ना

नीलम : मुस्कुराते हुए कहने लगी नही मुझे यह सब अच्छा नही लगता और वैसे भी तू मेरा बेटा है में तुझसे कैसे चुद सकती हूँ, नीलम ने साफ लफ़जो में चोदने की बात जान बुझ कर की

रोहित : तो मम्मी में क्या करू मेरा लंड आपको देख देख कर खूब तबीयत से खड़ा होता है

नीलम ; मुस्कुराते हुए कहने लगी तो संभाल कर रख अपने लंड को, किसी का लंड अपनी मम्मी को देख कर भी खड़ा होता है क्या

रोहित : क्यो नही खड़ा होता है जिसकी मम्मी के चूतड़ आपके जैसे भारी और मोटे मोटे होंगे उसका लंड अपनी मम्मी की मोटी गान्ड देख कर ज़रूर खड़ा होता होगा

नीलम : बेशरम में सब जानती हूँ तू उस शेखर की संगति में रह रह कर बिगड़ गया है, अब फालतू की बाते बंद कर और कार चलाने में ध्यान दे

रोहित : अच्छा मम्मी एक बात बताओ आपने पैंटी पहनी है

नीलम : मुस्कुराते हुए कहने लगी तुझे क्या करना है

रोहित : प्लीज़ मम्मी बताओ ना

नीलम : हाँ पहनी है

रोहित : फिर एक बार आज दिन के उजाले में मुझे अपनी साड़ी उठा कर दिखा दो

नीलम : पागल हो गया है क्या यहाँ बीच रोड में में तुझे साड़ी उठा कर दिखाऊ

रोहित : मम्मी में गाड़ी किसी सुनसान जगह की ओर ले लेता हूँ, नीलम कुछ कहती इससे पहले ही रोहित ने गाड़ी को एक कच्चे रास्ते की ओर घुमा दिया और नीलम कहने लगी रोहित तू पागल हो गया है लेकिन रोहित कहाँ मानने वाला था आगे जाकर एक आम का बगीचा आ गया जहाँ दूर दूर तक कोई नज़र नही आ रहा था और रोहित ने गाड़ी रोक दी और नीचे उतर आया,

रोहित दूसरी साइड का गेट खोलते हुए कहने लगा आओ ना मम्मी

नीलम : रोहित तू पागल तो नही है यहाँ वीराने में कहाँ ले आया

रोहित : मुस्कुराते हुए कहने लगा मम्मी ऐसी जगह ही तो तुम साड़ी उठा सकती हो जहाँ तुम्हे मेरे अलावा और कोई ना देख सके

नीलम : मंद मंद मुस्कुराते हुए आँखे दिखाती हुई कहने लगी रोहित तू बहुत बदमाश हो गया है तुझे मेरी पैंटी ही देखना है ना ये ले देख और नीलम ने दोनो हाथो से अपनी साड़ी उठा कर कमर तक कर ली, रोहित के सामने उसकी मम्मी की गदराई मोटी मोटी गोरी जांघे पूरे दिन के उजाले में नज़र आ गई और वह अपनी मम्मी की मोटी और गोरी जाँघो को देख कर दंग रह गया उसने इतनी गुदाज और गदराई चिकनी जांघे आज तक नही देखी थी, उसके उपर रेड कलर की नेट वाली झीनी सी पैंटी जो सिर्फ़ पान के आकर की चूत को ही कवर किए हुए थी और चूत का उभार बहुत फूला नज़र आ रहा था, तभी नीलम ने साड़ी नीचे कर दी और कहने लगी ले देख चुका अब चल यहाँ से

रोहित : बिगड़ते हुए क्या मम्मी इतनी जल्दी साड़ी नीचे कर दी आप ने में तो अच्छे से देख ही नही पाया प्लीज़ उपर उठाओ ना

नीलम ; बस रोहित बहुत हो गया कोई इधर उधर से आ ना जाए

रोहित : मम्मी कोई नही आएगा प्लीज़ मम्मी दिखाओ ना

नीलम : मुस्कुराते हुए कहने लगी अच्छा ठीक है और नीलम ने एक बार फिर से अपनी साड़ी उपर उठाई और रोहित का हाथ इस बार अपने पॅंट के उपर से लंड पर चला गया और वह लंड को दबाते हुए अपनी मम्मी की गदराई जाँघो और फूली चूत के उभार को देखने लगा, कुछ देर बाद ही नीलम ने फिर से साड़ी नीचे कर दी और कहा अब चले तब रोहित ने कहा मम्मी आपने पीछे से तो दिखाया ही नही, सबसे ज़्यादा अच्छे तो मुझे आपके भारी भरकम चूतड़ लगते है, प्लीज़ एक बार पीछे से भी दिखा दीजिए ना

नीलम : मुस्कुराते हुए, तू बहुत बदमाश है तुझे यह सब चीज़े नही देखना चाहिए इन्हे देखने का हक़ सिर्फ़ तेरे पापा को है

रोहित : नही मम्मी सबसे पहला हक़ तो मेरा ही है चलिए अब जल्दी से पीछे घूम जाइए और मुझे देखने दीजिए

नीलम : मुस्कुराते हुए कहने लगी क्या देखना चाहता है तू

रोहित : आपकी मोटी गुदाज गान्ड____

Page 7 Episode 9

नीलम : मुस्कुराते हुए कहने लगी तू देखे बिना नही मानेगा ले देख और नीलम पीछे घूम गई और अपनी साड़ी को जैसे ही अपने चुतड़ों के उपर किया रोहित अपने लंड को मसल्ते हुए उसके भारी बड़े बड़े गोरे गोरे चुतड़ों को देख कर पागल हो गया, नीलम की पैंटी की डोर उसकी गान्ड के छेद में फसि हुई थी और उसकी मोटी और चौड़ी गान्ड पूरी नंगी नज़र आ रही थी, नीलम अपने चुतड़ों पर साड़ी वापस डालती इससे पहले ही रोहित ने अपनी मम्मी के चुतड़ों को दोनो हाथो में भर कर दबोच लिया और कहने लगा हाई मम्मी कितनी कातिलाना है आपकी गान्ड मैने इतनी मोटी और गुदाज गान्ड आज तक नही देखी, तभी नीलम ने साड़ी नीचे कर ली और रोहित की पीठ में थपकी मारते हुए कहने लगी, बदमाश कही के अपनी बीबी सोनू के चुतड़ों को नही देखा क्या जो ऐसी बात कर रहा है, उसे तो तू रोज ही नंगी करता होगा

रोहित : मम्मी सोनू के चुतड़ों से अपने भारी चुतड़ों की तुलना ना करो आपके चुतड़ों को देख कर तो में पागल हो जाता हूँ,

नीलम : मुस्कुराते हुए कहने लगी वह तो में देख ही रही हूँ कि कैसे पगलाया हुआ है तू अब चल यहाँ से बहुत देर हो रही है लड़के वालो के यहाँ भी पहुचना है

रोहित : मम्मी पीछे से एक बार और दिखा दो ना

नीलम : रोहित को थपकी मारते हुए कहने लगी नही बेटा देर हो रही है हमे वहाँ टाइम से पहुचना चाहिए वो लोग वेट कर रहे है

रोहित ; पर मम्मी मेरा मन नही भरा

नीलम: बेटे अभी यहाँ से चलो में तुझे फिर किसी दिन दिखा दूँगी

रोहित : कब दिखाओगी

नीलम : तू जब कहेगा तब

रोहित : हाथ लगा कर अच्छे से देखने दोगि

नीलम : हाँ बाबा अच्छे से हाथ लगा कर दबा दबा कर देख लेना बस अब चल यहाँ से

नीलम की बात सुन कर रोहित ड्राइविंग सीट पर बैठ गया और नीलम भी उसके बगल में बैठ गई और रोहित ने कार वापस हाइवे पर ले ली और कुछ समय बाद वह लोग लड़के वालो के यहाँ पहुच गये और वहाँ उनका अच्छा स्वागत हुआ उसके बाद उन्होने लड़के को देखा और उसे देखते ही दोनो ने पसंद कर दिया, नीलम ने उनसे कहा में अपने हज़्बेंड से बात करके जल्दी ही शादी की डेट फिक्स करवा देती हूँ, उसके बाद वह लोग वहाँ से निकल लिए और उनकी कार वापस हाइवे पर आ गई, आते हुए नीलम ने अपनी साड़ी बदल ली थी और वह पिंक कलर की चिकनी सी साड़ी पहने थी जिसमे उसका फिगर बहुत मादक नज़र आ रहा था

नीलम : मुस्कुराते हुए रोहित बार बार मुझे क्यो देख रहा है रोड पर ध्यान दे

रोहित : मम्मी इस साड़ी में आपको देख कर मेरे दिल में एक बात आ रही है पर में आपसे कह नही सकता

नीलम : बता ना क्या बात कहना चाहता है तू

रोहित : यही कि आप इसमे बहुत मस्त माल लग रही है

नीलम : में पहले ही जानती थी तू यही कहेगा, आजकल तू मुझे अपनी माँ की नज़र से थोड़े ही देखता है

रोहित : तो फिर किसकी नज़र से देखता हूँ

नीलम : चुप रह तू जानता है

रोहित : बताओ ना मम्मी

नीलम : तू मुझे ऐसे ट्रीट करता है जैसे में तेरी मम्मी नही बीबी हूँ

रोहित ; मुस्कुराते हुए कहने लगा मम्मी वही प्लेस आने वाला है जहाँ आपने अपनी साड़ी उठा कर मुझे अपनी पैंटी दिखाई थी

नीलम : मुस्कुराते हुए तो आने दे ना

रोहित : मम्मी अब तो हमे घर जाने की कोई जल्दी नही है ना

नीलम : तो

रोहित : तो हम वहाँ चल कर कुछ देर आम के बगीचे में बैठते है ना

नीलम : नही नही रहने दे सीधे घर चल, लेकिन रोहित नही माना और उसने गाड़ी वही घुमा दी और आम के बगीचे में पहुच गये

नीलम : मुस्कुराते हुए कहने लगी तू मुझे भले ही यहाँ ले आया है पर अब में अपनी साड़ी नही उठाने वाली हूँ

रोहित : इस बार में साड़ी थोड़े ही उठाना चाहता हूँ

नीलम : तो फिर क्या करना चाहता है

रोहित : मम्मी देखिए यह वीरान जगह यहाँ दूर दूर तक परिंदा भी नज़र नही आ रहा है अगर आप यहाँ पूरी नंगी हो जाओ तो कौन देखने वाला है

नीलम : आँखे दिखाते हुए कहने लगी रोहित तू पागल तो नही हो गया

रोहित : मम्मी आपकी गदराई जवानी ने मुझे पागल कर दिया है देखिए मेरे लंड का क्या हाल है और रोहित ने अपनी ज़िप खोल कर अपने लंड को बाहर निकाल लिया जिसे देख नीलम की आँखे खुली की खुली रह गई और वह मुँह पर हाथ रख कर कहने लगी बाप रे रोहित तेरा लंड कितना मोटा और लंबा है

रोहित : अपने लंड को सहलाते हुए कहने लगा आपकी गान्ड भी तो कितनी मोटी और उठी हुई है पापा तो आपकी गान्ड मार मार कर मस्त हो जाते होंगे

नीलम : मंद मंद मुस्कुराते हुए रोहित के लंड को देख कर कहती है चुप कर बेशरम कोई अपनी मम्मी से ऐसी बात करता है क्या

रोहित : मम्मी एक बार मेरे लंड को हाथ में लेकर देखिए ना, नीलम कुछ कहती उससे पहले ही रोहित ने उसका हाथ पकड़ कर अपने लंड पर रख लिया और नीलम को अपनी बाँहो में भर कर उसकी गदराई गान्ड को दबोच लिया और नीलम के हाथ का दबाव रोहित के लंड पर पड़ा और वह रोहित से चिपकते हुए कराह कर कहने लगी रोहित बेटे छोड़ दे मुझे ऐसा नही करते है, रोहित उसके गालो को और होंठो को खूब कस कस कर चूमने लगा और नीलम की मुट्ठी उसके लंड पर और भी कस गई, वह रोहित से चिपकी हुई थी और बनावटी विरोध करते हुए कह रही थी बेटे यह ग़लत है छोड़ दे मुझे

रोहित कहने लगा मम्मी आज इस जंगल में में आपको खूब कस कर चोदना चाहता हूँ, इतना कह कर रोहित ने अपनी मम्मी के पेट के यहाँ से साड़ी के अंदर हाथ डाल कर उसकी फूली चूत को अपनी मुट्ठी में भर लिया और कहने लगा बाप रे मम्मी आपकी चूत कितनी फूली है इतनी फूली चूत मैने आज तक नही दबोची तब नीलम हँसते हुएकहने लगी इतना मोटा लंड भी मैने आज तक नही लिया,

तब रोहित कहने लगा सच सच बताओ मम्मी इतने मोटे लंड से चुदने के लिए तुम्हारी चूत तड़प रही है ना, तब नीलम ने कहा रोहित बेटे यहाँ कुछ मत कर कोई हमे देख लेगा, तब रोहित ने कहा अच्छा आप पूरी नंगी होकर यहाँ से अपने भारी भरकम चुतड़ों को मटकाते हुए कार के अंदर चलो में आपको कार के अंदर चोद लूँगा, तब नीलम ने मुस्कुराते हुए कहा तू बहुत बेशरम है तुझे अपनी मम्मी को चोदने में शर्म नही आएगी, तब रोहित ने कहा में तो आपको कब से चोदना चाहता हूँ लेकिन आप है कि नखरे दिखाती है, जबकि आपकी गदराई गान्ड और कातिल जवानी देख देख कर में पागल हुआ जा रहा हूँ, तब नीलम ने मुस्कुराते हुए कहा ठीक है में तुझे और नही तडपाउंगी चल अपने हाथो से ही अपनी मम्मी को पूरी नंगी कर दे, नीलम का इतना कहना था कि रोहित ने फटाफट नीलम के ब्लौज को खोल दिया और उसकी साड़ी और पेटिकोट को भी उतार दिया और अंत में छोटी सी पैंटी को उसने एक झटके में ही खोल दिया और जब उसने अपनी मम्मी को पूरी नंगी देखा तो उसका लंड झटके देने लगा

और उसने अपनी मम्मी को अपनी बाँहो में भर लिया वह पागलो की तरह नीलम के बदन के हर हिस्से को सहला और दबोचने लगा और नीलम आह आह सीईसीई सिई ओह बेटे कह कर सिसियाने लगी फिर नीलम ने कहा चल अब कार के अंदर चलते है तब रोहित ने कहा आप जाओ में तो यही खड़े खड़े आपकी मोटी गान्ड को मटकते हुए देखना चाहता हूँ उसके बाद नीलम अपने भारी चुतड़ों को मटकाते हुए चलने लगी और रोहित अपने लंड को मसल्ते हुए अपनी मम्मी के गदराए मटकते चुतड़ों की थिरकन देखने लगा उसके बाद नीलम ने पलट कर मुस्कुराते हुए रोहित को देखा और कार का गेट खोल कर अंदर चली गई तब रोहित भी पीछे पीछे गया और अंदर जाते ही उसने गेट लॉक किया और गाड़ी के शीशे उपर किए और अपनी मम्मी की मोटी जाँघो को फैला कर उसकी फूली चिकनी चूत चाटने लगा और नीलम उसके लंड को मसल्ने लगी____

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pxpxदोनो चौराहे पर खड़ी हो गई जो भी गुज़रता बस उन दोनो के दूध और चुतड़ों को देखता ही रह जाता था तभी सिटी बस आकर उनके पास रुकी उस स्टॉप पर कम से कम 20 लोग खड़े थे और उपर से बस भी ठसा ठस भरी हुई थी, भीड़ मे नीलम अलग हो गई और सोनू अलग हो गई सोनू जब चढ़ने लगी तो उसके पीछे एक बुढ्ढा भी सोनू के मोटे मोटे चुतड़ों को अपने लंड से दबाते हुए चढ़ने लगा,____

Page 1 Episode 10

कुछ ही देर में नीलम की चूत पानी पानी हो गई पर रोहित कभी उसकी गान्ड के छेद को चाटता और कभी उसकी मस्त भोस का रस पीने लगता जब नीलम से रहा नही गया तो उसने कहा बेटे अब अपना मोटा लंड डाल भी दे अब क्यो तडपा रहा है तब रोहित ने उसकी मोटी जाँघो को अपने हाथ में थाम लिया और अपने लंड को उसकी चूत की फूली फांको के बीच रख कर एक करारा धक्का मारा और उसका लंड एक ही धक्के में आधा अंदर घुस गया और रोहित ने मम्मी के मोटे मोटे बोबो को दोनो हाथो में भर कर एक और कस कर धक्का मारा और उसका लंड पूरा का पूरा उसकी मम्मी की गदराई चूत में उतर गया और नीलम ने उसको अपनी बाँहो में जाकड़ लिया और उसे चूमने लगी अब रोहित सतसट लंड अपनी मम्मी की फूली चूत में पेलने लगा और नीलम आह आह सीईस सीईस इसीसी करी हुई नीचे से अपनी मोटी गान्ड उठा उठा कर चुदने लगी, कुछ देर इसी तरह चोदने के बाद रोहित ने मम्मी को घोड़ी बना कर पीछे से उसकी फूली फांको के बीच लंड रख कर धक्का मार दिया और फिर अपनी मम्मी के गोरे गोरे मोटे चुतड़ों को सहलाते और दबाते हुए उसे पीछे से चोदने लगा, लग भग आधे घंटे तक रोहित ने खूब रगड़ रगड़ कर अपनी मम्मी को चोदा और फिर अपने वीर्य से मम्मी की पूरी चूत भर दी, नीलम उसके मोटे लंड को खा कर मस्त हो गई, कुछ देर बाद दोनो ने कपड़े पहने और रोहित ने कहा मम्मी और लंड लोगि या चले तब नीलम ने मुस्कुराते हुए कहा अब बाद में अभी यहाँ से चलो और फिर रोहित ने कार घर की ओर मोड़ दी

कुछ समय बाद वह घर पहुच गये और घर के सभी लोगो को लड़के का पिक्स दिखाया और फिर मनोहर ने भी रिश्ता पक्का कर दिया और फिर सुधा की शादी बड़ी धूम धाम से हो गई और वह विदा हो गई, अब घर में रोहित उसकी बीबी सोनू और मम्मी पापा ही बचे,

सुधा की विदाई के बाद रात को सभी लोग डिनर कर रहे थे मनोहर का लंड पूरे ताव में लूँगी के अंदर खड़ा था क्योकि वह आज रात को सोनू को खूब तबीयत से चोदने के मूड में था, उधर यही हाल रोहित का था वह नीलम की गदराई जवानी को देख देख कर मन में सोच रहा था कि आज रात को कैसे भी करके मम्मी की सरसो के तेल से तबीयत से गान्ड मारी जाय बस इसी सोच में उसका लंड भी भनभनाया हुआ था, सोनू भी नज़र बचा कर मनोहर को देख रही थी और उसकी हवस भरी नज़रो को पहचान चुकी थी और नीलम को तब झटका लगा जब उसके करीब ही बैठे रोहित ने नीलम का हाथ पकड़ कर टेबल के नीचे से अपने खड़े लंड पर रख दिया और नीलम ने आश्चर्य से रोहित को देखा और खाना खाते हुए उसकी ओर ना चाहते हुए भी स्माइल की और उसकी मुट्ठी मजबूरन रोहित के लंड पर कस गई अब वह अपने बेटे के लंड को सहलाते हुए खाना खा रही थी और सभी के बीच एक खामोशी थी लेकिन इशारो में सभी बाते चल रही थी.......... खाना खाने के बाद मनोहर सोनू से कहता है

मनोहर- बहू मैं तबीयत से आज रात तुम्हे चोदना चाहता हूँ और तुम्हारी यह मटकती गान्ड मारना चाहता हूँ

सोनू - पापा में भी यही चाहती हूँ मेरे पास एक आइडिया है जिससे आप मुझे आज छोड़ भी सकते है अगर आपको कोई ऐतराज़ ना हो तो में आपसे कहूँ

मनोहर- हाँ बेटी कह मैं तुझे चोदने के लिए आज कुछ भी कार सकता हूँ

सोनू - आज आप मुझे और मम्मी को जम के शराब पिलाए जब में और मम्मी मदहोश हो जाए तो मुझे जम के मसल के खूब गरम कीजिए फिर पूर्री नंगी करके खूब चोदिये

मनोहर- मैं तो तैयार हूँ लेकिन रोहित और तुम्हारी मम्मी इस बात के लिए क्या तैयार होंगी

सोनू- मम्मी को रोहित संभाल लेगा वैसे भी आज मम्मी रोहित से मज़े लेकेआई है

मनोहर यह सुन के उसकी आँखें फटी की फटी रह जाती है तो सोनू उससे कहती है

सोनू - जब आप आज मेरे साथ मज़े लूट रहे थे तो मेरा पति आपकी बीबी के साथ मज़े क्यू नही ले सकता ?

मनोहर- बेटी मुझे कोई ऑब्जेक्षन नही है

सोनू - अगर हम 4रो ने आज रात एक साथ चुदाई कर ली तो आगे भी हम खुलके माज़ी लूट सकते है

मनोहर खुश होते हुए सोनू से कहता है मनोहर- वाह बहू रानी तुम बहुत सयानी हो

सोनू शर्मा जाती है

फिर वो मनोहर को नीलमको रूम मे ले जाने के लिए कहती है

और फिर सारी बात रोहित को बता देती है रोहित खुश हो जाता है फिर सोनू रोहित को मनोहर और नीलम के रूम मे जाने के लिए कहती है रोहित मान जाता है और तुरंत आपने मम्मी पापा के रूम मे चले जाता है

सोनू फिर किचन मे जाके 4 ग्लास ,वाइन की बॉटल और स्नेक्स लेके मनोहर के रूम मे जाती है

वहाँ मनोहर नीलम और रोहित आराम से बेड पे बैठ के टीवी देख रहे थे सोनू रूम मे चली जाती है सोनू के हाथ मे यह सब देख के नीलम मनोहर से पूछती है

नीलम- यह सब क्या है जी ? मनोहर- आज बेटी की शादी हुई है तो सोचा कि आज आपनी फॅमिली के साथ एंजाय करूँ नीलम सोनू और रोहित की तरह देखती है वो भी मस्ती करने के मूड मे थे तो नीलम भी मान जाती है

फिर सोनू सबके लिए ड्रिंक बनाती है और अपनी सास के लिए सबसे हार्ड पॅक बनाती है

पहले पापा और रोहित ने एक ग्लास उठा कर एक ही घुट में ख़तम कर दिया फिर पापा ने दूसरा ग्लास उठा कर मम्मी के गालो को चूमते हुए कहा ले रानी यह सोमरस पी ले फिर आज तुझे मस्ती से चोदुन्गा,

नीलम रोहित की ओर देख रही थी और रोहित ने इशारे से उन्हे पीने के लिए कहा और फिर नीलम पूरा ग्लास पी गई और नीलम के चेहरे पर एक मस्ती सी दिखाई देने लगी

मनोहर -रोहित बेटे तू ज़रा सोनू को मस्ती से पिला जैसे में तेरी मम्मी को पिला रहा हूँ तभी रोहित ने सोनू के लबो से ग्लास लगा दिया और मेरे मोटे-मोटे दूध को खूब कस-कस कर दबाते हुए उसे पिलाने लगा,

आगे की कहानी सोनू की ज़ुबानी..........................

मैने देखा मम्मी को सुरूर आने लगा था और वह अब धीरे से पापा के मोटे लंड को दबाने लगी थी,

मैने जैसे ही ग्लास ख़तम किया रोहित ने सीधे मेरे रसीले भीगे होंठो को अपने मुँह में भर कर चूस लिया और में एक दम से मस्त हो गई,

मम्मी ने जब मुझे रोहित से चिपकते देखा तो वह भी पापा के लंड को पेंट से बाहर निकाल कर सहलाने लगी,

तभी पापा और रोहित ने हम दोनो सास बहू के कपड़े उतारने शुरू किए कुछ ही देर मे हम दोनो सास बहू की साड़ी ,ब्लाउस,पेटिकोट,ब्रा और पैंटी ज़मीन पे पड़ी थी और हम दोनो सास बहू ससुर और बेटे के सामनेएक दम नंगी पड़ी हुई थी हम दोनो की बालों से सफाचत चूत से पानी चुह रहा था

फिर मनोहर आपने कपड़े उतारते हुए आपने बेटे से कहता है चल बेटा तैयार हो जा यह दोनो बिल्कुल चुदासी हो गयी है आज से हमे ही इन दोनो की जवानी को संभालना है यह सुन्न कर रोहित भी आपने कपड़े उतारने लगता है कुछ ही देर मे दोनो बाप बेटे हम दोनो सास बहू की तरह एक दम नंगे थे पापा ने मेरे पास आके मुझे खुद से चिपका लिया

और रोहित ने भी मम्मी के पास आ कर मम्मी की नंगी चिकनी कमर को थाम कर उन्हे अपनी गोद में खींच कर बैठा लिया और उनके नंगे मोटे-मोटे दूध को खूब कस कर दबा दिया

फिर पापा ने मुझे भी अपनी गोद में खींच कर बैठा लिया अब पापा अपने दोनो हाथ से मेरे दूध मसल रहे थे____

Page 8 Episode 1

उधर रोहित ने मम्मी को दबोच लिया उसका मोटा लंड पूरी तरह खड़ा हुआ था और मम्मी की गान्ड के पिछे से अपने लंड को रगड़ने लगा,

और अपनी मम्मी के होंठो को पागलो की तरह चूमने लगा

में लगातार पापा का लंड मसले जा रही थी पापा ने मुझे आपनी गोद मे बैठा कर मेरे निप्पल को चूसना शुरू कर दिया और में आह सी आह करने लगी

उधर रोहित ने भी मम्मी के दूध को खूब कस कर दबोचते हुए उसे चूसना शुरू कर दिया

फिर रोहितने मम्मी की दोनो टाँगो को उपर उठा कर मोड़ दिया और फिर मम्मी की दोनो जाँघो को खूब फैला कर उनकी फूली हुई चूत की दोनो फाँक को अपनी ओर खींचा

कुच्छ देर बाद हम सभी नशे में मस्त हो चुके थे

इधर में पापा के मोटे लंड के उपर बैठ गई मेरी चूत में पापा का पूरा लंड उतर गया और उन्होने मुझे अपने सीने से लगा लिया

मम्मी आँखे बंद करके अपनी जाँघो को फैलाए हुई थी तभी रोहित ने मम्मी की गुलाबी चूत से अपनी जीभ लगा दी और उनकी बुर चाटने लगा

मम्मी ने और भी अपनी टाँगे फैला दी,

तभी पापा ने मुझे उठाया और अपने लंड पर खड़े होकर पूरी तरह बैठा लिया मेरी चूत में उनका मोटा लंड पूरी तरह फसा हुआ था और मैं उनके सीने से अपने मोटे-मोटे दूध को दबाए हुए चिपकी हुई थी,

पापा नीचे से मेरी चूत में तबीयत से लंड पेल रहे थे और मैं हाय पापा आह आह बहुत अच्छा लग रहा है ऐसे ही मुझे अपने लंड पर चढ़ाए हुए चोदते रहिए, पापा मेरे होंठो को चूस्ते हुए लगातार मेरे बोबे मसल-मसल कर मेरी चूत को ठोंक रहे थे,

फिर वो मुझे घोड़ी बना कर खूब हुमच हुमच कर मुझे चोदने लगे अब रोहित ने अपनी एक उंगली मम्मी की गान्ड के छेद से लगा रखी थी और दूसरे हाथ से मम्मी के मोटे मोटे चुतड़ों को थपकीया रहा था, रोहित को मम्मी की मोटी गान्ड बहुत अच्छी लगी और रोहित ने मम्मी को पेट के बल बिस्तेर पर लेटा दिया और मम्मी की गान्ड को दबोचते हुए उस पर थप्पड़ मारने लगा रोहित अपने लंड को सहलाते हुए अपनी मम्मी की गान्ड में जैसे ही थप्पड़ मारता उसकी मम्मी की गान्ड लाल हो जाती और नीलम कहती आह रोहित बेटे क्या कर रहा है

रोहित- मम्मी आपके चूतड़ बहुत मस्त है लगता है इन्हे खूब छाते ही छाते मार मार कर लाल कर डू

नेलम- आह सी बेटे जब तू मेरी गान्ड में थप्पड़ मारता है तो मेरा दिल करता है कि मेरी गान्ड में तू अपना लंड फसा कर खूब चोद दे, बेटे मेरी गान्ड में थप्पड़ मारते हुए उसे चाटता भी जा, में जानती हूँ तुझे औरतो की गान्ड और चूत चाटने में बहुत मज़ा आता है,

रोहित ने मम्मी की गान्ड को फैला कर उसे चाटना शुरू कर दिया वह मम्मी की चूत को उपर से लेकर नीचे तक चाटा फिर मम्मी की गान्ड के छेद को चाट कर उसकी गुदा में उंगली भर देता था, रोहित जब पापा को देखता है कि वो मुझे खूब कस कस कर झुकाए हुए मेरी गान्ड मार रहे है तब रोहित भी मम्मी को वही घोड़ी बना कर उसकी मोटी गान्ड में अपने तेल से सने लंड को लगा कर मम्मी के मोटे-मोटे चुतड़ों को खूब फैला कर उनकी गान्ड में एक करारा धक्का मार देता है और रोहित का लंड मम्मी की मोटी गुदा को फैलाते हुए गच्च से अंदर फस जाता है

नीलम-ओह माँ मर गई कितना मोटा लंड है बेटे तेरा पूरी गुदा खोल कर फैला दिया हाय रोहित मार डाला रे, मैने जब रोहित के लंड को मम्मी की गान्ड में घुसा देखा तो रोहित की ओर इशारा किया की खूब तबीयत से अपनी मम्मी की गान्ड मारो, रंडी पर बिल्कुल रहम मत करो खूब कस कस कर उसकी गुदा को चोदो तभी उसे मज़ा आएगा

रोहित मेरा इशारा समझ गया और इस बार उसने ऐसा झटका सासू माँ की गान्ड में मार दिया कि सासू माँ की एक दम से बोलती ही बंद हो गई, रोहित का मोटा लंड पूरा उसकी मम्मी की मखमली गान्ड के छेद में समा गया और नीलम ओह ओह सी सी करते हुए अपने चुतड़ों को इधर उधर मटका कर अड्जस्ट करने लगी, मैं भी पापा के लंड को सटा सट अपनी गान्ड में ले रही थी लेकिन पापा मुझे बड़े आराम से मेरी बुर को सहलाते हुए चोद रहे थे

लेकिन रोहित मम्मी के चुतड़ों पर थप्पड़ मारते हुए उनकी गान्ड के छेद को खूब हुमच हुमच कर चोद रहा था, पापा कभी मेरे बोबे मसल देते कभी मेरी गान्ड दबा देते और कभी मेरी चूत को दुलार्ने लगते,

रोहित ने मम्मी के मुँह को पकड़ कर अपनी ओर मोड़ लिया और उनके होंठो को पीते हुए उनकी गुदा को ठोकना शुरू कर दिया, रोहित के हर धक्के के साथ सासू माँ उः उः आह आह करने लगती थी, लगभग एक आधे घंटे तक

पापा और रोहित ने मुझे और मम्मी को खूब कस कर चोदा उसके बाद पलंग पर पापा और रोहित मुझे और मम्मी को लेकर लेट गये में और मम्मी पूरी नंगी एक दूसरे से नशे में चिपकी हुई थी और एक दूसरे के रसीले होंठो को चूस्ते हुए एक दूसरे के बोबो को खूब मसल रही थी

उधर रोहित और पापा दोनो मेरी और मम्मी की गान्ड के पिछे से चिपके हुए थे पापा मेरे चुतड़ों को दबोच दबोच कर सहला रहे थे

और रोहित मम्मी की गान्ड में अभी भी लंड फसाए उन्हे गहराई तक धक्के दे रहा था

अब मैं और मम्मी एक दूसरे से पूरे चिपक गये और रोहित और पापा हम दोनो के पिछे से पूरी तरह अपना अपना लंड फसा कर चिपक गये और फिर हम दोनो को खूब कस कस कर ठोकने लगे, उन दोनो के धक्के जब हमारी गान्ड में पड़ते तो मेरे और मम्मी के बदन आपस में खूब चिपक जाते, जैसे जैसे रोहित और पापा का जोश बढ़ रहा था वैसे वैसे मेरे और मम्मी के बीच की दूरी कम हो रही थी, फिर जब पापा और रोहित को खूब मज़ा आने लगा तब दोनो हमारी गान्ड पर चढ़ चढ़ कर हमे ठोकने लगे, चुदाई और उसकी थाप की थपथपाहट पूरे कमरे में गूँज रही थी और पापा और रोहित मुझे और मम्मी को लेकर पूरी तरह गुत्थम गुत्थ हो रहे थे, हम दोनो की गान्ड चुद चुद कर पूरी लाल हो चुकी थी, तभी रोहित ने एक तगड़ा झटका मार दिया और पापा ने मेरी गान्ड में भी अपना मूसल खूब अंदर तक दबा दिया

नीलम-आह आह चोद बेटा चोद खूब चोद और मार अपनी मम्मी की गान्ड आज फाड़ दे बेटा आह आह आह सी सी

सोनू- ओह पापा और चोदिये खूब चोदिये आज फाड़ दीजिए अपनी बहू की चूत आह आह आह ओह ओह सी सी

पापा और रोहित ने हमे चोद चोद कर पूरी मस्त कर दिया और फिर पापा मुझे चोदते हुए मम्मी की चूत सहलाने लगे और रोहित मम्मी की गान्ड ठोकता हुआ मेरी चूत सहलाने लगा, में मम्मी के दूध मसल रही थी और मम्मी मेरे दूध मसल रही थी, तभी रोहित और पापा के धक्के पूरी मस्ती में मेरी और मम्मी की गान्ड में पड़ने लगे और हम दोनो रंडियो ने एक दूसरे को खूब कस कर दबोचते हुए अपनी अपनी चूत का पानी चोदना शुरू कर दिया तभी पापा ने अपना गरम गरम वीर्य मेरी गुदाज गान्ड में पूरा भर दिया और उधर रोहित ने मम्मी की मोटी गान्ड में अपना वीर्य छोड़ कर उनकी गान्ड की गहराई में अपने लंड को पूरा दबा दिया

उस रात पापा और रोहित ने हम सास बहू की दो बार और खूब तबीयत से चुदाई की और पूरी रात रंडियो की तरह दोनो बाप बेटो ने मिल कर हमे दबोचा और चोदा और हमारा रस पिया दोस्तो अब रोहित और मनोहर आपस में पूरी तरह खुल चुके थे और एक दूसरे के सामने ही अपनी बीबियो की अदल बदल कर चुदाई करते थे और जब भी सुधा अपने मायके आती तो दोनो बाप बेटे उसको जम कर ठोकते थे

समाप्त____

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